Horoscope of the month-June 2020 by B D Pujari

Share this News:

राशिफल (जून 2020)

1. मेष
राशि शुभ दिनाँक: 02, 08, 11, 16, 21, 27, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक:04, 06, 13, 18, 23, 25
व्यय पर नियन्त्रण रखने में सफलता मिलेगी। मित्रों तथा सहयोगियों से सम्पर्क बनेंगे। आर्थिक वृद्धि होगी। घर-परिवार का सुख मिलेगा। धैर्यपूर्वक कार्य करने पर सफलता प्राप्त होगी, अन्यथा नौकरी तथा रोजगार में विघ्न बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। रक्तचाप सम्बन्धित रोगों से छुटकारा मिलेगा। सन्तान के कार्यों से मान-सम्मान बढ़ेगा। विचारशीलता गुण बनेगी। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नया आवास मिलेगा। सूर्य के अरिष्ट गोचर से किसी भी कार्य में मन नहीं लगेगा। मन में उल्लास, उमंग तथा प्रसन्नता का अभाव रहेगा। स्वभाव में जड़ता तथा निरुद्यमता रहेगी। व्यर्थ के वाद- विवादों में समय व्यतीत होगा। महिला वर्ग से हानि होगी। प्रेमी-युगलों के लिये समय अनुकूल नहीं है। हृदय रोग की आशंका रहेगी। मान हानि होगी।
राशि स्वामी : मंगल, राशि नामाक्षर: अ, ल, इ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ , आराध्य भगवान:श्री हनुमान जी, भाग्यशील रंग: लाल, भाग्यशील अंक : 1, 8, अनुकूल दिशा: पूर्व, राशि धातु : तांबा, सोना, राशि शुभ रत्न: मूंगा, राशि अनुकूल रत्न : मूंगा, पुखराज तथा माणिक्य, राशि अनुकूल वार: मंगलवार, बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: अग्नि, राशि प्रकृति : पित्त ।

2. वृषभ
राशि शुभ दिनाँक : 02, 13, 18, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक : 04, 06, 08, 11, 16, 21, 23, 25, 27
पारिवारिक जीवन सुखी रहेगा। कार्यों में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। स्थायी सम्पत्ति प्राप्त होगी। भूमि-भवन से लाभ के लिये उत्तम समय है। भवन के किराये में वृद्धि से आय में वृद्धि होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों मे इच्छित परिणाम प्राप्त होंगे। मुकदमों में सफलता मिलेगी। सहोदरों से लाभ प्राप्त करेंगे। सूर्य तथा शनि का अरिष्ट गोचर सरदर्द एवं नेत्र पीड़ा देगा। निम्न स्तरीय व्यक्तियों से मेल-मिलाप बढ़ेगा। निकटस्थ व्यक्तियों से धोखा होगा। बन्धन तथा आरोपों का भय रहेगा। व्यर्थ यात्रायें होंगी। असत्य भाषण की प्रवृत्ति बनेगी। मन में असंतोष रहेगा। अरिष्ट निवारण के लिये नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें।
राशि स्वामी : शुक्र, राशि नामाक्षर: ब, व, उ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो, आराध्य भगवान: श्री दुर्गा माता, भाग्यशील रंग: सफेद , भाग्यशील अंक: 2, 7,अनुकूल दिशा: दक्षिण, पश्चिम, राशि धातु:लोहा, सीसा, राशि शुभ रत्न:हीरा, राशि अनुकूल रत्न:हीरा, पन्ना, नीलम, राशि अनुकूल वार:शुक्रवार, बुधवार तथा शनिवार, राशि स्वभाव:स्थिर, राशि तत्व:पृथ्वी, राशि प्रकृति: वायु।

3. मिथुन
राशि शुभ दिनाँक: 04, 16, 21, 25
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 06, 08, 11, 13, 18, 23, 27, 29
पारिवारिक सुख मिलेगा। सज्जनों, मित्रों तथा सम्बन्धियों का सहयोग व सहकार मिलेगा। विदेश अथवा सुदूर स्थान की यात्रा निरस्त होगी। रोजी-रोजगार तथा कार्यस्थल पर कार्यकारी स्थितियां बनेंगी। जॉब सटिस्फैक्शन रहेगा। आर्थिक उन्नति होगी। जंक फूड आदि से बच कर रहेंगे तो स्वास्थ्य ठीक रहेगा। गुरु तथा शनि के अरिष्ट गोचर से व्यसनों तथा दुष्ट व्यक्तियों से मित्रता के कारण परेशानियां उत्पन्न होंगी। स्पेकुलेशन तथा इन्वेस्टमेन्ट में हानि होगी। वाणी में कठोरता आयेगी, बात-बात पर क्रोधित होंगे। चोरी, अग्निकांड से नुकसान होगा। प्रशासनिक कारणों से भय, प्रताड़ना तथा दंड का योग बनेगा। जीवन अव्यवस्थित रहेगा। सन्तान को घर से दूर रहना होगा। अहंकार वश उचित निर्णय लेने में बाधा रहेगी। आलस्य में वृद्धि होगी । जीवनसाथी के स्वास्थ्य में गिरावट आयेगी। अरिष्ट निवारण के लिये गुरु के मन्त्रों का जप करें तथा गौ सेवा करें तथा शनिवार के दिन शनि प्रीत्यर्थ दान दें।
राशि स्वामी: बुध, राशि नामाक्षर: क, छ, घ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: का, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा, आराध्य भगवान: श्री गणेश जी,
भाग्यशील रंग: पीला, भाग्यशील अंक: 3, 6, अनुकूल दिशा: पश्चिम, राशि धातु: चाँदी, सीसा, सोना, राशि शुभ रत्न: पन्ना, राशि अनुकूल रत्न:पन्ना, हीरा, नीलम, राशि अनुकूल वार: मंगलवार, बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व: वायु , राशि प्रकृति: सम।

4. कर्क
राशि शुभ दिनाँक : 06, 16, 23
राशि प्रतिकूल दिनाँक : 02, 04, 08, 11, 13, 18, 21, 25, 27, 29
आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। दाम्पत्य जीवन का सुख मिलेगा। अधिकारीयों के सहयोग से अपवादों का निराकरण होगा। स्थानान्तरण निरस्त होगा, परन्तु कार्यस्थल अथवा कार्यभार में परिवर्तन होगा। मानसिक शान्ति मिलेगी। शोक-भय दूर होंगे। बन्धु-बान्धवों से विग्रह-विवाद होंगे। बड़े भाई को कष्ट होगा। सुदूर स्थान की यात्रा होगी। सूर्य तथा मंगल के अरिष्ट गोचर से कार्यों पर सुचारु रुप से ध्यान नहीं दे पायेंगे। व्यय की अधिकता रहेगी। पारिवारिक समारोह स्थगित होगा। पारिवारिक सम्बन्धों में तनाव आयेगा। स्थान परिवर्तन होगा। व्यवसाय में कठिन परिस्थितियां बनेंगी। आखों तथा उदर सम्बन्धी रोगों से कष्ट रहेगा। सन्तान के कारण कष्ट रहेगा। अरिष्ट निवारण के लिये पंचमुखी हनुमान कवच के नित्य प्रति ग्यारह पाठ करें।
राशि स्वामी : चन्द्रमा, राशि नामाक्षर : ड, ह, नक्षत्र चरण नामाक्षर: ही, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो, आराध्य भगवान: शिव जी, भाग्यशील रंग:
दूधिया, भाग्यशील अंक: 4, अनुकूल दिशा: पूर्व, दक्षिण, राशि धातु: चाँदी, तांबा, राशि शुभ रत्न: मोती, राशि अनुकूल रत्न: मोती, पुखराज तथा मूंगा, राशि अनुकूल वार: सोमवार, मंगलवार तथा बृहस्पतिवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: जल, राशि प्रकृति: कफ।

5. सिंह
राशि शुभ दिनाँक: 11, 18
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 06, 08, 13, 16, 21, 23, 25, 27, 29
वरिष्ठों के अनुग्रह से पद, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान में वृद्धि होगी। प्रशासकीय सहयोग मिलेगा। धनलाभ होगा। किसी आध्यात्मिक अथवा पारिवारिक मांगलिक उत्सव से मन प्रसन्न रहेगा। रोगों से छुटकारा मिलेगा। विग्रह-विवादों की स्थिति समाप्त होगी। किसी अपेक्षित वस्तु की प्राप्ति होगी। आक्समिक हानि से बचाव होगा। भूमि-भवन का लाभ मिलेगा। मंगल के अरिष्ट गोचर से बड़े भाई को कष्ट होगा। कार्यों में अनपेक्षित बाधायें आयेंगी। तेज ज्वर से पीड़ा होगी। ऋण चुकता करने में कठिनायी रहेगी। स्थान परिवर्तन होगा। अरिष्ट निवारण के लिये मंगल के मन्त्रों का जप करें।
राशि स्वामी: सूर्य, राशि नामाक्षर: म, ट, नक्षत्र चरण नामाक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे, आराध्य भगवान: श्री विष्णु नारायण, भाग्यशील रंग: सुनहरा, भाग्यशील अंक: 5, अनुकूल दिशा: पूर्व, राशि धातु: तांबा, सोना, राशि शुभ रत्न: माणिक्य, राशि अनुकूल रत्न: माणिक्य, मूंगा, पुखराज, राशि अनुकूल वार: रविवार, मंगलवार तथा बृहस्पतिवार, राशि स्वभाव: स्थिर, राशि तत्व: अग्नि, राशि प्रकृति: पित्त।

6. कन्या
राशि शुभ दिनाँक: 04, 13, 21, 23
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 06, 08, 11, 16, 18, 25, 27, 29
प्रतिष्ठित कार्य के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने का आनन्द रहेगा। व्यवसाय तथा नौकरी में उन्नति होगी। वरिष्ठों एवं सम्मानित व्यक्तियों का सानिध्य प्राप्त होगा। धन लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सुख रहेगा। पारिवारिक सुख-समृद्धि रहेगी। शासक वर्ग से लाभ होगा। पारिवारिक एवं दाम्पत्य जीवन का सुख रहेगा। योग्य व्यक्तियों को सन्तान प्राप्ति होगी। आचरण के प्रति सचेत रहें। मंगल के अरिष्ट गोचर से सुखोपभोग में कमी आयेगी। व्यय बढ़ेगा। जीवनसाथी के स्वास्थय में गिरावट आयेगी। पितृतुल्य व्यक्तियों तथा सन्तान से वैचारिक मतभेद होंगे। पाचन तन्त्र बिगड़ेगा।
राशि स्वामी: बुध, राशि नामाक्षर: प, ठ, ण, नक्षत्र चरण नामाक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो, आराध्य भगवान: श्री गणेश जी, भाग्यशील रंग:
हरा, भाग्यशील अंक: 3, 8, अनुकूल दिशा: दक्षिण, राशि धातु: चाँदी, सोना, राशि शुभ रत्न: पन्ना, राशि अनुकूल रत्न: पन्ना, हीरा तथा नीलम,
राशि अनुकूल वार: बुधवार, शुक्रवार तथा शनिवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व: पृथ्वी, राशि प्रकृति: वायु।

7. तुला
राशि शुभ दिनाँक: 06, 23, 29
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 08, 11, 13, 16, 18, 21, 25, 27
आय के नवीन साधनों से धनागमन उत्तम रहेगा। बहुमूल्य धातुओं का लाभ होगा। रोगों से छुटकारा मिलेगा। कार्यों में सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी। विवादों का अन्त होगा। मान-प्रतिष्ठा तथा प्रभाव में वृद्धि का लाभ मिलेगा। किसी अति निकट तथा विश्वासी सहयोगी से लाभ मिलेगा। पारिवारिक सदस्यों का भी सहयोग रहेगा। नवीन स्थान प्राप्त होगा। सूर्य का अरिष्ट गोचर शुभ फलों में बाधक रहेगा, मिथ्या अपवाद तथा अपमान का कारण बनेगा। मन भयग्रस्त रहेगा। आत्मविश्वास गिरेगा। किसी प्रियजन से अलग रहना होगा। वरिष्ठों, मित्रों तथा सहोदरों से विरोध होगा। महत्वाकांक्षी कार्यों में कठिनायी का सामना करना पड़ेगा। विदेश में भाग्योदय का योग बनेगा। अरिष्ट निवारण तथा सूर्य की प्रसन्नता के लिये सूर्य को शहद मिश्रित जल अर्पित करें।
राशि स्वामी: शुक्र, राशि नामाक्षर: र, त, नक्षत्र चरण नामाक्षर: रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते, आराध्य भगवान: श्री दुर्गा माता, भाग्यशील रंग: सफेद, भाग्यशील अंक: 2, 7, अनुकूल दिशा: पश्चिम, राशि धातु: लोहा, चाँदी, राशि शुभ रत्न: हीरा, राशि अनुकूल रत्न: हीरा, पन्ना तथा नीलम,
राशि अनुकूल वार: शुक्रवार, शनिवार तथा बुधवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: वायु, राशि प्रकृति: सम।

8. वृश्चिक
राशि शुभ दिनाँक: 04, 08, 16, 25, 27
राशि प्रतिकूल दिनाँक : 02, 06, 11, 13, 18, 21, 23, 29
परिश्रम के अनुकूल कार्यों में सफलता मिलेगी। रोजी-रोजगार में प्रगति होगी। विरोधियों पर प्रभुत्व स्थापित करने में सफलता मिलेगी। विग्रह तथा झंझटों का वातावरण समाप्त होगा। शासन-प्रशासन का सहयोग रहेगा। दाम्पत्य जीवन का सुख रहेगा। व्यय पर नियन्त्रण होगा। आर्थिक उन्नति होगी। सामाजिक कार्यों में रुचि बनेगी। मान-प्रतिष्ठा, गौरव बढ़ेगा। सन्तान सुख मिलेगा। स्थान लाभ होगा। शारीरिक कष्ट एवं रोगों से छुटकारा मिलेगा। दुर्घटना से बचाव होगा। अनुचित कार्यों से मन हटेगा। शनि के अरिष्ट गोचर से शुभ फलों में न्यूनता रहेगी। धनहानि होगी। पद-प्रतिष्ठा प्रभावित होगी। नौकरी में व्यवधान आयेगा। आचरण में सात्विकता रहेगी। शनि प्रीत्यर्थ शनि मन्त्रों का जप करें।
राशि स्वामी : मंगल, राशि नामाक्षर: न, य, नक्षत्र चरण नामाक्षर : तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू, आराध्य भगवान: श्री हनुमान जी, भाग्यशील रंग: लाल, भाग्यशील अंक: 1, 8, अनुकूल दिशा: पूर्व, उत्तर, राशि धातु: तांबा, स्टील, सोना, राशि शुभ रत्न: मूंगा, राशि अनुकूल रत्न: मूंगा, माणिक्य तथा पुखराज, राशि अनुकूल वार: मंगलवार, बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: स्थिर, राशि तत्व: जल, राशि प्रकृति: कफ।

9. धनु
राशि शुभ दिनाँक: 06, 11, 18, 21
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 08, 13, 16, 23, 25, 27, 29
व्यर्थ वाद-विवादों से छुटकारा मिलेगा। स्वजनों से मधुर सम्बन्ध रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। सन्तान सुख रहेगा। परिवारजनों एवं मित्रों का सहयोग मिलेगा। मतभेद एवं विवाद समाप्त होंगे। जीवन साथी का सुख-सहयोग रहेगा। सन्तान के दायित्वों की पूर्ति होगी। कार्यों में सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। व्यवसायिक बाधायें समाप्त होंगी। यात्राओं में लाभ मिलेगा। रोग समाप्त होंगे। धन तथा मान प्राप्ति का सुख रहेगा। विरोधी परास्त होंगे। पारिवारिक समस्याओं का समाधन होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऐश्वर्य तथा दैनिक उपभोग की वस्तुओं का संग्रह होगा। माता अथवा मातृतुल्य महिलाओं को कष्टों से छुटकारा मिलेगा। मान-सम्मान, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। विधिसम्मत कार्य सम्पन्न करने में रुचि बनेगी। स्थान परिवर्तन स्थगित होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि अनुभव करेंगे। रोगों से छुटकारा मिलेगा। गुरु के अरिष्ट गोचर से शुभ फलों में न्यूनता अनुभव होने पर गुरु प्रीत्यर्थ पीली वस्तुओं को दान करें।
राशि स्वामी: बृहस्पति, राशि नामाक्षर: भ, ध, फ, ढ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढ, भे, आराध्य भगवान: श्री विष्णु नारायण, भाग्यशील रंग: पीला, भाग्यशील अंक: 9, 12, अनुकूल दिशा: पूर्व, राशि धातु: काँस्य, राशि शुभ रत्न: पुखराज, राशि अनुकूल रत्न:
पुखराज तथा माणिक्य, राशि अनुकूल वार: बृहस्पतिवार तथा रविवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व : अग्नि, राशि प्रकृति: पित्त।

10. मकर
राशि शुभ दिनाँक: 13
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 06, 08, 11, 16, 18, 21, 23, 25, 27, 29
धनागमन बढ़ेगा। स्वास्थय उत्तम रहेगा। परिश्रम का फल प्राप्त होगा। प्रत्येक कार्य में सफलता मिलने से मन में उत्साहित रहेगा। पद, प्रतिष्ठा तथा प्रभाव में वृद्धि होगी। प्रशासन तथा प्रशासनिक कर्मियों से सहायता मिलेगी। तार्किक क्षमता का लाभ मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धतुओं के व्यापार से लाभ होगा तथा किसी बहुमूल्य धातु की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा। स्थान लाभ होगा। व्यय पर नियन्त्रण होगा। व्यर्थ के विरोध समाप्त होंगे। मन ऐड्विन्चरस कार्यों की ओर आकर्षित होगा। मातृपक्ष से लाभ रहेगा। सूर्य के अरिष्ट गोचर से शुभ फलों में न्यूनता अनुभव होने पर सूर्य मन्त्रों का जप करें।
राशि स्वामी: शनि, राशि नामाक्षर: ख, ज , नक्षत्र चरण नामाक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी , आराध्य भगवान: शिव जी, भाग्यशील रंग: आसमानी, भाग्यशील अंक : 10, 11, अनुकूल दिशा : दक्षिण, राशि धातु : चाँदी, लोहा, राशि शुभ रत्न: नीलम, राशि अनुकूल रत्न: नीलम, पन्ना तथा हीरा, राशि अनुकूल वार: शनिवार, बुधवार तथा शुक्रवार, राशि स्वभाव: चर, राशि तत्व: पृथ्वी, राशि प्रकृति: वायु।

11. कुम्भ
राशि शुभ दिनाँक: 06, 16, 25
राशि प्रतिकूल दिनाँक: 02, 04, 08, 11, 13, 18, 21, 23, 27, 29
भाग्य, आय, धन तथा ऐश्वर्य में अचानक वृद्धि होगी। शुभ कार्यों में धन का व्यय आवश्यकता से अधिक हो जायेगा। सन्तान के प्रति चिन्ता बढ़ेगी। कार्यकुशलता में कमी आयेगी, परन्तु झूठे अभिमान से आनन्दित रहेंगे। शेयर मार्केट तथा स्पेकुलेशन से लाभ मिलेगा। मानसिक व्यथा का योग रहेगा। विद्यार्थियों को सफलता के लिये कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। सूर्य तथा गुरु के गोचर से विश्वासपात्रों से धोखा मिलेगा। मिथ्या अपवाद का भय रहेगा। परिवारजनों से अलग रहने का योग बनेगा। कोर्ट-कचहरी के चक्कर बढ़ेगे। मुकद्दमेंबाजी होगी। स्वयं तथा सन्तान का पाचन-तन्त्र बिगड़ेगा। पित्तजनित व्याधियों से कष्ट रहेगा। यात्राओं में दुर्घटना, चोरी अथवा अग्निकांड का भय बनेगा। लोन लेने की स्थिति बनेगी। शासकीय दंड का योग रहेगा।
राशि स्वामी: शनि, राशि नामाक्षर: ग, श, ष, नक्षत्र चरण नामाक्षर: गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा, आराध्य भगवान: शिव जी (रूद्र स्वरूप),
भाग्यशील रंग: आसमानी, भाग्यशील अंक: 10, 11, अनुकूल दिशा: पश्चिम, राशि धातु: चाँदी, सोना, राशि शुभ रत्न: नीलम, राशि अनुकूल रत्न:
नीलम, हीरा तथा पन्ना, राशि अनुकूल वार: बुधवार, शुक्रवार तथा शनिवार, राशि स्वभाव: स्थिर, राशि तत्व: वायु, राशि प्रकृति: सम।

12. मीन
राशि शुभ दिनाँक : 06, 08, 13
राशि प्रतिकूल दिनाँक : 02, 04, 11, 16, 18, 21, 23, 25, 27, 29
पद-प्रतिष्ठा तथा धनागमन में वृद्धि होगी। मन प्रसन्न रहेगा। प्राय: सभी कार्यों में सफलता से मनोबल बढ़ेगा। सन्तान के दायित्वों की पूर्ति होगी। अधिकार क्षेत्रों में वृद्धि होगी। उच्च पदस्थ व्यक्ति से लाभ होगा। विरोधी पक्ष पराजित होगा। दाम्पत्य जीवन में सुख रहेगा सन्तान के दायित्वों की पूर्ति होगी। मान-सम्मान बढ़ेगा। जमीन जायदाद का साधारण लाभ होगा। वाहनादि से कष्ट रहेगा। पैतृक स्थान से दूर होंगे। व्यय बढ़ेगा। सूर्य के गोचर से यात्राओं में असुविधा होगी। सुख-ऐश्वर्य में कमी तथा व्यसनों से लगाव रहेगा। भू-सम्पत्ति के मामलों में विघ्न-बाधायें आयेंगी। सहयोगियों के कारण अवरोध बनेंगे। आॅपरेशन अथवा चोट लगने का भय बनेगा। मन में खिन्नता रहेगी। अरिष्ट निवारण के लिये सूयोर्पासना करें।
राशि स्वामी : बृहस्पति, राशि नामाक्षर: द, च, झ, थ, नक्षत्र चरण नामाक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची, आराध्य भगवान: श्री विष्णु नारायण,
भाग्यशील रंग: पीला, भाग्यशील अंक: 9, 12, अनुकूल दिशा: उत्तर, राशि धातु: कांस्य, राशि शुभ रत्न: पुखराज, राशि अनुकूल रत्न: पुखराज, मोती तथा मूंगा, राशि अनुकूल वार: बृहस्पतिवार, सोमवार तथा मंगलवार, राशि स्वभाव: द्विस्वभाव, राशि तत्व: जल, राशि प्रकृति: कफ।

-खत्म-

 

 

Share this News:

Author

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *