पंजाब समाचार (नवंबर माह की रिपोर्ट)कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 400 से अधिक नामी शख्सियतों का अचीवर्ज़ अवार्ड के साथ सम्मान

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कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 400 से अधिक नामी शख्सियतों का अचीवर्ज़ अवार्ड के साथ सम्मान

कपूरथला: श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा 400 से अधिक नामी शख्सियतों को विभिन्न क्षेत्र में डाले गये शानदार योगदान के लिए ह्यअचीवर्ज़ अवार्ड ह्ण के साथ सम्मानित किया गया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह आज इन सभी पंजाबियों को सम्मानित करने पर बहुत गर्व महसूस करते हैं जिन्होंने अपने जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्तियां अर्जित की हैं। चाहे सार्वजनिक जीवन हो, सेना, सिविल सेवाओं, न्यायपालिका या कानूनी पेशे, कारोबार, कृषि, शैक्षिक, धार्मिक, समाज सेवा, कला, साहित्यकारी, कवि, प्रगतिशील किसान, पर्यावरण प्रेमी, विज्ञान और अनुसंधान, खेल, संस्कृति और मीडिया, हमारे लोगों ने देश और पंजाब का सिर गर्व से ऊँचा किया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्र की यश अर्जित करने वाली शख्सियतों का सम्मान किया। इन शख्सियतों में सिंह साहिब ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर जत्थेदार तख्त श्री पटना साहिब, बाबा इकबाल सिंह, बाबा सेवा सिंह, बाबा बलबीर सिंह बूढ़ा दल, संत बाबा महिन्दर सिंह, संत अवतार सिंह, संत बलजिन्दर सिंह, महंत रमिन्दर दास, संत कुलवंत राम भारोमाजरा, संत निर्मल दास बाबा जोढ़े, संत गुरदीप गिरी, संत मक्खण सिंह, संत बाबा महिन्दर सिंह लामिया वाले और संत बाबा निहाल सिंह हरी बेलां वाले शामिल थे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सेना के जनरलों को भी सम्मानित किया जिनमें पूर्व एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ, जनरल (सेवा -मुक्त) जे.जे. सिंह, एयर मार्शल जगजीत सिंह, ब्रिगेडियर (सेवा -मुक्त) सुखजीत सिंह, लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा -मुक्त) के.जे. सिंह, लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा -मुक्त) एन.एस. बराड़, लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा -मुक्त) जे.एस. चीमा, लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा -मुक्त) सुरिन्दर सिंह, लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा -मुक्त) एन.पी.एस. हीरा के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रसिद्ध कॉलमनवीस अरुण शौरी भी शामिल थे। इस अवसर पर सम्मान प्राप्त करने वाली अन्य शख्सियतों में जस्टिस मेहताब सिंह गिल, जस्टिस जी.आर. मजीठिया, जस्टिस अमरबीर सिंह गिल, जस्टिस गुरदेव सिंह, जस्टिस एस. एस. सारो, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार और एडवोकेट के.टी.एस. तुलसी शामिल हैं। कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य के क्षेत्र की जो कोई प्रसिद्ध शख्सियतों का सम्मान किया गया, उनमें सुरजीत पातर, हंस राज हंस, पूर्ण चंद वडाली, मलकीत सिंह, दलीप कौर टिवाना, गुरमीत बावा, भाई बलदीप सिंह, बीनू ढिल्लों, जसविन्दर भल्ला, बलवीर ऋषि, मुहम्मद सदीक, सरदूल सिकंदर, पूर्ण शाह कोटी, गुरप्रीत सिंह घुग्गी, प्रीति सप्रू, बाबू सिंह मान, स्वर्गीय जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी और मनमोहन सिंह शामिल थे। ह्यअचीवर्ज़ अवार्ड ह्ण हासिल करने वाले प्रसिद्ध एनआरआईज में हरभजन सिंह विर्दी, लार्ड राज लंबू, लार्ड स्वराज पाल, एसपीएस ओबराए और कमलजीत बख्शी शामिल थे।
खेल श्रेणी में मुख्यमंत्री द्वारा पदमश्री बलबीर सिंह सीनियर, हरमनप्रीत कौर, प्रगट सिंह, करतार सिंह, अवनीत कौर, मनजीत कौर और मान कौर का सम्मान किया गया।

करतारपुर साहिब जाते समय बस सफर के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इमरान खान के साथ कौन सी बातें की
जालंधर: बीते दिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में ऐतिहासिक सफर के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और कैप्टन अमरिन्दर सिंह जब आपस में मिले तो करतारपुर गलियारा दोनों के दरमियान आपसी संपर्क का केंद्र बिंदु बन कर उभरा। दोनों का एक अन्य पंसदीदा साझा विषय था जिसमें उन्होंने जीरो लाईन से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब तक बस के छोटे से सफ? के अवसर पर बराबर रूचि दिखाई। प्रत्येक भारतीय और पाकिस्तानी के लिए क्रिकेट हमेशा आपसी सांझ और जोश का प्रतीक है। इस बस सफर के दौरान एक और सांझ बनी और कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इमरान खान की उनके परिवारों के दरमियान विशेष सांझ का पता लगाने में मदद की, चाहे वह दोनों इससे पहले आपस में नहीं मिले और न ही निजी तौर पर एक -दूसरे को जानते थे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस सफर के मौके पर इमरान खान को बताया कि वह उनको क्रिकेट खेलने के दिनों से जानते हैं। मुख्यमंत्री ने याद किया कि क्रिकेट का सम्बन्ध और गहरा हुआ। इमरान के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन अमरिन्दर ने उनको बताया कि उनके रिश्तेदार जहाँगीर खान जो अंग्रेजों के दौर के दौरान क्रिकेट खेलते थे, ने पटियाला के लिए भी खेले थे और उनके साथ मुहम्मद निसार, लाला अमर नाथ, तेज गेंदबाज अमर सिंह और बल्लेबाज वजीर अली और अमीर अली भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह सात खिलाड़ी उस टीम के मैंबर थे जिस टीम की कप्तानी कैप्टन अमरिन्दर सिंह के पिता जी महाराजा यादविन्दर सिंह ने 1934 -35 में भारत और पटियाला के लिए की थी। यह बात सुन कर इमरान खान काफी उत्साहित हुए। हालाँकि बस की यह यात्रा पाँच मिनट से भी कम समय की थी परन्तु क्रिकेट के कारण इससे इमरान खान और कैप्टन अमरिन्दर सिंह के दरमियान सम्बन्ध सौहार्द बनाने में बहुत सहायता मिली। इससे पहले इमरान और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाले जत्थे का जीरो प्वाइंट में स्वागत किया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आशा अभिव्यक्ति कि करतारपुर गलियारे के द्वारा शुरू हुई यह यात्रा जो कि उनके एक लंबे सपने को साकार करने में सहायक हुई है, आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और रिश्तों को क्रिकेट की तरह भी और मजबूत करेगा और दोनों देश आने वाले समय में यह खेल सही भावना के साथ खेलेंगे।

ग्रैंड लाइट एंड साउंड शो से रूपमान हुआ गुरु नानक देव जी का जीवन दर्शन
चंडीगढ़/सुल्तानपुर लोधी, कपूरथला: पंजाब सरकार की तरफ से करवाए जा रहे ग्रैंड लाइट एंड साउंड शो के द्वारा आज सैंकड़ों की संख्या में नौजवानों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने श्री गुरु नानक देव जी के जीवन वृतांत और उनके जीवन दर्शन को समझा। इस मौके पर मुख्यमंत्री पंजाब के सलाहकार स. इन्दरबीर सिंह बुलारिया ने भी एक नम्र सिख के तौर पर बाकी संगत के साथ बैठकर यह शो देखा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित यह शो हमारी अगली पीढि?ों को श्री गुरु नानक देव जी के सिद्धांतों, शिक्षाओं से अवगत करवाने के लिए तैयार करवाया गया है। यह शो यहां 15 नवंबर तक चलना है और आज इसके दो शो हुए और दोनों शो में संगत के भारी जनसमूह ने उपस्थिति दर्ज कर राज्य सरकार के इस प्रयास को सराहा। इस मौके पर स. इन्दरबीर सिंह बुलारिया, सलाहकार मुख्यमंत्री पंजाब ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी की तरफ से हक सच का जो रास्ता हमें दिखाया था, वही गुरमति सिद्धांत आज भी हमारा नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा की गुरु जी के जीवन की हर एक घटना में एक बड़ी शिक्षा छिपी हुई है और इस लाइट एंड साउंड शो के दौरान गुरु जी के जीवन की इन्हीं घटनाओं को चित्रित किया गया है जिससे हमारी आने वाली पीढि?ां उनके दर्शन से अवगत हो सके और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में ढ़ाल सके। उन्होंने कहा की गुरु जी की तरफ से परमात्मा की तरफ से बनाई कुदरत के साथ संतुलन बिठाने की जो शिक्षा दी है उससे वातावरण के बदलते हालातों में हमारे लिए अमल करना और भी जरूरी हो जाता है। इसके बाद पंथ के प्रसिद्ध भाई हरदेव सिंह लालबायी के कविशरी जत्थों ने गुरु का यशगान किया। उन्होंने बिना साजों से गायन की पंजाब के मालवे क्षेत्र की इस अमीर कला के द्वारा संगत के सामने सिख इतिहास, सिख सिद्धांतों पर गुरु जी की शिक्षाओं पर केन्द्रित कवित्त पेश किए। उल्लेखनीय है कि हर रोज की तरह इस आवाज और रौशनियों पर आधारित प्रोग्राम के बाद पंजाब के प्रसिद्ध कलाकार भी धार्मिक गायन के द्वारा अपनी हाजिरी लगवा रहे हैं। इस श्रंखला के अंतर्गत सोमवार की शाम को प्रसिद्ध फनकार हरभजन मान अपनी हाजिरी लगावाने आ रहे हैं

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Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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