हरियाणा ने आगामी धान कटाई सीजन को देखते हुए फसल अवशेष प्रबंधन पर गंभीरता से कार्य करना आरम्भ किया है

चंडीगढ़, 3 अगस्त- हरियाणा ने आगामी धान कटाई सीजन को देखते हुए फसल अवशेष प्रबंधन पर गंभीरता से कार्य करना आरम्भ किया है, जहां एक ओर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ सोशल, प्रिंट व इलैक्ट्रिानिक मीडिया के माध्यम से किसानों को पराली न जलाने की अपील निरंतर कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर विभाग के प्रधान सचिव डा. अभिलक्ष लिखी नियमित रूप से फील्ड में कृषि उप-निदेशकों के साथ नियमित रूप से विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे हैं। विडियो कान्फ्रेंसिंग में विभाग के निदेशक, डी.के.बेहरा व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीरपाल सरो विशेष रूप से उपस्थित थे।

        इस कड़ी में उन्होंने कृषि उप-निदेशकों के साथ-साथ सभी जिलों के सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अधिकारियों के साथ आज यहां चंडीगढ़ से वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर फसल अवशेष प्रबंधन को एक अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि पराली न जलाने वाले किसानों को एक राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ के हाथों सम्मानित करवाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में  पराली न जलाने वाले किसानों को विशेष रूप से सम्मानित करवाए।

        डा. लिखी ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही सब्सिडी सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर अत्यंत गंभीर है। इतना ही नही, इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष प्रबंधन को लेकर गांव में जागरूकता शिविर आयोजित करवाएं और किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दें।

उन्होंने कहा कि कृषि यंत्र खरीदने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा सीएचसी के माध्यम से कृषि यंत्र खरीदने के लिए 80 प्रतिशत अनुदान व व्यक्तिगत रूप से यंत्र खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान किया है तथा  तथा इस कार्य के लिए केन्द्र सरकार की ओर से 137 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।

बैठक में सभी कृषि उप-निदेशकों से फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा चोपर/शेडर/मल्चेर, सर्ब मास्टर/कटर कम स्प्रैडर, रिवर्सेबल एमबी प्लॉ, जीरो टिल्ट सीड ड्रिल तथा रोटावेटर के प्राप्त आवेदनों की जानकारी भी ली गई और उन्हें कहा गया कि वे 15 अगस्त से पहले पहले डीलरों को इन मशीनों की खरीद आदेश पहुंचाना सुनिश्चित करे।

उन्होंने डीडीए को निर्देश दिए कि वे जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों में कृषि उपकरणों व खेतों में फसल अवशेषों को जलाने से होने वाली हानि की जागरूकता के लिए निबन्ध लेखन, पोस्टर, पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन करें। कृषि अधिकारी किसानों के बीच जाकर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन करें। जिन गांवों में पिछले वर्ष खेतों में फसलों के अवशेष जलाए गए उन गांवों में मोबाईल उडऩ दस्ता लगाया जाए ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में किसानों को खेतों में फसल अवशेषों से होने वाली हानि के बारे में जानकारी दी जाएगी और सरकार द्वारा किसानों के लिए की जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया जाएगा।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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