प्रदेश के इतिहास में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ही नहीं, पूर्व सरकारों द्वारा भी सेक्टरों के बाशिंदों को इन्हांसमेंट के मामले में कोई राहत नहीं दी गई

चण्डीगढ़, 17 जुलाई – प्रदेश के इतिहास में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ही नहीं, पूर्व सरकारों द्वारा भी सेक्टरों के बाशिंदों को इन्हांसमेंट के मामले में कोई राहत नहीं दी गई। कुछ समय पहले प्रदेश में बड़े स्तर पर उठे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा दरियादिली दिखाते हुए दो माह के लिए इन्हांसमेंट के तौर पर बकाया राशि पर 40 प्रतिशत छूट दिए जाने का सेक्टरवासियों ने दिल खोल कर स्वागत किया है। इस अवधि में प्रदेश के विभिन्न शहरों में 60 हजार 957 नागरिकों द्वारा 832 करोड़ रुपये जमा करवाए गए।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जैन ने बताया कि पूर्व सरकारों के दौरान रोके गए इन्हांसमेंट नोटिसों के अचानक से आने और उन पर भारी भरकम ब्याज लगने से दु:खी सेक्टरवासियों के दर्द को समझते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को इस परेशानी का समाधान निकालने का निर्देश दिया था। इसके बाद लगातार दो महीने तक चली बैठकों के बाद बकाया एन्हांसमेंट पर एकमुश्त 40 प्रतिशत छूट के माध्यम से बीच का रास्ता निकाला। चूंकि पूर्व सरकार के समय में यह नोटिस सेक्टरवासियों को भेजे जाने थे, लेकिन राजनीतिक तौर पर नुकसान न हो, इसके लिए नोटिसों को दबा दिया गया। एन्हांसमेंट राशि समय पर जमा नहीं होने के कारण प्रत्येक प्लाटधारक पर जुर्माना बढ़ता गया और उन्हें अतिरिक्त भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस कारण से सेक्टरवासियों में आक्रोश बढ़ा। यही नहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा भी प्रदेश के इतिहास में कभी सेक्टरों में अलाटियों को छूट के रूप में एक रुपये की भी राहत नहीं दी गई।  
उन्होंने बताया कि बीते 4 मई को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एन्हांसमेंट संघर्ष समिति की बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्लाटधारकों को बड़ी राहत देते हुए  बकाया राशि पर एकमुश्त 40 प्रतिशत छूट देने तथा भविष्य में नए आवंटित होने वाले प्लाटों के लिए नो एन्हांसमेंट नीति लागू करने की घोषणा की थी। इस स्कीम में दो माह की अवधि में पूरी राशि जमा कराने पर 40 प्रतिशत छूट दिए जाने तथा अलाटी प्लाटधारकों को बैंकों से ऋ ण लेकर रकम जमा कराने की सूरत में बैंक से लोन का प्रबंध कराने का भी भरोसा दिया गया था। 
उन्होंने बताया कि सेक्टरों में प्लाटधारकों को पूर्व सरकारों के दौरान एन्हांसमेंट के नोटिस समय पर जारी नहीं किए गए, जिसके चलते उनके द्वारा भरी जाने वाली इन्हांसमेंट राशि पर ब्याज लगने से राशि बढ़ गई। चूंकि अलाटियों को समय पर नोटिस जारी नहीं हुए और वह भुगतान नहीं कर पाए। उनकी परेशानी को ध्यान में रखते हुए 40 प्रतिशत एकमुश्त छूट योजना चलाई गई, जिसका सेक्टरवासियों ने भरपूर फायदा उठाया है। यही नहीं जो 40 फीसदी छूट का लाभ नहीं लेंगे, उनकी संघर्ष समिति द्वारा उठाए गए आब्जेक्शन के अनुसार नई सिरे से गणना कराई जाएगी।  

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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