वॉल स्ट्रीट में गिरावट, निवेशकों में चिंता
नए टैरिफ और आर्थिक नीतियों को लेकर असमंजस के बीच अमेरिकी शेयर बाजार इस हफ्ते भारी उतार-चढ़ाव से गुजरा। मंगलवार को डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1,679 अंकों (लगभग 4%) की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में क्रमशः 4.8% और 5.9% की गिरावट आई।
राष्ट्रपति के नए टैरिफ का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा घोषित नए टैरिफ ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने विभिन्न देशों से आयातित उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैरिफ्स का असर अमेरिकी कंपनियों की उत्पादन लागत और मुनाफे पर पड़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अस्थिरता
टेक्नोलॉजी और बैंकिंग सेक्टर में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। बड़ी टेक कंपनियों जैसे माइक्रोसॉफ्ट, ऐप्पल और एनवीडिया के शेयरों में गिरावट आई, जबकि वित्तीय संस्थानों के शेयर भी दबाव में रहे। बढ़ती ब्याज दरों और व्यापारिक अनिश्चितता के चलते निवेशक सतर्क हो गए हैं।
फेडरल रिजर्व की नीति और आर्थिक पूर्वानुमान
फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों को 4.25% से 4.50% के बीच स्थिर रखा, लेकिन बढ़ती मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी की संभावनाओं के बीच निवेशक आगे की संभावित दर कटौती पर नजर बनाए हुए हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि 2025 में दो या तीन बार ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, जबकि अन्य इसे सीमित बताते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
वर्तमान बाजार की अस्थिरता को देखते हुए, निवेशकों को दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, विविध पोर्टफोलियो और सुरक्षित संपत्तियों में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आने वाले महीनों में बाजार की दिशा फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगी।