मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यमुना नदी के बढते जलस्तर को देखते हुए चौकन्ना (अलर्ट) रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सकें

चण्डीगढ़, 29 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यमुना नदी के बढते जलस्तर को देखते हुए चौकन्ना (अलर्ट) रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सकें।

        मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां राज्य में हो रही बरसात की स्थिति का जायजा लेने व यमुना नदी के जलस्तर की समीक्षा की आपात बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत और पलवल जिलों के उपायुक्तों व अन्य अधिकारियों के साथ वीडियों कान्फ्र्रेंसिंग के माध्यम से यमुना नदी के जलस्तर की जानकारी ली और उनके द्वारा किए गए इंतजामों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आप लोगों को सक्रिय रहना है और लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखनी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सकें।

        बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कल सायं 6 बजे 605949 क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज से निकल चुका है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इससे पहले वर्ष 2010 में इस बैराज से 8.05 लाख क्यूसेक पानी जा चुका है जबकि वर्ष 2013 में 7.5 लाख क्यूसेक पानी जा चुका है। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हथिनीकुंड बैराज से जो 605949 क्यूसेक पानी निकल चुका है उसकी वर्तमान स्थित करनाल जिले में है और यह पानी करनाल से होकर जा रहा है और संभावना है यह पानी कल तक दिल्ली में अपनी दस्तक देगा। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा माना जा रहा है कि इस पानी की रफतार चार किलोमीटर प्रति घंटा हैं।

        बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हथिनीकुण्ड बैराज में जब 70000 क्यूसेक से ज्यादा पानी हो जाता है तो हरियाणा में नहरें बंद कर दी जाती है और इससे ऊपर के पानी को बैराज के 18 दरवाजों के माध्यम से जाने दिया जाता है।

        बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री को करनाल जिला के उपायुक्त व मंडलायुक्त ने बताया कि कल सायं हथिनीकुण्ड बैराज से लगभग 6 लाख क्यूसेक पानी निकला है जो अभी वर्तमान में करनाल जिले से होकर जा रहा है तथा इस पानी का प्रभाव आज सायं तक रहेगा। वीडियो काफ्रेंसिंग के दौरान करनाल के अधिकारियों ने बताया कि अब धीरे-धीरे पानी का बहाव कम हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यमुना नदी का पानी करनाल के कुछ गांवों में आया है लेकिन आबादी में किसी भी प्रकार का कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। करनाल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि करनाल के क्षेत्र में प्रत्येक 20 किलोमीटर में एक एसडीओ तथा 3 जेई तैनात किए गए हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए दो जेसीबी मशीन, एक पोकलैंड मशीन और 20 हजार कटटे भी रखे गए हैं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि बस्तियों में पानी घुसने का अभी कोई समाचार नहीं हैं। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर मुनादी के साथ-साथ लोगों को निकालने के लिए नावों का इंतजाम भी किया गया है।

        इसी प्रकार, यमुनानगर के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अभी यमुनानगर में 1.18 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में बह रहा है और यमुना नदी का पानी 30 गांवों से बह रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ से निपटने के लिए इंतजाम किए गए है जिसके तहत मैडीकल टीम, पशुओं के उपचार के लिए पशुपालन विभाग के अधिकारी इत्यादि तैयार हैं।

        मुख्यमंत्री कोे पानीपत जिला के अधिकारियों ने बताया कि पानीपत में 14 गांवों से यमुना नदी गुजर रही है और आपात स्थिति से निपटने के लिए दो जेसीबी  और 20 हजार कटटों का इंतजाम किया गया है और सेना ने भी यमुना नदी के साथ लगते क्षेत्रों का दौरा कर लिया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हम पूरी तरह से चौकन्ने और मुस्तैद  हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमारी पूरी तैयारी है।

        वीडियों कान्फे्रसिंग के माध्यम से सोनीपत के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोनीपत जिला के असदपुर गांव से यमुना नदी का पानी एक किलोमीटर की दूरी पर बह रहा है और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है तथा एक एसडीएम स्तर के अधिकारी को इंचार्ज बनाया गया है। इसके अलावा, आपात स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी मशीनें, सेंड बैग तथा अन्य मशीनरी की व्यवस्था कर ली गई है।

        बैठक के दौरान पलवल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पलवल जिला में यमुना नदी 48 किलोमीटर तक बहती है और बाढ की स्थिति से निपटने के लिए 10 हजार सेंड बैंग तथा जेसीबी मशीनें तथा पोकलेंड मशीनें तैनात की गई है। इसके अलावा, खाने-पीने का सामान, मैडीकल टीम के साथ-साथ अन्य वस्तुओं की भी व्यवस्था की गई है।

        बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जब यमुना नदी का जलस्तर कम हो जाएगा तो उसके बाद होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन को अपनी पूरी तैयारी रखनी चाहिए क्योंकि ऐसे स्थानों पर मच्छर तथा अन्य प्रकार की बीमारियों का प्रकोप होने की आशंका रहती है। इसलिए अपने-अपने जिलों में ऐसे स्थानों पर लगातार फोगिंग करवाते रहें ताकि किसी भी प्रकार की बीमार का प्रकोप न रहें।

        बैठक में मुख्य सचिव श्री डी. एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव श्री मंदीप सिंह बराड़, सामान्य प्रशासन तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री व्रिजेन्द्रा कुमार, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीरपाल सरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *