पंजाब ने डिजिटल क्षेत्र में एक और मील पत्थर बढ़ाया
– सरकारिया द्वारा राजस्व अदालत प्रबंधन सिस्टम के पायलट प्रोजैक्ट का आगाज्
-ज़मीन-जायदाद के विवादों संबंधी मामले होंगे ऑनलाइन
-लोगों को अपने मामलों संबंधी आसानी से मिलेगी जानकारी – विन्नी महाजन
चंडीगढ़, 11 जुलाई-  ऑनलाईन रजिस्टरियाँ शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बनने के केवल दो सप्ताह बाद पंजाब के राजस्व विभाग ने राज्य को डिजिटल बनाने की तरफ एक और कदम बढ़ाया है। राजस्व मंत्री श्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने आज यहां वीडियो कांफं्रेंसिंग के द्वारा अमलोह (फतेहगढ़ साहिब) की राजस्व अदालतों में राजस्व अदालत प्रबंधन सिस्टम का आग़ाज़ किया। यह व्यवस्था राज्य के ज़मीनी रिकार्ड से जुड़ी हुई है। कोई भी केस दायर होने के साथ ही संबंधित ज़मीन की जमांबन्दी के टिप्पणी वाले कॉलम में संबंधित केस का विवरण दर्ज हो जायेगा।
इस अवसर पर श्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब दिन-ब -दिन डिजिटल हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ज़मीन की ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन के अलावा राजस्व विभाग द्वारा जि़ला मोहाली के दो गाँवों मुंडी और खरड़ और हरलालपुर में हदबंदी की निशानदेही के लिए डिजिटल मैपिंग का पायलट प्रोजैक्ट भी शुरू किया गया है। इससे ज़मीन मालिकों को अपनी ज़मीन की निशानदेही करने में सुविधा होगी। उन्होंने आगे कहा कि ज़मीन की ऑनलाईन रजिस्टरी के लिए समय लेने के लिए तत्काल व्यवस्था भी जल्दी शुरू की जायेगी।
अतिरिक्तमुख्य सचिव राजस्व -कम -वित्तीय कमिशनर श्रीमती विन्नी महाजन ने कहा कि लोक समर्थकी राजस्व अदालत प्रबंधन सिस्टम राज्य निवासियों को निर्विघ्न और पारदर्शी ढंग के साथ सेवाएं मुहैया करवाने में मददगार होगा। इससे जहाँ ज़मीन-जायदाद के विवादों संबंधी मामले ऑनलाइन होंगे, वहीं लोगों को अपने मामलों संबंधी आसानी से जानकारी मिलेगी।
उन्होंने फतेहगढ़ साहिब के डिप्टी कमिशनर को इस व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए और डिप्टी कमिशनर ने बताया कि इस प्रोजैक्ट के पहले दिन ही उनके द्वारा 7 नये मामलों के विवरण अपलोड किये जा रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ने कहा कि यदि इस प्रोजैक्ट का प्रयोग सफल रहा तो इसको पूरे राज्य में लागू किया जायेगा।
इस व्यवस्था संबंधी जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि कोई केस दायर होने के साथ ही जायदाद संबंधी सब जानकारियों के साथ-साथ पटीशनर और जवाबदेह पक्ष संबंधी भी सारी जानकारियां ऑनलाइन दर्ज हो जायेगी। इसके साथ ही विभिन्न अदालतों में तारीख अनुसार मामलों की संख्या, अंतरिम राहत, अंतिम फ़ैसला और अन्य जानकारी मिलेगी।
सम्मन नोटिस तैयार करने के अलावा, यह व्यवस्था सभी संबंधित पक्षों को केस संबंधी एसएमएस भी भेजेगा और वह अपने केस संबंधी किसी भी समय जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस व्यवस्था के साथ राजस्व अदालतों के बकाया मामलों की भी जानकारी मिलेगी।
इस मौके पर उपस्थित प्रमुख शख्सियतों में राजस्व विभाग के सचिव दीपइन्दर सिंह, पंजाब राजस्व कमीशन के चेयरमैन जस्टिस (सेवामुक्त) एस.एस. सारो, कमीशन के मैंबर एन.एस. कंग, एस.एस. गिल, जी.एस. मांगट और जसवंत सिंह, पंजाब लैड्ड रिकार्डज़ सोसायटी के सलाहकार एन.एस. संघा, इस प्रोजैक्ट की मैनेजर सुनीता ठाकुर और एनआईसी पंजाब टीम के मैंबर शामिल थे।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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