मंत्रीमंडल द्वारा सरपंचों के लिए पुन: जिला स्तरीय आरक्षण लाने का फैसला
चंडीगढ़, 30 जुलाई:  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की राय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार ने ग्राम पंचायत के सरपंच के लिए ब्लाक स्तरीय आरक्षण के मौजूदा अमल की जगह जिला स्तरीय आरक्षण पुन: वापस लाने का फ़ैसला किया है।
यह फ़ैसला पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान लिया गया।
मंत्रीमंडल ने ‘पंजाब रिजर्वेशन ऑफ आफिसज़ एंड सरपंचज़ ऑफ ग्राम पंचायतज़ एंड चेयरमैन एंड वाइस चेयरमैन ऑफ पंचायत समितीज़ एंड जिला  परिषद् रूल्ज -1994 में अपेक्षित संशोधन करने की मंजूदी दे दी है जिससे पंचायती राज्य एक्ट की धारा 12 (4) के अनुरूप सरपंचों की रोटेशन प्रक्रिर्या बनाई जा सके।
यह कदम जून, 2017 में पंचायती राज्य एक्ट की धारा 12 में संशोधन करके महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ा कर 50 प्रतिशत करने के लिए सरकार द्वारा लिए ऐतिहासिक फ़ैसले को प्रभावी ढंग से अमल में लाने को योग्य बनाएगा।
29 मई, 2008 को हाईकोर्ट के कथन मुताबिक ‘हम इस स्तर पर चुनाव प्रक्रिया में दरअसल दखलअन्दाज़ी करने के असमर्थ हैं चाहे कि ब्लाक स्तरीय रोटेशन स्पष्ट रूप पर पंचायती राज्य एक्ट की धारा 12 के अंतर्गत जिला स्तरीय रोटेशन के अनुरूप नहीं है।’
ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के संशोधित सुझावों को स्वीकृत करते हुए मंत्रीमंडल ने रूल 6 से रूल 6(ए) दर्ज करने की सहमति दे दी जिसके अंतर्गत सरपंचों के लिए जिला स्तरीय आरक्षण डिप्टी कमीशनरों द्वारा संशोधित हुए नियमों और एक्ट के मुताबिक किया जायेगा। रोटेशन की व्यवस्था को स्वीकृत करते हुए रोस्टर में आरक्षण पहली ग़ैर-आरक्षण पंचायत से अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जाति महिलाएं और महिलाओं के अनुसार होगा। बाकी पंचायतों का आरक्षण नहीं होगा।
आरक्षण की प्रक्रिया संबंधी स्पष्ट करते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि साल 2013 में चुनाव के समय संबंधित जिलों के विभिन्न ब्लाकों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जाति महिलाओं और महिलाओं के लिए क्रमवार ग्राम पंचायतों के सरपंचों के सभी पद आरक्षित थे, का श्रेणी के मुताबिक समायोजन किया जायेगा और इनको सिलसिलेवार रोस्टर पर रखा जायेगा जिस के मुताबिक सबसे पहले अनुसूचित जाति, उसके बाद अनुसूचित जाति महिलाएं और फिर महिलाएं होंगी।
जिले में नव -गठित ग्राम पंचायतों के सरपंचों के सभी पदों को नये तैयार किये रोस्टर के अंत में रखा जायेगा। ग्राम पंचायतों के पदों के आरक्षण के लिए रोस्टर को नामांकन पत्र पेश करने की तारीख़ से कम से -कम एक सप्ताह पहले नोटीफायी किया जायेगा।
मंत्रीमंडल ने मसौदे के नियमों के लिए जनता से ऐतराज़ मांगने के लिए अपेक्षित समय सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन करने की स्वीकृति दे दी है।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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