शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों, अभिभावकों और अध्यापकों को काउंसलिग प्रदान करने के लिए ‘कनफ्लिक्ट मैनेजमैंट और काउंसलिंग सैल’ स्थापित करने का निर्णय लिया है

चंडीगढ़ 3 अगस्त – हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों, अभिभावकों और अध्यापकों को काउंसलिग प्रदान करने के लिए ‘कनफ्लिक्ट मैनेजमैंट और काउंसलिंग सैल’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस सैल को प्रथम चरण में प्रदेश के 13 जिलों में स्थापित किया जाएगा।

विभाग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिन जिलों में सेल स्थापित किया जाएगा, उनमें फरीदाबाद, पंचकुला, झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, हिसार, फतेहाबाद, कैथल, महेंद्रगढ़, भिवानी, रेवाड़ी, सोनीपत और कुरुक्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ‘कनफ्लिक्ट मैनेजमैंट और काउंसलिंग सैल’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सक्षम और प्रखर बनाने के लिए आत्मविश्वासी बनाना, शैक्षिक दवाब को कम करना, समस्याओं को सुलझाना और प्रभावी समाधान करना, व्यक्तित्व का विकास करना, आत्म-जागरूकता उत्पन्न करना, तनाव व भावना प्रबंधन करना; सही कैरियर चुनना और आत्म सम्मान को विकसित करना है।

प्रवक्ता ने बताया कि ‘कनफ्लिक्ट मैनेजमैंट और काउंसलिंग सैल’ में केवल स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) ही काउंसलिंग मनोविज्ञानिक होगा और उसका वेतन उसी स्कूल या जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, जहां पर वह तैनात है, वहीं से ड्रा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूल या डीआईईटी के प्रशासनिक और रिकॉर्ड रखरखाव का काम काउंसलिंग मनोविज्ञानिक को नहीं सौंपा जाएगा।

उन्होंने कहा कि काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक को मनोवैज्ञानिक विषय को छोड़कर कोई अन्य विषय की कक्षा नहीं सौंपी जाएगी। काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक छात्रों, अभिभावकों और अध्यापकों को काउंसलिंग सुविधा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक द्वारा विशेष विषय पर दिए गये मार्गदर्शन के लिए विद्यार्थियों की संख्या और कक्षा के सम्बन्ध में गाइडेंस रिकॉर्ड नामक रिकॉर्ड रजिस्टर का रखरखाव किया जाएगा ताकि डाटा बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक को किसी भी स्कूल का दौरा करने से पहले संबंधित डीईओ या डीआईईटी प्रिंसिपल से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि कोई प्रिंसिपल, स्कूल कर्मचारी या अधिकारी किसी भी परामर्श सत्र में हस्तक्षेप नहीं करेगा जब तक स्वयं छात्र या अभिभावक द्वारा अनुरोध नहीं किया जाता है।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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