देश में कोविड-19 का एक नया वैरिएंट सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर सतर्क हो गया है। हाल ही के आँकड़ों के मुताबिक, पिछले सात दिनों में कोरोना के मामलों में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नया वैरिएंट पहले की तुलना में तेजी से फैलने वाला प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसकी घातकता अब तक सीमित मानी जा रही है। इसके बावजूद बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण के बाद जटिलताएँ बढ़ने की संभावना अधिक है।
बढ़ते मामलों के चलते देश के कई प्रमुख शहरों के अस्पतालों में बेड की मांग और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि भले ही गंभीरता उतनी न हो, पर संक्रमण की दर अधिक होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बना है।
सरकार ने लोगों को एक बार फिर मास्क पहनने, भीड़-भाड़ से बचने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं, टीकाकरण की बूस्टर डोज़ को लेकर भी जागरूकता अभियान तेज किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है। नए वैरिएंट पर अध्ययन जारी है और वैज्ञानिक इसके स्वरूप और प्रभाव को लेकर गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं।