मुख्यमंत्री का विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को संशोधित रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश
लखनऊ: 01 अगस्त, 2018:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से परम्परागत व्यवसायों से जुड़े कारीगरों, शिल्पियों को अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, टूल किट, ऋण एवं अनुदान प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण के दौरान भत्ता दिये जाने की व्यवस्था की जाए। प्रशिक्षण के उपरान्त लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां शास्त्री भवन में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से सम्बन्धित एक प्रस्तुतिकरण के दौरान व्यक्त किये। योजना को संशोधित रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संशोधित योजना में पारम्परिक पेशों से सम्बद्ध लोगों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में कारीगर, हस्तशिल्पी पारम्परिक कार्याें के माध्यम से जीविकोपार्जन करते हैं। ये हस्तशिल्पी और कारीगर पारम्परिक कार्याें में अत्यन्त प्रतिभाशाली हैं। इनके हुनर को तराशने के लिए इनका प्रशिक्षण तथा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक लाभार्थियों का चयन कर उन्हें चरणबद्ध ढंग से लाभान्वित किया जाए। राज्य सरकार इस कार्य के लिए धन की कमी नहीं होने देगी।
इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी, मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन सचिव श्री भुवनेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *