मणिपुर में जारी संकट को लेकर लोकसभा में मंगलवार देर रात तक बहस चली। यह चर्चा रात करीब दो बजे तक चली, जिसमें विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी राय रखी। गृह मंत्री ने स्थिति पर विस्तृत जवाब दिया और सरकार के रुख को स्पष्ट किया। उनके जवाब के बाद राष्ट्रपति शासन लागू करने के प्रस्ताव को अनुमोदन मिल गया।
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की सुरक्षा स्थिति, उठाए गए कदम और आगे की रणनीति पर बात की। उन्होंने बताया कि सरकार शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। चर्चा के दौरान विपक्ष ने भी अपनी चिंता जाहिर की और सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग की।
मणिपुर में पिछले कुछ महीनों से अशांति का माहौल बना हुआ है। हिंसा और तनाव के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने हालात पर कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से प्रशासन को सीधी निगरानी में लाकर हालात सुधारने में मदद मिलेगी। हालांकि, विपक्षी दल इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और सरकार से अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राष्ट्रपति शासन के तहत मणिपुर में शांति बहाली के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जाते हैं और हालात कब तक सामान्य हो पाते हैं।