मुख्यमंत्री द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर 11 यूनिवर्सिटियों में चेयर स्थापित करने का ऐलान

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मुख्यमंत्री द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर 11 यूनिवर्सिटियों में चेयर स्थापित करने का ऐलान

कपूरथला: ाी गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को यादगारी बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर 11 यूनिवर्सिटियों में चेयर स्थापित करने के फैसले का ऐलान किया गया है जिनमें एक ईरान की यूनिवर्सिटी भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान यहाँ पंजाब तकनीकी यूनिवर्सिटी में एक समागम के दौरान 11 यूनिवर्सिटियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया। गौरतलब है कि इन यूनिवर्सिटियों में 7 यूनिवर्सिटियाँ पंजाब में और 3 भारत में अलग-अलग जगह पर स्थित हैं। यह चेयर गुरू जी के जीवन और शिक्षाओं पर अनुसंधान के मंतव्य से स्थापित की जायेगी। यह समारोह विश्व भर में से 400 नानक नाम लेवा प्रमुख पंजाबी शख्सियतों को उनके द्वारा विभिन क्षेत्रों में डाले गये शानदार योगदान के लिए सम्मानित करने के लिए करवाया गया। मुख्यमंत्री ने पंजाबियों द्वारा अपनी प्राप्तियों के साथ राज्य और देश के लिए सम्मान अर्जित करने पर खुशी जाहिर की। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाबियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और राज्य की पुन: सुरजीती और नौजवानों की प्रगति के लिए रोजगार के मौके पैदा करने के लिए सरकार का साथ देने के लिए पे्ररित किया। उन्होंने कहा, ह्यह्यआओ हम नौजवानों को रोजगार के मौके मुहैया करवाने के लिए मिल कर कार्य करें।ह्णह्ण इस बात पर जोर देते हुये कि भावी पीढि?ों के विकास को यकीनी बनाना आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी बनती है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पहुँचे पंजाबियों से अपील की कि वह नौजवानों को उनके फर्जों के प्रति जागरूक करते हुये अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि असली सिख हमेशा गुरू की वाणी पर अमल करेगा। उन्होंने यहाँ पहुँचे श्रद्धालुओं को अपने बच्चों को वाणी की महत्ता से अवगत करवाने का न्योता दिया। पंजाब के पुन: निर्माण में सहयोग मांगते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर की प्रसिद्ध पंजाबी शख्सियतों को राज्य की पुन: सुरजीती वाली इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए, जिसको विभाजन की दोहरी मार पड़ी। भूजल के गिर रहे स्तर पर चिंता जाहिर करते हुये उन्होंने चेतावनी दी कि एक अनुमान के मुताबिक आने वाले 25 सालों में पंजाब मरूस्थल बन जायेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कुदरती संसाधनों की संभाल से हम श्री गुरु नानक देव जी को सच्ची श्रद्धाँजलि दे सकते हैं और पंजाब को साफ -सुथरा, हराभरा और प्रदूषण मुक्त राज्य बना सकते हैं। पराली जलाने के कारण प्रदूषित हो रहे वातावरण की समस्या का जिक्र करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सभी को मिल कर श्री गुरु नानक देव जी के ह्यपवनु गुरू पानी पिता माता धरति महतु ह्ण संदेश के प्रसार की अपील की। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के कारण किसानों समेत सभी लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पिछले कुछ हफ़्तों में राज्य सरकार ने गुरू नानक देव जी के फलसफे के प्रसार के लिए 72 प्रोग्राम करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उनको बीते दिन करतारपुर साहिब जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और भविष्य में भी वह इस गुरूद्वारे के दर्शनों के लिए जाने का यत्न करेंगे, जिस पवित्र स्थान के साथ उनके परिवार की पुरानी सांझ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दलबीर सिंह पन्नू की लिखी किताब ह्यदी सिख हेरिटेज बिऔंड बार्डरज भी रिलीज की और गुरू नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित एक ईरानी लेखक की फारसी में लिखी किताब भी रिलीज की। इससे पहले अपने स्वागती संबोधन के दौरान श्री चन्नी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में पंजाब का नाम रौशन करने वाली शख्सियतों का सम्मान करके प्रांतीय सरकार गर्व महसूस कर रही है। प्रांतीय सरकार की तरफ से प्रस्तावित चेयरों संबंधी जानकारी साझी करते हुये श्री चन्नी ने बताया कि यह चेयरें पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला, आई.के. गुजराल पीटीयू जालंधर -कपूरथला, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टैक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ूआं, चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा, अकाल यूनिवर्सिटी, तलवंडी साबो के अलावा आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर, आरडीकेएफ यूनिवर्सिटी भोपाल, जेआईएस यूनिवर्सिटी, पश्चिमी बंगाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सिटी आॅफ रिलीजन, ईरान में स्थापित की जाएंगी। इस समागम को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों संबंधी मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी और अन्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद मनीष तिवाड़ी और मुहम्मद सदीक, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के सलाहकार इन्दरबीर सिंह बुलारिया, विधायक राणा गुरजीत सिंह, सुशील कुमार रिंकू, नवतेज सिंह चीमा, सुखविन्दर सिंह डैनी, राज कुमार चब्बेवाल और ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह कपूरथला उपस्थित थे।

डेरा बाबा नानक उत्सव
डेरा बाबा नानक में रौशनी और आवाज प्रोग्राम ने संगत को गुरू नानक के जीवन और फलसफे से अवगत करवाया
चंडीगढ़/डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर): पंजाब सरकार की तरफ से श्री गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश दिवस को समर्पित डेरा बाबा नानक उत्सव के मौके पर डेरा बाबा नानक में चलाए जा रहे डिजिटल म्युजियम और लाइट एंड साउंड शो के दूसरे दिन रौशनी और आवाज शो ने संगतों को अध्यात्म के रंग में रंग दिया। यहाँ की दाना मंडी में शाम 6.15 बजे और 7.15 बजे और शुरू हुए शो में संगत के भारी जलसे ने अति आधुनिक तकनीकों और लेजर शो के द्वारा गुरू साहिब के जीवन, फलसफे, विश्व शान्ति, सरबत के भले के संदेश को रूपमान होते देखा। डिजिटल म्युजि?म का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा की तरफ से किया गया। शो के लिए स्थानीय लोगों और बाहर से आई संगत में बड़ा उत्साह देखा गया। शो का आनंद मान रहे लोगों ने कहा कि यह यादगार रौशनी और आवाज पर आधारित शो क्रिएटिव साउंड ट्रैक की तरफ से श्री गुरू नानक देव जी के जीवन पर आधारित संदेश को शानदार ढंग के साथ विजुअल प्रोजैक्शन और एडवांस लेजर के द्वारा प्रदर्शित किया गया। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि लाईट एंड सांऊड शो श्री गुरु नानक देव जी की तरफ से विश्व व्यापक संदेश और उनके जीवन फलसफे पर आधारित है। शो के दौरान अहिंसा, शान्ति, भाईचारक सांझ, महिला सशक्तिकरन और कुदरती स्रोतों की सुरक्षा को रूपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस शो के द्वारा श्री गुरु नानक देव जी की तरफ से सामाजिक समानता के लिए किये गए यत्नों को दर्शकों में सही अर्थों में प्रचार किया जा रहा है। यह विलक्षण ध्वनियों वाला लाइट एंड साउंड प्रोग्राम 11 नवंबर को भी शाम 6.15 बजे और दूसरा शो 7.45 बजे शुरू होगा।

धर्म और विरासत की कहानी कह रही है पर्यटन विभाग की प्रदर्शनी
चंडीगढ़/सुल्तानपुर लोधी: गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के सम्बन्ध में पंजाब सरकार की तरफ से सुल्तानपुर लोधी में करवाए जा रहे विशेष समागम जहाँ संगत को गुरूओं के इतिहास से अवगत करवा रहे हैं वहीं पंजाब की विरासत की कहानी भी कह रहे हैं। इन विशेष समागमों के दौरान पंजाब स्माल स्केल इंडस्ट्री एंड एक्सपोर्ट कोपोर्रेशन के प्रदर्शनी हाल में पंजाब सरकार के पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग की प्रदर्शनी धर्म, विरासत और पंजाबी सभ्याचार का अनोखा सुमेल प्रतीत हो रही है। पर्यटन और सांस्कृतिक मामले संबंधी विभाग के मंत्री चरणजीत सिंंह चन्नी के नेतृत्व में लगी प्रदर्शनी का बाहरी दृश्य जहाँ पंजाब की विरासत की कहानी कह रहा है वहीं इसकी स्टाल पर वितरित किया जा रहा साहित्य प्रदेश के सभी जिलों के प्रमुख स्थानों का इतिहास विस्तार में बयान करता है। इस संबंधी बात करते हुए सुल्तानपुर लोधी के विधायक श्री नवतेज सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में अनेक विरासती और ऐतिहासिक स्थान हैं, जो पर्यटन के पक्ष से बहुत अहमीयत रखते हैं और इन स्थानों के बारे में अधिक से अधिक लोगों को अवगत करवाने के लिए यह प्रदर्शनी लगाई गई है। कपूरथला के डिप्टी कमिश्नर श्री डीपीएस खरबन्दा ने बताया कि इस प्रदर्शनी हाल में कई सरकारी विभागों ने अपनी स्टालें लगाईं हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को बहुत ही लाभदायक जानकारी दी जा रही है और वह यहाँ से खरीदारी भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश दिवस को समर्पित पर्यटन विभाग की नुमाइश का बाहरी अक्स कुछ इस तरह से तैयार किया गया है कि दर्शकों को पंजाब के पुरातन विरसे और पंजाबी संस्कृति की झलक मिले। इस प्रदर्शनी के दरवाजों को पक्खियों, चरखों और कृषि यंत्रों के नमूनों के साथ सजाया गया है। अंदर दाखिल होते ही दीवारों पर लगी स्क्रीनों पर नजर पड़ती हैं, जिनके द्वारा विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों की जानकारी दी जा रही है। यह प्रदर्शनी 12 नवंबर तक जारी रहेगी। पर्यटन अधिकारी अंकुर कुमार ने बताया कि इस प्रदर्शनी में पंजाब के हर जिले से सम्बन्धित छोटी पुस्तकें, पूरे पंजाब संबंधी पुस्तकें और सुल्तानपुर लोधी के बारे में पुस्तकें वितरित की जा रही हैं, जिनमें जिले अनुसार नक्शे, प्रमुख स्थान और उनका इतिहास दिखाया गया है। इसके अलावा प्रदर्शनी में आने वालों के लिए दो विशेष किताबें रखी गई हैं। इनमें से एक किताब में पंजाब की जलगाहों संबंधी विस्तृत जानकारी तस्वीरों सहित और दूसरी में विभिन्न जिलों के प्रमुख ऐतिहासिक स्थानों को तस्वीरों के द्वारा बयान किया गया है। उन्होंने बताया कि रोजाना सैंकड़ो लोग यह प्रदर्शनी देखने आते हैं। प्रदर्शनी देखने आने वाले लोगों से फीडबैक भी लिया जाता है जिससे वह इस प्रदर्शनी, राज्य और इस पवित्र नगरी के पर्यटनीय स्थानों संबंधी अपने अनुभव सांझे कर सकें। प्रदर्शनी देखने आए गुरदासपुर जिले के ज्ञान सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में वितरित किये जा रहे साहित्य से वह बहुत प्रभावित हुआ, जिसमें सभी जिलों के प्रमुख स्थानों संबंधी बताया गया है, जिनके बारे में उस जिले के भी बहुत से लोगों को पता नहीं होता।

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Author

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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