हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा अकादमी भवन, पंचकूला में साहित्यिक संवाद एवं रचनापाठ कार्यक्रम का आयोजन किया 
चंडीगढ़, 14 जुलाई- हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा अकादमी भवन, पंचकूला में साहित्यिक संवाद एवं रचनापाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व उपाध्यक्ष, हरियाणा साहित्य अकादमी श्री राधेश्याम शर्मा ने की। राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ एवं माँ सरस्वती के दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।
श्री राधेश्याम शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि औपचारिक भाषणों से हटकर शिक्षाप्रद आत्म मंथन युक्त साहित्यिक संवाद तथा विभिन्न विचारों से ओत-प्रोत कविता पाठ के बाद कुछ भी कहना शेष नहीं रह जाता। इस प्रकार के आयोजन लिए उन्होंने निदेशक महोदया का आभार प्रकट किया। यह साहित्यिक संवाद हमें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि संकट के समय साहित्यकारों ने ही समाज को नई दिशा दी है। साहित्यकारों की आवश्यकता सदैव ही समाज में थी और है तथा हमेशा ही रहेगी। उन्होंने कहा कि जीवन के विविध रंग इस कार्यक्रम के माध्यम से मुझे देखने को मिले हैं। अनेक रचनाकारों की रचनाओं में मुझे काफी प्रभावित एवं आंदोलित किया। निश्चित रूप से परस्पर संवाद करने से अनेक बातों का समाधान मिलता है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में साहित्य अकादमी निदेशक द्वारा आमंत्रित साहित्यकारों का स्वागत किया गया। उन्होंने सभी साहित्यकारों से हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा आगामी योजनाओं के सम्बन्ध में अपने-अपने सुझाव देने के लिए कहा। उन्होंने साहित्यकारों द्वारा दिये गए सुझावों के सम्बन्ध में तथा विभिन्न प्रकार के उठाए गए सभी प्रश्नों का बहुत ही सटीक एवं भावपूर्ण ढंग से अपने विचारों के माध्यम से आकलन किया।
साहित्यिक संवाद में भाग लेने वाले रचनाकारों के विचारों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आपकी प्रतिक्रियाएं अकादमी के लिए हमेशा स्वागत योग्य होती हैं। आज की चर्चा से भी अनेक ऐसी बातें निकली हैं जो अकादमी के भावी कार्यक्रम की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में श्री प्रेमविज, श्रीमती प्रतिभा माही, श्रीमती संतोष गर्ग, श्रीमती संगीता बेनीवाल ‘बचपन’, श्रीमती उर्मिल कौशिक ‘सखी’ ‘चि_ी’, श्रीमती तरूणा ‘जीने की शर्त’, श्रीमती मोदगिल नूर, श्री बालकृष्ण गुप्ता ‘वक्त’, श्रीमती अनिता सुरभि, श्रीमती जगमोहन कौर ‘थोड़ी सी’, श्री राजेश पंकज ‘उंगलियाँ’, श्री बृजभूषण शर्मा, श्री अनिल चिंतित, श्री विजेन्द्र सिंह, श्री जे.के. सोनी ‘लडक़ी’, श्रीमती संगीता पुखराज, श्रीमती प्रमिन्द्र सोनी ‘सुकून तेरी चाह’, श्री बी.डी. कालिया हमदम आदि लगभग 25 कवियों ने रचनापाठ किया। 
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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