पंजाब सरकार द्वारा फसलों के नुक्सान के लिए 32.82 करोड़ रुपए की मुआवज़ा राशि मंजूर
– कैप्टन सरकार किसान हितैषी, मोदी सरकार ‘शोशेबाज’- सरकारिया
चंडीगढ़, जुलाई 17- पंजाब सरकार ने पिछले एक वर्ष में प्रकृतिक आपदों से किसानों की क्षतिग्रस्त हुई फ़सल के मुआवज़े के लिए 32.82 करोड़ रुपए से भी ज़्यादा की राशि मंज़ूर की है। यह मुआवज़ा राशि उन किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आयेगी जिनकी फ़सल ओलावृष्टि, बेमौसमी बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदों के कारण खऱाब हो गई थी।
इस संबंधी राजस्व मंत्री श्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने कहा कि राज्य के किसानों को प्र$कृतिक आपदा के कारण फसलों के खऱाब हो जाने से जो वित्तीय कमी बर्दाश्त करना पड़ती है उसकी भरपायी के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार हमेशा किसानों के साथ है। उन्होंने बताया कि जून 2017 से जुलाई 2018 तक पंजाब के 8 जिलों की 51788 एकड़ की फ़सल के नुक्सान के लिए पंजाब सरकार ने 32 करोड़ 82 लाख 43,328 रुपए की मुआवज़ा राशि मंज़ूर की है।
उन्होंने बताया कि खऱाब मौसम के कारण पटियाला जि़ले में 29120 एकड़ के लिए 17 करोड़ 53 लाख 8900 रुपए, संगरूर जि़ले में 4150 एकड़ के लिए 2 करोड़ 27 लाख 63248 रुपए, एसबीएस नगर में 3843 एकड़ के लिए 2 करोड़ 80 लाख 74978 रुपए और बरनाला जि़ले में 5412 एकड़ के लिए 2 करोड़ 92 लाख 29289 रुपए की मुआवज़ा राशि मंज़ूर की है।
इसी तरह कपूरथला, अमृतसर, फरीदकोट और बठिंडा जिलों की कुल 9260 एकड़ में क्षतिग्रस्त हुई फ़सल के लिए 7 करोड़ 28 लाख 66913 रुपए की मुआवज़ा राशि मंज़ूर कर दी गई है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि यह राहत फसलों के नुक्सान के कारण किसानों को हुई वित्तीय घाटे को दूर करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को किसान हितैषी बताते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कांग्रेस सरकार हमेशा आगे आई है। उन्होंने कहा कि फसलों के खराबे के लिए मुआवज़ा राशि समय पर जारी करने संबंधी भी डिप्टी कमीशनरों को समय -समय पर हिदायतें जारी की जाती हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार द्वारा किसानो के कल्याण को ख़ास ध्यान दिया जाता है।
मोदी सरकार द्वारा फसलों के मूल्यों में की गई वृद्धि को ‘शोशेबाजी’ करार देते हुए श्री सरकारिया ने कहा कि लोक सभा चुनाव करीब आते देखकर अब प्रधानमंत्री को किसान याद आ गए जबकि चार वर्ष भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने किसानों सहित किसी वर्ग का कोई भला नहीं किया। उन्होंने माँग की कि यदि केंद्र सरकार को किसानों की इतनी ही चिंता है तो वह जल्द से जल्द स्वामीनाथन आयोग की सिफारशों को लागू करें जिससे किसानों को अपनी फ़सल का वाजिब मूल्य मिल सके और कृषि के व्यवसाय को वित्तीय पक्ष से मज़बूत किया जा सके।
श्री सरकारिया ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है और किसानों को किसानी संकट में से निकालने के लिए सार्थक योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानी कर्जों को माफ करने के वायदे को पहला ही अमली जामा पहना दिया गया है और आने वाले समय में भी किसान समर्थकी नीतियाँ लेकर आऐंगे।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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