पंजाब में हाल ही में नियुक्त शिक्षकों ने योग्यता के आधार पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की।
संगरूर की सिमरनजीत शर्मा ने बताया कि उनके पति को 2023 में सरकारी नौकरी मिली थी, और अब उन्होंने खुद भी शिक्षक के रूप में नियुक्त होकर अपने दादा जी का सपना पूरा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया, जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित किया।
मानसा के गगनदीप सिंह, जो पहले निजी क्षेत्र में कार्यरत थे, ने कहा कि उनके परिवार में यह पहली सरकारी नौकरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस अवसर ने उनका भविष्य सुरक्षित कर दिया है।
रामफल सिंह ने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी नौकरी पाने की उनकी उम्मीदें खत्म हो गई थीं, लेकिन अब उन्हें तीसरी नौकरी मिली है, जिससे वे गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे मौजूदा सरकार की पारदर्शिता और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया का परिणाम बताया।
रूपनगर की संदीप कौर ने कहा कि उनके माता-पिता चाहते थे कि वे सरकारी नौकरी करें, और मुख्यमंत्री की बदौलत उनका यह सपना पूरा हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पति को भी इसी सरकार के कार्यकाल में नौकरी मिली थी।
मानसा के हरप्रीत सिंह, जिन्हें पहले पंजाब पुलिस में नौकरी मिली थी, अब शिक्षक के रूप में भी नियुक्त हुए हैं। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान की पारदर्शी नीति का परिणाम बताया।
संगरूर की गोलो कौर और पटियाला की रवनीत कौर ने भी युवाओं को नौकरियों के नए अवसर देने और आम जनता के जीवन में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।