उच्च शिक्षा को पेशेवर बनाने के लिए विचार-विमर्श
सीनियर अधिकारियों द्वारा उच्च शिक्षा संबंधी ‘फिक्की’ की टास्क फोर्स के साथ बैठक
कार्पोरेट समाजिक जिम्मेवारी के तहत उच्च शिक्षा में निवेश का आह्वान
चंडीगढ़, 18 जुलाई:  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के ‘घर घर रोजग़ार’ एजंडे के अंतर्गत आज यहां उद्योग भवन में पंजाब सरकार द्वारा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की नॉर्थ इंडिया हायर एजुकेशन टास्क फोर्स के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग की गई, जिससे राज्य की उच्च शिक्षा को पेशेवर बनाने और भविष्य की रोजग़ार ज़रूरतों के मुताबिक नौजवानों के कौशल को निखारने संबंधी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री एसके संधू ने ज़ोर देकर कहा कि राज्य की नौजवान पीढ़ी को मौजूदा रोजग़ार की ज़रूरतों के मुताबिक कलाकार बनाने के लिए निजी अदारों और उद्योगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए विभिन्न तौर पर कोर ग्रुप कायम किये जाने चाहिए जिससे भविष्य की ज़रूरतों के मुताबिक राज्य के नौजवानों को तैयार किया जा सके और उनको रोजग़ार हासिल करने में कोई दिक्कत न आए। उन्होंने बताया कि प्रांतीय सरकार की निचले स्तर तक उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए सब -डिविजऩ स्तर पर लगभग 50 कॉलेज स्थापित किये जाने की योजना है।
निजी अदारों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करने का न्योता देते हुए श्री संधु ने कहा कि सरकार की तरफ से निजी कॉलेजों को अपेक्षित सहयोग दिया जाता है जिस कारण निजी अदारों को भी शिक्षा के मानक को ऊँचा उठाने और समय का साथी बनाने में अपना योगदान डालना चाहिए। इन अदारों को मौजूदा समय की ज़रूरतों के अनुसार नये विचारों के साथ आगे आना चाहिए जिससे पाठ्यक्रम और सिलेबस में ज़रूरत के मुताबिक बदलाव करके उच्च शिक्षा को सही मायनो में समय का साथी बनाया जा सके।
कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के सचिव श्री डीके तिवाड़ी ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सरकार द्वारा विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम शुरू करने की याजना है जिससे नौजवानों के रोजग़ार की संभावनाओं का घेरा विशाल किया जा सके। उन्होंने फिक्की के प्रतिनिधियों को सार्वजनिक और निजी हिस्सेदारी के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉलेज खोलने और स्मार्ट क्लासरूम कायम करने का न्योता दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि चार वर्षों के पाठ्यक्रम के लिए कम से कम एक वर्ष फील्ड प्रशिक्षण होना चाहिए जिससे कॉलेज में से निकलते ही विद्यार्थियों के पास अनुभव हो। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बेरोजग़ारी के ख़ात्मे के लिए घर घर रोजग़ार और कारोबार योजना भी लाई गई है, जिसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय रोजग़ार मेले लगाऐ जा रहे हैं।
इनवैस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रजत अग्रवाल ने कहा कि उद्योग को कॉर्पोरेट सामाजिक जि़म्मेदारी (सीएसआर) के अंतर्गत उच्च शिक्षा में निवेश करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि उद्योग और निजी अदारे राज्य की उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सरकार को सहयोग देंगे। इस दौरान गमाडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक श्री राजेश धीमान ने उच्च शैक्षिक संस्थान खोलने के लिए सरकार की नीतियों और शर्तों संबंधी जानकारी दी।
फिक्की के पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख श्री जीबी सिंह ने अधिकारियों को भरोसा दिया कि वह पंजाब सरकार के साथ मिलकर उच्च शिक्षा में निवेश करने के लिए यत्न करेंगे और राज्य की उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए कोई ठोस खाका तैयार करेंगे। इस मीटिंग में फिक्की सहित विभिन्न अदारों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *