चिकित्सा व शिक्षण संस्थानों की निर्धारित परिधि में तंबाकूएवं धुम्रपान बेचने पर पूर्ण पाबंधी लगाने के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर संचालन समितियों का गठन किया जाएगा

चंडीगढ़, 26 जुलाई- हरियाणा में चिकित्सा व शिक्षण संस्थानों की निर्धारित परिधि में तंबाकूएवं धुम्रपान बेचने पर पूर्ण पाबंधी लगाने के लिए राज्य तथा जिला स्तर पर संचालन समितियों का गठन किया जाएगा, जोकि नशे के गतिविधियों पर नजर रखेंगे, वहीं दूसरी ओर को चिकित्सा व शिक्षण संस्थानों की निर्धारित परिधि में तंबाकूएवं धुम्रपान बेचने पर पूर्ण पाबंधी लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि राज्य को पूर्णत: तंबाकू नशा मुक्त बनाया जा सके।

        यह जानकारी आज यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित ग्लोबल वयस्क तंबाकू सर्वें-2 (गैट्स-2) फै क्ट शीट के अनावरण अवसर पर दी गई, जिसमें हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज मुख्य अतिथि थे।

        श्री अनिल विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चिकित्सा व शिक्षण संस्थानों की निर्धारित परिधि में तंबाकूएवं धुम्रपान बेचने पर पूर्ण पाबंधी लगाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को तंबाकू  एवं धुम्रपान के नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा तथा कानून दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सार्वजनिक स्थलों पर धुम्रपान तथा तंबाकू का सेवन करने वालों पर जुर्माना तथा सजा का प्रावधान है। इसलिए परिवहन विभाग की बसों के चालक परिचालकों को भी चाहिए कि वे अपनी बसों में तंबाकू, बीड़ी व सिगरेट का सेवन न करने दें।

        स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा बीड़ी, सिगरेट तथा तंबाकू बेचना व खरीदना गैर कानूनी है। इसलिए विभाग को सुनिश्चित करना होगा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे ऐसी फैक्टरियों में काम न करें। उन्होंने गांवों में बच्चों सहित लोगों को तंबाकू, धुम्रपान जैसी नशे से दूर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए तथा तंबाकू फ्री होने वाले गांवों को पुरस्कृत करने को कहा। उन्होंने कहा कि गांवों में हुक्के का विशेष तौर पर प्रयोग किया जाता है, जोकि बीड़ी, सिगरेट से भी ज्यादा हानिकारक होता है।

        श्री विज ने कहा कि इसके लिए राज्य में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें लोगों को नशा मुक्त होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए जहां अनेक अधिकारियों को नशा करने वालों का चालान करने का अधिकार है वहीं पुलिस को भी अपनी जिम्मेदारी को वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्कूलों, धार्मिक संस्थाओं, एनजीओ तथा सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाना चाहिए ताकि समाज से इस कलंक को धोया जा सके।

        कार्यक्रम के दौरान विभाग के प्रधान सचिव श्री राजा शेखर वुडरू ने कहा कि इसके लिए राज्य तथा जिला स्तर पर संचालन समितियों का गठन किया जाएगा, जोकि नशे के गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा की प्रबन्ध निदेशक श्रीमती अमनीत पी कुमार ने कहा कि नशे को नियंत्रित करने से स्वास्थ्य के पैरामीटर ठीक होंगे इसलिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।      

        इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल, शिक्षा, पुलिस, परिवहन तथा स्वास्थ्य विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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