गडवासू ने देश में से तीसरा स्थान हासिल करके राज्य के लिए कमाया सम्मान-बलबीर सिंह सिद्धू

पिछले वर्ष के 9वें पायदान से छलांग मारकर यूनिवर्सिटी 2018 -19 में तीसरे स्थान पर हुई काबिज

पशु पालन मंत्री ने यूनिवर्सिटी के अध्यापकों, विभाग और विद्यार्थियों की सख्त मेहनत और यत्नों की की सराहना

चंडीगढ़, 14 जुलाई- पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री, पंजाब श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि यह राज्य के लिए गौवरमयी बात है कि गुरू अंगद देव वैटरनरी और एनिमल साईंसेज़ यूनिवर्सिटी (गडवासू), लुधियाना सभी भारतीय कृषि यूनिवर्सिटियों में से तीसरे स्थान पर काबिज़ रही है।

यहाँ एक प्रैस बयान में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय की उच्च संस्था इंडियन कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिर्सच ने देश की सभी यूनिवर्सिटियों की रंैकिंग सूची जारी की है। मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष गुरू अंगद देव वैटरनरी और एनिमल साईंसेज़ यूनिवर्सिटी ने इस रैंकिंग में 9वांं स्थान हासिल किया था, इसलिए गौरवमयी बात है कि इतने कम समय में इसकी रैंकिंग में शानदार सुधार देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि गडवासू, लुधियाना ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (एन.ए.आर.एस.) के अंतर्गत सभी संबंधित संस्थाओं में से तीसरा स्थान और आई.सी.ए.आर. रैंकिंग में समूह भारत राज कृषि /वैटरनरी यूनिवर्सिटियों में से पहले स्थान पर काबिज़ रही है।

अपने संदेश में मंत्री ने आगे कहा कि इस यूनिवर्सिटी द्वारा राज्य में पशुओं की नस्ल सुधार और कामगारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबलों में खड़ा होने के योग्य बनाने की दिशा में डाले योगदान का नतीजा है। उन्होंने बताया कि गुरू अंगद देव वैटरनरी और एनिमल साईंसेज़ यूनिवर्सिटी दिन-रात कार्य कर रही है, जिसने उत्पादन, पशु स्वास्थ्य और राज्य के पशु पालन और मछली पालन आय में काफ़ी सुधार लाया है। श्री सिद्धू ने बताया कि किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए गडवासू ने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, पशु आहार और अन्य कई पक्षों पर आधुनिक आधारित प्रौद्योगिकियों को विकसित किया है।

पशु पालन मंत्री ने बताया कि इंडियन कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिर्सच (आई.सी.ए.आर.) ने राज्य की सभी कृषि, बाग़बानी, वैटरनरी और एनिमल साईंसेज़, मछली पालन और आई.सी.ए.आर. डीमड यूनिवर्सिटियों की राष्ट्रीय पहलकदमियों की तजऱ् पर रैंकिंग के लिए एक ढांचा तैयार किया है। उन्होंने बताया कि दर्जाबन्दी के मापदण्डों में मोटे तौर पर प्रशिक्षण, अनुसंधान और विस्तृत पहुँच को शामिल किया गया है। इसमें बुनियादी ढांचा और सहूलतें, विद्यार्थियों कीे राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक और खेल कारगुज़ारी, अध्यापकों और विद्यार्थियों को मिले राष्ट्रीय और अंतर -राष्ट्रीय पुरस्कार /फैलोशिपज़, अग्रणी रसालों में अनुसंधान प्रकाशन, विदेशी अनुसंधान प्रोजेक्टस /फंडिंग, अंतर-राष्ट्रीय प्रशिक्षण आदि भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य मंतव्य विश्व यूनिवर्सिटी मंच पर भारतीय यूनिवर्सिटियों के मानक को सुधारना है।

Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *