राज्यपाल ने मुख्य सचिव के साथ बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की
श्रीनगर, 22 जुलाई 2018-राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने राज्य में बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु किये जाने वाले राहत एवं बचाव उपायों के लिए प्रषासन की तैयारी की समीक्षा की। मुख्य सचिव बी.वी.आर. सुब्रहमण्यम ने राज्यपाल को बाढ़ की स्थिति में लोगों के जीवन और सम्पति सुनिष्चित करने हेतु पिछले एक महीने में आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग द्वारा उठाये गये अग्रिम कदमों के बारे में सूचित किया।
राज्यपाल को सूचित किया गया कि हाल ही की बाढ़ जैसी स्थिति के दौरान, 28 जून से 7 जुलाई 2018 के दौरान, राम मुंषीबाग में केन्द्र बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया, संगम, राम मंुषीबाग, खुदवानी, बटकूत तथा वाची जैसे 5 महत्वपूर्ण स्थलों पर स्वचालित जलस्तर रिकार्डर और स्वचालित वर्शा गेज स्थापित किये गये, गलोबल नेविगेषन सैटेलाईट सिस्टम का उपयोग मैनुअल और स्वचालित गेज स्थलों को एक दूसरे के साथ सहसम्बंधित करने के लिए किया जा रहा है, किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति के दौरान अग्रिम वास्तवित समय डाटा प्राप्त करने के लिए डोपलर रेडर तथा स्वचालित मौसम/वर्शा गेज स्टेषनों को षुरू किया गया है, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में 12.60 लाख खाली सीमैंट बैग उपलब्ध हैं, झेहलम नदी और सहायक नदियों से अतिक्रमण हटा दिये गये हैं, झेहलम तथा बाढ़ प्रवण नहरों की खुदाई षुरू की गई है, विष्व बैंक के समर्थन के साथ, बेहतर बाढ़ पूर्वानुमान के लिए झेहलम तथा तवी नदी का माॅर्फोलोजी अध्ययन षुरू किया गया है।
इसके अलावा राज्यपाल को सूचित किया गया कि विभाग ने गोगो हुमहामा में एक राज्य ईओसी केन्द्र स्थापित किया है और 260 टैंट अन्य सुविधाओं के साथ लगाये गये हैं, श्रीनगर जिले में 40 राहत षिविर स्थापित किये गये और 7 नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है, 14 मोटराईजड नौकाओं के साथ एसडीआरएफ की 7 टीमें और एनडीआरएफ की 2 टीमें तैनात की गई हैं, होमगार्ड तथा सिविल डिफैंस के 100 कर्मचारियों के अलावा 2500 पुलिस कर्मियों और 3000 सीआरपीएफ को निकासी संचालन में सहायता के लिए तैयार रखा गया है, 260 पारिवारिक टैंट लगाये गये हैं, 30 षौचालय बनाये गये, दवाईयों तथा क्लोरीन के साथ चिकित्सा टीमें तैनात की गई हैं।
बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु 22 सदस्यों की एक केन्द्र बाढ़ समिति, उपायुक्तों की अध्यक्षता में प्रत्येक 20 सदस्यों की 11 जिला समन्वय समितियां तथा कार्यकारी अभियंताओं की अध्यक्षता में 14 जिला बाढ़ क्षेत्रीय समितियां गठित की गई हैं।
एसडीआरएफ के तहत 46 इनफलैटेबल मोटर नौकाओं, 25 फाईबर मोटर नौकाओं, 12 फाईबर रोईंग नौकाओं, 34 लाइफबाॅय और 128 जीवन सुरक्षा जैकेटों के साथ 216 स्टेषनों के लिए 523 कर्मियों की तैनाती है। इसके अलावा क्षेत्र में काम कर रहे अधिकारियों की क्षमता निर्माण के लिए 70.50 लाख रुपये खर्च किये जा रहे हैं।
राज्यपाल को यह भी बताया गया कि डीएमआरआरआर ने बडगाम, श्रीनगर तथा पुलवामा जिले मेें 3 ईओसी को कार्यषील बनाया है तथा षेश 19 जिलों को जिला विकासायुक्तों के कार्यालय परिसरों में 15 अगस्त 2018 तक कार्यषील बनाया जा रहा है, जिसके लिए इन ईओसी की स्थापना के लिए प्रति ईओसी के लिए 15 लाख रुपये प्रस्तावित किये गये हैं तथा हुमहामा गोगो श्रीनगर तथा गांधीनगर जम्मू प्रत्येक में 2 राज्य ईओसी की स्थापना के लिए 75 लाख रुपये प्रस्तावित किये गये हैं। इसके अलावा उपायुक्तों/राज्य स्तर ईओसी के कार्यालयों में संचार उपकर्णों की खरीद और मौजूदा स्थानों का नवीनीकरण भी किया जा रहा है।
नदी के तटबंधों को सुदृढ करने और बढ़ाने से सम्बंधित राज्यपाल को सूचित किया गया कि बीट और सेक्टरल अधिकारियों की निगरानी में झेहलम नदी पर 113 स्थानों की पहचान की गई है और उन्हें मजबूत बनाया गया है, सहायक नदियों पर 140 स्थलों को अस्थायी रुप से बहाल और मजबूत किया गया है, झेहलम नदी पर 25 स्थलों तथा सहायक नदियों पर 68 स्थलों का सुदृढ़ीकरण प्रगति पर है। परगवाल तथा अखनूर क्षेत्रों में कमजोर स्थलोें पर सुरक्षा बांधों का निर्माण भी किया गया है। इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि बांधों के नजदीक वाले विभिन्न स्थलों पर विभाग द्वारा रेत/मिटटी से भरे हुए लगभग 1.75 लाख बैग तैयार रखे गये हैं। जिला तथा मंडल स्थल पर 81 स्थायी डिवाटरिंग स्टेषन और 119 मोबाईल पम्पिंग इकाईयां उपलब्ध हैं। कष्मीर संभाग में जिला स्तर पर 4 अतिरिक्त पम्पिंग इकाईयों की आवष्यकता है जो खरीदी जाएंगी।
चर्चा के उपरांत राज्यपाल ने की गई तैयारी पर मुख्य सचिव की सराहना की और आईएंडएफसी तथा डीएमआरआरआर के सचिवों को निर्देष दिये कि भारी बारिष के दौरान उत्पन्न होने वाली तथा भविश्य में बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को उपलब्ध रखी गई पर्याप्त धनराषि का आवष्यकता पड़ने पर मानदंडों के अनुसार अनुदान राहत का त्वरित वितरण सुनिष्चित करने के निर्देष दिये गये।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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