हरियाणा में स्थानीय निकाय की बैठकों में महिला पार्षदों के स्थान पर उनके परिजनों के बैठने और हस्तक्षेप करने के प्रयासों पर प्रदेश सरकार ने कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्णय लिया है 
चंडीगढ़, 16 जनवरी- हरियाणा में स्थानीय निकाय की बैठकों में महिला पार्षदों के स्थान पर उनके परिजनों के बैठने और हस्तक्षेप करने के प्रयासों पर प्रदेश सरकार ने कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्णय लिया है कि भविष्य में पालिकाओं की होने वाली बैठकों में केवल जनप्रतिनिधि ही हिस्सा लेंगे और सरकार लगातार तीन बैठकों से नदारद रहने वाले पार्षदों को उनके पद से हटाने से भी पीछे नहीं हटेगी।   
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत एवं पालिका चुनावों में महिला जनप्रतिनिधियों को प्रोत्साहित कर रही प्रदेश सरकार अब महिला जनप्रतिनिधियों द्वारा पालिका के सदन की बैठक से नदारद रहने तथा उनके प्रतिनिधि के तौर पर पति अथवा अन्य किसी परिजन के शिरकत करने को सख्ती से ले रही है। 
इस संबंध में विभाग द्वारा सभी आयुक्त नगर निगम, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारियों, नगर पालिका के सचिवों को जारी पत्र में उन्हें हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 की धारा 25 तथा हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 52 के तहत पालिकाओं के सदन की बैठक प्रत्येक माह में एक बार कराने को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहरी क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ उनकी निगरानी को सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ-साथ हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 की धारा 14(सी) तथा हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 34(डी) के तहत लगातार सदन की तीन बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले पार्षदों को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया को भी गंभीरता से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं। 
यही नहीं हरियाणा नगर पालिका बिजनेस बाइलाज, 1981 के उप नियम 7 के तहत सदन की बैठक में जनप्रतिनिधि की जगह उनका रिश्तेदार नहीं बैठ सकता। इस संदर्भ में निर्वाचित महिला पार्षदों की नियमित रूप से उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा उनके परिजनों द्वारा बैठक में हस्तक्षेप नहीं करने देने को लेकर भी प्रयास किया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार महिलाओं को राजनीति में प्रोत्साहन देते हुए उन्हें आगे बढऩे के लिए उचित माहौल दे रही है। वर्तमान में प्रदेश में 42 प्रतिशत जनप्रतिनिधि महिलाए हैं, ऐसे में यदि वह अपनी आवाज खुद उठाने की बजाय अपने रिश्तेदार के माध्यम से उठाएंगी तो उनकी राजनीतिक क्षमता का विकास नहीं होगा, जिससे हमारी महिलाओं को राजनीतिक तौर पर सशक्त करने की पहल को नुकसान होगा। 
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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