अब  अधिकतम दो वर्ष  की अवधि के लिए चारा खेती के लिए खुली नीलामी में पंजीकृत गोशालाओं को पट्टे पर दिया जा सकेगा

चण्डीगढ़, 28 जुलाई- हरियाणा सरकार ने पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम, 1964 को संशोधित किया है और यह नियम अब पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) हरियाणा संशोधन नियम, 2018, कहे जाएंगे जिसमें अधिकतम दो वर्ष  की अवधि के लिए चारा खेती के लिए खुली नीलामी में पंजीकृत गोशालाओं को पट्टे पर दिया जा सकेगा।

        इस संबंध में जानकारी देते हुए विकास एवं पंचायत विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम, 1964 (जिन्हें, इसमें, इसके बाद, उक्त नियम कहा गया है) में, नियम 3

में, उप-नियम (2) में, खण्ड-1 के बाद, निम्न खण्ड रखा जाएगा, अर्थात (1-क) गोशाला:।

उन्होंने बताया कि इन नियमों में, नियम 6 में, उप-नियम (2) के बाद, निम्नलिखित उप-नियम रखा जाएगा, अर्थात:- (2क) ग्राम पंचायत, निदेशक पंचायत की पूर्व अनुमति से, चरान्द के लिए चिह्नित और जोत के अधीन शामलात देह में अपनी भूमि निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन, अधिकतम दो वर्ष  की अवधि के लिए चारा खेती के लिए खुली नीलामी में पंजीकृत गोशालाओं को पट्टे पर दे सकती है।

प्रवक्ता ने बताया कि एक गोषाला को प्रत्येक एक हजार पशुओं के लिए केवल 10 एकड़ तक भूमि दी जा सकती है। पशुओं की कम या ज्यादा संख्या होने की दषा में, पषुओं की संख्या के अनुपात में भूमि दी जाएगी। इसी प्रकार, यदि एक ही बोलीदाता है, तो उसी गांव की गोशाला के लिए पट्टा धन राशि 5100/-रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष और पड़ोसी गांवों की गोशाला के लिए 7100/-रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष से कम नहीं होगी। उसी गांव की गोशालाओं तथा पड़ोसी गांव की गोशालाओं के लिए नीलामी की कार्यवाहियां अलग से संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि वार्षिक पट्टा धन राशि बोली स्थल पर ही भुगतान की जाएगी और पट्टे के द्वितीय वर्ष के लिए, यदि कोई हो, वार्षिक पट्टा धन राषि अग्रिम में भुगतान की जाएगी।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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