Haryana

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केंद्र सरकार ने कृषि मशीनीकरण की प्रोत्साहन योजना के तहत हरियाणा के लिए 137 करोड रुपये मंजूर किये
चण्डीगढ, 4 जुलाई- केंद्र सरकार ने फसल अवशेष के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि मशीनीकरण की प्रोत्साहन योजना के तहत हरियाणा के लिए 137 करोड रुपये मंजूर किये गये हैं ताकि किसान को फसल अवशेषों को खेतों में ही दबाया जा सके। इससे जहां खेतों की उर्वरता बढती है वहीं फसल की लागत पर आने वाले खर्च में भी कमी होती हैं।
यह जानकारी आज यहां मुख्य सचिव श्री डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मानिटरिंग कमेटी की बैठक में दी गई।
बैठक में बताया गया कि फसल अवशेषों के प्रबंध के लिए सरकार द्वारा 8 प्रकार की मशीनें जिनमें रोटावेटर, हैप्पी सीडर, जीरो टिल सीड ड्रिल, शर्ब मास्टर,रोटरी शैलर, आदि शामिल है, को खरीदा जायेगा। योजना के तहत जो भी किसान इन मशीनों को खरीदने के लिए संपर्क करेगा उसे 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जायेगी। इसके अलावा, यदि 8 किसानों का समुह कस्टम हायरिंग केंद्र खेलेंगे, उन्हें मशीनों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। बैठक में बताया गया कि किसानों को सभी प्रकार के उपकरण 15 अगस्त तक उपलब्ध करवा दिये जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि राज्य में जुलाई माह से 30 नवंबर तक खंड स्तर व जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाया जायेगा ताकि किसानो को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा सके इसके अलावा, किसानों के लिए प्रदर्शन तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाये जायेंगे। 
बैठक में बताया गया कि हरियाणा में योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने व प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा विभिन्न माध्यमों से प्रचार किया जायेगा जिनमें रेडियो जिंगल, वैबसाइट, सोशल मीडिया, संगोष्ठियां व अवार्ड दिये जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा सरकार आगामी खरीफ  फसल से पहले धान की पराली को खेतों मे न जलाया जाये बल्कि इसका उपयोग खेत में ही हो, इसके लिए नीति तैयार कर ली गई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘फसल अवशेष के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि मशीनीकरण पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व एन सी टी दिल्ली की प्रोत्साहन योजना’ पर कार्य कर रही है ताकि आगामी मौसम में प्रदूषण न बढ़े। 
बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री वी.एस.कुंडु, पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह, वित विभाग के प्रधान सचिव, श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव, श्री अभिलक्ष लिखी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक श्री नितिन यादव, सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक, श्री समीर पाल सरो के अलावा नाबार्ड, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, अटारी (आई सी आर), हरियाणा किसान आयोग के प्रतिनिधि व अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
वन एवं वन्य जीव विभाग के दो अधिकारियों के स्थानातंरण एवं नियुक्ति के आदेश 
चण्डीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा सरकार ने आज तुरंत प्रभाव से वन एवं वन्य जीव विभाग के दो अधिकारियों के स्थानातंरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। 
प्रधान मुख्य कंजरवेटर, वन एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन, पंचकूला अनिल कुमार हुडडा को प्रधान मुख्य कंजरवेटर, वन (वन प्रमुख), हरियाणा पंचकूला लगाया गया है। 
हरियाणा बायोडायवरसिटी बोर्ड, पंचकूला के सदस्य सचिव सत्यभान को प्रधान मुख्य कंजरवेटर, वन एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन, पंचकूला नियुक्त किया है।
प्रदेश में दो महिला पुलिस थानों सहित 15 नए पुलिस स्टेशनों के निर्माण कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत 
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में दो महिला पुलिस थानों सहित 15 नए पुलिस स्टेशनों के निर्माण कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
  पुलिस महानिदेशक श्री बी.एस. संधू ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि इन नए पुलिस स्टेशनों का निर्माण प्रदेश के 11 जिलों में किया जाएगा जिनमें अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, नूंह, पंचकुला, पानीपत और सोनीपत शामिल हैं। भिवानी और चरखी दादरी जिलों में महिला पुलिस स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
  डीजीपी ने कहा कि इन पुलिस स्टेशनों के निर्माण से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कामकाजी माहौल के साथ-साथ आधारभूत सुविधाएं भी प्रदान की जा सकेंगी जिससे राज्य पुलिस के जवान अपने आधिकारिक कर्तव्यों को और बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकेंगेे। पुलिस कर्मियों द्वारा राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए दिन-रात कर्तव्य निर्वहन को ध्यान में रखते हुए राज्य पुलिस को लगातार सशक्त किया जा रहा है। यह कदम सुरक्षा में निवेश को बढ़ाने का एक प्रयास है ताकि प्रदेश की जनता और संपत्ति की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। इन पुलिस स्टेशनों का निर्माण आम जनता को सुविधाएं देने के साथ-साथ, राज्य पुलिसबल को और बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
  श्री संधू ने पुलिस बल की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने की दिशा में सभी प्रकार का सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हरियाणा पुलिस देश में सबसे बेहतर पुलिस बल के रुप में उभर कर सामने आई है। 
  जिन नए पुलिस थानों का निर्माण किया जाना है उनमें जिला अंबाला में पुलिस स्टेशन बराडा, भिवानी में महिला पुलिस स्टेशन और सीआईए भिवानी, महिला पुलिस स्टेशन, चरखी दादरी, गुरुग्राम में पुलिस स्टेशन पटौदी और सेक्टर-65, पुलिस स्टेशन झज्जर, जिला जींद मे सिटी पुलिस स्टेशन नरवाना और सिविल लाइन सेक्टर-7, जिला करनाल में पुलिस स्टेशन तारोरी, जिला नूंह में पुलिस स्टेशन पिनंगवान, पानीपत में पुलिस स्टेशन समालखा, सोनीपत में सदर पुलिस स्टेशन गोहाना, सेक्टर-20 पुलिस स्टेशन, पंचकूला में प्रथम तल सहित पुलिस स्टेशन, सेक्टर-5 पंचकूला में अतिरिक्त तल का निर्माण शामिल है।
 
श्रम एवं रोजगार मंत्री, नायब सिंह सैनी व जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का किया आभार व्यक्त 
चण्डीगढ़,  4 जुलाई- हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री, नायब सिंह सैनी व जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने किसान हितैषी होने का एक और सुबूत पेश करते हुए किसानों की आय में वृद्धि करने की घोषणा को अमली जामा पहनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 50 प्रतिशत वृद्धि कर एक नया इतिहास रचा है ।
उन्होंने कहा कि पिछले बजट में ही प्रधानमंत्री ने किसानों से वायदा किया था कि वह किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए कार्य करेगें और 2022 तक किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देगें। उसी दिशा में पहला कदम उठाते हुए उन्होंने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में एकमुश्त 200 रुपये की बढ़ोतरी कर नया इतिहास रच दिया है । उन्होंने कहा कि आज से पहले कभी भी इतनी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की गई। पूर्ववर्ती सरकारें बहुत मुश्किल से 15 या 20 रुपये की बढ़ोतरी करते थे । यह पहला मौका है जब लागत मूल्य का 50 प्रतिशत बढ़ाया गया है । इतना ही नहीं धान की ’ए’ ग्रेड का मूल्य तो 51.80 प्रतिशत तक बढ़ाया गया ।
उन्होंने कहा कि ये भी एक नया इतिहास रचा गया है कि बाजरे के मूल्य में 96.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर 525 रुपये प्रति किंवटल की बढ़ोतरी की है। ज्वार के मूल्य में 725 रुपये प्रति किंवटल की बढ़ोतरी की गई । ऐसे ही रागी के समर्थन मूल्य में 997 रुपये प्रति किंवटल, मक्का में 275 रुपये प्रति किंवटल, अरहर तूर की दाल में 225 रुपये प्रति किंवटल, मूंग की दाल में 1400 रुपये प्रति किंवटल,  कपास में 1130 रुपये प्रति किंवटल की बढ़ोतरी की गई है । अन्य कोई एक भी फसल ऐसी नहीं है जिसमें 50 प्रतिशत से कम की बढ़ोतरी की गई हो ।
उन्होंने यह भी कहा कि समर्थन मूल्य की बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भी प्रधानमंत्री से मिलकर आग्रह किया था कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिया जायें । मुख्यमंत्री ने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए एक बार नहीं अनेकों बार केन्द्र सरकार से आग्रह किया था कि वह किसान हित में और बेहतर कदम उठाए । आज उसी का नतीजा है कि किसानों की फसलों के बेहतरीन दाम दिए जाने की घोषणा की गई है । राज्यमंत्री ने कहा कि इस किसान हितैषी कदम के कारण प्रदेश का किसान जगह-जगह पर मुख्यमंत्री का अभिनन्दन करेगा और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करेगा । केन्द्र सरकार के इस फैसले से निश्चित ही किसानों की आय में वृद्धि होगी ।
प्रवीण कुमार हरियाणा मिनरल लिमिटेड, नई दिल्ली के नये चेयरमैन एवं प्रबन्ध निदेशक नियुक्त
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा सरकार ने आज तुरंत प्रभाव से वास्तुकला एवं संग्राहलय विभाग के महानिदेशक एवं सचिव, प्रवीण कुमार को हरियाणा मिनरल लिमिटेड, नई दिल्ली का चेयरमैन एवं प्रबन्ध निदेशक लगाया गया है। 
जींद में तैनात तत्कालीन तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद वर्मा के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने के लिए लिखा
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के जिला जींद के उपायुक्त, श्री अमित खत्री ने जींद में तैनात तत्कालीन तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद वर्मा के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिख दिया गया है, जबकि तत्कालीन रजिस्ट्ररी क्र्लक जयपाल को हरियाणा सिविल सेवा दण्ड एवं अपील नियमावली 2016 के नियम 8 के तहत आरोपित किये जाने के आदेश जारी किये है। 
उन्होंने बताया कि जींद शहर से संटे हैबतपूर गांव का रकबा अर्बन ई स्टेट के अन्तर्गत आता है। इसका वसीका बैनामा 7 जनवरी, 2015 को पंजीकृत हुआ। सरकार की हिदायतों के अनुसार इस क्षेत्र की वसीका पंजीकरण से पूर्व नियमानुसार जिला नगर योजनाकार से अनापति पत्र लिया जाना था, लेकिन उस समय मामले में इस तथ्य को नजर अंदाज कर दिया गया। 
उन्होंने बताया कि इस मामले की जिला राजस्व अधिकारी से जांच करवाई गई तथा जांच उपरान्त यह तथ्य सामने आये कि तत्कालीन सब रजिस्ट्रार राजेन्द्र प्रसाद वर्मा द्वारा नियमों के विपरित जाकर वसीका पंजीकृत किया गया। उस समय तहसील कार्यालय में कार्यरत्त रजिस्ट्ररी क्र्लक जयपाल ने फर्जी अनापति पत्र का रिकॉर्ड में इन्द्राज करके अपने आप को स्वयं के आचरण व व्यवहार से दोषी बना लिया। 
उपायुक्त ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्कालीन तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद वर्मा के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है, जबकि तत्कालीन रजिस्ट्ररी क्लर्क जयपाल को हरियाणा सिविल सेवा दण्ड एवं अपील नियमावली 2016 के नियम 8 के तहत आरोपित किये जाने के आदेश जारी किये है। 
13000 ऐसी ढाणियां हैं जहां पर बिजली के कनैक्शन 31 दिसंबर, 2018 से पहले-पहले होंगे जारी 
चण्डीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के नवीन एवं नवीकणीय ऊर्जा राज्यमंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि राज्य में 13000 ऐसी ढाणियां हैं जहां पर बिजली के कनैक्शन 31 दिसंबर, 2018 से पहले-पहले जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार प्रदेश में इलैक्ट्रिक वाहनों को भी चलाने पर विचार कर रही है। 
डा. बनवारी लाल ने यह जानकारी आज यहां गत दिवस शिमला में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के एक सम्मेलन में शामिल होने के उपरांत दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देश में इलैक्ट्रिक वाहनों के संचालन पर जोर दे रही है और इसी कड़ी में हरियाणा सरकार भी इलैक्ट्रिक वाहनों के संचालन पर विचार कर रही है क्योंकि इससे जहां प्रदूषण में कमी आती है तो वहीं यह पैट्रोल इत्यादि के मुकाबले सस्ती भी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रीकल वाहनों के आने से प्रदूषण में कमी तो आएगी और यह अन्य ईधनों के मुकाबले किफायती भी होगा। 
उन्होंने कहा कि हरियाणा में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली ‘कुसुम’ (किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना की तरह ही राज्य सरकार द्वारा भी राज्य में डेढ़ लाख बिजली से चलने वाले पम्पों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पम्पों से बदलने की योजना है जिसके अंतर्गत सिंचाई की आवश्यकता न होने की स्थिति में पैदा हुई बिजली को बिजली निगमों को बेचने का प्रावधान होगा। 
मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांटों को भी बढ़ावा दे रही है और सरकार ने इस वर्ष 110 प्राथमिक एवं 110 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 9500 आंगनबाड़ी केन्द्रों में ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि देशभर में अप्रैल, 2019 तक 24 घंटे और पूरे सप्ताह बिजली देने का लक्ष्य रखा गया है और हरियाणा में यह लक्ष्य इससे पहले प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर, 2018 तक देश के प्रत्येक घर में बिजली का कनैक्शन होना चाहिए, लेकिन हरियाणा ने यह लक्ष्य पहले ही प्राप्त कर लिया है केवल 13000 ढाणियां ही शेष हैं जहां बिजली का कनैक्शन इस वर्ष 31 दिसंबर से पहले जारी कर दिए जाएंगें।
10 वर्षों से चिरप्रतिक्षित स्वीमीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुरूप किसानों को मिले फसलों के दाम
: किसान हित में लिया ऐतिहासिक फैसला
: किसान हित में लिए गए फैसले से मुख्यमंत्री मनोहर लाल हुए गदगद 
: फैसले पर विपक्ष को भी मनाना चाहिए जश्न: धनखड़ 
 
चंडीगढ, 4 जुलाई- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह व केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 10 वर्षों से चिरप्रतिक्षित स्वीमीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुरूप किसानों को मिलने वाले फसलों के दाम से उनकी दशा और दिशा सुधरेगी और पहली बार लाभ के साथ सीएसीपी फार्मूला के तहत फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है। 
केन्द्रीय मंत्रिमण्डल द्वारा लिए गए निर्णय के जानकारी देने के लिए श्री धनखड़ आज अपने चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाभ के साथ फसलों के मूल्य निर्धारित होंगे। आज के फैसले से देश के किसानों के खातों में 33,500 करोड़ रुपये तथा हरियाणा के किसानों के खातों में 1500 करोड़ रुपये जाने का अनुमान है, जिसमें से 1200 करोड़ रुपये केवल धान व गेहूं की फसलों से हरियाणा के किसानों के खातों में जाएंगे। 
श्री धनखड़ ने केन्द्र सरकार के इस फैसले को अपने व्यक्तिगत जीवन की भी एक उपलब्धि माना है। उन्होंने कहा कि 1966 के बाद सीएसीपी ने कभी भी लागत पर लाभ शब्द को न्यूनतम समर्थन मूल्य में नहीं जोड़ा था। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन की भांति ही केन्द्र सरकार ने हर फसल के दाम बढ़ाएं हैं और हर वर्ष खरीफ व रबी की फसलों में लाभ के साथ वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से  स्वीमीनाथन आयोग की रिपोर्ट की आर्थिक सिफारिशें से आज से ही लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्वीमीनाथन आयोग ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 प्रतिशत लाभ के साथ घोषित करने का सुझाव दिया था। इसी प्रकार, प्राकृतिक आपदाओं में फसलों के नुकसान पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ की बात कही है तो हरियाणा सरकार पहले ही 12,000 रुपये प्रति एकड़ दे रही है। इसी प्रकार, उन्होंने फसलों के बीमे की बात कही है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, अरहर (तूर), मूंग, उड़द, कपास, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, रामतिल जैसी खरीफ की 14 फसलों के भाव लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत लाभ के साथ बढ़ाएं है और इनमें हर वर्ष इसी फार्मूेले पर वृद्धि होगी।   
श्री धनखड़ ने कहा चार साल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गेहूं व धान पर 11,000 रुपये प्रति एकड़ का भाव किसानों को दिया है और पांचवे वर्ष में 10,000 रुपये का लाभ दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा को पूरा किया है। श्री धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे पांचवे वर्ष चुनाव में हर चीज का हिसाब देंगे और आज उन्होंने अपने इस वायदे को पूरा किया है। 
श्री धनखड़ ने कहा कि किसान हित में लिए गए इस ऐताहासिक फैसले पर कांग्रेस व इनेलो को राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के लिए जश्न मनाना चाहिए। ढोल-नगाड़ों के साथ बड़ी संख्या में प्रदेश के कोने-कोने से आए किसानों के साथ श्री धनखड़ पैदल ही मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री ने किसानों को मिठाई खिलाकर श्री धनखड़ के साथ खुशी सांझा की। 
इस अवसर पर विधायक भगवान दास कबीरपंथी, भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा, पंजाब भाजपा के सचिव, श्री विनीत जोशी भी उपस्थित थे। 
क्रमांक-2018
 
 
चंडीगढ, 4 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 2018-19 के लिए सभी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने के केन्द्र सरकार के निर्णय को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय न्यूनतम समर्थन मूल्य को उत्पादन लागत का  150 प्रतिशत पर निर्धारित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वायदे को पूरा करता है। 
इस वृद्घि के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करने हेतु नृत्य करते हुए उनके आवास पर पहुंचे प्रफुल्लित किसानों की उपस्थिति में इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केबिनेट कमेटी का यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण दबाव को कम करने और कृषि क्षेत्र को एक बूस्टर डोज़ देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद किसी सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में पहली बार इतनी अधिक वृद्घि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां यह उल्लेखनीय होगा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को सभी अदा की गई लागतों को ध्यान में रख कर तय किया गया है, जिसमें मानव श्रम, बैल श्रम/मशीन श्रम, भूमि को पट्टे पर लेने के लिए भुगतान किए गए किराए और बीज, उर्वरक,  खाद और सिंचाई शुल्क जैसे इनपुट्स पर हुआ खर्च शामिल है। 
खुशी के साथ नाचते किसानों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया जिन्होंने उन्हें मिठाइयां बांटी। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ भी उपस्थित हैं। 
क्रमांक-2018
 
 
चण्डीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत गुरुग्राम में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए  केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली 780 करोड़ रुपये में से 273 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है और शेष राशि भी जल्द ही मिल जाएगी। 
श्री पंवार ने बताया कि कल शिमला में बिजली सुधारीकरण के लिए विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री आर.के. सिंह ने की। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर तथा हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. के. महापात्रा भी सम्मेलन में उपस्थित थे।
परिवहन मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री आर.के. सिंह से गुरुग्राम में स्मार्ट मीटर परियोजना के लिए दी जाने वाली बकाया राशि उपलब्ध करवाने की मांग की। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि यह राशि शीघ्र ही जारी की जाएगी। मंत्री ने बताया कि उन्होंने सम्मेलन में प्रदेश के थर्मल प्लांटों को सुचारूरूप से कोयला उपलब्ध करवाने की भी मांग की। 
श्री पंवार ने बताया कि आजादी के बाद से ही देशभर में 1800 गांव बिजली से महरूम थे। श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद इन सभी गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए सभी प्रदेशों को एक हजार दिन का लक्ष्य दिया था जिसे 987 दिन में ही हासिल कर लिया गया। उन्होंने बताया कि हरियाणा ने 1971 में ही पूरे प्रदेश का विद्युतीकरण कर लिया था।  लेकिन 51 हजार डेरे व ढ़ाणियां ऐसे हैं जो कृषि फीडरों से जुड़े होने के कारण अपर्याप्त आपूर्ति घण्टों की समस्या का सामना कर रहे हैं। राज्य में इन ढाणियों व डेरों को सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कृषि फीडरों पर अलग से पॉयलट एडवांस ट्रांसफार्मर (पी.ए.टी.) लगाए गए हैं। राज्य सरकार ने  51 हजार में से 40 हजार डेरों व ढाणियों का विद्युतीकरण कर दिया है जबकि शेष 11 हजार ढाणियों का विद्युतीकरण 2018 के अन्त तक कर दिया जाएगा। 
परिवहन मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री आर.के. सिंह ने घोषणा की कि देशभर में 31 अक्तूबर, 2018 तक अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने वाली डिस्कॉम कम्पनियों को बुनियादी ढांचे के मजबूतीकरण के लिए  50 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी तथा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को 50 लाख रुपये की राशि नकद इनाम के तौर पर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में डिस्कॉम के माध्यम से अपना लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया है। 
श्री पंवार ने बताया कि प्रदेश में बिजली की खपत को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं और इसके लिए उज्ज्वला स्कीम के तहत रियायती दर पर 1 करोड़ 51 लाख एल.ई.डी. बल्ब, लगभग 1.91 लाख एनर्जी एफिसिएंट ट्यूबलाइट तथा 0.53 लाख फैन वितरित किए गए हैं। इससे 30 जून, 2018 तक 238 मैगावाट बिजली की बचत हुई है। उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सभी सरकारी कार्यालय में एलईडी बल्ब व एनर्जी एफिसिएंट ट्यूबलाइट लगाने की घोषणा की है। इस समय,  ‘‘म्हारा गांव जगमग गांव’’ योजना के तहत हरियाणा के पांच जिलों में नामत: पंचकूला, अम्बाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सिरसा में 24 घंटे की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा, यमुनानगर, फतेहाबाद और रेवाड़ी को भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के 2100 से ज्यादा गांवों में 24 घंटे तथा 686 गांवों में 15 से 21 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल  का मानना है कि इस स्कीम के तहत जल्द ही सभी जिलों में 24 घंटे बिजली दी जाएगी। 
क्रमांक-2018
 
  
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला कैंट में मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाएगा, जिसमें उपमंडल के सभी अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
श्री विज ने इस संबंध में आज यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस सचिवालय को मल्टी स्टोरी बनाया जाएगा, जिसमें आवश्यकतानुसार एक फ्लोर का उपयोग पुस्तकालय के तौर पर होगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके निर्माण के लिए भवन के नक्शे तथा अनुमान बनाने के निर्देश दिये ताकि इसके कार्य की शुरूआत शीघ्र की जा सके। पुस्तकालय में बैठने, पुस्तकों के रखने तथा रीडिंग रूम की व्यवस्था भी की जाएगी। 
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मिनी सचिवालय का निर्माण 22 कनाल 11 मरले भूमि पर करवाया जाएगा, जिस पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत आने की उम्मीद है। इसके बनने से अंबाला कैंट के लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सेवाएं प्राप्त होगी, जिससे उन्हें अपने कार्यों के लिए अन्यत्र नही घुमना पड़ेगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, उच्चतर शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा, अंबाला की उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर, हारट्रोन के प्रबन्धन निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठï अधिकारी मौजूद थे।
क्रमांक-2018
 
 
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री कर्णदेव कांबोज ने कहा कि धनौरा से गंदे पानी की समुचित निकासी के स्थाई समाधान के लिए विभिन्न विभागों के 5 वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी 25 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी।
श्री कांबोज ने आज यहां विभिन्न विभागों के वरिष्ठï अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उक्त गंदे पानी और उससे होनी वाली दुर्गन्ध से निजात दिलाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए गठित कमेटी पानी की निकासी, छोटे ट्रीटमैंट प्लांट बनाना या पाईप लाईन से गंदे पानी के समाधान हेतु रास्ते खोजने का काम करेंगे।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा कि इस कार्य को सफलतापूर्वक करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिक्षक अभियंता तथा कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग के अधिक्षक अभियंता तथा कार्यकारी अभियंता तथा प्रदुषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को समिति के सदस्य बनाये गये हैं। ये विभिन्न विकल्पों तथा उन पर होने वाले खर्च की राशि का ब्यौरा भी देंगे। इसके लिए आगामी बैठक 6 अगस्त को रखी गई है ताकि इस समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जा सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण श्री देवेन्द्र सिंह, प्रधान सचिव सिंचाई अनुराग रस्तोगी, पर्यावरण विभाग के सदस्य सचिव श्री एस नारायणन, जनस्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता श्री मनपाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठï अधिकारी मौजूद थे।
क्रमांक-2018
 
 
चण्डीगढ़, 4 जुलाई- वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए बी.एस.सी. (एनिमेशन व मल्टीमीडिया) तथा एम.एस.सी. (एनवायरमेंटल साइंस) में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढाने की घोषणा की है तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी किया है। विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई थी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार शुरू किये गये बी.एस.सी. (एनिमेशन व मल्टीमीडिया) में विद्यार्थियों के रिस्पांस को देखते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढाया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के लिए अब 8 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किये जा सकते है। इसी प्रकार, एम.एस.सी. (एनवायरमेंटल साइंस) के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 11 जुलाई कर दिया गया है जबकि एम.एस.सी. (एनवायरमेंटल साइंस) में प्रवेश परीक्षा के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एम.ए. (जर्नलिज्म व मास कम्युनिकेशन) तथा एमटेक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 10 जुलाई ही रहेगी।
उन्होंने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जायेगी, जिसके लिए परीक्षा का पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिया गया है। प्रवेश परीक्षा के लिए निर्धारित कार्यकम के अंतर्गत एमबीए के लिए प्रवेश परीक्षा 7 जुलाई शनिवार को प्रात: 10 बजे से 11.30 बजे तक आयोजित की जायेगी। इसी प्रकार, एमसीए के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 7 जुलाई को दोपहर 2 बजे से 3.30 बजे तक किया जायेगा। एमएससी (फिजिक्स) के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन रविवार 8 जुलाई को प्रात: 10 बजे से 12:00 बजे तक किया जायेगा। एमएससी (मैथ) के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन रविवार 8 जुलाई को ही दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक किया जायेगा। एमएससी (कैमिस्ट्री) के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन शनिवार 14 जुलाई को प्रात: 10 बजे से 12:00 बजे तक किया जायेगा तथा एमएससी (एनवायरमेंटल साइंस) के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन शनिवार 14 जुलाई को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक किया जायेगा। पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 15 जुलाई रविवार को प्रात: 10 बजे से 12 बजे तक किया जायेगा।
प्रवेश परीक्षा पूर्णत: लिखित व आफलाइन होगी। प्रवेश परीक्षा के लिए अभ्यार्थी प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) विश्वविद्यालय की वेबसाइट से अपने लॉग इन द्वारा डाउनलोड कर सकते है। बिना प्रवेश पत्र के अभ्यार्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। सभी अभ्यार्थियो को निर्धारित समय से 30 मिनट पहले परीक्षा केन्द्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। परीक्षा केन्द्र में मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग निषेध रहेगा। अभ्यार्थी को प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र भी लाना होगा।
क्रमांक-2018
 
 
चण्डीगढ़, 4 जुलाई- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) द्वारा निर्धारित मॉडल पाठ्यक्रम के अंतर्गत शुरू किये जा रहे तीन सप्ताह के अनिवार्य प्रेरक कार्यक्रम को हरियाणा के सभी इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से लागू करने का कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके तहत एआईसीटीई द्वारा वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद में 6 जुलाई से 8 जुलाई तक तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में फरीदाबाद, गुरूग्राम, झज्जर, महेन्द्रगढ, नूंह, मेवात, पलवल तथा रेवाडी के सरकारी व निजी इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी संस्थानों के लगभग 150 संकाय सदस्य हिस्सा लेंगे। तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य संकाय सदस्यों को अनिवार्य प्रेरक कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रशिक्षित करना है ताकि वे अपने संस्थानों में अनिवार्य प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन करने में सक्षम हो सके।
क्रमांक-2018
 
 
 
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हुड्डा सरकार की रेगुलराईजेशन पॉलिसी को रद्द करने के मामले सरकार कर्मचारियों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि इस विषय में कानूनी राय ली जा रही है। इसके अलावा जो पक्के कर्मचारी कच्चे हुए हैं, उनके लिए सरकार अध्यादेश लाने पर भी विचार कर रही है, ताकि उन कर्मचारियों पर प्रभाव न पड़ सके। कैप्टन अभिमन्यु ने आज यहां एक निजी चैनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिये गए निर्णय पर सरकार सोच-समझ और गहन विचार-विमर्श करके ही कोई कदम उठाएगी.
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा देश के भौगोलिक क्षेत्र का केवल 2 प्रतिशत है, इसके बावजूद हरियाणा का देश की जीडीपी में 3.7 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद आज हरियाणा देश में प्रति व्यक्ति जीएसटी कलेक्शन में नंबर वन है जो हरियाणा की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे और बजट प्रबंधन में भी हरियाणा बेहतर प्रदर्शन करने वाला राज्य है।  उन्होंने कहा कि 2014 से पहले सरकारी कर्मचारियों को अपनी जरूरतों के लिए विभाग से कर्ज लेने के लिए पहले लाइनों में लगना पड़ता था, वित्त मंत्री के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनको कर्ज लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हमारी सरकार ने इस सिस्टम को बदलने के लिए का पॉलिसी बनाई की अब सरकारी कर्मचारी विभाग से कर्ज ने लेकर पजाब नेशनल बैंक से कर्ज लेंगे। कर्मचारियों को उसी ब्याज की दर से कर्ज मिलेगा जिस पर विभाग से मिलता था। अगर बैंक की ब्याज दर में कोई अंतर हुआ तो सरकार उस अंतर को खुद वहन करेगी, लेकिन कर्मचारी को बिना किसी परेशानी के पुरानी दरों पर ही लोन मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्ज लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, जिससे कर्मचारियों को अब किसी कार्यालय के चक्कर काटने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहले हरियाणा में परिवारवाद, क्षेत्रवाद की राजनीति होती थी। इसलिए प्रदेश का मुखिया केवल अपने परिवार, सम्बन्धियों और अपने क्षेत्र का ही विकास करता था। वर्तमान सरकार ने इस प्रथा को समाप्त करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सबका साथ-सबका विकास पर चलते हुए पूरे प्रदेश का एक समान विकास किया  है। इसके साथ ही हरियाणा एक-हरियाणवी एक का नारा देकर समाज को संदेश दिया कि पूरा प्रदेश एक है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में हरियाणा की बहुत नकारात्मक पहचान बन गई थी। वर्तमान सरकार के प्रयासों से आज हरियाणा का नाम देश और दुनिया में जाना जाने लगा है। आज हरियाणा की प्रगतिशील राज्य की पहचान बनी है। हरियाणा का गुरुग्राम जिला आज आर्थिक राजधानी कहा जाने लगा है। 50-60 देशों के लोग गुरुग्राम में रहते हैं और लगभग 200 बड़ी कंपनियों के हैडक्वार्टर और ऑफिस गुरुग्राम में हैं। 
उन्होंने कहा कि उद्यम नीति- 2015 बनने के बाद सरकार द्वारा प्रदेश में लगातार नए उद्योगों को लगाने के लिए बढ़ावा दिया गया और उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए सिंगल रूफ सिस्टम स्थापित किया ताकि उद्यमियों को सभी प्रकार की क्लीयरेंस एक छत के नीचे मिले। अब उद्यमियों को क्लीयरेंस के लिए कार्यालयों को चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में 2014 में 14वें नंबर पर रहा हरियाणा आज नंबर वन है। उन्होंने कहा कि उद्यम नीति- 2015 के अनुसार राज्य में लगभग 1 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2016 में गुरुग्राम में हुए पहले हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 6 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे और वर्तमान में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट विभिन्न कंपनियों द्वारा शुरू कर दिये गए हैं, जो उद्यम नीति- 2015 के तय लक्ष्य से अधिक है।       
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर शासन-प्रशासन देने के लिए जीरो टोलरेंस नीति पर चलते हुए सरकार ने आईटी को बढ़ावा दिया। ई-सेवाओं के माध्यम से लोग आज घर बैठे सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईटी के प्रयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। जो लोग सरकारी पदों पर होते हुए गलत तरीके से लाभ अर्जित करने की कोशिश करते थे, आईटी के प्रयोग से सब रास्ते ही बंद हो गए हैं। सबकुछ ऑनलाइन होने के कारण आज एक भ्रष्टाचार रहित सिस्टम कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने एक अच्छी व्यवस्था खड़ी की है और आगे भी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा को पूर्णत: भ्रष्टाचार मुक्त करना हमारा लक्ष्य है और पर निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस हरियाणा को लिंगानुपात में लड़कियों की कम संख्या के लिए जाना जाता था आज उसी हरियाणा की बेटियां देश व दुनिया में विभन्न क्षेत्रों में नाम कमा कर परिवार व प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत के बाद हरियाणा के लोगों ने जिस प्रकार सहयोग किया वो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति बेहद गंभीर है। इसके अलावा, समाज के नजरिये को भी बदलने की आवश्यकता है जो लंबा कार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती घोटालों पर कार्रवाई करते हुए लोगों को जेल में डाला, ताकि ऐसा संदेश जाए कि गलत काम करने का परिणाम गलत ही होगा और सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकारें पहले घोटालों को उजागर ही नहीं करती थी , लेकिन हमारी सरकार ने तुरंत एक्शन लिया।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से खराब होती फसलों के नुकसान से किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा  योजना के अंतर्गत कवर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने 3 साल के कार्यकाल में 1000 करोड़ रुपये सालाना किसानों को मुआवजा दिया है, जबकि पहले की सरकारों ने 35 करोड़ रुपये और 80 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की दर से मुआवजा राशि वितरित की थी। इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने सब्जी उगाने वाले किसानों को   बड़ी राहत देते हुए भावान्तर भरपाई योजना की शुरुआत की जिसके अंतर्गत आलू, प्याज, टमाटर और गोभी के लिए समर्थन मूल्य तय किया । अगर किसानों की सब्जी तय समर्थन मूल्य से कम  मूल्य पर बिकेगी तो उस भाव के अन्तर को सरकार किसानों को देगी। इसके अलावा, सरकार ने किसानों को फसलों के विविधिकरण के प्रति प्रोत्साहित किया है।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं के सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हरियाणा में मैनुफैक्चर और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देना होगा ताकि रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा हो। उन्होंने कहा कि राज्य की 57 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। एक छात्र द्वारा जाट आंदोलन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि हिंसा किसी बात का हल नहीं है, आमजन को कानून को हाथ में लेने का कोई हक नहीं है। किसी अपराधी या दोष को सजा देना न्यायतंत्र का काम है। भीड़तंत्र से लोकतंत्र का खात्मा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का हक सबको है, लेकिन हिंसा करने का हक नहीं किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में बातें सामने आई हैं कि इसमें किसी न किसी की शरारत और साजिश अवश्य थी। इसलिए अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधी वर्ग को सामने रख कर बचने का प्रयास करता है, लेकिन यह समझना अवश्य है कि व्यक्ति अपराधी होता है, वर्ग अपराधी नहीं होता।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पहले से लिए गये महंगे कर्ज को वापिस किया और नया कर्ज सस्ती दरों पर लिया, जिसका परिणाम हुआ कि सिर्फ बिजली कम्पनियों द्वारा लिए गये कर्ज पर के ब्याज पर ही सरकार को 800 करोड़ रुपये सालाना बचत हुई। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों के करीब 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसका ब्याज 2650 करोड़ रुपये प्रति वर्ष था। बिजली कंपनियों के इस बोझ को कम करने के लिए सरकार ने उद्य योजना लागू की जिसके अंतर्गत 2650 करोड़ रुपये प्रति वर्ष ब्याज की दर का सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया, जिससे बिजली कंपनियों के कर्ज का बोझ कम हुआ और आज बिजली कंपनियां लाभ में चल रही है जो पहले कभी घाटे में चलती थी। इसके अलावा बजट में पूंजीगत व्यय को 26 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य पर भी रखा गया है ताकि बजट का बड़ा हिस्सा न केवल राजस्व व्यय पर जाए बल्कि पूंजीगत व्यय भी बढ़े।
क्रमांक-2018
 
‘नेशनल अप्रैंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम’ को लेकर हरियाणा सरकार ने बढ़ाई गति
– 6 जिलों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि आज लेंगे वर्कशॉप में हिस्सा
– कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री होंगे मुख्य अतिथि
चंडीगढ़, 4 जुलाई- हरियाणा सरकार ‘सक्षम हरियाणा’ विजन के तहत प्रदेश में अधिक से अधिक युवाओं को अप्रैंटिसशिप देने के लिए प्रयासरत है। हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा प्रदेश में अप्रैंटिसशिप को बढ़ावा देने के लिए कल 5 जुलाई को आईएमटी मानेसर,गुरूग्राम में ‘नेशनल अप्रैंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम’ विषय पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्कशाप में प्रदेश के 6 जिले गुरूग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, रिवाड़ी एवं झज्जर जिले के मुख्य औद्योगिक संगठन तथा औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि एवं सहायक शिक्षुता सलाहकार भाग लेंगे। 
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण तथा पर्यावरण मंत्री श्री विपुल गोयल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे जबकि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.सी गुप्ता विशिष्टï अतिरिक्त के रूप में शामिल होंगे। 
ज्ञात रहे कि ‘नेशनल अप्रैंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम’ के प्रथम वर्ष से ही हरियाणा सरकार द्वारा तेजी से कार्य आरंभ कर दिया गया तथा प्रति लाख जनसंख्या आधार पर पूरे देश में हरियाणा राज्य में अधिकतम अप्रैंटिस लगाए गए हैं। भारत सरकार ने इस क्षेत्र में हुई प्रगति को सराहते हुए नवंबर, 2017 में हरियाणा राज्य को ‘चैंपियन ऑफ चेंज’ अवार्ड से सम्मानित किया था। हरियाणा की अप्रैंटिसशिप पॉलिसी की केंद्र सरकार द्वारा तारीफ की जा चुकी है और राजस्थान सहित कई राज्यों की सरकारों द्वारा राज्य सरकार को इस संदर्भ में पत्र लिखकर इस पॉलिसी को अपने-अपने राज्य में लागू करने के लिए मार्गदर्शन भी मांगा गया है। 
प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य राज्य के छ: जिले गुरूग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, रिवाड़ी एवं झज्जर ,जहां पर उद्योगों की संख्या अन्य जिलों की तुलना में अधिक है, में अधिक से अधिक अप्रैंटिस लगाना है ताकि युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें तथा बाद में बेहतर रोजगार पा सकें। अप्रैंटिसशिप योजना की सहायता से युवाओं के कौशल  में वृद्धि होती है जिससे उद्योगों को कुशल कारीगर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। अगर किसी प्रतिष्ठïान द्वारा अपने कर्मचारियों या वर्करों की कुल संख्या के 5 प्रतिशत से अधिक अप्रैंटिस नियुक्त किए जाते हैं तो हरियाणा सरकार द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों को ‘सक्षम साथी’ अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। अप्रैंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत प्रतिष्ठानों को प्रत्येक अप्रैंटिस के लिए 1500 रूपए प्रतिमाह तक की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। 
क्रमांक-2018  
 
चंडीगढ, 4 जुलाई – हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने खरीफ 2018 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में केन्द्र सरकार द्वारा आज की गई वृद्घि को 2022 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की ओर बढऩे का कदम बताया और किसानों के लिए आज का दिन दीवाली के दिन से कम नहीं है।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आज लिए गए निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राव नरबीर ने कहा कि किसानों की मांग के अनुसार केन्द्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने का अपना वायदा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य में  96 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए वे दक्षिण हरियाणा के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व राष्टï्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हैं। स्वतंत्रता के बाद किसी भी सरकार ने किसानों की मांग के अनुरूप फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाए केवल भाजपा सरकार ने ही अपना वायदा पूरा किया है। 
क्रमांक-2018
 
 
चंडीगढ, 4 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल पार्टी के कनेक्ट टू पीपल कैंपेन में जहां लगातार किसी न किसी गतिविधि में शामिल होकर आमजन के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के बाद अब उन्होंने कार्यकत्र्ताओं के घर चाय चर्चा के माध्यम से रू-ब-रू होने का निर्णय लिया है। 
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जैन ने बताया कि अगले तीन दिन तक मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के दौरान अधिकांश जिलों में कार्यकत्र्ताओं से रू-ब-रू होंगे। उन्होंने बताया कि शुरूआती दौर में मुख्यमंत्री 5 जुलाई को पांच जिलों में 12 चाय और लंच के माध्यम से कार्यकत्र्ताओं के घर पहुंचेंगे और जनसंपर्क अभियान को गति प्रदान करेंगे।
प्रदेश की जनता से कनेक्ट टू पीपल कैंपेन में लगातार विभिन्न आयोजनों के माध्यम से रू-ब-रू हो रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीरवार से अगले तीन दिन तक कार्यकत्र्ताओं के घर पहुंचकर चाय चर्चा के लिए पहुंचेंगे। वीरवार को जहां मुख्यमंत्री अपने अभियान का शुरूआत पंचकूला से करते हुए अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल होते हुए जींद तक पहुंचेंगे, वहीं इससे अगले दिन नरवाना होते हुए सिरसा और इसके बाद सिरसा से बहादुरगढ तक आमजन और कार्यकत्र्ताओं से मुलाकात करेंगे और विकास कार्यों के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में फीडबैक लेंगे। 
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल 5 जुलाई को प्रात: आठ बजे पंचकूला के गांव नग्गल में पार्टी कार्यकत्र्ता सुरेंद्र शर्मा एवं बरवाला में अमरीक सिंह के आवास पर चाय के साथ अपने जनसंपर्क अभियान की शुरूआत करेंगे। इसके बाद, अंबाला जिले में पतरेहडी में गोल्डी राणा, मगरपुर में कमल गोंडी, साहा में सतीश मेहरा, कुरूक्षेत्र जिले में कलसानी में सरपंच सरबजीत सिंह के आवास, ठोल अनाजमंडी में रमन की दुकान पर, जलबेहड़ा में बलबीर राणा, मलिकपुर में जयसिंह पाल, जुरासी में बाबा मान सिंह के साथ बैठक करते हुए क्योंडक गांव में सुरेश वाल्मीकि के आवास पर चाय पर चर्चा होगी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस कैथल में संक्षिप्त ठहराव के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल कैथल के गांव बात्ता में आनंद राणा, कलायत में राजू कौशिक तथा जींद जिले के गांव ढाकल में अमित ढाकल के यहां चाय पर पहुंचेंगे।  
क्रमांक-2018 
 
 
चण्डीगढ, 4 जुलाई-  हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत 25 अगस्त 2018 को 26 हैल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर शुरू किये जायेंगे।
यह जानकारी आज यहां हरियाणा के मुख्य सचिव श्री डी एस ढेसी की अध्यक्षता में आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण आथारिटी की पहली बैठक में दी गई जो कि प्रदेश में आयुष्मान भारत – हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के क्रियान्वयन के लिए बनाई गई है।
क्ेंद्र सरकार द्वारा देश की हर बड़ी पंचायत में स्थित हेल्थ सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को ‘हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे पूरे देश में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगीं। इन केंद्रों में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्ध और योग पद्धति से भी इलाज की व्यवस्था होगी।
इस अवसर पर आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण मिशन योजना की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना- राष्ट्रीय स्वास्थ्य सरंक्षण योजना को प्रदेष में आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के नाम से चलाई जायेगी। इस योजना के तहत प्रदेश में क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य सरकार का 60: 40 की दर से अंशदान होगा। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों और शहरी क्षेत्रों के परिवार भी शामिल किए जाएंगे। उन्हें बताया गया कि आयुष्मान भारत – हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण मिशन का लाभ देने के लिए प्रदेश में सामाजिक आर्थिक जातिगणना के 15.5 लाख परिवार पात्र पाये गये हैं जिसके लिए 225 करोड रूपये व्यय किये जायेंगे। जिनमें गा्रमीण क्षेत्रों के लगभग 9.25 लाख परिवार व शहरों के लगभग 6.25 परिवार शामिल हैं। उन्हें बताया गया कि प्रदेश में इस योजना का लाभ सामाजिक आर्थिक जातिगणना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियो के अलावा 30 लाख अन्य परिवारों को देने के लिए लगभग 450 करोड रूपये का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। इस योजना के तहत हर परिवारको  5 लाख का सालाना बीमा दिया जायेगा। इस बीमा कवर से छोटे और बड़े सभी तरह के अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकेगा।
बैठक में आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण मिशन की कार्यकारी परिषद, राज्य परिचालन कोर टीम व जिला क्रियान्वयन यूनिट को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव, श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव, श्री राजा शेखर वुडरू, आवास विभाग के प्रधान सचिव, श्री श्रीकांत वाल्गद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन डायरेक्टर, श्रीमती अमनीत पी कुमार, आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री साकेत कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक-2018
 
 
चंडीगढ, 4 जुलाई- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से आठ आईपीएस अधिकारियों के नियुक्ति एवं स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। 
सुश्री के.के.मिश्रा, डी.जी.,पुलिस मुख्यालय, पंचकूला को पी.के.अग्रवाल के स्थान पर डी.जी.,मुख्यालय,पंचकूला नियुक्त किया गया है जबकि पी.के.अग्रवाल ए.डी.जी., मुख्यालय, पंचकूला को ए.डी.जी.,अपराध नियुक्त किया गया है। हरदीप सिंह दून, आई.जी.पी./ एच.ए.पी.,मधुबन को आई.जी.पी., प्रशासन, हरियाणा, पंचकूला के अलावा आई.जी./ एच.ए.पी.,मधुबन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
इसीप्रकार, बी.सथेश बालन, कमाडेंट, प्रथम आईआरबी भौंडसी एवं एस.पी. पानीपत को डी.आई.जी., एस.टी.एफ, भौंडसी और श्रीमती संगीता कालिया, एस.पी. पानीपत को कमाडेंट, प्रथम आईआरबी भौंडसी नियुक्त किया गया है। मनबीर सिंह, एस.पी. राज्य चौकसी ब्यूरो, गुरुग्राम को एस.पी. पानीपत और श्रीमती प्रतीक्षा गोदारा, कमाडेंट तृतीय बटालियन, एच.ए.पी. हिसार को एस.पी. हांसी निुयक्त किया गया है जबकि राजेश दुग्गल, एस.पी. रेवाड़ी को अपने वर्तमान कार्यभार के अलावा कमाडेंट तृतीय बटालियन, एच.ए.पी. हिसार का कार्यभार भी सौंपा गया है। 
क्रमांक-2018
 
चंडीगढ, 4 जुलाई- हरियाणा सरकार ने कम्प्यूटर में राज्य पात्रता परीक्षा उत्र्तीण करने के उपरांत लिपिकों का वेतनमान निर्धारित करने के संबंध में स्पष्टï किया है कि पद पर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्ति पर, सेवा नियमों में प्रावधान के अनुसार, सामान्य वृद्धि प्राप्त करने के लिए कोई भी विभागीय परीक्षा पारित करना या अन्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है और यदि इन्हें पहली जनवरी या पहली जुलाई, जैसा भी मामला हो, को देय पहली वेतन वृद्घि की तिथि से पहले पूरा कर लिया जाता है तो सामान्य वृद्धि पहली जनवरी या पहली जुलाई को दी जाएगी।
वित्त विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि यदि उसके बाद योग्यता प्राप्त की जाती है तो वेतन वृद्धि को समय-समय पर लागू दर पर देय तिथि से अनुमानिक रूप से और वास्तव में परीक्षा की अंतिम तिथि से दिया जाएगा। बशर्ते कि इस तरह के पद पर पदोन्नति के द्वारा नियुक्ति पर, फीडर पद का अनुमानित मूल वेतन, यदि यह अधिक फायदेमंद है, तो विभागीय परीक्षा को उत्र्तीण करने या पदोन्नति पद के सामान्य वेतन वृद्धि के लिए निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करने तक लागू होगा। 
प्रवक्ता ने इसे और स्पष्ट करते हुए बताया कि एसईटीसी पास करने के बाद पहली जनवरी,2016 से पहले लिपिकों की वार्षिक वेतन वृद्धि मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा 27 अगस्त,1975 को जारी पत्र में निहित प्रावधानों के अनुसार और पहली जनवरी,2016 से वार्षिक वृद्धि एचसीएस (वेतन) नियम, 2016 के नियम 38 में निहित प्रावधानों के अनुसार विनियमित की जाएगी।
क्रमांक-2018
 
चंडीगढ, 4 जुलाई- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने सार्वजनिक निजी भागीदारी कार्यक्रम के तहत आज मैसर्ज हैबिटेट जिनोम इंप्रूवमेंट प्राइमरी प्रोड्यूसर्स कंपनी के साथ एमओयू किया है।
कुलपति प्रो. के. पी. सिंह की उपस्थिति में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.के. सहरावत व सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश गेरा और मैसर्ज हैबिटेट जिनोम इंप्रूवमेंट प्राइमरी प्रोड्यूसर्स कंपनी के चेयनमैन श्री सतीश कुमार व श्री आनंद डूडी ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अनुबंध के अंतर्गत हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार की जीवाणु खाद उत्पादन  प्रयोगशाला का प्रयोग करके उपरोक्त कम्पनी विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त जैविक उर्वरक तैयार करेगी और उसकी मार्केटिंग करेगी।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि वर्तमान में फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशी दवाइयों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे दिन-प्रतिदिन मृदा का स्वास्थ्य खराब हो रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। रासायनिक दवाइयों और रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से पर्यावरण को दूषित होने से बचाने तथा सुरक्षित और स्वस्थ भोजन की बढ़ती मांग को मद्देनजर रखते हुए जैविक खेती एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर कर आया है। उन्होंने कहा जैविक उर्वरक सस्ते हैं। फसलों में इनके प्रयोग से रासायनिक उर्वरकों की मात्रा में कटौती की जा सकती है जिससे फसल उत्पादन लागत कम आएगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में  व्यवसाय के लिए अनेक उत्तम प्रौद्योगिकियां उपलब्ध हैं। प्राइवेट कंपनियों, उद्यमियों तथा किसानों को इनसे बहुत लाभ हो सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से भी आह्वान किया कि वे प्राइवेट कंपनियों और प्रगतिशील किसानों को विश्वविद्यालय की प्रौद्योगिकियों से अवगत कराएं।
यहां उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग ने विभिन्न फसलों के लिए एजोटोबैक्टर, राइजोबियम, फास्फोटिका आदि अनेक जीवाणु कल्चर विकसित किये हैं। इस विभाग द्वारा इन कल्चर से जीवाणु खाद भी तैयार की जा रही है जिसकी बहुत मांग है। अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.के. सहरावत के अनुसार इस एमओयू के तहत उपरोक्त कंपनी सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों की देखरेख में यहां जीवाणु खाद उत्पादन प्रयोगशाला में जीवाणु खाद तैयार करके किसानों व विभिन्न एजेंसियों को बेचेगी। जीवाणु खाद उत्पादन के साथ उपरोक्त कंपनी विद्यार्थियों और उद्यमियों का प्रशिक्षणों के माध्यम से कौशल विकास का काम भी करेगी।
क्रमांक-2018
 
 
चंडीगढ, 4 जुलाई- सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं के लिए सेना भर्ती कार्यालय द्वारा हिसार में 10 से 18 जुलाई,2018 तक विभिन्न पदों के लिए भर्ती का आयोजन किया जा रहा है जिसमें हिसार, सिरसा, जींद व फतेहाबाद के युवा भाग ले सकेंगे। इसके लिए निर्धारित समय अवधि में पंजीकरण करवा चुके युवाओं को भर्ती होने का मौका मिलेगा। 
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि सेना भर्ती कार्यालय द्वारा चार जिलों के उम्मीदवारों के लिए जनरल ड्ïयूटी सैनिक, लिपिक, स्टोर कीपर, तकनीकी पदों पर सैनिकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इन पदों पर भर्ती होने के इच्छुक युवाओं का 11 मई से 24 जून,2018 तक ऑनलाईन पंजीकरण किया गया था। पंजीकृत युवाओं के एडमिट कार्ड ऑनलाइन कर दिए गए हैं, जिन्हें डाउनलोड करके युवा भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। युवा एडमिट कार्ड को मोड़ें नहीं।  
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम के कारण भर्ती के लिए करवाई जाने वाली 1.6 किलोमीटर की दौड़ कच्चे व पक्के रोड़ पर करवाई जाएगी। इसलिए सभी युवाओं को जूते पहनकर आने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि रैली में शामिल होने वाले युवा दसवीं व बारहवीं का प्रमाण पत्र साथ लेकर आएं। युवा अधिवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र व अविवाहित प्रमाण पत्र भी साथ लाएं जो छ: माह से ज्यादा पुराने ना हों। एनसीसी धारक के लिए मूल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य है। इसी प्रकार, खिलाड़ी अपने मूल खेल प्रमाण पत्र के साथ निदेशक, जिला खेल अधिकारी द्वारा जारी किया गया ग्रेडेशन सर्टिफिकेट भी साथ लाएं जो दो साल से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों व विधवा के पुत्र के लिए संबंधित प्रमाण पत्र की मूल प्रति साथ लानी अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि सभी उम्मीदवार अपने आधार कार्ड की मूल प्रति साथ लाएं और सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ किसी प्रधानाध्यापक या सरकारी अधिकारी द्वारा सत्यापित की गई दो-दो प्रतियां भी साथ लेकर आएं। इसके अलावा अभ्यर्थी नए खिंचवाए हुए अपने 20 रंगीन फोटो भी साथ लाएं जिन पर उनका नाम और जन्म दिनांक छपे हों। सिख उम्मीदवारों के फोटो पगड़ी व पटका में होने चाहिए। इस संबंध में अधिक जानकारी वेबसाइट से भी ली जा सकती है।
प्रवक्ता ने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि वे भर्ती के लिए किसी को पैसे न दें। उन्होंने कहा कि दलाल केवल उन्हें गुमराह कर सकते हैं, उन्हें सेना में भर्ती नहीं करवा सकते हैं  क्योंकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटराइज्ड है। युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और ईमानदारी से भर्ती प्रक्रिया में शािमल हों। जाली प्रमाण पत्र तैयार करने वाले उम्मीदवारों को मौके पर पुलिस को सौंप दिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उम्मीदवारों का शारीरिक शक्तिवर्धक दवाओं के सेवन का रैली के दौरान परीक्षण किया जाएगा और इसके दोषी पाए जाने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेवार होंगे। 
क्रमांक-2018

जेबीटी व सी एंड वी अध्यापकों को टीजीटी अंग्रेजी, साइंस, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, संगीत व उर्दू  के पदों पर पदोन्नति के लिए उनका कर्मचारी पहचान संख्या व स्कूल कोड के साथ प्रार्थना पत्र 8 जुलाई, 2018 तक दस्ती निदेशालय में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए

चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जेबीटी व सी एंड वी अध्यापकों को टीजीटी अंग्रेजी, साइंस, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, संगीत व उर्दू  के पदों पर पदोन्नति के लिए उनका कर्मचारी पहचान संख्या व स्कूल कोड के साथ प्रार्थना पत्र 8 जुलाई, 2018 तक दस्ती निदेशालय में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन कर्मचारियों के पदोन्नति के मामले में आगामी कार्रवाई की जा सके।
मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, निदेशक, एससीईआरटी, गुरुग्राम और निदेशक, सेकेण्डरी शिक्षा, यूटी, चंडीगढ़ को एक परिपत्र जारी कर अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के अध्यापक/अध्यापिकाओं का शैक्षणिक रिकॉर्ड यथाशीघ्र उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त यदि किसी कर्मचारी द्वारा अपना जाति प्रमाण पत्र नहीं भेजा गया है तो उसे भी इनके साथ भेजा जाए।

राज्य परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान हरियाणा ने भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग स्थापित करने के प्रारूप अधिनियम पर जनसाधारण से टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किये

चंडीगढ़, 3 जुलाई- राज्य परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान हरियाणा ने भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग स्थापित करने के प्रारूप अधिनियम पर जनसाधारण से टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किये हैं।  
इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए) हरियाणा द्वारा हरियाणा के सभी स्टेट और प्रइवेट विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राधानाचार्यों और राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राधानाचार्यों को एक परिपत्र जारी किया गया है। परिपत्र के अनुसार हाल ही भारत सरकार द्वारा भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिससे यूजीसी अधिनियम निरस्त हो जाएगा। जिसके अनुसार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आयोग की स्थापना के लिए प्रारूप अधिनियम तैयार किया है और इस संबंध में जनसाधारण से भी टिप्पणियां और सुझाव  मांगे हैं। उच्चतर शिक्षा आयोग का फोकस शैक्षणिक मानकों और उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर रहेगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी शिक्षाविदों और पणधारकों से भी टिप्पणियां और सुझाव देने की अपील की है।
जनसाधारण से मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट mhrd.gov.in पर उपलब्ध अधिनियम के प्रारूप को पढ़ कर अपने सुझाव ईमेल आईडीfeedback.hechry@gmail.com के माध्यम से 5 जुलाई, 2018 तक राज्य परियोजना निदेशक को भेजने का अनुरोध किया गया है।


हरियाणा में आगामी 7 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील की संभावना है और इस दौरान बीच बीच में आंशिक बादलवाई और हवाए के साथ 5 जुलाई तक कहीं बुदंावादी या हल्की बारिश की संभावना 

चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा में आगामी 7 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील की संभावना है और इस दौरान बीच बीच में आंशिक बादलवाई और हवाए के साथ 5 जुलाई तक कहीं बुदंावादी या हल्की बारिश की संभावना है।     
इस संबंध में जानकारी देते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के मध्य तथा न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच की संभावना है जबकि हवा में आद्रता 40 से 70 प्रतिशत व हवा चलने किी औसत गति 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा के मध्य रहने की संभावना है। 
संभावित मौसम को देखते हुए किसानों को सलाह देते हुए उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी खेत लगाना जारी रखे, धान में पदगलन और बकानी से बचाव के लिए धान की पनीरी उखाडने से 7 दिन पहले कार्बेन्डाजिम 1 ग्राम प्रति वर्ग मीटर की दर से रेत में मिलाकर पनीरी में एक सार अवश्य बिखेर दें। इसी प्रकार, कपास व नरमा में पानी की निकासी का प्रबंध अवश्य कर लें ताकि बाद में पानी खडा न रहे। अच्छी बारि’श होने के कारण बत्तर आने पर आव’श्कता अनुसार नरमा कपास में निराई गुडाई व खाद प्रबंधन करें। 
उन्होंन बताया कि बाजरा व ज्वार की बिजाई करते हुए मौसम का ध्यान रखें। पंूजीकृत नर्सरी से नए फलदार पौधे लेकर अपने खेत में विन्न्विद्यालय की सिफारिश्नुसार लगाएं। सब्जियों वं फलदार पौधे में सिंचाई रोक लें। 
प्रवक्ता ने बताया कि परिवर्तनशील मौसम व बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पर आवश्कता अनुसार पशुशाला में बांधे। प’शुओं के अच्छे स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन के लिए 50 ग्राम नमक तथा 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रति पशु दें तथा आवश्कतानुसार हरा चारा भूसे के साथ अवश्य खिलाऐं। 
हरियणा के कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रहमसरोवर को भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत तीसरे चरण में स्वच्छ आइकोनिक स्थान कार्यक्रम में देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की सूचि के लिए चयन कर लिया है
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियणा के कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रहमसरोवर को भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत तीसरे चरण में स्वच्छ आइकोनिक स्थान कार्यक्रम में देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की सूचि के लिए चयन कर लिया है। इस सूचि में ताजमहल, स्वर्ण मंदिर, तिरुपति बालाती मंदिर आंध्रप्रदेश, सोमनाथ मंदिर जैसे 30 प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों का नाम शामिल है। सरकार के इस निर्णय से कुरुक्षेत्र का नाम पर्यटन और धार्मिक क्षेत्र में एक ओर नया मुकाम हासिल करेगा। इस प्रोजैक्ट को भारत सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के साथ-साथ गृह एवं शहरी कार्य विभाग भारत सरकार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग राज्य सरकार के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार ने देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों को तीन चरणों में स्वच्छ बनाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुसार तीसरे चरण में 10 तीर्थो को स्वच्छ प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की सूचि में शामिल किया है, जिसमें कुरुक्षेत्र के ब्रहमसरोवर का नाम भी शामिल है। इसके अलावा श्री राघावेन्द्रा स्वामी मठ आंध्र्रप्रदेश, हजर द्वारी कलेश, विधुर कुटी मंदिर उतर प्रदेश, माना गांव उतराखंड, श्री नरवासुकी मंदिर उतर प्रदेश, इमा केयतल मणिपुर, श्री धर्मा षष्टा मंदिर केरला और कानवेश्रम उतराखंड को भी प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि हैदराबाद में 25 और 26 जून 2018 को भारत सरकार की तरफ से दो दिवसीय कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस कान्फ्रेंस में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव ने भी शिरकत कर कुरुक्षेत्र के पर्यटन, धार्मिक स्थलों के इतिहास ओर महता के बारे में विस्तार से सबके समक्ष रखा था, हालांकि राज्य सरकार और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से पिछले डेढ सालों से ब्रहमसरोवर को देश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की सूचि में शामिल करवाने का प्रयास लगातार चल रहा था। इस कान्फेंंस के जरिए हरियाणा की तरफ से रखे गए पक्ष को सहजता से स्वीकार किया गया और ब्रहमसरोवर को 30 प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की सूचि में शामिल कर लिया गया। 
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने ब्रहमसरोवर को स्वच्छ बनाने का निर्णय लिया है ताकि इस पवित्र सरोवर को देखने के लिए देश-दुनिया से लाखों पर्यटक पहुंचे और स्वचछ भारत का संदेश लेकर अपने देश और प्रदेश में लोटे। भारत सरकार ने इस प्रोजैक्ट को पेयजल एवं स्वचछता मंत्रालय के साथ-साथ गृह एवं शहरी कार्य विभाग भारत सरकार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग राज्य सरकार, नगर परिषद के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार करने के आदेश भी दिए है।
प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार ने प्रथम चरण में मीनाक्षी मंदिर तमिलनायडू, अजमेर शरीफ राजस्थान, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस महाराष्ट्र, श्री जगन्नाथ मंदिर पूरी उड़ीसा, मामकर्णिका घाट वाराणसी उतर प्रदेश, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, काम्यका मंदिर देवी आसाम, ताजमहल आगरा उतर प्रदेश, श्री वैष्णो देवी माता मंदिर जम्मू कश्मीर, तिरुमला तिरुपति मंदिर आंध्र प्रदेश को शामिल किया गया था और दूसरे चरण में श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन, चार मीनार हैदराबाद, कान्वेंट एंड चर्च गोवा, सोमनाथ मंदिर गुजरात, गोमहेश्वरा स्टेचू कर्नाटका, कालाडी इरनाकुल्लम केरला, गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर उतराखंड, गया तीर्थ बिहार, वैधनाथ मंदिर झारखंड को शामिल किया गया था।
उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के ब्रहमसरोवर का देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि है। भारत सरकार के आदेशानुसार ब्रहमसरोवर के घाटों, शौचालयों, साफ-सफाई, डस्टबीन, डम्पर आदि सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को जहन में रखकर एक योजना तैयार की जाएगी। इस योजना को सरकार के पास भेजा जाएगा ताकि सरकार इस योजना को सीएसआर के माध्यम से अमलीजामा पहनाने का काम करे।
प्रवक्ता ने बताया कि सरकार की तरफ से स्वर्ण मंदिर, ताजमहल की तर्ज पर ब्रहमसरोवर को स्वच्छ बनाने का काम किया जाएगा। भारत सरकार के इस निर्णय से कुरुक्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। हालांकी सरकार द्वारा ब्रहमसरोवर में निरंतर स्वच्छ जल प्रवाह की परियोजना को पहले ही अमलीजामा पहनाने की तरफ कदम बढ़ाया है। यह परियोजना शीघ्र ही पूरी होने जा रही है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने जिन 30 धार्मिक स्थलों को प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों की सूचि में शामिल किया है, उन सभी धार्मिक स्थलों को प्लास्टिक फ्री बनाया जाएगा। इसी कड़ी में ब्रहमसरोवर को भी प्लास्टिक फ्री बनाया जाएगा। इसके लिए सभी के सहयोग की जरुरत होगी।
प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं और अपने परिवार व प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं: मनोहर लाल
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं और अपने परिवार व प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं।
          एफबीबी कलर्स फेमिना मिस इंडिया 2018 की फस्र्ट रनरअप मीनाक्षी चौधरी ने आज यहां मुख्यमंत्री से मुलाकात की। पंचकूला की रहने वाली मीनाक्षी चौधरी मुंबई में आयोजित मिस इंडिया-2018 में फस्र्ट रनरअप के रूप में चुनी गई हैं।
          इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जिस प्रदेश को लिंगानुपात की बुरी स्थिति के लिए बदनाम किया जाता था, सरकार के तीन सालों में लगातार किये गए प्रयासों से आज हरियाणा को लिंगानुपात में सुधार और संतुलित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बेटियों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने हर क्षेत्र में नाम कमाया है। हाल ही में हुई आईएएस परीक्षा में भी राज्य की लड़कियों ने अच्छा स्थान हासिल किया, जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सब क्षेत्रों में बेटियां आगे बढ़ रही हैं और इसी तरह आगे बढ़ती रहेंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों के आगे बढऩे में जो भी बाधा आएगी सरकार की ओर से उन्हें दूर करने के हर संभव प्रयास किये जाएंगे।
  
चंडीगढ़, 3 जुलाई- केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा लॉस एंजिल्स में 17वीं वल्र्ड पुलिस एंड फायर गेम्स प्रतियोगिता में 14 मेडल जीतने वाले हरियाणा पुलिस के सात खिलाडिय़ों को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हरियाणा पुलिस महानिदेशक, श्री बी.एस.संधू भी उपस्थित थे।
पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया, यू.एस.ए. में 7 अगस्त से 16 अगस्त, 2017 तक किया गया था।
   इस प्रतियोगिता में भारतीय पुलिस दल के 106 सदस्यों सहित  हरियाणा पुलिस के सात खिलाडियों ने भाग लिया, जिन्होंने तीन विभिन्न प्रतिस्र्पधाओं में 8 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए समारोह काइ आयोजन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड (एआईपीएससीबी) द्वारा किया गया।
  डीजीपी, श्री बी.एस.संधू ने खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस के इन खिलाडियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता में कुश्ती, मुक्केबाजी और तैराकी प्रतिस्र्पधाओं  में 14 पदक जीतकर हरियाणा पुलिस का नाम रोषन किया है। श्री संधू ने पुलिस खिलाडिय़ों को वर्ष 2019 में चीन में आयोजित की जाने वाली आगामी वल्र्ड पुलिस एंड फायर गेम्स प्रतियोगिता में और अधिक पदक जीतने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होने कहा कि हरियाणा पुलिस के खिलाडी विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्षन कर राज्य पुलिस का नाम रोषन कर रहे हैं।
   इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा हरियाणा पुलिस के निरीक्षक, पुनीत राणा और दिनेश कुमार, सब इंस्पेक्टर, निर्मल देवी और कविता, हेड कांस्टेबल प्रोमिला देवी, संतोष कुमारी और संदीप को सम्मानित किया गया।  पुनीत राणा ने तैराकी में 2 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य सहित 7 पदक जीतेे, जबकि कुश्ती में संतोष कुमारी ने एक-एक स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर हरियाणा पुलिस का नाम रोषन किया। हरियाणा पुलिस के अन्य खिलाडिय़ों ने कुश्ती और मुक्केबाजी में एक-एक स्वर्ण पदक जीता।
  विभिन्न राज्यों के डीजीपी और एआईपीएससीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस समारोह समारोह में शिरकत की।
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि भविष्य में मानसून के दौरान सडक़  निर्माण के लिए मिट्टïी भराई व कंक्रीट डालने के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी इससे सडक़ों पर पानी निकासी की भी पता चल सकेगा। तारकोल, कारपेटिंग का कार्य मानसून के बाद की आरम्भ किया जाएगा। 
राव नरबीर सिंह आज यहां हरियाणा सिविल सचिवालय की आठवीं मंजिल स्थित अपने कार्यालय में सडक़ों से सम्बन्धित आम जन की शिकायतें सुन रहे थे। उल्लेखनीय है कि राव नरबीर सिंह प्रदेश के लोगों से पहले ही अपील कर चुके है कि वे सोमवार, मंगलवार व बुधवार को चण्डीगढ़ में तथा बाकी शेष दिनों सिविल लाईन स्थित गुरुग्राम में उनके कैम्प कार्यालय में लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित सडक़ों से सम्बंधी मांग व शिकायतों के बारे सीधे उनसे मिल सकते है। इसी कड़ी में आज कोसली के विधायक बिक्रम ठेकेदार ने कोसली में निर्माणाधीन रेलवे ऊपरगामी पुल व कोसली बाईपास  का मामला राव नरबीर के समक्ष रखा तो उन्होंने विभाग के रेवाड़ी कार्यालय में अधीक्षक अभियंता श्री राजीव को दूरभाष पर सूचित कर निर्माणाधीन आरओबी स्थल पर तुरन्त जाएं और सम्बन्धित फर्म के ठकेदार से जवाब तलबकरें और पानी निकासी व्यवस्था करे ताकि वर्षा के समय लोगों को असुविधा न हो। 
इसी प्रकार, उन्होंने बाईपास के लिए रेवाड़ी के उपायुक्त अशोक कुमार मीणा को सूचित कर कोसली बाईपास की फाईल तुरन्त निकाले क्योंकि इस बाईपास को झज्जर व रेवाड़ी जिलों के उपायुक्तों की कमेटी द्वारा पास किया जाना है और झज्जर उपायुक्त अपना कार्य पहले ही पूरा कर चुके है।
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है जो बिजली उपभोक्ताओं के डिजीटल भुगतानों के लिए सभी चार्जिज वहन करता है। इसके अलावा, नेट बैकिंग, आर.टी.जी.एस./एन.ई.एफ.टी., क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ऑन लाईन वॉलेट जैसे पे.टी.एम., एम-पैसा के माध्यम से बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए ऑनलाईन सुविधा तथा कॉमन सर्विस सैन्टरों की व्यवस्था की है तो वहीं पीओएस मशीनें भी लगाई गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के दोनों डिस्कॉमस में ऑनलाईन भुगतानों का शेयर 42 प्रतिशत तक बढ़ा है।
यह जानकारी आज शिमला में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के एक सम्मेलन में हरियाणा के परिवहन एवं आवास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने दी। इस मौके पर हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणी ऊर्जा मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी उपस्थित थे। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री आर.के. सिंह ने की। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर भी उपस्थित थे।
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई- स्कॉडा सिस्टम के तहत 11000 स्मार्ट मीटरों की स्थापना हरियाणा के पानीपत में की गई और यह पायलट परियोजना देश में पहली बार सफलतापूर्वक चालू की जा रही है। इसके अलावा, ईईएसएल के सहयोग से 10 लाख स्मार्ट मीटरों के रोल-आऊट के लिए एक प्रोजेक्ट को भी अन्तिम रूप दिया गया है तथा यह कार्यान्वयन फेज तक पहुंच चुका है। गुरूग्राम में स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट का कार्य भी तेजी से शुरू हो चुका है।
यह जानकारी आज शिमला में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के एक सम्मेलन में हरियाणा के परिवहन एवं आवास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने दी। इस मौके पर हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणी ऊर्जा मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी उपस्थित थे। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री आर.के. सिंह ने की। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर भी उपस्थित थे।
 
उन्होंने बताया कि राज्य में बिजली की गुणवत्तापरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इन्ट्रास्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम भी विकसित किया गया है। पिछले 3 वर्षों में 1253 करोड़ रूपये की लागत पर प्रसारण कंपनी द्वारा 25 नए ग्रिड सब-स्टेशन (66 केवी एवं इससे ऊपर), 968.28 किलोमीटर प्रसारण लाईनों तथा 150 ग्रिड सब-स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि की गई है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य 25 जून 2018 को  अब तक की अधिकत्तम प्रतिदिन 2135 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति करने में सफल हुआ है। राज्य में प्रसारण प्रणाली की उपलब्धता, राज्य विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुसार, 99 प्रतिशत से ऊपर रही है। प्रसारण प्रणाली को आगे मजबूत करने के लिए, अगले 5 वर्षो (वित्त वर्ष 2022-23) में लगभग 4035.472 करोड़ रूपये की लागत पर 1818.167 किलोमीटर प्रसारण लाईनों सहित 11628 एमवीए के साथ 284 वर्तमान सब-स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि, 10989 एमवीए क्षमता के साथ 68 नए ग्रिड सब-स्टेशन जोडऩे की योजना है।
उन्होंने बताया कि दोनों डिस्कॉमस के ए.टी. एण्ड सी. लॉसिज में सराहनीय कमी की गई है। यह विभिन्न कदमों जैसे शहरी क्षेत्रों में फीडर सेनीटाईजेशन, ग्रामीण क्षेत्रों मे म्हारा गांव जगमग गांव योजना, एग्रेसिव थेफ्ट डिटेक्शन कैम्पेन, इफेक्टिव मैन मैनेजमेंट, प्रोत्साहन तथा पुरस्कार योजना लागू करना, ऑटोमेटिड डिमांड फोरकास्टिंग तथा उचित शेडयूलिंग, एनर्जी ऑडिटिंग, ऑऊटेज मैनेजमेंट सिस्टम, एलईडी बल्बों को बढ़ावा देना आदि के कारण संभव हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि स्वामित्व की भावना जागृत करने के लिए ‘‘उदय’’ की प्रमुख विशेषताएं डिस्कॉमस के प्रत्येक व्यक्ति को बताई गई है। राज्य स्तर पर, इस वर्ष एटी एण्ड सी लॉसिज 20.20 प्रतिशत तक कम किए गए हैं, जोकि पिछले वर्ष के 25.69 प्रतिशत  लॉस स्तर की तुलना में 5.49 प्रतिशत  कम है। इस वर्ष हरियाणा डिस्कॉमस के 20.20 प्रतिशत के कुल लॉस स्तर की तुलना, ‘‘उदय’’ के लक्ष्य 20.04 प्रतिशत के साथ भली भांति की जा सकती है।
मंत्री ने बताया कि दोनों डिस्कॉमस ने उदय लक्ष्य के एक साल पहले ही फाईनेंसियल टर्न अराऊंड प्राप्त किया है तथा पिछले वर्ष के दौरान 193.05 करोड़ रूपए के लॉस की तुलना में वित्त वर्ष 2017-18 में अस्थाई रूप से 115.68 करोड़ रूपए का लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन उपभोक्ता सेवाओं जैसे-नए कनैक्शन जारी करना, लोड बढ़ाना, लोड घटाना, मीटरिंग संबंधी शिकायत, बिजली बिलों का भुगतान करना आदि का प्रावधान किया गया है। नया कनैक्शन जारी करने की प्रक्रिया को आसान किया गया है। दोनों डिस्कॉमस ने फेसलेस, कैशलेस तथा पेपरलेस मोड में सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण को लागू किया है। उपभोक्ताओं की संतुष्टि तथा लक्ष्य हासिल करने के लिए थर्ड पार्टी जैसे अटल सेवा केन्द्र (ए.एस.के.), ई-दिशा केन्द्र, पेमेंट गेटवे, वॉलेट जैसे- पेटीएम तथा एम-पैसा को डिस्कॉमस सिस्टम के साथ जोड़ा गया है।
इसके अतिरक्ति, मैनुअल मीटर रीडिंग की प्रणाली, जो राजस्व हानि तथा उपभोक्ता की असंतुष्टि को बढ़ावा दे रही थी, को मैनुअल/मानव हस्ताक्षेप के बिना हैंड हेल्ड डिवाईस के माध्यम से ऑटोमेटिड मीटर रीडिंग के साथ बदला गया है। कस्टमर केयर सेंटर का सुधार किया गया है। राज्य में आसान टोल फ्री नम्बर 1912 चालू किया गया है। इसके अतिरिक्त, पब्लिक के साथ अच्छा बर्ताव करने तथा बेहतर आंतरिक चौकसी के लिए एक फीडबैक कॉल सेंटर भी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि आज राज्य के पास कुल स्थापित तथा अनुबंधित उत्पादन क्षमता 11342.42 मेगावाट है जिसमें 8322.84 मेगावाट कोल थर्मल, 1953.13 मेगावाट हाईड्रो, 673.12 मेगावाट गैस, 100.93 मेगावाट परमाणु तथा 292.4 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है। इसमें से, 24.67 प्रतिशत राज्य की अपनी, सांझे क्षेत्रीय प्रोजेक्ट बी.बी.एम.बी. से 7.47 प्रतिशत, सी.पी.एस.यू. से 26.64 प्रतिशत तथा आई.पी.पी. से 41.20 प्रतिशत है। यद्यपि, लागू पी.एल.एफ. के साथ उपलब्ध वास्तविक बिजली 8000-8800 मेगावाट के बीच है। इस प्रकार राज्य के पास पीक तथा ऑफ पीक मांगां का ध्यान रखने के लिए संतोषजनक मिश्रित उत्पादन है। राज्य, मौसम संबंधी बदलाव की मांगों को पूरा करने के लिए बिजली की बैंकिंग में अन्य राज्यों के साथ भी भागेदारी कर रहा है। बिजली लागत कम करने तथा उचित उपलब्धता के लिए उत्पादन यूनिटों के मैरिट ऑर्डर डिस्पैच का अनुसरण किया जाता है।
उन्होंने बताया कि शहरी तथा औद्योगिक श्रेणियों के उपभोक्ताओं को पर्याप्त 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता वर्षां से चिंता का कारण बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों के समान बिजली आपूर्ति में सुधार करने का मुद्दा हमारी सरकार द्वारा प्राथमिकता पर उठाया गया था तथा 1 जुलाई, 2015 को एक प्रोत्साहन योजना यानी ‘‘म्हारा गांव जगमग गांव’’ शुरू की गई थी। यह योजना स्थानीय प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, पंचायतों, स्थानीय प्रशासन तथा बिजली यूटिलिटीज के जमीनी स्तर की भागेदारी के सिद्धांतों पर आधारित है। इस योजना के तहत, ग्रामीणों की वितरण प्रणाली में सुधार किया जा रहा है तथा गांवों को संशोधित बिजली आपूर्ति घंटे, ए.टी. एण्ड सी. लॉस के विभिन्न मापदण्डों को हासिल करने के आधार पर दिए जा रहे है। इस योजना को काफी सफलता मिली है तथा राज्य के 2100 से ज्यादा गांव 24 घंटे  सप्लाई पर लाए गए हैं। 686 गांव 15 से 21 घंटे बिजली ले रहे हैं। पांच जिलों यानी पंचकूला, अम्बाला, फरीदाबाद, गुरूग्राम तथा सिरसा के 100 प्रतिशत गांव शहरी पद्धति पर बिजली सप्लाई प्राप्त कर रहे हैं। इन गांवों में वितरण नेटवर्क का पूरी तरह सुधार किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत ऊर्जा कुशल उपकरणों को बढ़ावा देने से ग्रामीणों को अपने बिजली के बिलों में कमी करने में भी सहायता मिली है। ए.टी. एण्ड सी. लॉसिज 60 प्रतिशत के स्तर से लगभग 20 प्रतिशत तक आ चुके हैं। इस योजना का लक्ष्य 24 घंटे में दिए गए रोड़ मैप के अनुसार 2018-19 तक राज्य के सभी गांव शामिल करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य में छोटे बिखरे हुए समूहों तथा छोटे गांवों अर्थात डेरा/ढ़ाणियां कृषि फीडरों पर जुड़े होने के कारण अपर्याप्त आपूर्ति घण्टां की समस्या का सामना कर रहे हैं, जिसके लिए आपूर्ति घण्टे फसल तथा प्रणाली उपलब्धता की मांग अनुसार रेगुलेट किए जाते हैं। राज्य में 51000 से अधिक ढाणियां हैं। इस मुद्दे का हल करने के लिए, लगभग 12 घंटे प्रतिदिन बढ़ाई गई बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कृषि फीडरों पर पॉयलट एडवांस ट्रांसफार्मर (पी.ए.टी.) लगाए गए हैं। इस योजना के तहत 40000 से अधिक ढाणियां शामिल की गई हैं। शेष 2018 के अन्त तक शामिल की जाएंगी।
 
उन्होंने बताया कि राज्य में बहुत कम अवधि के अन्दर रियायती दर पर 1.51 करोड़ एल.ई.डी. बल्ब, 1.91 लाख एनर्जी एफिसिएंट ट्यूबलाईट तथा 0.53 लाख एनर्जी एफिसिएंट फैन पहले ही बांटे जा चुके हैं। एल.ई.डी. लैम्पों को बड़े पैमाने पर लगाने से राज्य में 218 मेगावाट तक पीक डिमांड को कम करने में काफी सहायता मिली है तथा इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में 70 रूपए प्रतिमाह की मासिक बचत भी हुई है।
मंत्री ने बताया कि डिस्कॉमस ने बिजनेस को सरल करने के लिए सभी सिफारिशों का कार्यान्वयन किया है। आवेदक को अब बिजली कनैक्शन लेने के लिए केवल दो दस्तावेज जमा करवाने की आवश्यकता है। अब 33 केवी स्तर तक इलैक्ट्रिकल इंस्पेक्टर द्वारा प्रमाणीकरण की कोई आवश्यकता नहीं है तथा थर्ड पार्टी के माध्यम से स्वयं प्रमाणीकरण ही पर्याप्त है। नए कनैक्शन के लिए ऑन लाईन सिस्टम चालू किया गया है, जिसमें फार्म को ऑन लाईन जमा करवाने, दस्तावेजों को अपलोड करने तथा निगम कार्यालयों में बिना किसी व्यक्तिगत विजिट के प्रभारों के भुगतान की सुविधा प्रदान की जाती है। यह सुनिश्चित करने हेतु डोर-स्टैप सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रक्रिया को री-इंजीनियर किया जा रहा है जिससे कि एप्लीकेशन के 7 दिनों के अन्दर कनैक्शन जारी किए जा सकें।
इसके अलावा, आर-ए.पी.डी.आर.पी. पार्ट-ए प्रोजेक्ट के अन्तर्गत सभी 36 कस्बों को गो-लाईव किया गया है तथा कस्बों के सभी बिजनेस कार्य आर.-ए.पी.डी.आर.पी. प्लेटफार्म पर किए जा रहे हैं। विद्युत मंत्रालय सहित सहमत योजना के अनुसार आई.पी.डी.एस. के अन्तर्गत शेष कस्बों तथा ग्रामीण क्षेत्रों को आई.टी. सक्षम किया जा रहा है।   
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली ‘कुसुम’ (किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना की तरह ही राज्य सरकार द्वारा भी राज्य में डेढ़ लाख बिजली से चलने वाले पम्पों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पम्पों से बदलने की योजना है जिसके अंतर्गत सिंचाई की आवश्यकता न होने की स्थिति में पैदा हुई बिजली को बिजली निगमों को बेचने का प्रावधान होगा।
यह जानकारी आज शिमला में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के एक सम्मेलन में हरियाणा के परिवहन एवं आवास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने दी। इस मौके पर हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणी ऊर्जा मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि सौर पम्प न केवल सिंचाई की आवश्यकता को पूरा करें अपितु किसानों की आय का साधन भी बने।
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांटों को भी बढ़ावा दे रही है और सरकार ने इस वर्ष 110 प्राथमिक एवं 110 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा 9500 आंगनबाड़ी केन्द्रों में ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है।
यह जानकारी आज शिमला में राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों के एक सम्मेलन में हरियाणा के परिवहन एवं आवास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने दी। इस मौके पर हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणी ऊर्जा मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी उपस्थित थे। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री आर.के. सिंह ने की। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर भी उपस्थित थे।
हरियाणा के परिवहन एवं आवास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं पर केन्द्रीय अनुदान हेतु प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं।
 
उन्होंने बताया कि रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशन (आर.पी.ओ.) की अनुपालना तथा पर्यावरण संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए, राज्य सहमत प्लान के अनुसार उत्पादन के ऊर्जा तथा नवीकरणीय ऊर्जा के संसाधनों को भी बढ़ावा दे रहा है। आज कुल स्थापित क्षमता के नवीकरणीय ऊर्जा के संसाधन 292.40 मेगावाट हैं, जिसमें से 125.8 मेगावाट सौर ऊर्जा, 93.40 मेगावाट बगास/बॉयोमास तथा 73.2 मेगावाट लघु हाइड्रो के हैं। रेगुलेटर द्वारा निश्चित वित्त वर्ष 2021-22 तक वर्तमान आर.पी.ओ. 5.5 प्रतिशत है जिसमें 3 प्रतिशत सौर ऊर्जा तथा 2.5 प्रतिशत गैर सौर ऊर्जा है।
मंत्री ने बताया कि रेगुलेटर द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 तक आर.पी.ओ. ऑब्लिगेशन बढ़ाकर 8त्न तक संशोधित किया जा रहा है। सौर ऊर्जा आर.पी.ओ. ऑब्लिगेशन पूरा करने के लिए, डिस्कॉमस 300 मेगावाट खरीदने के लिए टेंडर मांगेगी, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एस.ई.सी.आई.) के माध्यम से 650 मेगावाट खरीदेगी, एच.पी.जी.सी.एल. अपने थर्मल प्लांट पर 133 मेगावाट स्थापित करेगा और हरेडा रूफटॉप के माध्यम से 1600 मेगावाट के प्लांटों को लगवाएगा। गैर-सौर ऊर्जा के लिए, एच.पी.पी.सी. ने 600 मेगावाट पवन ऊर्जा के लिए एस.ई.सी.आई. के साथ पी.एस.ए. हस्ताक्षरित किया है, एस.ई.सी.आई. से 400 मेगावाट पवन ऊर्जा खरीदने के लिए सहमति दी है तथा कुल 45.7 मेगावाट के लिए छोटे डिवेलपरों से प्रस्ताव विचाराधीन हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में 500 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क स्थापित करने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक तथा ढांचागत विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) तथा हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के बीच एक संयुक्त उद्यम कम्पनी (जेवी) बनाई गई है। राज्य की सोलर पॉलिसी के तहत, वर्ष 2022 तक भवनों की छतों पर 1600 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य निश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में एक अन्य सौर ऊर्जा का कार्यक्रम सोलर पम्पों का कार्यक्रम है जिसके अन्तर्गत राज्य में वर्ष 2017-18 में 750 पम्प 90 प्रतिशत अनुदान के साथ स्थापित किये गए। वर्ष 2018-19 में 75 प्रतिशत अनुदान पर 2300 पम्पों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि राज्य में ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रमों को नीतियों, विनियमों तथा प्रोत्साहनों की कार्यनीति के साथ चलाया जा रहा है। राज्य में 100 किलोवाट से अधिक भार भवनों के लिए एनर्जी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। राज्य में व्यावसायिक भवनों के लिए ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ई.सी.बी.सी.) अनिवार्य की गई है। कृषि क्षेत्र में कम से कम चार स्टार वाले पम्पों का प्रयोग अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार ने सरकारी भवनों, उद्योगों/व्यावसायिक/शैक्षणिक भवनों के लिए एलईडी लाईटों के प्रयोग को अनिवार्य किया है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सरकारी भवनों में अकुशल लाइटों के स्थान पर 15.8.2018 तक एलईडी लाईटे स्थापित की जाये।
सम्मेलन में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर हरियाणा सरकार का पक्ष भी रखा जिसके तहत  कोल इंडिया लिमिटेड तथा इसकी सहायक कम्पनियों को, समझौते के अनुसार कोयला सप्लाई करने के लिए आवश्यक उपाए करने हेतु प्रोत्साहित/प्रभावित किया जाए।  पर्याप्त कोल लिंकेज तथा हमारे उत्पादन परिसंपत्तियों के लिए धुले हुए कोयले सहित पर्याप्त अच्छी गुणवता के कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करना। अच्छी तथा गुणवतापरक इंजीनियरिंग खरीद तथा निर्माण (ईपीसी) ठेकेदारों का विकास। सैक्टर की वित्तीय वायबिलीटी हेतु बिजली कम्पनियों के लिए कम लागत पर पूंजी। कोयला मंत्रालय तथा सीआईएल को अपनी कोल वाशरीज लगाने के लिए कहा जाए। यदि आवश्यक हो, तो पॉवर यूटिलीटिज को भी खर्च सांझा करने के लिए कहा जा सकता है।
इसी प्रकार, हरियाणा पावर प्लांटों को एनसीएल से 23 लाख एमटी कोयला उपलब्ध करवाने के लिए कोयला मंत्रालय और सीआईएल को कहा जाए। अल्टरनेट डिसप्यूट रेजोलुशन मेकैनिज्म (एडीआरएम) की कारगार भूमिका निभाना, एडीआरएम के निर्णयों का पालन करते हुए कोल कम्पनियों को प्रभावित करना आवश्यक है ताकि अधिक समय से लम्बित पड़े विवादों को समयबद्ध ढंग से निपटाया जा सके। इससे कोयले की लेंडिड कोस्ट में कमी करने में भी सहायता मिलेगी जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। स्मार्ट ग्रिड गुरूग्राम प्रोजेक्ट के लिए पीएसडीएफ फंडिंग एजेंसी से अभी तक 273 करोड़ रूपए का लोन स्वीकृत हो चुका है, 
उन्होंने सम्मेलन में कहा कि हम सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘सभी को 24 घंटे बिजली’उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण को पूरा करने में समर्थ होंगे।
  
चण्डीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पौधगिरी-विशेष पौधा रोपण अभियान के तहत बीस लाख से अधिक पौधे लगाकर स्कूलों को प्रदुषण मुक्त किया जायेगा। यह अभियान 10 जुलाई से 30 अगस्त, 2018 तक चलेगा। 
इस सम्बंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस पौधगिरी अभियान के दौरान सरकारी स्कूलों में उपलब्ध जगह पर पौधा रोपण किया जाएगा। इस अभियान में सरकारी स्कूल के कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के हाथों पौधे लगवाये जाएंगे। पौधों के साथ विद्यार्थियों का तारतम्य बना रहे। इसके लिए उन्हें मानसिक रूप से पर्यावरण प्रदुषण से होने वाली हानियों बारे में भी बताया जाएगा। बच्चे स्वेच्छा से प्रेरित होकर पौधा रोपण कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे और उनकी परवरिश का जिम्मा भी अपने ऊपर लेंगे। इस अभियान के दौरान पौधे वन विभाग की तरफ से उपलब्ध करवाये जाएंगे। विभाग की नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में पौधे तैयार किये गये है। 
इस अभियान के दौरान सैल्फी विद ट्री प्रतियोगिता का आयोजन भी करवाया जायेगा। इसमें सबसे अच्छी सैल्फी वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। बच्चों का रोपित किये गये पौधों के साथ लगाव पैदा करने के लिए प्रत्येक बच्चे को प्रत्येक छ: माह के अन्तराल में पचास रुपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जायेगी। इस योजनाओं को लागू करने के लिए हरियाणा प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड व पर्यावरण विभाग व मौसम विभाग को तीन साल की कार्य योजना तैयार कर भेजी गई है। बच्चों द्वारा रोपित किये गये पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाये जायेंगे। 
पौधगिरी अभियान के साथ- साथ प्रदेश में प्लास्टिक व पॉलिथिन के प्रयोग को पूरी तरह से बंद करने के लिए ‘प्लास्टिक को ना’ अभियान भी शुरू किया गया है। विद्यालयों में बच्चों को प्लास्टिक का प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदुषण पर पडऩे वाले प्रतिकूल प्रभाव को लेकर जागरूकता उत्पन्न की जाएगी। 
प्रवक्ता ने बताया कि  मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल स्वयं जिला जींद के नरवाना इस पौधगिरी अभियान की शुरूआत करेंगे।
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला-शाहा-शाहबाद सडक़ मार्ग के उन्नयन एवं चारमार्गी बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और शीघ्र इसके निर्माण के लिए टैंडर जारी कर दिये जाएंगे। इस पर करीब 1860 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
श्री विज ने आज इस संबंध में केन्द्रीय सडक़ एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात कर शीघ्र कार्य करने की अपील की थी। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि अंबाला-शाहा मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा करवाया जाएगा। इस मार्ग का विस्तार इस्माईलाबाद तक करने की योजना है, जिससे राज्य के लोगों को लाभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस सडक़ का निर्माण करीब 56 किलोमीटर के क्षेत्र में करवाया जाएगा, जिसमें कई स्थानों पर प्लाईओवर भी तैयार किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि अंबाला कैंट के क्षेत्र में सडक़ पर सर्विस रोड़ भी तैयार किये जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न आये। 
 
चण्डीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा में अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन योजना (अम्रुत) के तहत सोनीपत, अंबाला एवं करनाल जिलों की ड्रेनेज, जलापूर्ति तथा पार्कों के सुधार की परियोजनाओं के लिए 326.25 करोड़ रुपये के कार्य शुरू किये जा रहे हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन ने बताया कि इस योजना में हरियाणाा के 20 शहर (18 यूएलबी ) नामत: गुरूग्राम, पंचकूला, अम्बाला शहर, अम्बाला सदर, यमुनानगर, जगाधरी, करनाल, हिसार, रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी, भिवानी, थानेसर, सोनीपत, बहादुरगढ़, पलवल, सिरसा और जींद को सम्मिलित किया गया है। उन्होने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर के लिए जलापूर्ति एवं सीवरेज कनैक्शन सुनिश्चित कराना, शहरों की हरियाली के लिए विकसित करने हेतु जनसुविधाएं बढ़ाना, पार्क की सुविधाएं देना, प्रदूषण को कम करना है ।
उन्होने बताया कि इस योजना के अंर्तगत 1522.94 करोड़ रुपये की 8 शहरों की 16 विस्तृत परियोजना रिपोर्टें अनुमोदित की जा चुकीं हैं। इसके अलावा 309.83 करोड़ रुपये की 8 और विस्तृत परियोजना रिपोर्टें तैयार की जा चुकी  है और अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं।
श्रीमती जैन ने बताया कि 740.99 करोड़ रुपये के 11 कार्यों की निविदा आमंत्रित करने को मंजूरी प्रदान की जा चुकी हैै ।
 
चण्डीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि देश में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद पहले वित्त वर्ष के दौरान प्रतिव्यक्ति राजस्व संग्रहण के मामले में हरियाणा ने देश में अपना प्रथम स्थान बनाया है। इसके अतिरिक्त, इस अवधि के दौरान कुल राजस्व योगदान में भी हरियाणा पांचवें स्थान पर रहा है। 
वित्त मंत्री ने आज जिला जींद मुख्यालय पर जिला परिवेदना समिति की बैठक के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। जीएसटी पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में ज्ञान का अभाव है।
उन्होंनेे बताया कि आज की बैठक में कुल 17 शिकायतें उनके समक्ष आई थी जिसमें कुछ का मौके पर ही निपटान कर दिया गया है जबकि कुछ को आगामी बैठक में रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि एक किसान के खाते से पैसे निकलने व किसान को फसल का उचित मुआवजा न दिए जाने के मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए गए हैं। 
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव में उनकी पार्टी दोबारा से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार बनाएगी और अधिक प्रचंड बहुमत से आएगी। 
वित्त मंत्री ने प्रदेश के कच्चे सरकारी कर्मचारियों को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा हटाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह सब पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में बनाई गई नीतियों की खामियों की वजह से हुआ और आज वे इस मुद्दे पर कोरी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने तो इनेलो के शासनकाल में रखे गए औद्योगिक सुरक्षा बलों को भी रोजगार देने का कार्य किया है जो कि पिछले करीब 12 वर्षों से घर पर बैठे थे। 
 
हरियाणा  की एक और पहल केन्द्र को आई रास
-हरियाणा की कलस्टर पॉलिसी का देश करेगा अनुसरण
-केंद्र ने सभी राज्यों को पत्र जारी कर दिए निर्देश
-हरियाणा द्वारा उठाए गए कदमों एवं उपलब्धियों का रिकार्ड भी भेजा
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा सरकार द्वारा की गई एक और पहल केंद्र सरकार को रास आई है। केंद्र की मोदी सरकार ने हरियाणा में लघु, सूक्षम एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाए गए कलस्टर को लेकर न केवल शाबासी दी है बल्कि देशभर को हरियाणा का अनुसरण करने की हिदायतें दी हैं। अकेले उद्योग विभाग की यह दूसरी योजना होगी, जिसे अब सभी राज्य लागू करेंगे।
       बेशक, कलस्टर स्थापित करने की योजना केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई, लेकिन इसे लागू करने में हरियाणा टॉप पर रहा है। राज्य में पिछले आठ महीनों के पीरियड में 25 जगहों पर कलस्टर स्थापित किए जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्रालय के अतिरिक्ति विकास आयुक्त पीयूष श्रीवास्तव की ओर से इस संदर्भ में देशभर के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को चिठ्ठी जारी कर हरियाणा की नीतियों को अपने यहां लागू करने के निर्देश दिए हैं।
    इससे पहले हरियाणा की अप्रेंटिसशिप पॉलिसी की केंद्र द्वारा तारीफ की जा चुकी है। राजस्थान सहित कई राज्यों की सरकारों द्वारा राज्य सरकार को इस संदर्भ में पत्र लिखकर मार्गदर्शन भी मांगा गया है। याद दिलाते चलें कि हरियाणा में शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की खुद पीएम नरेंद्र मोदी भी प्रशंसा कर चुके हैं और पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों ने इसे अपने यहां लागू भी किया है।
राज्य के उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल द्वारा कलस्टर योजना को लेकर लगातार की जा रही मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप ही राज्य में 25 कलस्टर स्थापित हुए हैं। आटोमोबाइल, फूड, टैक्सटाइल, इंजीनियरिंग सहित कई क्षेत्रों के लिए स्थापित किए गए कलस्टर एमएसएमई के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन छोटे उद्यमियों को एक छत के नीचे ही अपने उद्यम चलाने व उत्पादन के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है।
पंद्रह करोड़ रुपये तक के कलस्टर के लिए राज्य सरकार द्वारा अपने 10 प्रतिशत के हिस्से को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जा चुका है। यानी कुल कीमत का 70 प्रतिशत खर्चा केंद्र सरकार, 20 प्रतिशत राज्य सरकार और मात्र 10 प्रतिशत संबंधित उद्यमियों द्वारा खर्च किया जाता है। यही नहीं, 20 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट में राज्य सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक पैसा वहन किया जा रहा है।
एमएसएमई टॉप एजेंडे पर
एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग हरियाणा सरकार के टॉप एजेंडे में शामिल हैं। हरियाणा में इस तरह के एक लाख उद्योगों में 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इससे 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर हासिल होंगे।
मिल रही सस्ती बिजली
प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से बिजली के रेट भी घटाए जा चुके हैं। बड़े उद्योगों की तुलना में इन उद्योगों को लगभग 2 रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली दी जा रही है। इस संदर्भ में सरकार नोटिफिकेशन भी कर चुकी है।
क्या कहते हैं उद्योग मंत्री
उद्योग मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि हमारी कोशिश है कि लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम वर्ग के उद्यमियों को बेहतर माहौल एवं सुविधाएं प्रदान की जाएं। कलस्टर योजना इसमें कारगर सिद्ध हो रही है। अभी तक 25 जगहों पर विभिन्न कैटेगरी के कलस्टर स्थापित किए गए हैं। योजना का रुझान इस बात से लगा सकते हैं कि राज्यभर के छोटे उद्योगपति अपने यहां कलस्टर के लिए आगे आ रहे हैं।
क्रमांक-2018  
 
 
चण्डीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले से प्रभावित प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का रोजगार बचाने के लिए सरकार द्वारा अपने स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे है। 
वित्तमंत्री, जो आज जींद में पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे, ने कहा कि भाजपा की सरकार ने अपने कार्यकाल में 25 हजार पदों पर भर्ती की है। इतनी भर्ती तो पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा दस सालों में भी नहीं कर पाए थे। 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर हुड्डा सरकार में हटाए गए औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को रोजगार देने का काम किया है। यहीं नहीं पूर्ववर्ती सरकारों ने अपनी राजनीति साधने के लिए जो गड्ढïे खोदे थे उन्हें भरने का काम भी भाजपा ने किया है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में नियमितीकरण नीति लागू की थी। जिसमें उन्होंने जान-बूझकर खामियां छोड़ी थी। अब हाईकोर्ट ने इन नियमितीकरण नीतियों को रद्द करने का फैसला सुनाया है। 
वित्त मंत्री ने कहा कि देश की जनता का विश्वास पूरी तरह से भाजपा के साथ है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से देश की जनता भाजपा को देश एवं प्रदेश में सत्ता सौंपने का काम करेगी। श्री नरेन्द्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री न बने, इसके लिए विपक्षी पार्टियां एकजुट होने में लगी हुई हैं ताकि उनके सत्ता में रहते हुए उन्होंने जो कुकर्म किए हैं, उन पर पर्दा डला रहे। उन्होंने विपक्षी पार्टियों द्वारा की जा रही एकजुटता को चूहे-बिल्ली का एक बेमेल गठबंधन करार दिया और कहा कि इस तरह के गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं टिकते हंै। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता देखकर  विपक्षी पार्टियों के नेताओं में भय का माहौल है और वे डर रहे हंै कि कहीं उनके गलत कार्यों से पर्दा न उठ जाए। 
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जो गुड़-चना खाकर भी देश के विकास में अपना योगदान देते है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ही मेहनत है कि आज भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन बना है। 
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्त्व में हरियाणा प्रदेश चहुँमुखी विकास कर रहा है। सभी 90 विधानसभा हलकों का बिना किसी भेदभाव के विकास करवाया जा रहा है। जिस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का विधायक नहीं है उस हलके में भी अन्य हलकों के बराबर काम करवा कर प्रदेश में बरसों ने चली आ रही भेदभाव की परपंरा को भी खत्म कर दिया गया है। 
उन्होंने जींद जिला के संबंध में कहा कि इस जिला में भाजपा का अस्तित्व काफी मजबूत है। उचाना हलके से भाजपा का विधायक है और सफीदों के विधायक का भी भाजपा को समर्थन है। आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश के सभी 90 सीटें जीतने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार ने अभूतपूर्व विकास कार्य करवा कर जनता का दिल जीतने का काम किया है। 
 
उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्य हिंदी में भी कराने की तैयारी
: प्रदेश के भाषा विभाग को सक्रिय करने का हो रहा है खाका तैयार
: सरकार करेगी राज्यपाल से पत्र लिखने के लिए अनुरोध
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा सरकार द्वारा बिजली-पानी बिलों को हिंदी में भी प्रकाशित करने के निर्देश के बाद अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी न्यायिक कार्य हिंदी में कराने की तैयारी की जा रही है। हिंदी को हरियाणा में बेहतर तरीके से प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यवाही में शामिल कराने के लिए भाषा विभाग को भी सक्रिय किया जा रहा है। सरकार जल्द ही राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी से इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने के लिए अनुरोध करेगी, ताकि हरियाणा में भी न्यायिक प्रक्रिया को हिंदी में प्रारंभ कराने की पहल की जा सके। 
देश के चार उच्च न्यायालय इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश), राजस्थान, मध्यप्रदेश, पटना (बिहार) में न्यायिक कारर्यवाही राजभाषा हिंदी में किए जाने की अनुमति के बाद से याचिकाओं की सुनवाई और बहस हिंदी में की जाती है। सुनवाई उपरांत निर्णय भी हिंदी में दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया को हिंदी बहुल राज्यों में बढ़ाने की मंशा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इच्छा जताई है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी हिंदी भाषा में कार्यवाही की अनुमति मिले, ताकि वादियों को उनकी अपनी भाषा में पूरी प्रक्रिया को समझने तथा अपनी बात रखने का अवसर मिले।
सरकारी सूत्रों की मानें तो जनतंत्र में न्याय का एक उद्ेश्य यह थी है कि वादी को न्याय शीघ्र और उसकी भाषा में मिले तथा न्यायिक कार्यवाही के दौरान, वह मूकदर्शक न बना रहे। हाल ही में केरल उच्च न्यायालय के हीरक जयंती कार्यक्रम में भी खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उच्च न्यायालय के निर्णयों को वादी की भाषा में उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। ऐसे में राज्यपाल को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उच्च न्यायालय में हिंदी भाषा को उच्च न्यायालय की कार्यवाहियों के लिए प्राधिकृत कर सकते हैं। ऐसे में जल्द ही प्रदेश सरकार राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखने का अनुरोध करेगी।
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भाषा विभाग को सक्रिय करेगी सरकार, हिंदी में जारी होंगे सरकुलर
प्रदेश सरकार के चंडीगढ स्थित कार्यालयों, विभागीय मुख्यालय एवं जिला स्तर पर अधिकांश सरकुलर अंग्रेजी में जारी किए जाते हैं। आम आदमी तक इनकी जानकारी बेहतर तरीके से पहुंचे, इसके लिए जल्द ही प्रदेश में हिंदी भाषा में सरकुलर जारी होंगे। इसके लिए सरकार ने भाषा विभाग को सक्रिय करने का निर्णय लिया है। पूरी योजना तैयार होने के बाद सभी विभागों से जुडे सरकुलरों को भाषा विभाग हिंदी भाषा में सरल तरीके से जिला स्तर पर भिजवाने की व्यवस्था करेगा, ताकि आमजन को इसका लाभ पहुंच सके।
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई- हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा आगामी 5 जुलाई 2018 को आईएमटी मानेसर, गुरूग्राम में ‘नेशनल अप्रैंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण तथा पर्यावरण मंत्री श्री विपुल गोयल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यशाला में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.सी गुप्ता, निदेशक श्री आर.सी बिढ़ान समेत विभाग के कई वरिष्ठï अधिकारी मौजूद रहेंगे।
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई-  हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों, पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों के निर्धारित चिकित्सा भत्ते की दर को 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमास करने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित चिकित्सा भत्ते की यह बढ़ी हुई दर पहली मई, 2018 से लागू होगी। 
उन्होंने बताया कि निर्धारित चिकित्सा भत्ते की बढ़ी हुई यह दर राज्य सरकार के बोर्डों, निगमों, पालिकाओं, विश्वविद्यालयों, विपणन कमेटियों और अन्य स्वायत निकायों के कर्मचारियों, पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों पर भी लागू होगी। 
 
चंडीगढ़, 3 जुलाई-  हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन ने आज कहा कि राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड, पंचकूला का पुनर्गठन किया है। 
मुख्यमंत्री श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के अध्यक्ष और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री बोर्ड की उपाध्यक्ष होंगी। इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव बोर्ड के सदस्य होंगे जबकि पंचकूला के उपायुक्त एवं श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड, पंचकूला के मुख्य प्रशासक बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। 
पंचकूला के विधायक श्री ज्ञान चंद गुप्ता, कालका की विधायक श्रीमती लतिका शर्मा, पंचकूला की श्रीमती बंतो कटारिया, श्री सतनारायण वर्मा, श्री सीता राम अहूजा, श्री विनोद मित्तल, श्री श्याम लाल बंसल एवं श्रीमती शारदा प्रजापति, कालका के श्री पृथ्वी राज और चण्डीगढ़ के श्री एस.पी.अरोड़ा बोर्ड के गैर-सरकारी सदस्य होंगे। 
चंडीगढ़, 3 जुलाई-  हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से चार आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं हरियाणा खनिज लिमिटिड, नई दिल्ली के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक राजीव अरोड़ा को विवेक जोशी के स्थान पर उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा चीफ रेजि़डेंट कमीश्नर, हरियाणा भवन, नई दिल्ली का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।
विवेक जोशी, चीफ रेजि़डेंट कमीश्नर, हरियाणा भवन, नई दिल्ली को आनंद मोहन शरण के स्थान पर प्रिसिंपल रेजि़डेंट कमीश्नर,हरियाणा भवन नियुक्त किया गया है जबकि   वे निरीक्षण एवं समन्वय विभाग के प्रधान सचिव, अम्बाला मंडलायुक्त, हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक और स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के निदेशक के पदों पर पहले की भांति ही कार्य करते रहेंगे। 
इसी प्रकार, फरीदाबाद मंडलायुक्त, स्वास्थ्य एवं पोषाहार, मेवात क्षेत्र की विशेष आयुक्त और मेवात विकास एजेंसी की अध्यक्ष श्रीमती जी.अनुपमा को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा महाप्रबंधक, हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण का कार्यभार भी सौंपा गया है। मनोज कुमार, एडीसी-सह-सीईओ, डीआरडीए, चरखी दादरी और सचिव आरटीए, चरखी दादरी  को श्रीमती संगीता तेत्रवाल की अवकाश अवधि के दौरान एडीसी-सह-सीईओ, डीआरडीए, भिवानी और सचिव आरटीए, भिवानी का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

हरियाणा में लागू की जा रही ई-पंचायत परियोजना से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा 

  • चण्डीगढ़, 31 मार्च – हरियाणा में लागू की जा रही ई-पंचायत परियोजना से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और पंचायती राज संस्थाओं में प्रदेश के लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा। इसलिए इस व्यवस्था का विरोध पारदर्शिता व नियोजित विकास का विरोध है। इसके बावजूद भी यदि किसी ग्राम पंचायत को यह लगता है कि हमें ई-पंचायत की आवश्यकता नहीं तो उन्हें आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा आग्रह, यदि कोई है, तो ग्राम सभा एक प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेज सकती है।
  • यह बात आज यहां विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कही। उन्होंने कहा कि ई-पंचायत परियोजना सरकार की पारदर्शिता की मुहिम का हिस्सा है और इस नेक काम में सभी सम्बन्धित पक्षों को सहयोग करना चाहिए और यदि किसी सरपंच या ग्राम सचिव को इस बारे में कोई भ्रम या भ्रांति है तो वे किसी भी समय मुलाकात कर सकते हैं। ई-पंचायत का क्रियान्वयन मूलत: ग्रामीणों के समग्र लाभ के लिए है। इसलिए ई-पंचायत में भागीदारी न करने का निर्णय सरपंच अकेले नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ई-पंचायत परियोजना किसी भी ग्राम पंचायत पर जबरदस्ती थोपी नहीं जाएगी। लेकिन जिन ग्राम सभाओं ने इसमें भागीदारी न करने का निर्णय लिया है, उनकी वित्तीय शक्तियां 10 लाख रुपये के उसी स्तर पर रखी जाएंगी, जैसाकि  हालिया बढ़ोतरी से पहले थीं, जबकि इसमें भाग लेने वाली ग्राम पंचायतों को 20 लाख रुपये की वित्तीय शक्तियां जारी रहेंगी।
  • उन्होंने कहा कि ई-पंचायत पूर्णतया लागू होने पर गांव के विकास की पूरी कहानी पूरी पारदर्शी हो जायेगी, गांव में कितना पैसा विकास के लिये आया है और कहां-कहां खर्च हुआ है। यह जानकारी भी पोर्टल पर हमेशा उपलब्ध रहेगी कि कौन-कौन से काम बाकी हैं। पंचायतें भी प्रदेश सरकार की तरह पूर्व योजना बनाकर पोर्टल पर डाल देंगी कि आगामी वर्ष की ग्राम पंचायत की विकास योजना क्या है। यह पारदर्शिता जहां हर गांववासी के हित में है, वहीं पंचायत के लिए सुविधाजनक व उसे सामर्थ्यवान बनाने वाली भी है। इस पादर्शिता से पंचायतों पर लगने वाले आडिट आब्जेक्शन में भारी कमी आएगी, वित्तीय प्रबंधन बेहतर हो जायेगा और सब रिकार्ड हर समय उपलब्ध होगा।
  • उन्होंने कहा कि ई-पंचायत केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो पारदर्शिता व सुराज के लिए चलाये जा रहे 31 मिशनमोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह समस्त भारत मे लागू की जा रही है।
  • उन्होंने कहा कि ई-पंचायत परियोजना का हिस्सा बन चुकी ग्राम पंचायतों द्वारा क्रियान्वयन की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी वित्त वर्ष से विकास कार्यों पर ई-पंचायत के सभी घटक लागू होंगे। दूसरे शब्दों में, यदि इस प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायतों ने ऐसा निर्णय लिया है तो मौजूदा विकास कार्य ई-पंचायत को पूरी तरह से अपनाए बिना पूरे किए जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रणाली में भागीदार न बनने वाली ग्राम पंचायतें केन्द्रीय और राज्य वित्त आयोग के तहत ‘प्रदर्शन अनुदान’ से वंचित रहेंगी।
  • श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की कुल 6204 ग्राम पंचायतों में से 3638 ग्राम पंचायतों में ई-पंचायत को लागू किया गया है तथा वे डाटा एंट्री और प्रगति के विभिन्न चरणों में हैं। चूंकि 60 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतें इस प्रणाली का हिस्सा बन चुकी हैं, इससे स्पष्ट होता है – जहां चाह, वहां राह। धीमी प्रगति या फिर प्रगति न होना समझ में आता है, परंतु ई-पंचायत के मौलिक विरोध की सराहना नहीं की जा सकती। ई-पंचायत में भागीदारी न करना ग्रामीणों को अंधेरे में रखने जैसा है और इसे हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • उन्होंने बताया कि हरियाणा में ई-पंचायत परियोजना वर्ष 2010 में शुरू की गई थी और पंचायतों द्वारा अपने वाउचरों की प्रविष्टियां प्रियासॉफ्ट में शुरू की गइ थी। अब राष्ट्रीय पंचायत पोर्टल पर प्रत्येक ग्राम पंचायत की अपनी वैबसाइट है और वह इस पर अपनी विकास योजना अपलोड करती है। ई-पंचायत का क्रियान्वयन अब लगभग अंतिम चरण में है, जिसके बाद भौतिक और वित्तीय प्रगति की निगरानी केवल ई-पंचायत के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि ई-पंचायत के पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत में वित्तीय संसाधनों, विकास कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की स्थिति कहीं भी किसी भी समय देख सकता है। इससे न केवल शिकायत निवारण में सुविधा होगी, सरपंचों व ग्राम सचिवों के विरूद्घ अनुशासनात्मक कार्यों और लेखा परीक्षा आपत्तियों में कमी आएगी, बल्कि ग्राम पंचायतों के बेहतर वित्तीय प्रबन्धन में भी मदद मिलेगी। ग्राम पंचायतों के रिकार्ड तक ग्रामीणों की बेहतर पहुंच होगी, जिससे और अधिक पारदर्शिता आएगी। ग्राम पंचायत का रिकार्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा और इससे कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।
  • उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की विकास योजना में संशोधनों की अनुमति देने के सम्बन्ध में चिंता जताई गई है। वर्तमान में ई-पंचायत एक वित्त वर्ष में दो पूरक योजनाओं की अनुमति देता है। इस चिंता से पार पाने के लिए, राज्य ने तीन पूरक योजनाओं, एक-एक जुलाई, अक्तूबर और जनवरी के प्रथम सप्ताह में और एक अतिरिक्त आपातकालीन पूरक योजना, जो वर्ष के दौरान किसी भी समय अपनाई जा सकती है, का प्रावधान करने के लिए केन्द्र सरकार से आग्रह करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि एक चिंता यह जताई गई है कि ई-पंचायत के क्रियान्वयन से विकास कार्यों में विलम्ब होगा, क्योंकि इससे श्रमिकों को रोजाना नकद भुगतान करना सम्भव नहीं होगा। यह चिंता बिल्कुल गलत है, क्योंकि ई-पंचायत प्रति वाउचरों और भुगतान वाउचरों के सृजन की अनुमति देता है, जिन्हें नकदी निकासी और श्रमिक भुगतान के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि ग्राम पंचायतों की अन्य प्रमुख चिंता जागरूकता, क्षमता निर्माण और अवसंरचना की कमी के सम्बन्ध में है। ग्राम पंचायतों को संस्थागत बनाने के साथ-साथ स्वशासित संस्थान बनाने के उद्देश्य से, हरियाणा सरकार ने 3-4 पंचायतों के कलस्टर पर ग्राम सचिवालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। अब तक प्रदेश में 1620 ग्राम सचिवालय स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य सरकार स्थाई ऑपरेटर वाले अपने अटल सेवा केन्द्रों (सीएससी) को ग्राम सचिवालयों में स्थानान्तरित कर रही है। इन सांझा सुविधा केन्द्रों को कम्प्यूटर और इंटरनेट अवसंरचना से लैस किया जा रहा है और ग्राम पंचायतों के लिए ई-पंचायत प्रविष्टियां करने के लिए सुप्रशिक्षित सीएससी ऑपरेटर हैं। राज्य सरकार द्वारा इन सीएससी ऑपरेटरों को मानदेय और पारिश्रमिक दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को अलग से आवश्यक फर्नीचर और कम्प्यूटर अवसंरचना भी उपलब्ध करवाई जा रही है। ग्राम सचिवों, सरपंचों और पंचायत सदस्यों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्राम सचिवों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार पारदर्शिता लाने तथा ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक धनराशि के प्रबन्धन हेतु सार्वजनिक निधियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही हैं तथा उनके क्षमता निर्माण, अवसंरचना आदि समेत सभी मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्घ हैं।—————————————————————————————-

    हरियाणा डेरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड ने जनसाधारण के व्यापक हित में वीटा घी के सभी तरह के पैक के मूल्य में 40 रुपये प्रति लीटर की भारी कमी करने का निर्णय लिया है

    • चण्डीगढ़, 31 मार्च – हरियाणा डेरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड ने जनसाधारण के व्यापक हित में वीटा घी के सभी तरह के पैक के मूल्य में 40 रुपये प्रति लीटर की भारी कमी करने का निर्णय लिया है। ये दरें 30 मार्च, 2018 से तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं। अब वीटा का घी (पोली) 420 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से सभी वीटा बूथों पर उपलब्ध है।
    • प्रसंघ के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कमी कंज्यूमर पैक और थोक पैक की कीमतों में समान तौर पर होगी तथा अब पैक की कीमत वीटा के बूथ, रिटेल स्टोर व समितियों में एक समान होगी।
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Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.