डॉव जोन्स में उतार-चढ़ाव: नए टैरिफ और निवेशकों की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क, 3 अप्रैल 2025: अमेरिकी शेयर बाजार में हाल ही में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका मुख्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए व्यापार टैरिफ हैं, जिन्हें "लिबरेशन डे" टैरिफ कहा जा रहा है। इस नीति के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और प्रमुख सूचकांकों में अस्थिरता देखी गई।
बाजार की ताजा स्थिति
बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, लेकिन दिन के अंत तक बाजार में सुधार देखने को मिला। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 235 अंक बढ़कर 42,225.32 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.7% की बढ़त रही। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स भी 0.9% बढ़कर 17,601.05 पर बंद हुआ।
किन शेयरों में दिखा असर?
गोल्डमैन सैक्स और अमेज़न जैसे बड़े स्टॉक्स ने बाज़ार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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गोल्डमैन सैक्स: इसके शेयरों में 2.1% की बढ़त रही।
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अमेज़न: कंपनी के स्टॉक्स 2% बढ़कर बाजार को मजबूती देने में सहायक बने।
इन दोनों कंपनियों ने मिलकर डॉव जोन्स इंडेक्स को लगभग 95 अंक तक ऊपर उठाया।
नए टैरिफ के प्रभाव
अमेरिकी सरकार द्वारा घोषित नए टैरिफों का उद्देश्य विदेशी व्यापार नीतियों में सुधार लाना है, लेकिन इसका असर अमेरिकी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।
टेस्ला की स्थिति
टेस्ला के स्टॉक्स में भी भारी गतिविधि देखी गई।
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कंपनी की डिलीवरी संख्या उम्मीद से कम रही, लेकिन इसके बावजूद शेयरों में 5.3% की उछाल आई।
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सीईओ एलन मस्क के संभावित सरकारी पद से पीछे हटने की अटकलों के कारण निवेशकों ने कंपनी में विश्वास दिखाया।
आने वाले दिनों में बाजार का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्तों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, खासकर टैरिफ प्रभाव के स्पष्ट होने तक।
डॉव जोन्स में हालिया उतार-चढ़ाव दिखाता है कि वैश्विक व्यापार नीतियों का शेयर बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने का है। आने वाले दिनों में बाजार का प्रदर्शन व्यापार नीति और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगा।