चंडीगढ़, 1 अप्रैल:
पंजाब में नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ का आज 32वां दिन रहा। मंगलवार को पंजाब पुलिस ने राज्य भर के सभी रेलवे स्टेशनों पर बड़े स्तर पर तलाशी और घेराबंदी अभियान (कासो) चलाया।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के आदेश पर यह ऑपरेशन पूरे 28 पुलिस जिलों में संचालित हुआ। स्पेशल डीजीपी कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने, जो राज्य स्तरीय इस अभियान की निगरानी कर रहे थे, जानकारी दी कि अभियान के सफल संचालन के लिए सीपी/एसएसपी को एसपी स्तर के अधिकारियों की निगरानी में भारी पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए थे।
अभियान के दौरान, राज्य के करीब 147 रेलवे स्टेशनों पर 1925 व्यक्तियों की जांच की गई। इस ऑपरेशन में छह संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने इस अभियान के तहत मंगलवार को 490 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें 40 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 28 एफआईआर दर्ज हुईं। पिछले 32 दिनों के दौरान पंजाब पुलिस ने कुल 4690 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
स्पेशल डीजीपी ने बताया कि हालिया छापेमारी के दौरान 320.5 ग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, 1422 नशीली गोलियां और ₹7978 की ड्रग मनी बरामद की गई। इस ऑपरेशन में 107 गजटिड अधिकारियों की निगरानी में 1500 से अधिक पुलिस कर्मचारियों के साथ कुल 255 से अधिक टीमें शामिल रहीं, जिन्होंने दिनभर में 546 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की।
पंजाब सरकार की तीन-आयामी रणनीति— रोकथाम, उपचार और प्रवर्तन (ईडीपी)— के तहत पुलिस ने नशा मुक्ति और पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि चार व्यक्तियों को नशा मुक्ति और पुनर्वास के लिए प्रेरित कर, उनकी मदद की गई है। स्पेशल डीजीपी ने यह भी कहा कि राज्य से नशे को पूरी तरह खत्म करने तक ऐसे ऑपरेशन्स जारी रहेंगे।