चंडीगढ़, 26 मार्च: हरियाणा के श्रम, परिवहन एवं ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने विधानसभा में हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ ट्रैवल एजेंट बिल, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह विधेयक अवैध प्रवास पर नियंत्रण के लिए बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जब वे गृह मंत्री थे, तब भारती अरोड़ा की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई थी, जिसने 600 कबूतरबाजों को पकड़ा था। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक सिबास कबिराज की अध्यक्षता में दूसरी समिति बनाई गई, जिसने 750 कबूतरबाजों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स के लिए कोई ठोस नियम या कानून नहीं है, जिसके कारण कोई भी व्यक्ति बिना किसी पंजीकरण के यह काम शुरू कर सकता है।
अवैध प्रवास रोकने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता
श्री विज ने कहा कि हरियाणा के कई युवा डंकी रूट से विदेश जाने का जोखिम उठाते हैं, जिसमें उन्हें समुद्र या जंगलों के खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है। इस अवैध प्रवास को रोकने के लिए यह कानून बनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पहले भी ऐसा एक कानून बनाया गया था, लेकिन उस पर कुछ आपत्तियां उठाई गई थीं, जिन्हें अब दूर कर मुख्यमंत्री के प्रयासों से यह विधेयक दोबारा सदन में प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने हाल ही में अमेरिका द्वारा अवैध रूप से रह रहे कुछ भारतीयों को वापस भेजने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक गंभीर संकेत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हरियाणा के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए।