पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में ग्रामीण विकास, उद्योग, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों को विशेष प्राथमिकता दी है। मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने इसे प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बजट बताया।
गांवों के पुनर्विकास के तहत 'बदलदे पिंड, बदलदा पंजाब' योजना के अंतर्गत 12,581 गांवों में बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 3,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें तालाबों की सफाई, सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम, नहरी जल आपूर्ति, खेल मैदानों का निर्माण और स्ट्रीट लाइटें लगाना शामिल है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में 18,944 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण और अपग्रेडेशन के लिए 2,873 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 250 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा प्रोत्साहन है। साथ ही, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली समेत अन्य औद्योगिक केंद्रों में 'टेक्नोलॉजी विस्तार केंद्र' स्थापित किए जाएंगे।
पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को गति देने के लिए श्री आनंदपुर साहिब और नंगल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, शहीद भगत सिंह नगर में 54 करोड़ रुपये की लागत से विरासती सड़क और ऑडिटोरियम बनाया जाएगा।
इस बजट से पंजाब में समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक व ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सुधार होंगे।