Horoscope of the month-April 2020 by B D Pujari

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राशिफल (अप्रैल 2020)

1. मेष

राशि शुभ दिनाँक : 06, 08, 17, 22, 27
राशि प्रतिकूल दिनाँक : 02, 04, 10, 12, 15, 20, 25, 29
मास का ग्रह गोचर शुभ कार्यों में प्रवृत्ति तथा आर्थिक लाभ के लिये अनुकूल होते हुये भी अन्य क्षेत्रों के लिये प्रतिकूल रहेगा। यात्राओं में व्यस्तता रहेगी। बन्धु-बान्धवों एवं मित्रों से वाद-विवाद में हानि होगी। कार्य में मन नहीं लगेगा। स्वभाव में जड़ता तथा निरुद्यमता रहेगी। परिवार से दूर किसी सुदूर स्थान पर रहना होगा। सन्तान के विषय में चिन्तित रहेंगे। मान-सम्मान में कमी आयेगी। शारीरिक अवस्था के अनुरुप थकावट, नेत्र रोग, रक्तचाप अथवा हृदय रोग का भय बनेगा। नगण्य सी बात पर उत्तेजित होंगे। अरिष्ट निवारण के लिये नवग्रह की पूजा करें। अन्तिम सप्ताह में स्थिति में परिवर्तन होगा। व्यय नियन्त्रण में सफलता मिलेगी। झगड़े-झंझट समाप्त होंगे।
राशि स्वामी: मंगल, राशि नामाक्षर: अ, ल, इ , नक्षत्र चरण नामाक्षर: चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ, आराध्य भगवान: श्री हनुमान जी, भाग्यशील रंग: लाल, भाग्यशील अंक : 1, 8, अनुकूल दिशा: पूर्व , राशि धातु: तांबा, सोना , राशि शुभ रत्न: मूंगा , राशि अनुकूल रत्न : मूंगा, पुखराज तथा माणिक्य, राशि अनुकूल वार : मंगलवार, बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: चर , राशि तत्व: अग्नि , राशि प्रकृति: पित्त ।

2. वृषभ

राशि शुभ दिनाँक: 08, 20, 25, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक : 02, 04, 06, 10, 12, 15, 17, 22, 27
धनागम में वृद्धि होगी। दाम्पत्य एवं पारिवारिक जीवन में सुख रहेगा। सन्तान के दायित्वों की पूर्ति होगी। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नये भवन की प्राप्ति होगी। विद्याभ्यास में सफलता मिलेगी। प्राध्यापक तथा वकीलों के लिये समय उत्तम रहेगा। राजकीय वर्गों, समाज तथा वरिष्ठ अधिकारीयों में सम्मान होगा। पदोन्नति होगी। सफल यात्रायें होगी। सूर्य, मंगल के अरिष्ट गोचर से निर्बलता तथा थकान से कार्यों पर सुचारु रुप से ध्यान नहीं दे पायेंगे। कार्यस्थल पर, रोजी-रोजगार में कठिन परिस्थितियां उत्पन्न होगी। कार्यभार में परिवर्तन होगा। व्यर्थ के विवादों में फसेंगे। शिक्षा में विघ्न रहेगा। असत्य भाषण की प्रवृत्ति बनेगी। अरिष्ट निवारण के लिये हनुमतोपासना करें।
राशि स्वामी : शुक्र, राशि नामाक्षर: ब, व, उ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो, आराध्य भगवान: श्री दुर्गा माता, भाग्यशील रंग: सफेद , भाग्यशील अंक: 2, 7, अनुकूल दिशा: दक्षिण, पश्चिम , राशि धातु: लोहा, सीसा, राशि शुभ रत्न: हीरा, राशि अनुकूल रत्न: हीरा, पन्ना, नीलम, राशि अनुकूल वार: शुक्रवार, बुधवार तथा शनिवार, राशि स्वभाव: स्थिर , राशि तत्व: पृथ्वी, राशि प्रकृति : वायु ।

 

3. मिथुन

राशि शुभ दिनाँक: 04, 22, 27
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 06, 08, 10, 12, 15, 17, 20, 25, 29
मास के प्रथम पक्ष में मंगल, गुरु, शनि तथा राहु का गोचर कष्टकारी रहेगा। यात्राओं में थकावट एवं कष्ट रहेगा। रोग पीड़ित होंगे। राजकीय भय रहेगा। अग्निकांड से नुकसान होगा। मास के मध्य से घर में मांगलिक कार्यों के सम्पन्न होने का उत्साह रहेगा। वरिष्ठों का अनुग्रह प्राप्त होगा। प्रशासकीय सहयोग मिलेगा। स्थान परिवर्तन निरस्त होगा। रोगों से छुटकारा मिलेगा। आर्थिक उन्नति होगी। सन्तान सुख मिलेगा। शुभ कार्यों में प्रवृत्ति रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्पैकुलेषन तथा इन्वेस्टमेन्ट में सावधनी पूर्वक कार्य करें। अहंकार के वशीभूत होकर निर्णय लेने से बचें।
राशि स्वामी: बुध, राशि नामाक्षर: क, छ, घ , नक्षत्र चरण नामाक्षर: का, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा, आराध्य भगवान: श्री गणेश जी, भाग्यशील रंग: पीला, भाग्यशील अंक: 3, 6, अनुकूल दिशा: पश्चिम , राशि धातु: चाँदी, सीसा, सोना , राशि शुभ रत्न: पन्ना , राशि अनुकूल रत्न: पन्ना, हीरा, नीलम, राशि अनुकूल वार: मंगलवार, बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व: वायु, राशि प्रकृति: सम ,

4. कर्क

राशि शुभ दिनाँक: 02, 12, 15, 22, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 04, 06, 08, 10, 17, 20, 25, 27
व्यय में कमी आयेगी। स्वजनों का सहयोग मिलेगा। परिवारजनों विषेशकर जीवन साथी से सुख-सहयोग मिलेगा। स्वास्थय में सुधार होगा। सुखोपभोग में समय व्यतीत होगा। राजकर्मियों के अवरोध के उपरान्त भी शासकीय लाभ मिलेगा। शुभ कार्य के लिये यात्रा होगी। विवाह, स्नेह सम्बन्धों, साझेदारी, दीवानी मामलों तथा प्रवास के लिये समय अनुकूल है। दाम्पत्य जीवन तथा सन्तान सुख रहेगा। कैश फ्लो पर विषेश ध्यान दें अन्यथा कैश होते हुये भी धन की कमी अनुभव करेंगे। शेयर, सट्टा अथवा गेम्बलिंग से दूर रहें। शुभ फलों में वृद्धि के लिये सूयोर्पासना करें।
राशि स्वामी: चन्द्रमा , राशि नामाक्षर: ड, ह, नक्षत्र चरण नामाक्षर: ही, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो, आराध्य भगवान: शिव जी, भाग्यशील रंग: दूधिया, भाग्यशील अंक: 4, अनुकूल दिशा: पूर्व, दक्षिण , राशि धातु: चाँदी, तांबा, राशि शुभ रत्न: मोती, राशि अनुकूल रत्न: मोती, पुखराज तथा मूंगा, राशि अनुकूल वार: सोमवार, मंगलवार तथा बृहस्पतिवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: जल, राशि प्रकृति: कफ।

5. सिंह

राशि शुभ दिनाँक: 17, 25
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 06, 08, 10, 12, 15, 20, 22, 27, 29
कार्यों में सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। आय के नवीन साधनों से धनागमन उत्तम रहेगा। बहुमूल्य धातुओं का लाभ होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी। विवादों का अन्त होगा। घरेलू वातावरण में सौहार्द्रता रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। किसी प्रियजन से सम्पर्क होगा। आक्समिक हानि से बचाव होगा। अकारण भय का निवारण होगा। भूमि-भवन का लाभ मिलेगा। किसी प्रिय वस्तु की प्राप्ति होगी। यात्राओं तथा व्यवसाय से अपेक्षित लाभ की अपेक्षा में न्यूनता रहेगी।
राशि स्वामी: सूर्य , राशि नामाक्षर: म, ट , नक्षत्र चरण नामाक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे, आराध्य भगवान: श्री विष्णु नारायण, भाग्यशील रंग: सुनहरा, भाग्यशील अंक: 5, अनुकूल दिशा: पूर्व, राशि धातु: तांबा, सोना, राशि शुभ रत्न: माणिक्य, राशि अनुकूल रत्न: माणिक्य, मूंगा, पुखराज, राशि अनुकूल वार: रविवार, मंगलवार तथा बृहस्पतिवार, राशि स्वभाव: स्थिर, राशि तत्व: अग्नि, राशि प्रकृति: पित्त।

6. कन्या

राशि शुभ दिनाँक: 02, 10, 27, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 04, 06, 08, 12, 15, 17, 20, 22, 25
आर्थिक उन्नति होगी। कार्यों में सफलता मिलेगी। अनुचित इच्छाओं तथा आंकाक्षाओं से बच कर रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि बनेगी। मान-प्रतिष्ठा, गौरव बढ़ेगा। सन्तान सुख मिलेगा। विरोधी पक्ष से समाधन होगा। विग्रह तथा झंझटो का वातावरण समाप्त होगा। पाचन सम्बन्धी रोग समाप्त होंगे। शासक वर्ग से लाभ होगा। विद्यार्थियों को अपेक्षित सफलता मिलेगी। लेखन तथा संगीत में, वाद्य कला में पुरस्कृत होंगे। विलासिता की सामग्री क्रय करेंगे। व्यय बढ़ेगा। सूर्य के गोचर से सन्तान के लिये मन में चिन्ता रहेगी। किसी के साथ दुर्व्यवहार न करें। पिता अथवा पितृतुल्य व्यक्तियों की सेवा करें तथा उनके विचारों को आदर दें।
राशि स्वामी : बुध, राशि नामाक्षर: प, ठ, ण, नक्षत्र चरण नामाक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो, आराध्य भगवान: श्री गणेश जी, भाग्यशील रंग: हरा, भाग्यशील अंक: 3, 8, अनुकूल दिशा: दक्षिण, राशि धातु: चाँदी, सोना, राशि शुभ रत्न: पन्ना, राशि अनुकूल रत्न: पन्ना, हीरा तथा नीलम, राशि अनुकूल वार:
बुधवार, शुक्रवार तथा शनिवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व: पृथ्वी, राशि प्रकृति: वायु ।

7. तुला

राशि शुभ दिनाँक: 02, 08, 12, 20, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 04, 06, 10, 15, 17, 22, 25, 27
पारिवारिक समस्याओं का समाधन होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऐश्वर्य पूर्ण वस्तुओं का संग्रह होगा। भूमि-भवन तथा स्थायी सम्पत्ति सम्बन्धी समस्यायें समाप्त होगी। माता अथवा मातृतुल्य महिलाओं को कष्टों से छुटकारा मिलेगा। स्थान परिवर्तन स्थगित होगा। विश्वासी सहयोगी के माध्यम से लाभान्वित होंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। बुध के अरिष्ट गोचर के परिणाम स्वरुप झगड़े-झंझट में फसेंगे। व्यवसायिक बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। यात्राओं में कष्ट रहेगा। प्रेम-प्रकरण तथा वातार्ओं में अवरोध बनेंगे। मन चिन्ताग्रस्त होगा। विदेश में भाग्योदय का योग बनेगा। अरिष्ट निवारण के लिये हरिद्रा गणेष की पूजा करें।
राशि स्वामी: शुक्र , राशि नामाक्षर: र, त, नक्षत्र चरण नामाक्षर: रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते, आराध्य भगवान: श्री दुर्गा माता, भाग्यशील रंग: सफेद , भाग्यशील अंक: 2, 7, अनुकूल दिशा: पश्चिम, राशि धातु: लोहा, चाँदी, राशि शुभ रत्न: हीरा, राशि अनुकूल रत्न: हीरा, पन्ना तथा नीलम, राशि अनुकूल वार:
शुक्रवार, शनिवार तथा बुधवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: वायु, राशि प्रकृति: सम ।

8. वृश्चिक

राशि शुभ दिनाँक: 04, 06, 15, 22
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 08, 10, 12, 17, 20, 25, 27, 29
धनागम उत्तम रहेगा। उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। विरोध समाप्त होगा, पद-प्रतिष्ठा तथा ख्याति में वृद्धि होगी। समाज में प्रभाव बढ़ेगा। पारिवारिक सुख की प्राप्ति होगी। पूर्वार्जित भूमि-भवन का विस्तार होगा। व्यापार-व्यवसाय में लाभ मिलेगा। सन्तान सुख रहेगा। ऋण मुक्त होंगे। अधिकारीयों तथा वरिष्ठों के कृपा पात्र बनेंगे। दुर्घटना से बचाव होगा। अनुचित कार्यों से मन हटेगा। रोजी-रोजगार में प्रगति होगी। स्थान लाभ होगा। मंगल के अरिष्ट गोचर से परिश्रम के अनुरुप परिणाम मिलने में बाधा रहेगी। तार्किक क्षमता वाद-विवाद में परिवर्तित हो जायेगी। आत्मविश्वास डगमगायेगा। धातुओं के व्यापार में किसी बहुमूल्य धातु के कारण हानि होगी। स्थायी सम्पत्ति की हानि होगी। शैक्षणिक कार्यों में असफलता से मन खिन्न रहेगा। क्रय शक्ति क्षीण होगी।
राशि स्वामी: मंगल, राशि नामाक्षर: न, य, नक्षत्र चरण नामाक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू, आराध्य भगवान: श्री हनुमान जी, भाग्यशील रंग: लाल,
भाग्यशील अंक: 1, 8, अनुकूल दिशा: पूर्व, उत्तर, राशि धातु: तांबा, स्टील, सोना, राशि शुभ रत्न: मूंगा, राशि अनुकूल रत्न: मूंगा, माणिक्य तथा पुखराज, राशि अनुकूल वार: मंगलवार, बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: स्थिर, राशि तत्व: जल, राशि प्रकृति: कफ।

9. धनु

राशि शुभ दिनाँक: 12, 17, 27
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 06, 08, 10, 15, 20, 22, 25, 29
मानसिक तनाव समाप्त होगा। सुख शान्ति बनेगी। शारीरिक दुर्बलता दूर होगी। परिश्रम के अनुरुप परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यों में सफलता मिलेगी। राजकीय भय का निराकरण होगा। खोई वस्तु वापस मिलेगी। नये मित्र तथा सहयोगी प्राप्त होंगे। योजनाओं के अनुरुप कार्यों में सफलता नहीं मिलेगी। पाचन सम्बन्ध्ति रोगों से मुक्ति मिलेगी। गुरु के अरिष्ट गोचर से उन्नति के अवसरों में बाधाएँ आयेंगी। स्थायी सम्पत्ति को गिरवी रखने का योग बनेगा। नौकरी-धन्धे में अपयश मिलेगा। पारिवारिक उलझनें बढ़ेगी। भ्रम की स्थिति से शारीरिक तथा मानसिक शक्ति का ह्रास होगा। अधिकारीयों से वाद-विवाद होंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में विपरीत परिणाम प्राप्त होंगे। यात्राओं में दुर्घटना का भय बनेगा। प्रेम-प्रकरण तथा वातार्ओं में असफलता मिलेगी। अरिष्ट निवारण के लिये गुरु मन्त्रों का जप करें।
राशि स्वामी: बृहस्पति, राशि नामाक्षर: भ, ध, फ, ढ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढ, भे, आराध्य भगवान: श्री विष्णु नारायण,
भाग्यशील रंग: पीला, भाग्यशील अंक: 9, 12, अनुकूल दिशा: पूर्व, राशि धातु: काँस्य, राशि शुभ रत्न: पुखराज, अनुकूल रत्न: पुखराज तथा माणिक्य, राशि अनुकूल वार: बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव , राशि तत्व: अग्नि, राशि प्रकृति: पित्त।

10. मकर

राशि शुभ दिनाँक: 02, 20, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 04, 06, 08, 10, 12, 15, 17, 22, 25, 27
दाम्पत्य जीवन का सुख रहेगा। असामाजिक तत्वों से पीछा छूटेगा। कार्यों में सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। शुभ फलदायक यात्रायें होंगी। विभिन्न उपद्रवों से शान्ति मिलेगी। पारिवारिक सुख-सौहार्द्र बढ़ेगा। बन्धु-बान्धवों का सहयोग मिलेगा। शान्तचित्त रहकर कठिनाईओं तथा समस्याओं के समाधन प्राप्त करेंगे। स्थान तथा आर्थिक लाभ मिलेगा। अधिकारीयों में स्वीकार्यता बढ़ेगी। मातृपक्ष से लाभ रहेगा। परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। विद्याध्ययन में सहायता मिलेगी। मन अडवेंचरस कार्यों की ओर आकर्षित होगा। मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे। वैवाहिक कार्यों में सम्मिलित होंगे। गर्भधारण-सन्तान प्राप्ति का योग रहेगा। खानपान, भूमि-भवन तथा स्थायी सम्पत्ति में सावधनी आवश्यक रहेगी।
राशि स्वामी: शनि, राशि नामाक्षर: ख, ज, नक्षत्र चरण नामाक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी, आराध्य भगवान: शिव जी, भाग्यशील रंग: आसमानी, भाग्यशील अंक: 10, 11, अनुकूल दिशा: दक्षिण, राशि धातु: चाँदी, लोहा, राशि शुभ रत्न: नीलम, राशि अनुकूल रत्न: नीलम, पन्ना तथा हीरा, राशि अनुकूल वार: शनिवार, बुधवार तथा शुक्रवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: पृथ्वी, राशि प्रकृति: वायु।

11. कुम्भ

राशि शुभ दिनाँक: 04, 10, 12
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 06, 08, 15, 17, 20, 22, 25, 27, 29
शेयर मार्केट तथा स्पैकुलेशन से लाभ मिलेगा। व्यय पर नियन्त्रण रहेगा। छिन्द्रान्वेषी मुंह की खायेंगे। घर-परिवार तथा सम्बन्धियों का सहयोग मिलेगा। बातचीत में भद्रता परीलक्षित होगी। झगड़े-झंझट समाप्त होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रोगमुक्त होंगे। मान, सम्मान तथा प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सन्तान के दायित्वों की पूर्ति होगी। पुत्र तथा मित्रों के माध्यम से धन लाभ होगा। विरोधी पराजित होंगे। उच्चाधिकारियों से सम्पर्क बनेंगे। किसी नये स्थान पर कार्यभार सम्भालने का अवसर प्राप्त होगा। अपने सद्व्यवहार से कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। विद्यार्थियों को सफलता के लिये कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। सन्तान के प्रति चिन्ता बढ़ेगी। कार्यकुशलता में कमी आयेगी, परन्तु झूठे अभिमान से आनन्दित रहेंगे। मंगल के गोचर में व्यय की अधिकता रहेगी। घर से दूर रहना होगा। नेत्र रोग से पीड़ित होंगे। दाम्पत्य जीवन में मतभेद बनेंगे तथा कष्ट रहेगा। सन्तान के कारण पीड़ा होगी। विदेश जाने की स्थिति बनेगी। जीवन साथी को स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्यायें होंगी।
राशि स्वामी: शनि, राशि नामाक्षर: ग, श, ष, नक्षत्र चरण नामाक्षर: गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा, आराध्य भगवान: शिव जी (रूद्र स्वरूप), भाग्यशील रंग: आसमानी, भाग्यशील अंक: 10, 11, अनुकूल दिशा: पश्चिम, राशि धातु: चाँदी, सोना, राशि शुभ रत्न: नीलम, राशि अनुकूल रत्न: नीलम, हीरा तथा पन्ना, राशि अनुकूल वार: बुधवार, शुक्रवार तथा शनिवार, राशि स्वभाव: स्थिर, राशि तत्व: वायु, राशि प्रकृति: सम।

12. मीन

राशि शुभ दिनाँक: 04, 06, 15, 20
राशि प्रतिकूल दिनाँकः 02, 08, 10, 12, 17, 22, 25, 27, 29
कार्यों में सफलता से मनोबल बढ़ेगा। भूमि-भवन का लाभ होगा। आय में वृद्धि होगी। स्वस्थ रहेंगे। पदोन्नति सम्बन्धी वाद-विवाद समाप्त होंगे। मुकदमों में विजय प्राप्त होगी। विरोधी पक्ष पराजित होगा। भूमि-भवन से लाभ के लिये उत्तम समय है। सहोदरों से लाभ प्राप्त करेंगे। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि होगी। धार्मिक विषयों में अभिरुचि रहेगी। विवाह होने का योग बनेगा। सन्तान सुख रहेगा। सट्टे-शेयर से लाभ के लिये समय अनुकूल है। विद्याभ्यास में यश मिलेगा। परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। विवेकशीलता बढ़ेगी। सूर्य के अरिष्ट गोचर से स्वभाव में कठोरता आयेगी। निकटस्थ व्यक्तियों से धोखा मिलेगा। निम्न स्तरीय व्यक्तियों से मेल-मिलाप बढ़ेगा। वाहनादि से कष्ट रहेगा।
राशि स्वामी: बृहस्पति, राशि नामाक्षर: द, च, झ, थ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची, आराध्य भगवान: श्री विष्णु नारायण, भाग्यशील रंग: पीला, भाग्यशील अंक: 9, 12, अनुकूल दिशा: उत्तर, राशि धातु: कांस्य, राशि शुभ रत्न : पुखराज, राशि अनुकूल रत्न: पुखराज, मोती तथा मूंगा, राशि अनुकूल वार: बृहस्पतिवार, सोमवार तथा मंगलवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व: जल, राशि प्रकृति: कफ।

 

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Author

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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