सरकार ने मत्स्य पालन के व्यवसाय में लगे या इसके इच्छुक अनुसूचित जाति के परिवारों की भलाई के लिए विभिन्न अनुदान योजनाएं शुरू की

चण्डीगढ़, 19 जुलाई- हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन के व्यवसाय में लगे या इसके इच्छुक अनुसूचित जाति के परिवारों की भलाई के लिए विभिन्न अनुदान योजनाएं शुरू की हैं ताकि  आजीविका बढ़ाकर उनका सामाजिक उत्थान सुनिश्चित किया जा सके।

        मत्स्य पालन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मछली पालन हेतु ग्रामीण तालाबों को पट्टे पर लेने के लिए प्रथम वर्ष के दौरान पट्टा राशि पर  50 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर अथवा वास्तविक पट्टा राशि का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा दो लाख रुपये होगी।

        उन्होंने बताया कि अधिसूचित पानियों में मछली पकड़ने के लिए स्वीकृत कुल बोली का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम चार लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार, विभाग द्वारा स्थापित मछली मण्डियों में मछली की थोक बिक्री के लिए दुकान किराये पर लेने हेतु किराये का 50 प्रतिशत या पांच हजार रुपये प्रतिमाह, जो भी कम हो तथा मछली की परचून बिक्री के लिए दुकान के किराये का 50 प्रतिशत या तीन हजार रुपये प्रतिमाह, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा।

        प्रवक्ता ने बताया कि मछली पालकों को 15 हजार रुपये के जाल की खरीद पर 50  प्रतिशत की दर से अनुदान दिया जाएगा।  इसी प्रकार, खाद-खुराक पर 60 प्रतिशत की दर से प्रति हैक्टेयर 90,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख 80 हजार रुपये है। उन्होंने बताया कि मछली पालकों को छोटे आकार की रंगीन मछलियों की बेकयार्ड हैचरी स्थापित करने पर  50 प्रतिशत की दर से 12500 रुपये तथा मध्यम आकार की रंगीन मछलियों की बैकयार्ड हैचरी की स्थापना पर 50 प्रतिशत की दर से एक लाख  रुपये प्रति व्यक्ति अनुदान दिया जाएगा।

        उन्होंने बताया कि दस दिन के प्रशिक्षण हेतु मत्स्य पालकों को 100 रुपये प्रतिदिन की दर से प्रशिक्षण भत्ता तथा अधिकतम 100 रुपये आने-जाने का किराया दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाली ग्राम पंचायतों द्वारा  पंचायती तालाब का सुधार कार्य करवाने पर शत्-प्रतिशत खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाएगा जोकि अधिकतम दो लाख रुपये प्रति हैक्टेयर  होगा।

        प्रवक्ता ने बताया कि यह वित्तीय सहायता अनुसूचित जाति के लिए लाभार्थियों के लिए है और इसके लिए आवेदन-पत्र के साथ अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र संलग्न होना चाहिए। इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन कमेटी द्वारा किया जाएगा तथा वित्तीय सहायता ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर तिमाही बजट की उपलब्धता के अनुसार प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदकों को अपना आवेदन-पत्र राज्य सरकार के सरल पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0180-2651349 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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