किसी भी डिफॉल्टर किसान की ज़मीन बेचने का कोई भी प्रस्ताव नहीं है: एम.डी., पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक
चंडीगढ़, 18 जुलाई: मीडिया के एक हिस्से में पंजाब कृषि बैंक की तरफ से 6जिलों के 12 हज़ार डिफॉल्टर किसानों की ज़मीन बेचने संबंधी आई ख़बर का खंडन करते हुए पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के एम.डी. श्री एच.एस.सिद्धू ने स्पष्ट किया है कि किसी भी डिफॉल्टर किसान की कोई भी ज़मीन बेची नहीं जा रही है और न ही भविष्य में कोई ज़मीन बेचने का प्रस्ताव है।
श्री सिद्धू ने कहा कि बैंक इस ख़बर का खंडन करता है कि छह जि़लों में 12625 किसानों की ज़मीन कजऱ् वापिस लेने के एवज़ के तौर पर बेची जा रही है। डिफॉल्टर किसानों के खि़लाफ़ ख़ास करके बड़े समर्थवान किसानों के खि़लाफ़ कानूनी कार्यवाही आरंभ करना बैंक की रुटीन प्रक्रिया है परन्तु इस कानूनी कार्यवाही का यह मतलब बिल्कुल नहीं बनता कि बैंक किसानों की ज़मीन बेच रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंक किसानों से कजऱ्े की वसूली के लिए कार्यवाही ज़रूर आरंभ करता है परन्तु पहले ही चिंता में डूबे किसान को कभी परेशान नहीं करता। उन्होंने कहा कि बहुत किसान ऐसे होते हैं जो कर्ज़ लौटाने का सामथ्र्य तो रखते हैं परंतु जान-बूझ कर कर्ज़ की किश्तें नहीं लौटाते। उन्होंने कहा कि पहली फरवरी 2018 को बैंक का 1363.87 करोड़ रुपए का कजऱ् 71,432 किसानों की तरफ बाकाया खड़ा है। इनमें से बैंक ने 30 जून 2018 तक 16469 किसानों से 194.74 करोड़ की रिकवरी हासिल कर ली और एक भी किसान की ज़मीन नहीं बेची।
श्री सिद्धू ने कहा कि बैंक रिकवरी के लिए सिफऱ् बड़े और प्रभावशाली किसानों के खि़लाफ़ कानूनी कार्यवाही आरंभ करता है जो कजऱ् लौटाने का सामथ्र्य रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानूनी कार्यवाही भी पंजाब स्टेट कोओपरेटिव सोसायटीज़ एक्ट 1961 की धारा 63-सी के अंतर्गत करता है जिसमें बड़ी से बड़ी कार्यवाही गिरफ़्तारी वारंट जारी करना होता है।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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