दिव्यांगों के लिए भारत देश में यूनिवर्सल प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जो देश के हर कोने में मान्य होगा:  कृष्णपाल गुर्जर

चण्डीगढ़, 28 जुलाई – केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा है कि दिव्यांगों के लिए भारत देश में यूनिवर्सल प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जो देश के हर कोने में मान्य होगा। इसी प्रकार पांच वर्ष तक की आयु के मूक-बधिर बच्चों को छ: लाख की राशि के कोकलर एंप्लांट किए जाएंगे, जिससे उनके बोलने और सुनने की शक्ति वापस आ सकेगी।

श्री गुर्जर आज दादरी में अरावली पावर कंपनी प्रा. लि. झाड़ली, जिला प्रशासन व एलिम्को कंपनी के सहयोग से दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए जाने के लिए आयोजित विशाल समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत तीन-चार वर्षों के दौरान दिव्यांगों के लिए जितना काम किया गया है, उतना आज से पहले कभी नहीं हुआ।

        केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम अब पुराने ढर्रे की तिपहिया साइकिल या कैलिपर नहीं बना रहा है, अपितु जर्मनी व इंग्लैंड की कंपनियों के सहयोग से नई तकनीक पर आधारित आधुनिक उपकरणों का निर्माण मेक इन इंडिया योजना के तहत कानपुर में किया जा रहा है। आज दिव्यांगों को जो 351 मोटराइज ट्राइसाईकिल दी जा रही हैं, ये उसी तकनीक पर आधारित है। बैटरी से चलने वाली इस तिपहिया साइकिल से एक दिव्यांग आसानी से अखबार  बांटने, दूध की थैलियां बेचने या अन्य कोई आजीविका का कार्य कर सकता है। इस एक साइकिल की लागत 37 हजार रूपए है और यह लाभपात्रों को नि:शुल्क दी जा रही हैं।

        श्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र एक तो बड़ी  मुश्किल से बनते हैं और फिर उनको दूसरे जिलों में या राज्यों में मान्यता नहीं दी जाती। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय लिया है कि ऐसे सर्टिफिकेट बनाए जाएं, जो पूरे देश में मान्य हो। दादरी जिला में भी इसे जल्दी शुरू कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने ही 3 दिसंबर 2015 को सुगम्य भारत के नाम से एक योजना आरंभ की थी। इसके अंतर्गत देश के पचास शहरों में बस स्टैंड, एयरपोर्ट, स्कूल, बस, सरकारी कार्यालय, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों को दिव्यांगों के आवागमन के लिए बाधामुक्त बनाया जा चुका है। देश के बाकी हिस्सों में भी इसे लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्तियों की तरह दिव्यांगों की उपलब्धियां  शिक्षा, खेल, विज्ञान आदि हर क्षेत्र में कम नहीं है। ओलंपिक खेलों में भारत के दो पदक आए और पैरा ओलंपिक में चार पदक आए।

        केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी ने बीपीएल परिवारों के साठ साल से अधिक आयु के बुजुर्गाें के लिए वयो श्री नाम से नई योजना गत वर्ष शुरू की है। इसके तहत बुजुर्गों को नकली दांत लगवाने, चश्मा लगवाने, वाकिंग स्टिक देने जैसी सुविधा दी जा रही है। केंद्र व राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगों, बुजुर्गों व पिछड़े तबके के नागरिकों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जो दिव्यांग वंचित रह गए हैं, उनके पंजीकरण और सहायक उपकरण के लिए प्रशासन और कैंप लगा सकता है।

        प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने समारोह में कहा कि पहले तिपहिया साइकिल या कान की मशीन बांटने के जिला स्तर पर छोटे कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। इनमें दस-पंद्रह व्यक्तियों को तिपहिया साइकिल बांटकर अपने कर्त्तव्य से इति श्री कर ली जाती थी। झज्जर के बाद उनके सार्वजनिक जीवन में यह दूसरा घटना है, जब  इतने बड़े पैमाने पर दिव्यांगों को उपकरण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दादरी में आज तक कभी 705 दिव्यांगों को एक साथ दो करोड़ से अधिक की राशि के उपकरण नहीं दिए गए। यह वास्तव में एक अभूतपूर्व समारोह है और उनको उम्मीद है कि इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

        कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के ऐतिहासिक फैसले से आज बाजरा का दाम 1450 से बढकर सीधे 1900 रूपए प्रति क्ंिवटल हो गया है। इससे पहले तो साल में एक बार चालीस-पचास रूपए की बढोतरी फसल के दाम में कर दी जाती थी। नए समर्थन मूल्यों की बदौलत आज प्रदेश में धान, बाजरा, कपास आदि फसलों के नाम से रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। केंद्र सरकार जल्दी ही आम अवाम के लिए पांच लाख तक की बीमा योजना को शुरू करने जा रही है।

        सांसद धर्मबीर सिंह ने इस मौके पर कहा कि एनटीपीसी की तरह झाड़ली में दूसरे पावर प्लांट सीएलपी को भी निर्धन व्यक्तियों के लिए मकान बनाने, दुकान चलाने के लिए ऋण देने की मुहिम सीएसआर योजना के अंतर्गत चलानी चाहिए। उन्होंने बताया कि करीब तीन माह पूर्व नारनौल में भी ऐसा ही एक बड़ा आयोजन दिव्यांगों के लिए किया गया था। बाढड़ा के विधायक सुखविंद्र सिंह मांढी ने कहा कि इस दिव्य आयोजन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को जाता है, जिनकी कल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। श्री मोदी ने विकलांगता को दिव्यांगता में परिवर्तित किया और उनको समाज की मुख्य धारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अंतोदय की भावना को साकार करते हुए सरकार व अरावली कंपनी ने दिव्यांगों को जो अनुपम उपहार आज दिया है, उससे उनके जीवन में एक नया प्रकाश पैदा होगा।

        अरावली पावर कंपनी के चेयरमैन एनएन मिश्रा ने कहा कि उनका प्लांट प्रदेश सरकार को सबसे सस्ती बिजली दे रहा है। सामाजिक सहभागिता दायित्व कार्यक्रम में उनकी कंपनी सदैव अग्रणी रहती है। दादरी जिला में इस आयोजन के लिए दो करोड़ 24 लाख की राशि खर्च की गई है। आगे भी कंपनी इसी प्रकार अपना अभियान जारी रखेगी। एलिम्को कंपनी के प्रबंध निदेशक डीआर सरीन  ने उपायुक्त से अनुरोध किया कि कोकलर एंप्लांटेशन के लिए जरूरतमंद बच्चों की जिला स्तर पर सूची तैयार की जाए, जिससे उनकी सहायता की जा सके। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने अतिथिगण का स्वागत करते हुए कहा कि दादरी, बौंद, झोझू, बाढड़ा में खंड स्तर पर कैंप लगाकर सात सौ पांच दिव्यांगों का चयन किया गया था, जिन्हें आज नि:शुल्क 1098 उपकरण दिए गए हैं। दादरी में यह पहली बार है कि 351 मोटराइज ट्राइसाइकिल इतनी बड़ी संख्या में दी जा रही हैं।

        समारोह में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सांसद धर्मबीर सिंह व विधायक सुखविंद्र सिंह मांढी ने अपने हाथ से सुशीला, सुनीता, विनोद, मंजीत, रामनिवास, भारत शर्मा, सोनिका, मंगल, कुणाल, मीरसिंह, सविता, संदीप व दलीप को मोटर ट्राइसाइकिल सहित अन्य उपकरण वितरित किए।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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