मादक पदार्थों पर अंकुश लगाने व इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा व्यापक अभियान : मुख्य सचिव

7th August 2018: प्रदेश सरकार राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी व प्रयोग पर अकुंश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हाल ही में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में निर्देश दिए है कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी से जुडे़ लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ लोगों विशेषकर स्कूलों, कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे जागरूक करने के लिए कदम उठाए जाएं। इसी कड़ी में मुख्य सचिव विनीत चौधरी की अध्यक्षता में आज यहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक बैठक हुई।
मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि प्रदेश में नशाखोरी पर लगाम लाने के लिए विभिन्न विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे ताकि इस बुराई से सख्ती से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग बच्चों को नशे की बुरी आदत के कारण पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी, जिसके तहत अध्यापकों को डाइट व एसइआरटी में प्रशिक्षण देकर नशाखोरी के प्रति संवेदनशील व जागरूक किया जाएगा ताकि वे स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इस बुरी आदत से जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में नशे की बुरी आदत के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए भाषण प्रतियोगिताएं, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के अलावा चित्रकला इत्यादि की प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त आगामी वर्षों में इसे स्कूली पाठयक्रमों में भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘अखण्ड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती’ योजना के अन्तर्गत नशा निवारण जागरूकता को भी शामिल किया जाएगा। निकट भविष्य में प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रातः सभा में बच्चों को 10 नशा निवारण से सम्बन्धित 10 सूत्रीय शपथ भी दिलाई जाएगी तथा बच्चों को नशे की बुरी आदत के प्रति जागरूक करने के लिए वार्षिक कलैण्डर तैयार किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत पाठशालाओं में प्रत्येक माह में नशा निवारण से सम्बन्धित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज व वन विभाग के सहयोग से भांग उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सभी विभागों के अलावा महिला मण्डलों, युवक मण्डलों व स्वयंसेवी संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा। व्यापक स्तर पर चलने वाले इस अभियान के दौरान राज्य की निजी तथा सरकारी भूमि पर पाई जाने वाली भांग को उखाड़कर नष्ट किया जाएगा। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को भांग के स्थान पर अन्य वैकल्पिक खेती की सम्भावनाओं को तलाशने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नशा उन्मूलन केन्द्र स्थापित करने के लिए कदम उठाने को भी कहा। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को पुनर्वास केन्द्र स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में नारकोटिक्स कानून को और सख्त बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी पर नजर रखने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश के उच्च अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी तथा मादक द्रव्यों की तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त टास्कफोर्स बनाई जाएगी और नशे के दृष्प्रभावों के बारे जानकारी प्राप्त करने के लिए निःशुल्क हेल्पलाइन 104 को और सुदृढ़ किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एवं स्वास्थ्य बी.के. अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरूण कपूर, प्रधान सचिव कृषि ओंकार शर्मा, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी, सचिव शिक्षा डॉ. अरूण शर्मा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज आर.एन. बत्ता, सचिव भाषा एवं संस्कृति पूर्णिमा चौहान, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क अनुपम कश्यप, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. बलदेव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

 

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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