City Darpan

April 10, 2021

भारत के उपराष्ट्रपति ने आईआईएम जम्मू के तीसरे और चैथे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया


उपराष्ट्रपति ने आईआईएम को नए बाजार की वास्तविकताओं और चैथी औद्योगिक क्रांति की मांगों के आधार पर नवीन पाठ्यक्रमों की पेशकश करने का आह्वान किया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने छात्रों को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु बधाई दी,
आईआईएम जम्मू, आईआईटी जम्मू, एनआईटी श्रीनगर के 10 छात्रों के लिए वार्षिक ‘‘एलजी छात्रवृत्ति‘‘ की घोषणा की
जेएंडके उत्तर भारत का शैक्षिक केंद्र बन गया हैः डॉ. जितेंद्र सिंह
उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार और पदक प्रदान किए
148 छात्रों को एमबीए की डिग्री प्रदान की गई

जम्मू 09 अप्रैल 2021-भारत के माननीय उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडू ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में तृतीय और चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर जेएंडके के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केन्द्रीय एमओएस पीएमओ, डॉ. जितेंद्र सिंह भी अतिथि थे।
दीक्षांत समारोह में बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने आईआईएम जैसे राष्ट्रीय संस्थानों को नवीन बाजार वास्तविकताओं और चैथी औद्योगिक क्रांति की मांगों के आधार पर नवीन पाठ्यक्रम और डिप्लोमा प्रदान किये।
उपराष्ट्रपति ने दुनिया की वास्तविकताओं के साथ उच्च शिक्षा को फिर से उन्मुख करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक ऐसी मानसिकता विकसित करने के महत्व को भी रेखांकित किया जो नवाचार और संस्थागत सुधार को प्रोत्साहित करती है अतिरिक्त रचनात्मकता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘‘एक अनिश्चित दुनिया में निर्णय लेने की आपकी क्षमता और नए संदर्भों के अनुकूल होने की आपकी उपयोगिता बहुत महत्वपूर्ण हो जाएगी‘‘,।
उन्होंने उच्च शिक्षा के संस्थानों को विभिन्न परिस्थितियों के लिए ‘‘अनुकूल, विकसित और प्रतिक्रिया‘‘ की सलाह दी।
उपराष्ट्रपति ने उद्योग-संस्थान लिंकेज को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने स्नातक प्रबंधन छात्रों से आग्रह किया कि वे कृषि उपज के विपणन में सुधार के लिए किसानों के साथ काम करें।
उपराष्ट्रपति ने प्राचीन काल से ही शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में जम्मू-कश्मीर के महान योगदान को भी याद किया। क्षेत्र से पतंजलि, आनंदवर्धन, लल्लेश्वरी और हब्बा खातून के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने सीखने और नवाचार की समृद्ध संस्कृति को समृद्ध करने में निरंतरता का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर उपराज्यपाल, मनोज सिन्हा ने स्नातक छात्रों को बिजनेस मैनेजमेंट में नई यात्रा के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
छात्रों को निरंतर हैंडहोल्डिंग प्रदान करने के उद्देश्य से, उपराज्यपाल ने आईआईएम जम्मू, आईआईटी जम्मू और एनआईटी श्रीनगर के 10 छात्रों के लिए वार्षिक ‘‘एलजी छात्रवृत्ति‘‘ की घोषणा की।
उपराज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए, उनसे जीवन के सच्चे गुणों को समझने और राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के लिए बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया। अतिरिक्त छात्रों को अनुकूलन क्षमता के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने तथा जीवन भर ज्ञान को अपनाने की क्षमता को बनाये रखने पर जोर दिया।
तेजी से बदलते बाजार के रूझानों और बढ़ी हुई व्यवसाय प्रबंधन चुनौतियों पर बोलते हुए, उपराज्यपाल ने उभरते हुए कौशल सेटों के अप-स्केलिंग पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मांग के अनुसार मानव पूंजी को तैयार किया जा सके और कौशल गैप को विकसित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि “हमें बाजार की मांग के अनुसार फ्यूचर बिजनेस मैनेजर का उत्पादन करने की आवश्यकता है जोकि पूरे व्यापार प्रबंधन पारिस्थितिकी तंत्र और युवाओं के अभिविन्यास को बाजार के रुझानों की गतिशीलता के पूरक के रूप में समय की आवश्यकता है।
उपराज्यपाल ने उल्लेख किया कि प्रबंधन क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने प्रबंधन रणनीति और नवाचार की पहचान की है, प्रबंधन उपकरण और प्रौद्योगिकी, और पोस्ट-कोविड परिदृश्य में महत्वपूर्ण विकास ड्राइवरों के रूप में पारस्परिक कौशल होता है।
अतिरिक्त माननीय प्रधान मंत्री ने बाजार के रुझानों में अप्रत्याशितता से निपटने के लिए एक ठोस आधार दिया है जोकि जम्मू-कश्मीर सरकार सभी प्रमुख विकास संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और उनका दोहन करने पर ध्यान दे रही है, ताकि हर बच्चे को बाजार की चुनौतियों से उबरने के लिए आवश्यक गुणों की पूर्ति का अवसर मिल सके।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमें अपने प्राचीन प्रबंधन गुरु से प्रबंधन का ज्ञान विरासत में मिला है, जिसे किसी तरह हमने बीच में ही खो दिया है। हमारे सिद्धांत, व्यावसायिक संबंध, ज्ञान और अनुसंधान को व्यावसायिक शिक्षा की मुख्य ताकत के रूप में वर्णित किया है।
उनहोंने ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे ठीक हो़ रही है। डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस दुनिया में, छात्रों, शिक्षकों और व्यवसाय प्रबंधन के सभी हितधारकों को विकसित करके, हम एक साथ समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ सकते हैं।
हाल ही में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में दिल्ली, गोवा, बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों की तुलना में बेरोजगारी की दर कम है, जो खुद बेरोजगारी के गंभीर मुद्दे को दूर करने की दिशा में केंद्र सरकार के मजबूत संकल्प के बारे में बोलते हैं। ।
उपराज्यपाल ने प्रबंधन अध्ययन में अपने लिए एक विशिष्ट स्थान बनाने के लिए आईआईएम जम्मू को बधाई दी। उन्होंने दीक्षांत समारोह में शामिल होने और छात्रों के मनोबल को बढ़ाने के लिए माननीय उपराष्ट्रपति का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को भी बधाई दी।
उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, ने एमओएस, पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, हेतु कहा कि जेएंडके का संघ राज्य क्षेत्र है जोकि उत्तर भारत का एजुकेशनल हब बनेगा।
युवा पीढ़ी बहुत अधिक आकांक्षी है और सरकार ने उनकी आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, युवाओं को एक स्तरीय खेल मैदान के साथ सुविधा प्रदान की है ताकि वे न्यू इंडिया के आर्किटेक्ट बन सकें।
यूनियन एमओएस ने जेएंडके के विकास और विकास के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सुधारकारी उपायों को भी विष्लेषन किया।
उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने वाले 2018-20 और 2019-21 बैच के छात्रों को पदक प्रदान किए। दीक्षांत समारोह के दौरान, कुल 148 छात्रों को बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री में मास्टर के साथ सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मिलिंद कांबले, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईएम जम्मू ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान, आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बी.एस. सहाय ने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें विश्वविद्यालय की पिछली उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
बैठक में राज्य चुनाव आयुक्त केवल कुमार शर्मा, उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, विभिन्न विश्वविद्यालयों के उपकुलपति, प्रशासनिक सचिव बीओजी आईआईएम के सदस्य दीक्षांत समारोह में संकाय और छात्रों के परिवार के सदस्यों के अलावा प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

अटल डुल्लू ने कोविड-19 की तैयारियों हेतु आष्वासन दिया


जम्मू 09 अप्रैल 2021-वित्तीय आयुक्त स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, अटल डुल्लु ने यहां सिविल सचिवालय में कोविड-19 प्रबंधन के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अस्पतालों में बेड की उपलब्धता और ऑक्सीजन समर्थित बेड की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में वित्तीय आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि आरटीपीसीआर परीक्षण करने की क्षमता कम से कम 10 हजार परीक्षणों से अधिक हो सकती है। उन्होंने कश्मीर डिवीजन में न्यूनतम 18 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों और जम्मू डिवीजन में 5 ऐसे संयंत्रों के तत्काल कार्यों का लक्ष्य रखा तथा दोनों प्रभागों में सरकारी अस्पतालों में इन सुविधाओं की उपलब्धता को देखने के लिए एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति हेतु निर्देष दिया।
बैठक में वित्तीय आयुक्त ने अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने दोनों डिवीजनों से निदेशक स्वास्थ्य को कोविड अस्पतालों का दौरा करने और चैबीसों घंटे सभी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीएमओ को कोविड शमन से संबंधित लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए भी निर्देश दिया।
वित्तीय आयुक्त ने गहन देखभाल टीमों को श्रेणी 1 समर्पित कोविड अस्पतालों में प्रतिनियुक्त करने तथा इन टीमों के अलावा स्वास्थ्य विभाग को अगले कुछ दिनों में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और पोर्टेबल वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देष दिया। अतिरिक्त श्रेणी 2 कोविड स्वास्थ्य केंद्रों के लिए, एक चिकित्सक, ईसीजी मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कई गुना और बेडसाइड मॉनिटर की घड़ी की उपस्थिति पर भी जोर दिया।
कोविड केयर सेंटरों के बारे में, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आइसोलेशन बेड, बिस्तर, ऑक्सीजन कंसंटेटर, बीपी उपकरण, पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, नॉन कॉन्टैक्ट थर्मामीटर, पीपीई किट और हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन की मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा उन मरीजों को सुविधाएं प्रदान करने को कहा जिनके पास घर मे जगह की कमी है।
अटल डुल्लू ने अलगाव बैड, समर्थित बैड, आईसीयू बैड और वेंटिलेटर की उपलब्धता के बारे में जिलेवार आंकड़े भी मांगे तथा दोनों डिवीजनों में अस्पतालों की संख्या और उनकी क्षमता के बारे में उन्हें विविरण दिया गया।
बैठक में एमडी एनएचएम, यासीन चैधरी, निदेशक स्वास्थ्य जम्मू, डॉ. रेणु शर्मा, एमडी जेकेएमएससीएल डॉ. यशपाल शर्मा, कमांड मेडिकल सीएच सीआरपीएफ जम्मू, एमओ सीएच सीआरपीएफ जम्मू डॉ. दिनेश पिठौरिया, डॉ. अनु गोरके, और जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन, अन्य लोग भी उपस्थित थे। अतिरिक्त निदेशक एसकेआईएमएस श्रीनगर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं कश्मीर और विभिन्न सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

नवीन चैधरी ने आलू बीज गुणा फार्म गुलमर्ग का दौरा किया
आधुनिक वैज्ञानिक तर्ज पर खेती को और बढ़ावा दिया जाए


श्रीनगर 09 अप्रैल 2021-विभागीय खेतों को और बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कृषि गतिविधियों के मौके का आकलन करने हेतु घटनाओं के क्रम को जारी रखते हुए, प्रिंसिपल सचिव एपी और एफडब्ल्युडी नवीन कुमार चैधरी ने आलू बीज गुणन फार्म गुलमर्ग का दौरा किया।
इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए, प्रिंसिपल सचिव ने आधुनिक वैज्ञानिक लाइनों पर गुलमर्ग फार्म को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला ताकि न केवल घाटी की आलू बीज की आवश्यकता का ध्यान रखा जा सके, बल्कि अधिशेष बीज को कुछ अन्य राज्यों को भी उपलब्ध करवाया जा सके।
उन्होंने कहा कि आलू बीज गुणन फार्म विभाग की एक संपत्ति है और विश्व स्तर पर इस्तेमाल किए जाने वाले आलू की खेती में नवीनतम तकनीकी हस्तक्षेप को अपनाया जाना चाहिए ताकि इस तरह के उच्च ऊंचाई वाले बीज बहुल कृषि फार्म का सबसे अच्छा उपयोग प्राप्त किया जा सके।
प्रिंसिपल सचिव ने कहा कि कृषि भूमि के उपयोग के लिए नवीन विचारों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने खेतों में काम करने वाले अधिकारियों को जमीन पर परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता और समन्वय के साथ काम करने हेतु जोर डाला ताकि इन खेतों के अस्तित्व का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।
नवीन चैधरी ने आलू की खेती के लिए पूरे गुलमर्ग फार्म का उपयोग करने का निर्देश दिया और इस वर्ष के लिए 2500 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले आलू के बीज का लक्ष्य निर्धारित किया, उन्होंने अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों से इसे चुनौती के रूप में लेने और सभी आवश्यक सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
निदेशक कृषि चैधरी मोहम्मद इकबाल ने खेत का विस्तृत विवरण दिया और प्रधान सचिव को खेत में की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव के साथ निदेशक कृषि कश्मीर चैधरी मोहम्मद इकबाल, आलू विकास अधिकारी कश्मीर वहीद-उर-रहमान, फार्म प्रबंधक एसएम फार्म गुलमर्ग और विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी थे।

सलाहकार बसीर खान ने जम्मू के उधोग भवन में प्रतिनिधिमंडलों सेे भेंट की


जम्मू, 07 अप्रैल 2021-ं उपराज्यपाल के सलाहकार बसीर अहमद खान ने उधोग भवन जम्मू में जनसुनवाई के दौरान कई प्रतिनिधिमंडलों और व्यक्तियों से भेंट की।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और व्यक्तियों ने अपने मुद्दों और मांगों को सलाहकार के समक्ष रखा। सार्वजनिक आउटरीच के दौरान विभिन्न विभागीय प्रमुख भी उपस्थित थे जिनको मौके पर ही कार्रवाई करने हेतु निर्देष दिये गये।
इस अवसर पर सलाहकार ने सरकार द्वारा जनता के कल्याण हेतु योजनाओं और सुषासन की बात को दोहराते हुए वर्णन किया। उन्होंने उपराज्यपाल द्वारा तत्काल शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान देने के साथ सभी तरीकों से जनता तक पहुंचने के लिए दिए गए निर्देशों पर विषेश जोर दिया।
विभिन्न प्रकार के मुद्दों के साथ कई प्रतिनिधिमंडलों ने सलाहकार को शिकायतों के निवारण के लिए कहा।
इस अवसर पर सलाहकार ने सभी प्रतिनिधिमंडलों और व्यक्तियों को षांतिपूर्वक सुना तथा संबंधित विभागों द्वारा वास्तविक शिकायतों और मुद्दों को संबोधित करने हेतु सुनिष्चित किया। उन्होंने कहा कि लोगों के मुद्दों को हल करना वर्तमान प्रशासन की प्राथमिकता है और हर विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह सभी शिकायतों पर जल्द प्रतिक्रिया दे।
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश की सरकार आम जनता के दरवाजे पर शासन लाने के लिए प्रतिबद्ध है और विकास प्रक्रिया में जनता की भागीदारी पर विशेष ध्यान देने के साथ विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई सुधारों की शुरुआत भी की गई है।
सलाहकार ने आम जनता के वास्तविक मुद्दों से निपटने में सक्रिय रहने और विशिष्ट शिकायतों को अपने स्तर पर समाधान करने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को जोर दिया।

सलाहकार भटनागर ने नुनवान बेस कैंप का दौरा किया, श्री अमरनाथजी यात्रा हेतु व्यवस्था की समीक्षा की


जम्मू, 07 अप्रैल 2021-उपराज्यपाल के सलाहकार, राजीव राय भटनागर ने नुनवान बेस कैंप, पहलगाम का दौरा किया और श्री अमरनाथजी यात्रा 2021 के सुचारू संचालन के लिए किये जा रहे प्रबंधों का जायजा लिया।
इस अवसर पर सलाहकार के साथ डीडीसी अध्यक्ष अनंतनाग, सीईओ, पहलगाम विकास प्राधिकरण, सहायक आयुक्त राजस्व अनंतनाग, अतिरिक्त एसपी, सीआरपीएफ अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों भी थे।
इस अवसर पर सलाहकार ने सम्बंधित अधिकारियों से यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के अतिरिक्त आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छत्ता और स्वच्छ शौचालय सुविधाओं को सुनिश्चित करने हेतु तथा सभी संबंधित विभागों को हर शिविर स्थान पर उचित गुणवत्ता की स्वच्छता सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देष दिये। अतिरिक्त पवित्र गुफा के लिए पूरे मार्ग की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने उन्हें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
सलाहकार ने लंगर सेवाओं, बिस्तर, तम्बू सेवाओं और यात्रियों सहित अन्य सेवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए तथा स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार टेंट को खड़े किये जाने के निर्देष दिये।
सलाहकार भटनागर ने अधिकारियों से सिविल अस्पताल में काम की गति में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्हांेंने प्रभावी यातायात और यति आचरण के साथ-साथ सुरक्षा वृद्धि के उपायों की आवश्यकताओं पर भी चर्चा की।
सलाहकार ने अधिकारियों को बेस कैंप में एसटीपी के सुचारु संचालन के लिए पावर बैकअप के अलावा विशेष रूप से टट्टूओं से सम्बंधित सुविधाओं पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को जमीन स्तर पर आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए विभागों के भीतर सुधार और समन्वय के लिए निर्देष दिये।
अतिरिक्त उन्होंने मौके पर कई मुद्दों को भी हल किया और डीडीसी अध्यक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों की भी जानकारी प्राप्त की।

मानव संसाधन गतिविधियों का पूरा स्वचालन, अधोसंरचना का प्रबंधन, अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए परियोजना निष्पादन- उपराज्यपाल


ई-शासन पहल द्वारा नागरिकों को एक बटन के क्लिक करते ही परियोजनाओं के विवरण तक पहुंचने हेतु सक्षमता- उपराज्यपाल
‘हमारी सडक’ ऐप शिकायत प्रबंधन प्रणाली को मजबूती हेतु उत्तरदायित्व बनायेगी जबकि “तमीर तरक्की” ऐप प्रभावी परियोजनाओं का सुपरविजन सुनिश्चित करेगा

जम्मू, 06 अप्रैल 2021-ई-गवर्नेंस ढांचे को मजबूत करने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ कदम उठाते हुए, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जेके पब्लिक वर्क्स- ऑनलाइन मैनेजमेंट, मॉनिटरिंग एंड अकाउंटिंग सिस्टम (जेकेपीडब्ल्यू-ओएमएमएएस) के अलावा दो ऐप भी लॉन्च किए जोकि जम्मू-कश्मीर लोक निर्माण विभाग (आरएंडबी) के ‘‘हमारी सडक‘‘ और ‘‘तमीर तरक्की‘‘ है।
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सीएंडडीएसी) और जेएंडके ई-गवर्नेंस एजेंसी, आईटी विभाग के माध्यम से ऑनलाइन पहलों का विकास किया गया है जोकि निम्नलिखित कार्यों के साथ बुनियादी ढांचे के पूर्ण ऑनलाइन प्रबंधन और निगरानी की सुविधा प्रदान करेगा। जीआईएस सक्षम इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सिस्टम, जियो ट्रैकिंग सड़कें, इन्फ्रास्ट्रक्चर की ऑनलाइन खोज, जीआईएस की जानकारी के साथ नए इन्फ्रास्ट्रक्चर को जोड़ना, ओपन स्ट्रीट मैप के साथ ड्रॉ रोड और इन्फ्रास्ट्रक्चर का गतिशील अपडेट किया जायेगा।
यह मानव संसाधन गतिविधियों के पूर्ण स्वचालन को भी सक्षम करेगा। ऑनलाइन कर्मचारी विवरण, ऑनलाइन वरिष्ठता सूची, ऑनलाइन एपीआर, नए कर्मचारी के अलावा, कर्मचारी जानकारी के ऑनलाइन अद्यतन जैसे संसाधन होंगे।
उपराज्यपाल ने लोक निर्माण (आर एंड बी) विभाग को ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित करने के लिए बधाई दी, विभाग के समग्र कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा और जनभागीदारी को सार्वजनिक क्षेत्र में सूचना के सहज प्रवाह द्वारा परियोजना निष्पादन प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाने हेतु सरकार द्वारा पहल की गई।।
उपराज्यपाल ने कहा कि मानव संसाधन गतिविधियों की पूर्ण स्वचालन, प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की निगरानी, परियोजना प्रस्ताव और अनुमान, परियोजना निष्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण पीडब्लू (आरएंडबी) विभाग के कामकाज में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए किया जा रहा है।
इस अवसर पर नई ऑनलाइन पहलों का उद्देश्य शिकायत प्रबंधन प्रणाली को नई शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण, शिकायतों पर नजर रखना, ऑनलाइन निगरानी और वास्तविक समय की शिकायत रिपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण विशेषताओं को शामिल करके मजबूत और उत्तरदायी बनाना है।
उन्होंने कहा कि लोग पीडब्लू (आरएंडबी) विभाग के बारे में ‘‘हमारी सडक‘‘ ऐप के माध्यम से अपनी शिकायतों को दर्ज कर सकते हैं जबकि ‘‘तमीर तरक्की‘‘ ऐप फील्ड कर्मचारियों द्वारा परियोजना की स्थिति के गतिशील अपडेशन द्वारा प्रभावी परियोजना पर्यवेक्षण सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी एक बटन के क्लिक करते ही सम्पूर्ण परियोजनाओं का विवरण ले सकता है।
यह पहल ऑनलाइन एसओआर की उपलब्धता, एसओआर वस्तुओं को देखने, गैर-एसओआर वस्तुओं के ऑनलाइन विश्लेषण, परियोजना प्रस्ताव और ऑनलाइन परियोजना प्रस्तावों के निर्धारण के साथ आकलन तथा विलोपन और संशोधन के माध्यम से दरों की अनुसूची (एसओआर) के स्वचालन को भी कवर करती है। परियोजना के घटक, एसओआर से दरों की ऑनलाइन निकासी, प्रशासनिक स्वीकृति लेने के लिए ऑनलाइन सुविधा, ऑनलाइन तकनीकी मंजूरी का प्रावधान, कार्य प्रगति ऑनलाइन देखने का कार्यक्षेत्र, कार्य प्रगति का वास्तविक समय अद्यतन, आवेदन करने का समय सीमा विस्तार द्वारा परियोजना निष्पादन ईओटी), ऑनलाइन सत्यापन और ईओटी की स्वीकृति, नई गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, कार्यों की स्वचालित गुणवत्ता ग्रेडिंग और गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट को जोड़कर गुणवत्ता नियंत्रण, नई शिकायतों की ऑनलाइन पंजीकरण ट्रैकिंग के माध्यम से शिकायत प्रबंधन किया जायेगा।
प्रधान सचिव, आरएंडबी विभाग, शैलेन्द्र कुमार ने उपराज्यपाल को जेके पब्लिक वर्क्स- ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी और लेखा प्रणाली (जेकेपीडब्ल्युएंडओएमएमएएस) के बारे में जानकारी दी। जिसमें परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है जोकि बुनियादी ढांचा प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, ठेकेदार प्रबंधन प्रणाली, परियोजना प्रस्ताव एवं अनुमान का स्वचालन, परियोजना निष्पादन और प्रगति का स्वचालन, ऑनलाइन गुणवत्ता और निगरानी, ऑनलाइन सुरक्षा लेखा परीक्षा और बिलिंग, भुगतान तथा लेखा प्रक्रियाओं के स्वचालन के पहले चरण में कवर किया गया हैं।
दूसरे चरण में, एसेट्स मेंटेनेंस, इप्लिमेंटेशन और फीडबैक, न्यूज एंड रिपोर्ट्स और हेल्पलाइन फॉर स्नो क्लीयरेंस जैसे काम कवर किए जाएंगे।
पीडब्ल्यु, आरएंडबी के कर्मचारियो) को पूर्ण हैं डहोल्डिंग, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके अलावा, मानक संचालन प्रक्रिया और कर्मचारियों के मैनुअल जारी किए गए हैं ।
उपराज्यपाल ने श्री अमरनाथ जी यात्रा के मार्गों पर आरएंडबी विभाग द्वारा चलाए जा रहे कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया, और प्राथमिकता पर उनके पूरा होने के लिए सख्त निर्देश जारी किए, ताकि समयानुसार तीर्थयात्रियों हेतु सुविधाएं उपलब्ध की जा सके।
उपराज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को मई से पहले रामबन में तीर्थयात्रियांे हेतु धारण क्षमता बढ़ाने के लिए जी ़ 2 संरचना का निर्माण सुनिश्चित हेतु निर्देष दिये।
बैठक में उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, वित्त आयुक्त, वित्त विभाग अरुण कुमार मेहता, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नीतीश कुमार, प्रशासनिक सचिव, आईटी विभाग सिमरनदीप सिंह, विकास आयुक्त (वर्क्स) पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता सामी आरिफ यसवी, तथा संबंधित विभागों के एचओडी और वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से और वीडियों कान्फ्रैंसिंग मोड के माध्यम से लॉन्चिंग समारोह में भाग लिया।

सलाहकार खान ने डब्ल्युडीसी के 28वें एजीएम की अध्यक्षता की
18000 लाभार्थियों के बीच कॉर्प ने 240 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया


जम्मू, 06 अप्रैल 2021-उपराज्यपाल के सलाहकार फारूक खान ने जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम की 28वीं वार्षिक बैठक (एजीएम) की अध्यक्षता की।
बैठक में शीतल नंदा, सचिव समाज कल्याण, डॉ. नाहिद सोज प्रबंध निदेशक डब्ल्यूडीसी, रजनीश गुप्ता तथा सचिव वित्त विभाग अनिल कुमार डोगरा, निदेशक वित्त एसडब्ल्युडी मोहम्मद अशरफ हक तथा निगम के कई अन्य अधिकारियों उपस्थित थे।
बैठक के दौरान वर्ष 2018-19 के खातों तथा महिला विकास निगम की कार्यक्षमता को प्रोत्साहन करते हुए बातचीत की गई। अतिरिक्त सलाहकार ने सलाहकार ने ऑडिटरों के अनुसार ऋण चुकाये जाने का निर्देष देते हुए गर्भवती तथा हाल ही षिषुओं को जन्म देने वाली महिलाओं के साथ विनम्रता बरतने और समय देने को कहा।
सचिव, समाज कल्याण विभाग ने निगम के खातों को पूरा करने के लिए डब्ल्यूडीसी के प्रबंधन और कर्मचारियों की प्रषंसा करते हुए 2020-21 विŸाीय वर्श के भी खातों को सुचारू करने को कहा।
प्रबंध निदेशक, डॉ नाहिद सोज ने डब्ल्यूडीसी द्वारा 240 करोड़ रुपये का वितरण तथा विभिन्न योजनाओं के तहत 18000 लाभार्थियों को लाभान्वित करने की जानकारी दी अतिरिक्त 95 प्रतिषत ऋण वसुली की भी जानकारी दी।
अतिरिक्त शेयरधारकों को षेयर आवंटित करने तथा उन्हें वर्ष 2020-21 के लिए खातों को निदेशक मंडल के समक्ष रखे जाने की भी जानकारी दिये जाने का विवरण दिया गया। प्रबंध निदेशक ने आगे बताया कि निगम की वित्तीय स्थिति भविश्य में पदोन्नत होने की आषा है।

सलाहकार बसीर खान द्वारा सार्वजनिक सुनवाई के लिए 7 अप्रैल को स्थान बदल कर जम्मू के उद्योग भवन में की जायेगी


जम्मू 06 अप्रैल 2021- उपराज्यपाल के सलाहकार बसीर अहमद खान की जन सुनवाई का स्थान बदलकर उद्योग भवन, जम्मू कर दिया गया है। हालाँकि तारीख और समय एक ही रहेगा। पहले जन सुनवाई जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाली थी।
सार्वजनिक प्रतिनिधिमंडल और व्यक्ति, जो अपनी शिकायतों और मांगों को सरकार के ध्यान में लाना चाहते हैं, 7 अप्रैल को सुबह 11ः30 बजे से जम्मू के उद्योग भवन में सलाहकार से मिल सकते हैं।
सभी प्रतिनिधिमंडल, व्यक्तियों या अन्य लोग जो सलाहकार से मिलना चाहते हैं उन्हें दिये गये फोन नंबरः 9797776541, 7889805669 पर पूर्व नियुक्ति लेनी होगी।
सभी लोग जो कार्यक्रम स्थल पर आएंगे, उनसे अनुरोध है कि वे सभी स्वास्थ्य देखभाल दिशानिर्देशों का पालन करें और प्रतिनिधिमंडल कोरोना महामारी को देखते हुए तीन सदस्यों से अधिक नहीं होने चाहिए।

नवीन चैधरी ने बीज खरीदारी का जायजा लिया


श्रीनगर 06 अप्रैल 2021-कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग के प्रिंसिपल सचिव नवीन कुमार चैधरी ने कृषि निदेशालय, लाल मंडी में 2021 में बीज खरीदने और तैयारियों की रणनीति तैयार करने के लिए श्रीनगर में अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में निदेशक कृषि चैधरी मोहम्मद इकबाल, संयुक्त निदेशक बीज कीटनाशक और उर्वरक कश्मीर, संयुक्त निदेशक फार्म, मसाले, औषधीय पौधे, खरीद मंडियां और भूमि उपयोग, संयुक्त निदेशक एपिकल्चर और मशरूम विकास, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, संयुक्त निदेशक मार्केटिंग पीएचएम, इंफ्रा और एफएम तथा कश्मीर डिवीजन के संयुक्त निदेशक कृषि इंजीनियरिंग ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया।
निदेशक एपी और एफडब्ल्यूडी जम्मू के.के. शर्मा और जम्मू डिवीजन के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
बैठक में राष्ट्रीय बीज निगम, एसएटीई और निजी एजेंसियों से अलग-अलग फसल के बीज खरीदने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई और खादी सीजन 2021 की तैयारियो का भी जायजा लिया गया।
बैठक में प्रिंसिपल सचिव ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बीज खरीद के तीन साल के विजन पर जोर दिया जाये। उन्होंने बीज की खरीद के लिए व्यापक दिशानिर्देश तैयार करने तथा खरीद के लिए तरीकों को संस्थागत बनाया जाने पर जोर दिया।
उन्होंने किसानों को वितरण से पहले बीज की गुणवत्ता जांच और परीक्षण और राष्ट्रीय बीज निगम जैसे प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से इसकी खरीद के लिए निर्देष दियें।
उन्होंने अधिकारियों को सब्जियों, औषधीय पौधों, मसालों, मिर्च, आलू के बीज, जीरा इत्यादि सहित नकदी फसलों की खेती के लिए अपने संसाधनों का प्रबंधन करने का निर्देश दिया, जो किसानों के लिए लाभदायक होगा।
उन्होंने आगे कहा कि बीज अन्य वस्तुओं और सेवाओं की तरह नहीं है और कहा कि गुणवत्ता वाले बीज की खरीद में कोई ढिलाई नहीं होगी। उन्होंने विश्वसनीय एजेंसियों से गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उचित तकनीकी रणनीति को लागू करने का भी निर्देश दिया।
प्रिंसिपल सचिव ने विश्वविद्यालयों के परीक्षण के अलावा स्थानीय जलवायु परिस्थितियों में इसकी गुणवत्ता और व्यवहार्यता की जांच के लिए बीज की जीनोम मैपिंग के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे की स्थापना का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पूरे देश हेतु बीज उत्पन्न की क्षमता है तथा उन्होंने जम्मू-कश्मीर में ब्लॉक स्तर सर्वेक्षण करने और नकदी फसलों की पहचान करने का आह्वान किया जोकि ब्लॉक की परिस्थितियों के अनुकूल होंगा।

सांसद कुंवर दानिश अली ने उपराज्यपाल से भेंट की


श्रीनगर 05 अप्रैल 2021-संसद सदस्य (लोकसभा) अमरोहा, कुंवर दानिश अली ने राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भेंट की।
सांसद ने उपराज्यपाल के साथ सार्वजनिक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने यूटी के वर्तमान विकास परिदृश्य पर भी अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू, कश्मीर विकास और समृद्धि के नए युग की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए कई सुधारकारी कदम उठा रही है, इसके अलावा, यूटी के लोगों को सशक्त बनाने हेतु सकारात्मक बदलाव की लहर भी अग्रसर होती जा रही है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री बेग और उनकी पत्नी का उपराज्यपाल ने स्वास्थ्य पूछा


जम्मू 05 अप्रैल 2021-उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम मुजफ्फर हुसैन बेग और उनकी पत्नी सफीना बेग के स्वास्थ्य की जानकारी फोन द्वारा ली।
उपराज्यपाल ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने हेतु प्रार्थना की।
मुजफ्फर बेग और उनकी पत्नी कोविड-19 के सकारात्मक परीक्षण के बाद घरेलू संगरोध में हैं, जहां डॉक्टर नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।

सूचना विभाग के निदेशक राहुल पांडे और कर्मचारियों ने जहूर-उ-दीन के निधन पर शोक व्यक्त किया


जम्मू 05 अप्रैल 2021-निदेशक सूचना और जनसंपर्क, राहुल पांडे ने विभाग के एक कर्मचारी जहूर-दीन के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया।
इस संबंध में, मीडिया कॉम्प्लेक्स डीआईपीआर में निदेशक द्वारा एक शोक सभा बुलाई गई जिसमें निदेषक की अध्यक्षता में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने जहूर-उ-दीन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया जो विभाग के आर.आर विंग में कार्यरत थे।
इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभाग में उनके योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि उनकी मृत्यु विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि जहूर-उ-दीन विभाग के लिए अति महत्वपूर्ण थे जिन्होंने हमेशा निश्ठा से विभाग के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।