City Darpan

April 10, 2021

राज्यपाल ने सेंट बीडस काॅलेज की शोध पत्रिका जारी की

    राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सेंट बीडस महाविद्यालय शिमला द्वारा प्रकाशित 12 वर्ष पुरानी पत्रिकाओं का नया संस्करण-जर्नल आॅफ रिसर्च द बीड ऐथेनियम आज राजभवन में जारी किया। यह सेंट बीडस शिक्षा समिति शिमला का आॅफिशियल प्रकाशन है।   पत्रिका के सम्पादकीय और सलाहकार बोर्ड के सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शोध पत्र और पत्रिका के विभिन्न विषय ज्ञानवर्धक होने के साथ सूचना के मुख्य स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह विषय पाठकों के साथ-साथ शोधकर्ताओं के लिए भी लाभदायक साबित होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि संपादकीय बोर्ड का प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने पत्रिका में विद्यार्थियों के लेख भी शामिल करने की सलाह दी।   उन्होंने कहा कि इस बहु-विषयक पत्रिका में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के सैद्धांतिक शोध-आधारित योगदान को प्रकाशित किया गया है। इसमें विद्धानों को ज्ञान और विचारों को सांझा करने और भाषाओं, कलाओं, सामाजिक विज्ञान के साथ-साथ लागू किए गए वर्तमान मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भी एक मंच प्रदान किया गया है।   इस अवसर पर सेंट बीडस महाविद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य और पत्रिका की प्रधान संपादक सुश्री नंदिनी पठानिया ने पत्रिका के बारे में जानकारी दी और कहा कि जर्नल के सभी शोध लेखों की तीन अलग-अलग निर्णायकों द्वारा समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि सभी विषयों के शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से लेख आमंत्रित किए गए थे।   पत्रिका की प्रबंध संपादक और भौतिकी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. सपना शर्मा ने पत्रिका जारी करने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।   इस अवसर पर पत्रिका के संपादकीय बोर्ड के सदस्य भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने चलो चम्बा अभियान-2021 का शुभारम्भ किया

    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से स्वर्णिम हिमाचल पर प्रदर्शनी का उद्घाटन कर चलो चम्बा अभियान-2021 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने चलो चम्बा का लोगो व चलो चम्बा मोबाइल ऐप को भी जारी किया। उन्होंने चलो चम्बा अभियान को बढ़ावा देने के लिए सड़क संकेतक (साइनेजिज) भी जारी किए। यह समारोह प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष के अवसर पर आयोजित राज्यत्व दिवस समारोह-स्वर्णिम हिमाचल का हिस्सा है।   मुख्यमंत्री ने शिमला से इस आयोजन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि इस समारोह का हिस्सा बनना प्रसन्नता की बात है, लेकिन कोविड-19 ने राज्य को इस कार्यक्रम को वर्चुअली आयोजित करने के लिए विवश कर दिया है।   उन्होंने कहा कि चम्बा जिला में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं और यह प्रदेश का सबसे खूबसूरत जिला है। उन्होंनेे कहा कि यहां की संस्कृति और परम्पराएं समृद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम तीन सी यानी क्राफ्ट (शिल्प), कल्चर (संस्कृति) और कुजिनज (व्यंजन) पर आधारित है। चंबा के पारम्परिक व बेमिसाल हस्तशिल्प उत्पादों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।   जय राम ठाकुर ने कहा कि यह जिला अपने अद्वितीय व्यंजनों, सांस्कृतिक विविधता और हस्तकला के लिए भी जाना जाता है। जिले को अपार जल विद्युत क्षमता के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में छोटी-बड़ी अनेक जल विद्युत परियोजनाओं का निष्पादन किया जा रहा है। इससे जिले के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर प्रदान करने में सहयोग मिल रहा है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में चंबा ने दो योग्य नेताओं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम और पूर्व राज्य मंत्री मोहन लाल को खोया है। इन दोनों नेताओं ने चंबा जिला के विकास और प्रगति में अहम भूमिका निभाई है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि चलो चंबा अभियान का उदद्ेश्य इस जिला में पर्यटन संबंधी विभिन्न गतिविधियों का विस्तार कर यहां के स्थानीय लोगों को उनके घर द्वार पर स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्ण जयंती वर्ष में इस पहल के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। इससे चंबा जिले में आर्थिक आत्मनिर्भरता के एक नए अध्याय की शुरूआत होगी और यह जिले के पर्यटन परिदृश्य को नए आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से जिले में साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन के नए मार्ग खुलेंगे।   जय राम ठाकुर ने कहा कि चंबा जिला का चहंुमुखी विकास सुनिश्चित करने केे लिए जिला को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जिला योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों से जिले को गरीबी और पिछड़ेपन से मुक्त करने के लिए नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ब्राउन बीयर मोटर स्पोर्ट्स रैली में देसी व विदेशी पर्यटकों को शामिल करने से भरमौर के जनजातीय क्षेत्र कुगती वन्यजीव क्षेत्र में भूरे भालू के संरक्षण के लिए मदद मिलेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि भूरी सिंह विद्युत परियोजना का जीर्णोद्धार किया जाएगा और इससे पनबिजली संग्रहालय में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अखंड चंडी महल को धरोहर केंद्र तथा रंगमहल चंबा को कला एवं शिल्प केंद्र में विकसित किया जाएगा।      इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से चंबा में रैली को हरी झंडी दिखाई।   स्थानीय विधायक पवन नैयर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उनसे जिला में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने चंबा जिले के विकास में विशेष रूचि दिखाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिला में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।   भटियात के विधायक बिक्रम ंिसंह जरयाल ने कहा कि जिला में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं जिसका उचित दोहन करने से राज्य की आर्थिकी सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।     उपायुक्त चंबा डी.सी. राणा ने मुख्यमंत्री को चलो चंबा अभियान व चंबा की रैली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह की एक माउंटेन रैली है, जो फेडरेशन फाॅर मोटर स्पोर्टस क्लबज इन इंडिया के तहत आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के 15 राज्यों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें देश के उच्च दर्जे के 10 राइडर्ज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में मोटर कार रेस में 35 प्रतिभागी और मोटर बाईक में 53 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।      स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा व मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता इस अवसर पर शिमला से उपस्थित थे, जबकि राज्य अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति विकास निगम के उपाध्यक्ष जय सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष डी.एस. ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्षा नीलम और नगर परिषद चंबा की अध्यक्षा नीलम नैयर चंबा से उपस्थित थे।   

मुख्यमंत्री ने संस्कृत अकादमी का विक्रमी सम्वत् केलैण्डर जारी किया

    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां हिमाचल संस्कृत अकादमी का विक्रमी सम्वत् केलैण्डर जारी किया।   मुख्यमंत्री ने अकादमी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हिन्दु नव वर्ष 13 अप्रैल से आरम्भ हो रहा है और यह केलैण्डर भारतीय सांस्कृतिक परम्पराओं और भारतीय पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है।   शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर, उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत शर्मा, अकादमी के सचिव डाॅ. केशव नंद कौशल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

जे.सी. शर्मा ने प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र की अध्यक्षता की

  अतिरिक्त मुख्य सचिव आबकारी एवं कराधान जगदीश चन्द्र शर्मा ने आज यहां विभाग द्वारा कर अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र  की अध्यक्षता की।   अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विभाग द्वारा कर चोरी के लिए नए उपकरणों और तकनीक के उपयुक्त उपयोग के लिए जानकारी प्रदान करने के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कर अधिकारी इस जानकारी का उपयोग कर राजस्व में अधिक वृद्धि अर्जित करने के लिए करेंगे।   जे.सी. शर्मा ने कहा कि विभाग को इस वित्त वर्ष के दौरान 30-40 प्रतिशत वृद्धि हासिल करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित अन्तराल पर आयोजित किए जाने चाहिए।   अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस अवसर पर पांच उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को पुरस्कार भी दिए।   आबकारी एवं कराधान आयुक्त रोहन चंद ठाकुर ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जीएसटी व लेखा के अतिरिक्त आयुक्त राकेश शर्मा और आर.डी. जनारथा का आभार व्यक्त किया।

11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव मनाया जाएगाः मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में कोविड-19 के मामलों की बढ़ोतरी के दृष्टिगत स्थिति की समीक्षा के लिए आज वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्तों पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, और प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों और चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक की। इस अवसर पर राज्य में  सूखे जैसी स्थिति से उपजी परिस्थितियों की समीक्षा भी की गई।   मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म नियंत्रण क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के साथ-साथ परीक्षण, ट्रेसिंग और उपचार के लिए दोहरी रणनीति समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में परीक्षण की संख्या बढ़ाना सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीन का न्यूनतम अपव्यय सुनिश्चित करना चाहिए क्योंकि राष्ट्र और राज्य इसे वहन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत परीक्षण का लक्ष्य हासिल करने और आरटीपीसीआर परीक्षणों पर अधिक बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण को जन आंदोलन बनाने के लिए 11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव के रूप में मनाने के प्रयास किए जाएं।   जय राम ठाकुर ने कहा कि चिंता का सबसे बड़ा विषय यह है कि वायरस तेज गति से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को अपनी बिस्तरों,  आइसोलेशन तथा चिकित्सा उपकरणों की क्षमता बढ़ानी चाहिए।   उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को इस स्थिति से निपटने के लिए लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जैसा कि पिछले साल किया गया था।   मुख्यमंत्री ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के उल्लंघन में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि होटल व्यवसायियों को भी एसओपी का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि राज्य कार्रवाई करने के लिए विवश न हो। उन्होंने कहा कि लोगों  की लापरवाही के परिणामस्वरूप राज्य में कोविड मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों की नियमित निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे ही लोगों में इस बीमारी का कोई लक्षण पाया जाता है उन्हें तुरंत परीक्षण के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें बिना बिलम्व से उपचार प्रदान किया जा सके।   मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्तों को अपने-अपने जिला में सूखे की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चारे की उपलब्धता की नियमित निगरानी भी करनी चाहिए ताकि किसानों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।   जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सभी उपायुक्तों को जिलों में सूखे जैसी स्थिति के कारण हुए नुकसान के संबंध में विस्तृत एवं समेकित रिपोर्ट अवश्य उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने उपायुक्तों को कृषि और बागवानी को होने वाले नुकसान के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होेेंने कहा की जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।   मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि टीकाकरण पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए लेकिन कोविड के प्रति उचित दृष्टिकोण व रवैया अपनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस वायरस के फैलने को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने में देरी नहीं होनी चाहिए और लोगों को समय.समय पर मानक संचालन प्रकियाओं का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए नेहरू युवा केन्द्र, युवा क्लब, एनएसएस आदि युवा संगठनों को शामिल किया जाना चाहिए ।   स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।   स्वास्थ्य मंत्री डाॅ, राजीव सैजल, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व आर.डी. धीमान, एनआरएचएम के मिशन निदेशक डाॅ निपुण जिदंल, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।