राज्यपाल ने कुपवाड़ा का दौरा किया, विकास परिदृष्य की समीक्षा की 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्तता जारी की गई
श्रीनगर 26 जुलाई 2018-अपने जन पहुंच कार्यक्रम को जारी रखते हुए राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने कुपवाड़ा के सीमावर्ती जिले का दौरा कर जिले में विकास कार्यों की गति की समीक्षा की। पहुंचने के तुरंत बाद उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों-सांसदों, विधायकों तथा पार्शदों के साथ विस्तृत बातचीत की। राज्यपाल के साथ उनकी बातचीत के दौरान निर्वाचित प्रतिनिधियों ने जनमहत्व विषेशकर जिले में पेयजल की कमी, ऊर्जा विकास विभाग की केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत कार्यों को षुरू करने में देरी, मनरेगा तथा स्वच्छ भारत मिषन के तहत देनदारियां तथा कई दीर्घकालिक परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की आवष्यकता से सम्बंधित कई मुददे उठाये। विधायकों ने राज्यपाल से विकास कार्यों की गति में तेजी लाने हेतु सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देष जारी करने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने प्रतिनिधियों को ध्यानपूर्वक सुना तथा बताया कि उनके इस दौरे का उददेष्य सीधी जानकारी लेना तथा जमीनी स्तर पर विकास प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु सभी आवष्यक सुधार करना है। उन्होंने विधायकों द्वारा उठाये गये पानी की कमी के मुददे पर विषेश ध्यान दिया। उन्हें जानकारी दी गई कि जिले में लगभग 50 प्रतिषत बस्तियां पानी की अपर्याप्तता से पीडित है, जिसके लिए राज्यपाल ने जिला विकासायुक्त खालिद जहांगीर को जिले में पानी की उपलब्धता की तुरंत पहचान करने तथा सभी अछूती बस्तियों को पूरी तरह से समाविश्ठ करने हेतु योजनाएं बनाने के निर्देष दिये गये। उन्होंने जिला विकासायुक्त को जलापूर्ति बढ़ाने हेतु महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तैयार करने के लिए इस वर्श नावार्ड ऋण के तहत उपलब्ध करवाये गये अतिरिक्त आवंटन का उपयोग करने की सलाह भी दी ताकि मांगों का तत्काल निवारण हो सके।
इसके उपरंात राज्यपाल ने राज्य, मंडल तथा जिला अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने जिले में सभी विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। जिला विकासायुक्त ने एक प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने गत वर्श में की गई प्रगति तथा वर्तमान वर्श के लिए निर्धारित लक्ष्य पर रोषनी डाली। उन्होंने बैठक को बताया कि पिछले वर्श में जिले में लगभग 200 किलोमीटर लम्बी सड़क पर तारकोल बिछाई गई है जबकि चालू वर्श में 200 करोड़ से अधिक की लागत वाली 28 बड़ी सड़क परियोजनाएं जिले में पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने बताया कि कुपवाड़ा जिले ने चालू वर्श में 7000 षोचालयों का निर्माण कर पहले से ही ओडीएफ की स्थिति हासिल कर ली है। राज्यपाल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धी पर जिला प्रषासन की सराहना की तथा बल देते हुए कहा कि ओडीएफ की स्थिति की स्थिरताएक समान रुप से महत्वपूर्ण गतिविधि है। उन्होंने जिला विकासायुक्त को भौतिक सत्यापन तथा परिसम्पतियों के जियोटैगिंग को तत्काल प्राप्त करने तथा लोगों के मध्य स्वच्छ भारत के संदेष को फैलाने के लिए सभी संचार एवं प्रचार मषीनरी का उपयोग करने के निर्देष दिये।
जिले में बिजली की उपलब्धता तथा चालू परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि विभिन्न कंटैªक्चुअल तथा अन्य मुददों के कारण केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत कई परियोजनाएं षुरू हुई हैं। उन्होंने बताया कि सभी टैंडरिंग तथा कंटैªक्चुअल मुददों का अब समाधान किया गया है तथा एक माह के समय के भीतर कार्य षुरू किया जाएगा। मनरेगा की प्रगति की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि गत वर्श 37 खेल के मैदानोें को पूरा करने के लिए योजना के अंतर्गत गतिविधि का उपयोग किया गया है तथा वर्तमान वर्श में 57 खेल के मैदानों का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने जिला विकासायुक्त को हर गांव में खेल के मैदान विकसित करने तथा जल संरक्षण हेतु उपलब्ध संसाधनों का प्रभावषाली ढंग से उपयोग सुनिष्चित करने हेतु एक प्रभावषाली कार्य योजना प्राप्त करने के निर्देष दिये। जिले में पानी की अपर्याप्त मात्रा को देखते हुए राज्यपाल ने जिला विकासायुक्त को जल संचयन हेतु सभी कदम उठाने के निर्देष दिये।
बैठक को सूचित किया गया कि बहुत अधिक देरी के बाद कुपवाड़ा, कुलंगन, उड़ीपोरा में कृशि विज्ञान केन्द्रों के लिए जमीन चिन्हित की गई है। राज्यपाल ने जिला कृशि अधिकारी तथा स्कास्ट श्रीनगर के प्रतिनिधि को अर्थपूर्ण विकास गतिविधियां षुरू करने की सलाह दी तथा यह सुनिष्चित करने के लिए कहा कि विष्वविद्यालय और कृशि विभाग की नर्सरियां स्थापित करें ताकि सेनायल अखरोट तथा अन्य पौधों को प्रतिस्थापित किया जा सके।
राज्यपाल ने सभी मंडल तथा जिला अधिकारियों को सुव्यवस्थित तरीके से कार्य करने तथा उपलब्ध समय के भीतर सभी विकास कार्य को पूरा करने के निर्देष दिये। उन्होंने आयुक्त योजना विभाग को जिला विकासायुक्त को अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये जारी करने के आदेष भी दिये, जिसमें चालू कार्यों को तेज करने और पूरा करने हेतु जिला विकासायुक्त द्वारा एक अनुदान के रुप में उपयोग किये जाने वाले एक करोड़ रुपये षामिल हैं। उन्होंने जिला विकासायुक्त को सभी चालू कार्यों की प्रगति की तत्काल निगरानी करने तथा योजना, विकास तथा निगरानी विभाग को इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देष दिये। उन्होंने उपायुक्त को यह सुनिष्चित करने के निर्देष दिये कि क्षेत्रीय कर्मचारियों सहित सभी स्टाफ अपने कर्तव्यों के दौरान उपस्थित रहें तथा अनुपस्थिति के सभी मामलोे के विरूद्ध कार्रवाई षुरू की जाये।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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