देसी नस्ल के पशु धन को किया जायेगा उत्साहित -बलबीर सिंह सिद्धू
– साहिवाल और गीर गायों और मुर्रा और नीली रावी भैंसौं की किस्मों को किया जायेगा उत्साहित
-बीटल नस्ल की बकरियों और कडक़नाथ मुर्गों की नस्ल भी की जायेगी प्रचलित
चंडीगढ़, 11 जुलाई:पंजाब सरकार द्वारा देसी नस्ल की साहिवाल और गीर गायों और मुर्रा और नीली रावी भैंसेें, बीटल बकरी और देसी मुगऱ्े की कडक़नाथ जैसी किस्मों को उत्साहित किया जायेगा। यह जानकारी पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री, पंजाब बलबीर सिंह सिद्धू ने फार्मरज़ हेल्प सोसायटी, धीरा पत्तरा के नुमायंदों के साथ संक्षिप्त बैठक के दौरान दी।
श्री सिद्धू ने कहा कि दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही ग्लोबल वार्मिंग के कारण पैदा हो रही बीमारियों और हरे चारे के अधीन सिकुड़ती जा रही कृषि योय ज़मीन और गुणवत्ता भरपूर दूध और मीट पदार्थों की बढ़ती माँग के कारण अब विलायती किस्म के पशु धन को उत्साहित करने की जगह देसी नस्ल के पशु धन को उत्साहित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि देसी गायों और भैंसों के डेयरी फार्मों पर सब्सिडी के अलावा बैकयारड पोल्ट्री में देसी मुगऱ्े और भूमि रहित किसानों के लिए बीटल नस्ल की बकरियों के यूनिट स्थापित किये जाएंगे। उत्तम नस्ल के साहिवाल और गीर के सीमन मौजूदा गायों की नस्ल सुधारने के अलावा दूसरे देशों जैसे कि ब्राजील और आस्ट्रेलिया जैसे अग्रणी देशों के साथ संबंध कायम करके नस्ल सुधार के लिए प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि छोटे और भूमि रहित किसान अपने घरों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए बकरियों और देसी नस्ल के मुगऱ्े पाल कर और उनका मंडीकरन करके पूरी कर सकते हैं।
इस मौके पर उन्होंनें फार्मरज़ हेल्प सोसायटी धीरा पत्तरा, जि़ला फिऱोज़पुर द्वारा कुदरती कृषि के प्रचार और प्रसार के लिए किये गए प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने सोसायटी के दौरे के दौरान देखा है कि यह सोसायटी और इसके मैंबर ज़ीरो बजट खेती करते हैं। देसी नस्ल के पशु धन के मल को कुदरती खाद और वर्मी कम्पोस्ट में बदल कर बिना रसायनिक खाद और उर्वरक के हरा चारा गेहूँ और सब्जियाँ पैदा करते हैं, जिनकी मार्केट में माँग बहुत ज़्यादा है। पशुओं के मल से जीव अमृत तैयार करके हानिकारक कीटों के नाश के लिए हर्बल उर्वरक के तौर पर प्रयोग करते हैं और गुणवत्ता भरपूर फल और सब्जियाँ पैदा करते हैं।
पशु पालन मंत्री ने जहाँ फार्मरज़ हेल्प सोसायटी को पंजाब के समूह किसानों में चेतना पैदा करने और कुदरती कृषि से जोडऩे के लिए और ज्यादा योगदान डालने के लिए कहा, वहीं इस मौके पर उपस्थित विभाग के उच्च अधिकारियों को इस तरह के अन्य ग्रुप स्थापित करने और देसी नस्ल के पशु धन के विस्तार के लिए प्रभाव भरपूर स्कीमें बनाने और लागू करने की हिदायत की। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, पशु पालन डा. जी वज्रालिंगम, पशु पालन विभाग के डायरैक्टर डा. अमरजीत सिंह, डेयरी विकास विभाग के डायरैक्टर इन्द्रजीत सिंह और मछली पालन विभाग के डायरैक्टर और वार्डन डा. मदन मोहन उपस्थित थे।

Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *