वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ा वक्फ संशोधन विधेयक 2025 अब कानून बनने की दहलीज पर है। लोकसभा में पहले ही पारित हो चुके इस विधेयक को राज्यसभा में भी मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा में मतदान के दौरान विधेयक के पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा।
सरकार का कहना है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन के उद्देश्य से लाया गया है। इसके तहत वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, साथ ही अवैध कब्जों और विवादों को सुलझाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
हालांकि, विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियों पर हस्तक्षेप बताया। कुछ सदस्यों ने आशंका जताई कि इससे धार्मिक संस्थानों की स्वायत्तता पर असर पड़ेगा।
सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए दावा किया कि यह विधेयक किसी भी समुदाय के अधिकारों को कम नहीं करता, बल्कि वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और सही उपयोग को सुनिश्चित करता है।
अब सभी की नजर राष्ट्रपति की स्वीकृति पर है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, वक्फ संशोधन विधेयक 2025 कानून बन जाएगा, जिससे संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।