पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य के आबकारी और कर विभाग ने 10,743.72 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16.36% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। कुल कर संग्रह पहली बार 40,000 करोड़ रुपये की सीमा पार कर 42,289.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 12.47% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार की प्रभावी आबकारी नीति के कारण निर्धारित 10,145 करोड़ रुपये के लक्ष्य से 598.72 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। मार्च 2025 में आबकारी राजस्व 30.67% की वृद्धि के साथ 1,477.04 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मार्च 2024 में 1,130.37 करोड़ रुपये था। यह पहली बार है जब पंजाब ने आबकारी राजस्व में पांच अंकों का आंकड़ा पार किया है।
जीएसटी संग्रह में भी राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जहां 12.99% की वार्षिक वृद्धि के साथ कुल राजस्व 23,642.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 20,923.37 करोड़ रुपये था। मार्च 2025 में जीएसटी संग्रह 1,913.82 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.63% अधिक है। वैट संग्रह में भी 5.42% की वृद्धि हुई, जिससे वार्षिक प्राप्ति 7,353.32 करोड़ रुपये हो गई।
वित्त मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पारदर्शी नीतियों और कर चोरी रोकने के लिए उठाए गए सख्त कदमों को दिया। उन्होंने ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ जैसी योजनाओं और टेक्नोलॉजी-आधारित कर सुधारों के जरिए राजस्व वृद्धि को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार बिना किसी नए कर बोझ के प्रदेश के राजस्व को और बढ़ाने के लिए नए कदम उठाती रहेगी।