कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार की नयी औद्योगिक नीति स्वरूप पंजाब में औद्योगिक निवेश को बड़ा प्रोत्साहन
मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में प्रोजैक्ट प्रस्तावों में 50 प्रतिशत वृद्धि
वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही के मुकाबले वास्तविक मासिक औसतन निवेश में 125 प्रतिशत की वृद्धि
चंडीगढ़, 20 जुलाई:  मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पंजाब के औद्योगिक निवेश को बड़ा प्रोत्साहन मिला जिस साल 2017 -18 की पहली तिमाही के मुकाबले प्रोजैक्ट प्रस्तावों में 50 प्रतिशत जबकि वास्तविक निवेश पक्ष से मासिक औसतन 125 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से नयी औद्योगिक नीति लागू करके सृजित किए गयेे सुखदायक औद्योगिक माहौल स्वरूप यह बड़ी वृद्धि संभव हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्रियल पर्मोशन (पी.बी.आई.पी.) ने एक अप्रैल, 2017 से 30 जून, 2018 तक 8644 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश के लिए 161 प्रोजैक्ट प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। साल 2018 -19 की पहली तिमाही में ही 3112 करोड़ रुपए के निवेश वाले 45 प्रस्ताव प्राप्त किये हैं जो औसतन महीने के 15 प्रस्ताव और 1037 करोड़ का निवेश बनता है। इसके मुकाबले साल 2017 -18 के लिए 116 प्रस्ताव (10 औसतन महीना) हासिल हुए थे जो कुल प्रोजेक्टों का 5532 करोड़ रुपए बनता है जो प्रति महीना औसतन 461 करोड़ रुपए था।
प्रवक्ता ने बताया कि निवेश के लिए ज़रूरी स्वीकृतियां देने में तेज़ी लाने तथा भूमि और स्थानीय दफ़्तरों आदि के साथ सम्बन्धित मुद्दों के तत्काल हल को यकीनी बनाने के कारण इन प्रोजेक्टों के लिए रास्ता साफ हुआ है। मुख्यमंत्री ने ब्यूरो को पंजाब में निवेश करने या अपना कारोबार बढ़ाने वाले निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए व्यापार को आसान बनाने के निर्देश दिए।
अप्रैल, 2017 से लेकर मैन्युफैक्चरिंग सैक्टर से सबसे अधिक 61 प्रस्तावित प्रोजैकट (2946 करोड़ रुपए की लागत) हासिल हुए। इसी तरह खेती और फूड प्रोसेसिंग सैक्टर में 1977 करोड़ की लागत वाले 37 प्रोजैकट, पर्यटन सैक्टर में 916 करोड़ रुपए की लागत वाले 23 प्रोजैकट, बुनियादी ढांचे में 738 करोड़ रुपए की लागत वाले 12, शिक्षा क्षेत्र में 156 करोड़ रुपए की लागत वाले 9 प्रोजैकट, आई.टी./आई.टी.ई.एस. और ई.एस.डी.एम. सैक्टर में 150 करोड़ रुपए की लागत वाले 7 प्रोजैक्ट, स्वास्थ्य एवं जीव विज्ञान में एक करोड़ की लागत वाला एक प्रोजैक्ट और बाकी क्षेत्रों में 59 करोड़ रुपए के 4 प्रोजैक्ट शामिल हैं। नयी और नवीकरणीय ऊर्जा भी एक अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसमें वित्त वर्ष 2017-18 और वित्त वर्ष 2018 -19 की पहली तिमाही के दौरान 1701 करोड़ रुपए के 7 प्रोजेक्टों के प्रस्ताव हासिल हुए हैं।
पी.बी.आई.पी. के आंकड़ों के अनुसार जिला स्तर पर सबसे अधिक प्रोजैक्ट प्रस्ताव मोहाली में हासिल हुए हैं जिनमें 1277 करोड़ रुपए के 44 प्रोजैक्ट शामिल हैं। इसके बाद लुधियाना का स्थान है जहाँ 1485 करोड़ रुपए के 30 प्रोजैक्ट शामिल हैं। फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और संगरूर उद्योगपतियों के लिए बाकी सर्वोच्च जिले हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय साल की पहली तिमाही के दौरान पंजाब में निवेश करने के लिए प्रस्ताव पेश करने वाले उद्योगों में वरुण बेवरेज (799 करोड़ रुपए), सी.आर.एम. सर्विसिज़ इंडिया प्राईवेट लिमिटेड (53.07 करोड़ रुपए), फ्रिजीरीयो कंजऱवे अलाना प्राईवेट लिमिटेड (125 करोड़ रुपए), हिंदुस्तान यूनीलिवर लिमिटेड (84.66 करोड़ रुपए), वरबीयो इंडिया प्राईवेट लिमटड -जर्मनी (71.68 करोड़ रुपए), अरोड़ा आयरन एंड स्टील रोलिंग मिल्लज़ लिमिटेड (148 करोड़ रुपए), यूनाईटड बायोटैक प्राईवेट लिमिटेड (100 करोड़ रुपए), आई.ओ.सी. केमिकल एंड फार्मासिटीकल लिमिटेड (231.22 करोड़ रुपए), माधव अलॉएज़ प्राईवेट लिमिटेड (152.34 करोड़ रुपए), न्यूवे रिन्यूएबल एनर्जी (20 करोड़ रुपए) और बीटलग्यूज़ इन्फ्रा प्राईवेट लिमिटेड (642 करोड़ रुपए) शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2017 -18 के प्रमुख निवेश प्रस्तावों में लुधियाना बेवरेज (220 करोड़ रुपए), पैप्सीको इंडिया होल्डिंगज़ प्राईवेट लिमिटेड (83 करोड़ रुपए), प्रीत ट्रैक्टर (67.44 करोड़ रुपए) और हिंदुस्तान पैट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (684 करोड़ रुपए) शामिल हैं।
इसके इलावा कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद राज्य में बड़ी संख्या में समझौते सहीबद्ध (एम.ओ.यू.) किये गए हैं। जुलाई, 2017 और जुलाई, 2018 के बीच 47116 करोड़ रुपए की लागत वाले 170 समझौते किये गए हैं। इसके विपरीत जुलाई, 2016 से जुलाई, 2017 के बीच 8500 करोड़ रुपए के निवेश वाले सिफऱ् 157 समझौते सहीबद्ध हुए थे।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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