दिव्य और भव्य कुम्भ का आयोजन आस्था, अध्यात्म एवं आधुनिकता की त्रिवेणी के रूप में जाना जाएगा: प्रधानमंत्री
लखनऊ: भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनपद प्रयागराज में कुम्भ में स्वच्छता के लिए सफाईकर्मियों-श्रीमती चैबी, श्रीमती ज्योती, श्री प्यारेलाल, श्री होरीलाल, श्री नरेश कुमार के पांव पखारकर व कपड़े से पांव पोछकर उन्हें सम्मानित किया और अंग वस्त्र पहनाकर उनका अभिनन्दन किया। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इस बार के कुम्भ की पहचान स्वच्छता से हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिन सफाई कर्मी भाई-बहनों के चरण धुलकर मंैने वन्दना की है, वह पल मेरे साथ जीवनभर रहेगा। महात्मा गांधी ने 100 साल पहले स्वच्छ कुम्भ की इच्छा जताई थी, जब वह हरिद्वार कुम्भ में गए थे। इस सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।
प्रधानमंत्री जी आज प्रयागराज कुम्भ मेला क्षेत्र स्थित गंगा पण्डाल में कुम्भ मेला-2019 को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने वाले स्वच्छताकर्मियों, पुलिसकर्मियों व नाविकों के सम्मान में आयोजित ह्यस्वच्छ कुम्भ स्वच्छ आभारह्ण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने सफाईकर्मियों के लिए ह्यस्वच्छता सेवा सम्मान कोषह्ण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कोष से कुम्भ में लगे हुए सफाई कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा अन्य निम्न आयवर्ग के कार्मिकों को विशेष परिस्थितियों में आर्थिक मदद की जाएगी। यह देशवासियों की तरफ से सफाईकर्मियों के प्रति आभार है।
प्रधानमंत्री जी ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। उन्होंने संगम पर मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। साथ ही, उन्होंने त्रिवेणी संगम में दुग्धाभिषेक किया। पूजा-अर्चना के बाद दिव्य कुम्भ, भव्य कुम्भ सेल्फी प्वांइट पर उन्होंने फोटो भी खिंचवायी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि प्रयाग की भूमि पर आकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं। इस बार संगम में पवित्र स्नान करने का अवसर मिला। प्रयागराज का तप और तप के साथ इस नगरी का युगों पुराना नाता रहा है। कुम्भ में हठ योगी, तप योगी और मंत्र योगी भी हैं और इनके साथ मेरे कर्मयोगी भी हैं। ये कर्मयोगी वो लोग हैं, जो दिन रात मेहनत कर कुम्भ में सुविधा मुहैया कराए हैं। इन कर्मयोगियों में नाविक भी हैं। इन कर्मयोगियों में स्थानीय निवासी भी हैं। कुम्भ के कर्मयोगियों में साफ-सफाई से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। इन्होंने साफ-सफाई को पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना दिया।
प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा दिव्य एवं भव्य कुम्भ को सफल बनाने में किए गए परिश्रम की भी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अहर्निश प्रयास से ही यह महान आयोजन सकुशल सम्पन्न हो रहा है। पहले कुम्भ के लिए अस्थायी व्यवस्था होती थी, लेकिन इस बार स्थायी व्यवस्था की गई है, जो आगे भी प्रयागराज वासियों की सुविधा के साथ-साथ कुम्भ आदि आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि तप के साथ प्रयाग नगरी का नाता रहा है। जिस जगह 20-22 करोड़ लोग जुटे हों, वहां सफाई बहुत बड़ी चीज है। आपने साबित कर दिया है कि नामुमकिन कुछ भी नहीं है। कर्मयोगियों-स्वच्छाग्रहियों की मेहनत का पता मुझे दिल्ली में चलता था। उन्होंने कहा कि मीडिया में भी मैंने देखा है कि इस बार लोगों ने कुम्भ की सफाई की चर्चा की। इस बार कुम्भ की पहचान स्वच्छ कुम्भ के रूप में हुई है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज और नाविकों का पुराना सम्बन्ध है। बिना उनके भगवान श्रीराम की भी नैय्या पार नहीं लगी। मेरा और आपका रिश्ता है, क्योंकि आप खुद को भगवान राम का सेवक मानते हैं और मैं खुद को आपका प्रधानसेवक मानता हूं। मुझे जो कुछ मिला है मैंने मां गंगा की सेवा में समर्पित कर दिया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सफाई कर्मियों ने साबित किया कि दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं। यह सफाईकर्मी बिना किसी की प्रशंसा के चुपचाप अपना काम कर रहे थे। लोग कुम्भ की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। इस प्रशंसा के हकदार आप हैं। उन्होंने साउथ कोरिया में मिले सियोल शांति पुरस्कार की राशि को नमामि गंगे प्रोजेक्ट को समर्पित की है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सियोल शांति पुरस्कार के तौर पर मिली राशि को मैंने खुद के लिए नहीं रखा, बल्कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट को समर्पित कर दी है।
प्रधानमंत्री जी ने मेले में लगे पुलिस कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुम्भ में यूपी पुलिस ने जो भूमिका निभाई है, उसकी भी तारीफ चारों तरफ हो रही है। प्रधानमंत्री जी ने पुलिस बल एवं अर्द्धसैनिक बलों द्वारा दिन-रात लग कर किये गये सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन बलों ने बड़े ही सौम्य और मधुर व्यवहार से श्रद्धालुओं का मन जीता है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि एक डूबते हुए श्रद्धालु को बचाने में एन0डी0आर0एफ0 के जवान श्री राजेन्द्र गौतम द्वारा अपने प्राण न्यौछावर कर देना उत्कृष्ट सेवा की मिसाल के रुप में जाना जायेगा। उन्होंने दिवंगत राजेन्द्र गौतम जी के परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खोया-पाया विभाग तो सबको अपनो से मिला देता है। यहां खोया हुआ सामान भी मिल जाता था। दिव्य और भव्य कुम्भ का आयोजन आस्था, अध्यात्म एवं आधुनिकता की त्रिवेणी के रूप में जाना जाएगा। इसे डिजिटल कुम्भ के रुप में भी याद किया जाएगा। यहां साधु-संतों के आशीर्वाद और आप सभी के अनुशासन के कारण मेला सुरक्षित रूप से चल रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने गंगा पण्डाल के मंच पर सफाई कर्मचारियों में श्रीमती शीतल, श्रीमती सुमन देवी, श्रीमती चुनकी, श्री कल्लू, श्री सूरज एवं श्री किशोरी लाल तथा श्री राज कुमार व सुश्री नम्रता सिंह स्वच्छाग्रही, जल पुलिस के श्री मुनीश कुमार सिंह, सिविल पुलिस के श्री संतोष, अग्निशमन के श्री सुरेन्द्र कुमार, होमगार्ड के श्री नागेन्द्र कृष्ण पाण्डेय, सी.आर.पी.एफ. के जवान श्री विकास चन्द्र, एन.डी.आर.एफ. के जवान श्री देवप्रकाश तथा नाविकों में श्री राजू निषाद व श्री लल्लन निषाद का प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि देश में स्वच्छता का अलख जगाने वाले व दुनिया के सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रयागराज के कुम्भ में एक स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ मेले की कल्पना ने साकार रुप लिया है। इसके फलस्वरुप यहां पर मानवता का विशाल समागम हुआ। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में दिव्य एवं भव्य कुम्भ का आयोजन दुनिया के लिए एक यादगार बन गया है। प्रयागराज के कुम्भ में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगायी। प्रधानमंत्री जी स्वयं इस विशाल आयोजन के भागीदार बने और पूरे कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा जी को निर्मल और अविरल बनाने में निरंतर सहायक सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री जी गुजरात में थे तो, उन्होंने अपने 30 लाख रुपए की धनराशि से सचिवालय के सफाई/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए एक कोष की स्थापना कर उनके पुत्रियों की शादी आदि के लिए व्यय किया था। प्रधानमंत्री जी को मिले विभिन्न पुरस्कारों आदि की धनराशि भी वे गरीब कन्याओं की शादी के लिए प्रदान कर देते रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने 12.50 करोड़ रुपए की नीलाम हुयी अपनी वस्तुओं की धनराशि को नमामि गंगे हेतु दान कर दी। सियोल शान्ति पुरस्कार से प्राप्त धनराशि भी प्रधानमंत्री जी ने नमामि गंगे के लिए दान कर दी है। मुख्यमंत्री जी ने स्वच्छताग्रहियों, सफाईकर्मियों को दिव्य व भव्य कुम्भ बनाने में सहयोग करने पर कर्मयोगी बताते हुए उनका स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन में वे स्वच्छता के प्राण रुप में रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को कुम्भ कलश एवं कुम्भ का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने अपने सम्बोधन में सफाई कर्मचारियों की सेवा और साधना हेतु उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि सारे संसार ने कुम्भ मेले की व्यवस्था की तारीफ की गई है। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री जी के परिश्रम एवं प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से सम्भव हुई है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कुम्भ मेले की दिव्यता और भव्यता की चर्चा करते हुए कहा कि कुम्भ मेले में ऐसा दृश्य पहले कभी देखने को नहीं मिला है। पूरे विश्व में इसकी जय-जयकार हो रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित था।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी0एम0-किसान) का शुभारम्भ किया
लखनऊ: भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि आजादी के बाद किसानों के हित की सबसे बड़ी योजना-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी0एम0-किसान) उत्तर प्रदेश में बाबा गोरखनाथ की धरती से आरम्भ हो रही है। योजना के लिये देश के किसानों को बधाई देते हुये उन्होंने कहा कि गोरखपुर की जनता दोहरी बधाई की हकदार है। यहां के लोग इस योजना के शुभारम्भ के साक्षी बने हैं, साथ ही इस अवसर पर गोरखपुर की स्वास्थ्य, सड़क, रेल, रोजगार और गैस आदि क्षेत्रों की लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया है। इन परियोजनाओं से गोरखपुर सहित पूर्वांचल क्षेत्र की जनता का जीवन सुगम और सुविधानजक बनेगा। प्रधानमंत्री जी जनपद गोरखपुर के एफ0सी0आई0 कैम्पस में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पी0एम0-किसान) का शुभारम्भ तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि ह्यपी0एम0-किसानह्ण के प्रारम्भ होने से देश के करोड़ो किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध हो जाने से करोड़ो पशुपालक, मत्स्य पालक तथा दुग्ध व्यवसायी लाभान्वित होंगे। वर्तमान केन्द्र सरकार ने किसानों की छोटी-छोटी दिक्कतों पर भी ध्यान दिया और इनके सम्पूर्ण निवारण का कार्य किया। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिये केन्द्र सरकार हर साधन व संसाधन देने का प्रयास कर रही है। देश के किसानों के सशक्तीकरण के लिये पी0एम0-किसान योजना लागू की गयी है। आज 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 01 करोड़ 01 लाख किसानों के खातों में पहली किस्त की धनराशि अन्तरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके माध्यम से कुल 2021 करोड़ रुपये धनराशि किसानों के बैंक खातों में केन्द्र सरकार द्वारा सीधे भेजी गयी है। शेष किसानों को भी अगले कुछ सप्ताह में प्रथम किस्त की धनराशि उपलब्ध हो जायेगी। इस प्रकार देश के 12 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 02-02 हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल से ही टैबलेट कम्प्यूटर के द्वारा लाभार्थी किसानों के खातों में धनराशि का अन्तरण किया। पी0एम0-किसान योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 75 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे जाएंगे। इस योजना से 05 एकड़ अथवा उससे कम भूमि वाले देश के 12 करोड़ छोटे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इस राशि की उपलब्धता से अब इन किसानों को खेती के लिये बीज, दवा, खाद की खरीद, बिजली के बिल के भुगतान अथवा कृषि सम्बन्धी अपनी अन्य जरूरतों के लिये परेशान नहीं होना पड़ेगा। भारत सरकार प्रत्येक लाभार्थी किसान के खाते में हर साल सीधे 06 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर करेगी, ताकि वे अपनी जरूरतों का काम कर सकें। ह्यकिसान सम्मान निधिह्ण की यह राशि किसानों के हक की है। इसे कोई भी वापस नहीं ले सकता। इस योजना के तहत अगले 10 साल में किसानों के बैंक खातों में साढ़े सात लाख करोड़ रुपए की धनराशि पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि ह्यपी0एम0-किसानह्ण योजना के तहत प्रदान की जाने वाली धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। राज्यों की सरकारों को इसके लिये पात्र किसानों की सही सूची उपलब्ध करानी होगी। उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र तथा उत्तराखण्ड राज्यों की सरकारों द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता पर किये जाने के लिये प्रधानमंत्री जी ने इसके लिये हृदय से अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि पूर्वान्चल क्षेत्र बदलाव के दौर से गुजर रहा है। गोरखपुर के खाद कारखाने पर तेजी से काम चल रहा है। यह कारखाना फिर से शहर की पहचान बनेगा। गोरखपुर में आज सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और एम्स की ओ0पी0डी0 का शुभारम्भ किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूर्वान्चल, पूर्वी भारत का एक बड़ा केन्द्र होने जा रहा है। इसे ध्यान में रखकर क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ायी जा रही है। गोरखपुर कैण्ट कप्तानगंज वाल्मीकिनगर रेल खण्ड के विद्युतीकरण तथा ए0सी0 इलेक्ट्रिक लोको शेड को भी आज लोकार्पित किया गया। पूर्वान्चल की जनता को स्वच्छ ईधन 09 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली काण्डला से गोरखपुर एल0पी0जी0 पाइप लाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी गयी। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों को लाभ देने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का निर्णय लिया। इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से भारत सरकार 01 लाख करोड़ रुपए की धनराशि खर्च कर रही है। 30 से 40 वर्षों से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को इस योजना के लिए चुना गया है। पूरे देश में ऐसी 99 परियोजनाएं चिन्हित की गईं, जिनमें 70 से ज्यादा परियोजनाएं पूरी होने की स्थिति में हैं। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार गरीबों और किसानों के कल्याण की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में भेजती है। पी0एम0 किसान योजना को फूलप्रूफ बनाया गया है, ताकि किसानों का अधिकार कोई छीन न सके। इस योजना में बिचैलियों की कोई गुंजाइश नहीं है। योजना में पारदर्शिता पर पूरा ध्यान दिया गया। लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर प्रदर्शित करने के बाद इसे पी0एम0 किसान पोर्टल पर अपलोड भी किया गया। प्रधानमंत्री जी ने बताया कि केन्द्र सरकार किसानों के हित में बीज से बाजार तक तथा खेत से खलिहान तक नयी व्यवस्था स्थापित करने का कार्य कर रही है। विगत साढ़े चार साल के दौरान किसानों को 17 करोड़ से ज्यादा मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए। शत-प्रतिशत नीम कोटेड यूरिया की व्यवस्था करके खाद का दुरुपयोग रोका है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए एम0एस0पी0 पर उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए केन्द्र सरकार ने रबी और खरीफ की 22 फसलों की लागत का डेढ़ गुना तक मूल्य तय किया। मौसम की मार से किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की गयी।
किसानों की आय को दोगुना करने के लिए मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, जैविक खेती और सोलर फार्म सहित पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पिछले वर्ष देश के किसानों को 11 लाख करोड़ रुपए का कृषि ऋण प्रदान किया गया। किसान क्रेडिट कार्ड में पहले बिना गारण्टी 01 लाख रुपए का ऋण मिलता था, जिसे बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए किया गया। पशु पालकों और मत्स्य पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी आज से शुरू की गयी। गोरखपुर में 01 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता की नयी डेयरी का आज लोकार्पण किया गया। इससे 50 हजार दुग्ध उत्पादक संघ लाभान्वित होंगे और हजारों रोजगार के अवसर भी बनेंगे। पिछले वर्ष राष्ट्रीय गोकुल मिशन स्थापित किया गया था। इस वर्ष राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाने का फैसला लिया। यह आयोग गौ माता, गौ सदन व गौशालाओं के कल्याण के लिए कार्य करेगा। केन्द्र सरकार किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊजार्दाता बनाने के लिए भी कार्य कर रही है। इस उद्देश्य से किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से किसानों को 17 लाख से अधिक सोलर पम्प लगाने में मदद की जाएगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था हेतु बिजली अथवा डीजल पर पैसा खर्च करने से मुक्ति मिलेगी।
इससे पूर्व, अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जहां जाते हैं, उस क्षेत्र में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वहां के लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन के लिये जाते हैं। बाबा गोरखनाथ ही धरती पर प्रधानमंत्री के रूप में वे दूसरी बार गोरखपुर आये हैं। इस बार भी प्रधानमंत्री जी यहां सौगातें देने आये हैं। आजादी के बाद किसानों के हित की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधिका शुभारम्भ प्रधानमंत्री जी गोरखपुर से कर रहे हैं। इस योजना का शुभारम्भ गोरखपुर से करने के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री जी का हृदय से स्वागत करते हुये कहा कि पी0एम0-किसान से प्रदेश के 02 करोड़ 14 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी भारत की 130 करोड़ जनता की सुख-सुविधा तथा समृद्धि के लिये कार्य करने के साथ-साथ विश्व शान्ति के लिये भी पूरी प्रतिबद्धता से प्रयासरत हैं। सियोल शान्ति पुरस्कार प्राप्त करने के बाद यह उनका प्रदेश का पहला भ्रमण कार्यक्रम है। इस पुरस्कार से प्रदेश व देश का गौरव बढ़ाने के लिये मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को बधाई दी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी संसद में काशी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे इसकी पुरातन संस्कृति को बचाते हुए आधुनिकता का समावेश करने के लिए कृतसंकल्पित हैं। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में गोरखपुर में एम्स की आधारशिला रखी थी, जिसकी ओ0पी0डी0 का आज उन्होंने शुभारम्भ किया है। एम्स में इस वर्ष पढ़ाई के लिये प्रवेश शुरू हो जायेगा। प्रधानमंत्री जी ने आज बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का लोकार्पण किया करके मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोलॉजी, सर्जरी, आॅन्कोलॉजी एवं कार्डियोलॉजी जैसी 08 सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं दी हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना के तहत देश में 6.5 करोड़ नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिये गये। प्रधानमंत्री जी ने प्रदेश के बलिया जनपद से इस योजना का शुभारम्भ किया था। आयुष्मान भारत योजना की धूम घर-घर मची है। गन्ना किसानों सहित सभी किसानों के लिये प्रधानमंत्री जी द्वारा 55 माह में किया गया कार्य पिछले 55 साल पर भारी पड़ा है। उन्होंने किसानों के हित में गन्ने से एथेनॉल तैयार किये जाने को मंजूरी दी। इसके लिये प्रदेश के 37 लाख गन्ना किसान परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिपराइच, गोरखपुर तथा मुण्डेरवा, बस्ती में नयी चीनी मिलें स्थापित की जा रही हैं। यह मिलें प्रतिदिन 50 हजार कुन्तल गन्ने की पेराई करेंगी। इन मिलों में आवश्यकतानुसार चीनी के उत्पादन के साथ ही गन्ने से एथेनॉल भी तैयार किया जायेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर का खाद कारखाना वर्ष 1990 से बन्द था। प्रधानमंत्री जी ने जुलाई, 2016 में इसके पुनरोद्धार की नींव रखी। इसका 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। वर्ष 2020 में गोरखपुर कारखाना खाद के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देने लगेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 06 हवाई अड्डों से नियमित वायु सेवा उपलब्ध है। 09 हवाई अड्डों के विकास के लिये युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि गांव, गरीब एवं किसान सरकार की प्राथमिकता है। किसी व्यक्ति के सुनहरे निर्माण हेतु भूतकाल की तरफ झांकना पड़ता है, तभी सुनहरे निर्माण की परिकल्पना पूरी होगी। किसान हित की अनेक योजनाएं सरकार द्वारा संचालित की गयी हैं। सरकार के खजाने पर पहला अधिकार गांव, गरीब एवं किसान का ही है। इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री शिव प्रताप शुक्ल, प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद डॉ0 महेन्द्रनाथ पाण्डेय, सांसद श्री कलराज मिश्र, सांसद श्री वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मण्डलायुक्त श्री अमित गुप्ता, जिलाधिकारी श्री के0 विजयेन्द्र पाण्डियन, निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। प्रधानमंत्री जी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी0एम0-किसान) के विभिन्न राज्यों के 10 लाभार्थी किसानों को पी0एम0-किसान सम्मान-पत्र प्रदान किए। इन कृषकों में उत्तर प्रदेश के श्री कमलेश एवं श्री माजिद, बिहार के श्री वशिष्ठ सिंह, गुजरात के श्री सुरेश भाई बसाबा, हरियाणा के श्री बलराज, झारखण्ड के श्री इन्द्र नारायण कुशवाहा, महाराष्ट्र के श्री गौतम पवार, तमिलनाडु के श्री टी0 राजेन्द्रन, त्रिपुरा के श्री केशव रॉय तथा उत्तराखण्ड के श्री जसपाल सिंह शामिल हैं। प्रधानमंत्री जी ने मत्स्य पालन के लिए श्री राम निवास, बकरी पालन के लिए श्रीमती मैना देवी तथा डेयरी योजना के लिए श्रीमती मेवाती देवी को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। यह सभी लाभार्थी उत्तर प्रदेश के हैं। प्रधानमंत्री जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना के सम्बन्ध में केरल, कर्नाटक, उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल के किसानों से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री जी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह् देकर स्वागत किया। जनपद आगमन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गोरखपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री जी का स्वागत किया। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा गोरखपुर में जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, उनमें बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उच्चीकरण, गोरखपुर कैण्ट-कप्तानगंज-वाल्मीकिनगर खण्ड विद्युतीकरण, एस0सी0 इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण, दुग्ध संघ गोरखपुर परिसर में एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता की पूर्ण स्वचालित डेयरी, रोहिन नदी पर डोमिनगढ़ गाहासाड मार्ग के डोमिनगढ़ घाट पर सेतु एवं सेतु के पहुंच मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक निर्माण कार्य, एम्स के आयुष भवन में ओ0पी0डी0 का संचालन, एम्स परिसर में 33/11 के0वी0 विद्युत उप केन्द्र क्षमता 2ग10 एम0बी0ए0 का निर्माण, बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज में 100 क्षमता वाले पी0जी0 गर्ल्स छात्रावास का निर्माण, रामगढ़ताल परियोजना के अन्तर्गत सर्किट हाउस के निकट पार्क का निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य तथा बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज में 50 क्षमता वाले पी0जी0 मैरिड छात्रावास का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जी ने कांडला से गोरखपुर एल0पी0जी0 पाइपलाइन का निर्माण, सोनौली गोरखपुर मार्ग के कि0मी0 81.420 (जंगल कौड़िया) से किमी0 98.945 (मोहद्दीपुर चैराहा) तक फोरलेन सी0सी0 रोड का निर्माण कार्य तथा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना में 4 मंजिला सेमी फिनिश्ड अफोर्डेबल (जी-3) 480 एल0आई0जी0 भवनों के निर्माण कार्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री के समक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा अनपेक्षित/आपातकालीन परियोजनाआें की प्रस्तावित नीति का प्रस्तुतिकरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अधिकारियों को मानसून से पहले ही बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी कार्यों को पूर्ण करने लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्य ई-टेण्डरिंग के माध्यम से समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से कराए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश आज यहां लोक भवन में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा अनपेक्षित/आपातकालीन परियोजनाआें की प्रस्तावित नीति के प्रस्तुतिकरण के दौरान दिए। बाढ़ काल में अचानक कटान की समस्या उत्पन्न होने पर परियोजना स्वीकृति की सामान्य प्रक्रिया का तत्समय पालन करने का अवसर नहीं रहता है। ऐसे में आबादी व सम्पत्ति की सुरक्षा हेतु तत्काल क्रियान्वित करने की अपरिहार्यता पर गठित परियोजनाएं अनपेक्षित/आपातकालीन श्रेणी की परियोजनाएं हैं। इन परियोजनाओं के अन्तर्गत बोल्डर वायर क्रेट, गैबियन जियो बैग/जियो ट्यूब, ई0सी0 बैग प्लेसिंग, पेड़ लगाकर किनारों पर स्थापित करना, बल्ली पाईलिंग ई0सी0 बैंग झांकड़ तथा परक्यूपाइन स्टड झांकड़ ई0सी0 बैंग प्लेसिंग आदि का कार्य कराया जाएगा। नीति के तहत संचालित परियोजनाओं को अधिक से अधिक 02 माह में पूर्ण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने परियोजनाओं के संचालन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए जाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर पुनरीक्षित उ0प्र0 वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना-द्वितीय एवं विभिन्न नदियों में प्रस्तावित ड्रेजिंग के कार्य के सम्बन्ध में भी प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल सहित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के समक्ष शहरी विकास क्षेत्र को नियोजित करने हेतु नीति निर्धारण के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि नगरीय सुविधाओं को बढ़ाने के लिए नगरों का नियोजित विकास आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने विकास प्राधिकरणों में योग्य टाउन प्लानर नियुक्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहरों के अनियोजित विकास पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों को अनधिकृत निर्माण को रोकने हेतु कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने यह निर्देश आज यहां लोक भवन में शहरी विकास क्षेत्र को नियोजित करने हेतु नीति निर्धारण के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण के दौरान दिए। इस दौरान आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री शुभ्रा सक्सेना द्वारा नगरीय भूमि हक प्रमाणन व्यवस्था के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस अवसर पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती कंचन वर्मा द्वारा अनाधिकृत भू-उप विभाजन (सब-डिवीजन) की रोकथाम के सम्बन्ध में भी प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव आवास एवं नगर नियोजन श्री नितिन रमेश गोकर्ण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को स्मार्ट फोन वितरण का शुभारम्भ किया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राजस्व विभाग आमजन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। राजस्व निरीक्षक और लेखपाल इस विभाग की बैकबोन हैं। प्रदेश सरकार इन्हें आज तकनीकी सुविधा से लैस कर रही है। मुख्यमंत्री जी यहां लोक भवन में राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को स्मार्ट फोन वितरण के शुभारम्भ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट फोन की सुविधा न केवल लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को स्मार्ट बनाएगी, बल्कि इससे आमजन को सुविधा का नया माहौल भी प्राप्त होगा। स्मार्ट फोन का वितरण ही नहीं, बल्कि इसका प्रशिक्षण भी आवश्यक है। इससे लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को कार्य करने में और आसानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना पड़ेगा। जो भी विभाग बदली हुई परिस्थितियों के अनुरूप अपने आप को तैयार नहीं कर पाएगा, उसके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में स्मार्ट फोन की उपयोगिता के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्मार्ट फोन के जरिए इन कर्मियों का कार्य आसान और त्वरित हो जाएगा। आपदा अथवा दुर्घटना की स्थिति में तेजी से रिपोर्ट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यह स्मार्ट फोन शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में उपयोगी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग करके आमजन में भरोसा और विश्वास जाग्रत किया जा सकता है। हम लोगों को अपने कार्य के अनुसार अपनी पहचान को बनाए रखना है और तकनीक के साथ जुड़ते जाना है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तकनीक का उपयोग कर हम कार्यों को बेहतर और प्रभावी ढंग से सम्पन्न कर सकते हैं। क्रॉप कटिंग से जुड़े प्रकरणों को समयबद्ध ढंग से करने में स्मार्ट फोन से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से 13 लाख से अधिक मामले संज्ञान में आए, जिनमें 12 लाख 87 हजार प्रकरण समयबद्ध तरीके से निस्तारित किए गए। एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स के माध्यम से प्रदेश के अंदर एक अभियान चलाकर 52019 हेक्टेयर भूमि को विभिन्न प्रकार के भू-माफियाओं से मुक्त कराने का काम किया गया। इस कार्य से राजस्व विभाग ने प्रदेश में अपना एक लैण्ड बैंक बनाया है। इस भूमि का इस्तेमाल जन उपयोगी कार्यों के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 21 व 22 फरवरी, 2018 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई। इसके पांच माह के अंदर प्रथम ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी सम्पन्न हुई, जिसके माध्यम से 62 हजार करोड़ रुपए की निवेश परियोजनाओं का प्रधानमंत्री जी द्वारा शिलान्यास किया गया। अल्प अवधि में यह कार्य सम्पन्न होने पर प्रधानमंत्री जी ने समयबद्ध तरीके से उद्योग और निवेश के प्रकरणों का निस्तारण किए जाने के लिए लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की सराहना की थी। इस अवसर पर राजस्व राज्य मंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल, राजस्व परिषद के अध्यक्ष श्री प्रवीर कुमार, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव श्री रजनीश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि क्रॉप कटिंग का कार्य प्रदेश में राजस्व विभाग के कार्मिकों यथा-लेखपालों एवं राजस्व निरीक्षकों द्वारा कराया जाता है। इन प्रयासों से प्राप्त उपज के आंकड़ों के आधार पर जहां एक ओर फसल की उपज में कमी की स्थिति का आंकलन कर बीमित कृषकों को योजना के प्राविधानों के अनुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाता है, वहीं दूसरी ओर यही आंकड़े जनहित की अन्य सरकारी योजनाएं बनाने में भी उपयोगी रहती हैं। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा फसल कटाई के इन प्रयोगों को पारदर्शी एवं सुगम बनाए जाने के क्रम में प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना के अंतर्गत राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में कार्यरत 3578 राजस्व निरीक्षकों एवं 24,916 लेखपालों को स्मार्ट फोन दिया जाना है, जिसका शुभारम्भ आज जनपद लखनऊ के 227 में से 185, जनपद रायबरेली की तहसील महराजगंज के 66, जनपद उन्नाव की तहसील पुरवा के 57, जनपद हरदोई की तहसील बिलग्राम के 75, जनपद सीतापुर की तहसील महमूदाबाद के 75 व जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील मितौली के 50 लेखपालों सहित प्रत्येक जनपद से एक-एक राजस्व निरीक्षक को आज स्मार्ट फोन दिए जाने से किया गया है। इस स्मार्ट फोन में एम0डी0एम0 (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेण्ट) एवं भारत सरकार द्वारा बनाए गए एग्री एप की सुविधा उपलब्ध होगी। इस स्मार्ट फोन के माध्यम से फसल कटाई प्रयोगों से सम्बन्धित सूचनाओं को जिस खेत में यह प्रयोग सम्पादित कराए जा रहे हैं, वहीं से भारत सरकार द्वारा बनाए गए एग्री एप पर अपलोड किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत स्मार्ट फोन क्रय पर आने वाला व्यय केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 50-50 शेयर के रूप में वहन किया जाएगा। एम0डी0एम0 (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेण्ट) के द्वारा राजस्व विभाग द्वारा अन्य कार्यक्रमों हेतु विकसित किए जा रहे नये एप्लीकेशनों, उदाहरणार्थ-राजस्व विभाग में मिलान खसरा, खतौनी, पड़ताल आदि से सम्बन्धित एप को भी इन स्मार्ट फोनों पर पुश-मेल द्वारा इंस्टॉल किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों के 144 व्यक्तियों को 02 करोड़ 01 लाख 31 हजार रु0 की आर्थिक सहायता प्रदान की
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने गम्भीर बीमारियों से ग्रसित विभिन्न जनपदों के 144 व्यक्तियों को 02 करोड़ 01 लाख 31 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दी गई है। यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि लाभार्थियों में जनपद चित्रकूट की श्रीमती प्रीती, चन्दौली के श्री मो0 शाहिद तथा सीतापुर की श्रीमती माया देवी आदि शामिल हैं। लाभार्थियों में अधिकतर कैंसर, हृदय, किडनी तथा लिवर से सम्बन्धित बीमारियों से ग्रसित हैं।

वर्तमान सरकार प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने का काम कर रही है: मुख्यमंत्री
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक से जुड़े विद्यार्थी टेक्नोलॉजी के माध्यम से समाज के लिए बेहतर कार्य कर सकते हैं। सामाजिक समस्याओं का तकनीक के माध्यम से कैसे समाधान किया जा सकता है, इसको केन्द्रित करते हुए कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री जी ने यह विचार यहां डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (ए0के0टी0यू0) में आयोजित प्राविधिक शिक्षा: सफलता के नए आयाम के तहत 250 नवनियुक्त शिक्षकों से संवाद, लैपटॉप वितरण, सर्वश्रेष्ठ प्रोटो टाइप मॉडल पुरस्कार एवं केन्द्रीय प्लेसमेण्ट सेल, रोजगार पोर्टल के शुभारम्भ तथा 21 परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। इससे पूर्व, उन्होंने प्रोटो टाइप प्रर्दशनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने 21 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने केन्द्रीय प्लेसमेण्ट सेल एवं रोजगार पोर्टल के शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रवेश परीक्षा के टॉप रैंकर्स विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किया। उन्होंने प्रोटो टाइप विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र से जितना भी सॉलिड वेस्ट निकलता है, उसे इनर्जी में कन्वर्ट करने तथा इस वेस्ट को हम वेल्थ में कैसे बदलें, इस पर कार्य किया जाना चाहिए। वेस्ट को वेल्थ में बदलने का यह इनोवेटिव आइडिया वर्तमान पीढ़ी के मन में है, लेकिन उसको बदलने के लिए मंच और मार्गदर्शन देने की जिम्मेदारी विद्यालय और तकनीकी संस्थानों पर है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0के0टी0यू0 के सामने अपने भविष्य की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ0 ए0पी0जी0 अब्दुल कलाम एक आदर्श हैं। डॉ0 कलाम ने इस देश को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बहुत बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा एक वैदिक श्लोक है-ह्यआनो भद्रा कर्तवो यन्तु विश्वत: यानि सब दिशाओं से ज्ञान प्राप्त करने के लिए हम अपने मस्तिष्क को खुला रखें। वैदिक ऋषि की सोच है कि हर ओर से ज्ञान प्राप्त करने के लिए हमें अपने मस्तिष्क को खुला रखना होगा। उत्तर प्रदेश के विकास में तकनीकी विश्वविद्यालयों की महती भूमिका हो सकती है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेज में फैकल्टी की तैनाती की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने हेतु एक अनुकूल अवसर प्रदान किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। छात्र-छात्राओं को वर्तमान की चुनौतियों से जूझने के योग्य बनाना होगा, ताकि हम इनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकें। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है। किन्तु आज कई नदियां प्रदूषित हो चुकी हैं। इस ज्वलन्त समस्या का समाधान अध्यापकों व विद्यार्थियों को अपनी नई सोच व इनोवेशन के माध्यम से करना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें जब मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने का अवसर मिला, तो उनके सामने विभिन्न प्रकार की चुनौतियां थीं। लेकिन एक सबसे बड़ी चुनौती थी जनवरी, 2019 में दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजन कुम्भ की। वर्तमान सरकार ने प्रयागराज कुम्भ को भव्य एवं दिव्य बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं, जिसका परिणाम रहा है कि सभी देशी-विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा कुम्भ की सराहना की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने ह्यनमामि गंगे परियोजनाह्ण के माध्यम से जिस अभिनव कार्यक्रम की शुरूआत की और गंगा जी की अविरलता और निर्मलता का जो संदेश दिया, वह इस आयोजन में दिखायी दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुम्भ में अब तक 21 करोड़ लोगों ने संगम में स्नान किया है, जो एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुम्भ के आयोजन हेतु सुरक्षा एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इसके दृष्टिगत पूरे प्रयागराज कुम्भ में मेला क्षेत्र को तकनीक का उपयोग करते हुए इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर के साथ जोड़ने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक लोगों के जीवन में कैसे परिवर्तन ला सकती है, यह उदाहरण प्रयागराज कुम्भ में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षक सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि अपने इनोवेशन को जारी रखें, क्योंकि जीवन चलने का नाम है, ठहराव का नहीं। जीवन में आपका हर एक अच्छा कदम समाज में परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि ए0के0टी0यू0 ने तकनीक का उपयोग करते हुए 10,000 छात्रों का एक साथ प्लेसमेण्ट करने की नई शुरूआत की है, जो सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी तकनीकी संस्थान इस दिशा में एक नई प्रोग्रेसिव सोच के साथ आगे बढ़ेंगे, तो विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, समाज को बेहतर भविष्य भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सहयोग और सहभागिता का यह कार्यक्रम निरन्तर आगे बढ़ते रहना चाहिए। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र देश के सामने राज्य के विकास को नई गति प्रदान करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को पुलवामा में शहीदों के परिजनों के सहायतार्थ ए0के0टी0यू0 ने 18 लाख रुपए का चेक तथा हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एच0बी0टी0यू0), कानपुर की ओर से 5 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री श्री संदीप सिंह, ए0के0टी0यू0 के कुलपति डॉ0 विनय कुमार पाठक सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल की पुस्तक चरैवेति! चरैवेति! के सिंधी भाषा में अनुवाद हलंदा! हलो! का विमोचन राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सम्पन्न
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी की पुस्तक चरैवेति! चरैवेति! के सिंधी भाषा में अनुवाद हलंदा! हलो! का विमोचन आज यहां आलमबाग स्थित शिव शांति संत आसूदाराम आश्रम में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री राम नाईक जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी उपस्थित थे। कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि यह पुस्तक मेरे संस्मरणों का संकलन है, आत्मकथा नहीं। चरैवेति! चरैवेति! का अर्थ है चलते रहो, चलते रहो। इस पुस्तक का लेखन कैसे हुआ इस बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मराठी भाषा के एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र के सम्पादक ने मुझे अपने जीवन से जुड़े अनुभव लिखने हेतु प्रेरित किया। मैंने सम्पादक जी से कहा कि मैं कॉमर्स का छात्र रहा हूं तथा लेखन कला की मुझे अधिक जानकारी भी नहीं है। सम्पादक महोदय ने आग्रह कर बताया कि अनेक नेता अपने संस्मरण लिख रहे हैं। वरिष्ठ राजनेता होने के कारण यदि आप भी अपने सस्मरण लिखेंगे तो पाठकों को अच्छा लगेगा। राज्यपाल जी ने बताया कि मैंने थोड़ा सोचा फिर लिखने के लिए हां कर दी। मेरे लेख समाचार पत्र में प्रकाशित होने लगे। एक वर्ष तक 27 संस्मरणों की श्रृंखला प्रकाशित होने के पश्चात् मराठी भाषा में इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जीवन के संस्मरण लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक कर्म करने की प्रेरणा देती है। सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले सभी कार्यकतार्ओं के लिए यह पुस्तक अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे राष्ट्र गान में सिंध शब्द है, हमारे यहां सिंधु नदी भी बहती है। भारत की संस्कृति का मूल सिंध है, सिंध से ही हिंद बना है, सही मायने में कहा जाए तो सिंधी नहीं तो हिंदी नहीं है। सिंधी समाज की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी व्यक्ति अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से मार्ग बनाता है यश और कीर्ति उसके पीछे-पीछे चलती है। सिंधी समाज ने तमाम कष्टों को सहते हुए अपनी मेहनत से जो सम्मान प्राप्त किया है वह अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्यपाल जी के निर्देशन में ही लखनऊ विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के साम्राज्योत्सव एवं हिन्दवी दिवस समारोह आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारोही प्रतिमा भारत की ललित कला अकादमी के अध्यक्ष श्री उत्तम पचासने जी ने बनाई है। इसकी भी प्रेरणा राज्यपाल जी ने दी थी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का नाम 24 जनवरी 1950 को पड़ा था, लेकिन उत्तर प्रदेश कभी अपना स्थापना दिवस नहीं मनाता था। राज्यपाल जी के मार्गदर्शन में पिछले दो वर्षों से उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है। इस आयोजन के अवसर पर राज्य सरकार हर बार एक नए कार्यक्रम की घोषणा करती है। पिछले वर्ष हमने एक जनपद, एक उत्पाद योजना का शुभारम्भ किया था। इस वर्ष राज्य सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरूआत की है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज तक कुम्भ में कभी इतने लोग नहीं गए होंगे। अब तो प्रयागराज कुम्भ में जाने वाले लोगों की आबादी उत्तर प्रदेश की आबादी के बराबर होने वाली है। कल तक 21 करोड़ से अधिक लोग कुम्भ में स्नान कर चुके हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीवन सकारात्मकता का नाम है, सकारात्मक सोच से व्यक्ति का जीवन विकास के पथ पर अग्रसर होता है। नकारात्मक सोच जीवन का पतन करती है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ0 अम्मार रिजवी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ज्ञातव्य है कि पुस्तक चरैवेति! चरैवेति! का सिंधी भाषा में अनुवाद श्री सुखराम दास ने किया है। अब तक यह पुस्तक 7 भाषाओं में अनुदित हो चुकी है। आने वाले समय में 10 भाषाओं में यह पुस्तक उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम की शुरूआत राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। इसके बाद वहां उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण पुलवामा के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, श्री आशुतोष टण्डन, श्री ब्रजेश पाठक, श्रीमती स्वाति सिंह तथा श्री मोहसिन रजा, सिंधी कांउसिल आॅफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मोहन दास लधानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानन्द युवा पुरस्कार वितरण समारोह एवं प्रान्तीय रक्षक दल सम्मेलन को सम्बोधित किया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रान्तीय रक्षक दल (पी0आर0डी0) जवानों के मानदेय को 250 रुपए से बढ़ाकर 375 रुपए प्रतिदिन किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रान्तीय रक्षक दल द्वारा शांति, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पर्व, त्योहार, आपदा आदि की स्थिति में सराहनीय कार्य किया जाता है। पुलिस बल के सहायक के रूप में प्रान्तीय रक्षक दल की बड़ी भूमिका है। इसके दृष्टिगत पी0आर0डी0 जवानों को अधिक से अधिक ड्यूटी प्रदान कर उनके सम्मानजनक जीवन के लिए वर्ष 2018-19 में प्राविधानित 23 करोड़ रुपए की ड्यूटी भत्ता मद की धनराशि को वित्तीय वर्ष 2019-20 में बढ़ाकर 125 करोड़ रुपए किया गया है। उन्होंने मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को पी0आर0डी0 जवानों को शांति, सुरक्षा, यातायात आदि विभिन्न व्यवस्थाओं से जोड़ते हुए अधिक से अधिक ड्यूटी प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पी0आर0डी0 जवानों को प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान मानदेय, समय पर यूनीफॉर्म एवं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाएं। मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानन्द युवा पुरस्कार वितरण समारोह एवं प्रान्तीय रक्षक दल सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवक एवं महिला मंगल दलों को राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानन्द युवा पुरस्कार से सम्मानित किया। युवक मंगल दल के अन्तर्गत जनपद कन्नौज की ग्राम पंचायत गंगधरापुर को प्रथम, जनपद देवरिया की ग्राम पंचायत बनकटामिश्र को द्वितीय तथा जनपद हरदोई के नयागांव सांडी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार महिला मंगल दल के अंतर्गत जनपद हरदोई की ग्राम पंचायत मानपुर, बावन को प्रथम, जनपद चन्दौली की ग्राम पंचायत नेगुरा, सदर को द्वितीय तथा जनपद बलरामपुर की ग्राम पंचायत सिसई को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए विवेकानन्द युवा पुरस्कार से सम्मानित युवक एवं महिला मंगल दलों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री जी ने भरोसा जताया कि मंगल दलों के सम्मान से ग्रामीण युवा समाज एवं राष्ट्र निर्माण हेतु प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने मंगल दलों को सम्मानित करने की विगत 20 वर्षों से बंद पड़ी व्यवस्था को पुन: प्रारम्भ किया है। मंगल दलों से सम्बन्धित राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानन्द युवा पुरस्कार वितरण समारोह को प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती-राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेलकूद जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने में युवक एवं महिला मंगल दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक गांव में युवक या महिला मंगल दल का गठन किया जाएगा तथा उनकी रुचि के अनुरूप खेल अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सम्बन्धित किट उपलब्ध करायी जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के 20 हजार सक्रिय युवक एवं महिला मंगल दलों को खेल सामग्री देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्ष 2018-19 के अनुपूरक बजट में इसके लिए 11.10 करोड़ रुपए की धनराशि की व्यवस्था कराकर, उसका वितरण सुनिश्चित कराया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में धनराशि को बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए कर दिया गया है। जिला योजना के तहत ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत 250 लाख रुपए की धनराशि से सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किए जाने हेतु विकासखण्ड एवं जनपद स्तरीय वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती एवं एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु 20 नवीन ग्रामीण मिनी स्टेडियम की स्थापना की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में खेल गतिविधियों में तेजी आयी है। प्रधानमंत्री जी द्वारा खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए ह्यखेलो इण्डियाह्ण योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को मंच प्रदान करना है। ह्यखेलो इण्डियाह्ण योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 22 स्थलों पर खेल सुविधायुक्त मल्टी परपज हॉल के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री चेतन चैहान ने कहा कि युवक मंगल दल द्वारा स्वच्छता, टीकाकरण, पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान किया गया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवक एवं महिला मंगल दलों को राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानन्द युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। प्रथम पुरस्कार के रूप में 01 लाख रुपए की धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए की धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए की धनराशि एवं शील्ड प्रदान की जा रही है। जनपद स्तर पर सर्वोत्कृष्ट मंगल दल को 05 हजार रुपए की धनराशि का पुरस्कार प्रदान किया गया है। कार्यक्रम को प्रान्तीय रक्षक दल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अनिल राजभर ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महनिदेशक श्री ओ0पी0 सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ0 प्रभात कुमार, अपर मुख्य सचिव सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव युवा कल्याण श्रीमती डिम्पल वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रान्तीय रक्षक दल के जवान उपस्थित थे।  

सीएम ने फील्ड में उतरकर दी विरोधियों को नई चुनौती कनेक्ट टू पीपल कैंपेन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं से सुनी मन की बात आम जनता से मिले फीडबैक को सीएम ने खुद किया नोट
मिशन-2019 की फतेह के लिए बनाई कार्यक्रमों की श्रृंखला
 
चण्डीगढ, 5 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को पंचकूला से कनेक्ट टू पीपल कैंपेन शुरू करके जगह-जगह जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं के मन की बात सुनी, वहीं सीएम ने फील्ड में उतरकर विरोधी राजनीतिक दलों को भी बड़ी चुनौती देने का काम किया है। 
सीएम ने एक-एक के बाद जनता के बीच रहने वाले कार्यक्रमों का आयोजन करके विरोधियों से एक बड़ा मुद्दा छीनने का काम किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज पंचकूला से लेकर जींद तक करीब एक दर्जन कार्यक्रमों में भाग लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं व आम जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री के आज हुए कार्यक्रम पूरी तरह से अनौपचारिक थे। जिसमें बगैर किसी तामझाम के सीएम जनता से रूबरू होते रहे और पिछले चार साल के दौरान सरकार की कार्यशैली को लेकर फीडबैक लिया। 
सीएम के साथ चंडीगढ़ मुख्यालय के अधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज नहीं थी। जिसके चलते उन्होंने जनता से संवाद करते हुए खुद ही फीडबैक लिया और उसे अपनी डायरी में नोट किया। इसी फीडबैक के आधार पर सीएम द्वारा आगामी रणनीति को तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज पंचकूला से शुरू होकर अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल होते हुए जींद तक एक दर्जन कार्यकर्ताओं के घर जाकर कहीं चाय पर चर्चा की तो कहीं दोपहर का भोजन करके कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया।
कनेक्ट टू पीपल कंपेन के पहले दिन मिले प्रोत्साहन से उत्साहित मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिन तक हरियाणा के विभिन्न जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं व आम जनता से मिलने का फैसला किया है। अब तक विरोधी राजनीतिक दल इनेलो व कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री को जनता से दूर रहने तथा कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने के आरोप लगाकर घेरा जाता था लेकिन आज मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी अभियान ने एक तीर से कई शिकार करने का काम किया है।
 
एक तरफ मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं में घरों व चौपाल में जाकर उन्हें अपने साथ जोड़ रहे हैं, वहीं लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव से पहले सीएम द्वारा गावों का दौरा करके खुद आम जनता से फीडबैक लिया जा रहा है। इस फीडबैक के आधार पर ही सीएम अफसरशाही व सरकार के लिए आगामी कार्य नीति बनाएंगे। दूसरा मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद पार्टी के भीतर फैली असंतुष्टता कम होगी, वहीं विरोधी राजनीतिक दलों के हाथ से भी एक बड़ा मुद्दा छीन गया है।
अब तक मुख्यमंत्री सभी विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों का आयोजन, जिला स्तर पर रात्रि ठहराव कार्यक्रम, चंडीगढ़ में पांच-पांच जिलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को बुलाकर फीडबैक लेने, गांवों में महाग्राम अभियान, शहरों में रोड शो आदि कार्यक्रमों का आयोजन कर चुके हैं। अब मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किया गया कनेक्ट टू पीपल अभियान प्रदेश में कई राजनीतिक मायने देने का काम करेगा।
आज भी जारी रहेगा इन क्षेत्रों में अभियान शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने अभियान का आगाज पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नरवाना में विभिन्न उद्घाटन, शिलान्यास के साथ पौधरोपण अभियान का आगाज करेंगे। इसके बाद जींद के दनोदा गांव में संतोष दनोदा, हिसार के उकलाना मंडी में कार्यकर्ता सम्मेलन, फतेहाबाद के सनियानाबमे उमाकांत शर्मा, भूना में गुलशन हंस, लहरिया में हनुमान, नन्हेरी में सरदारी लाल शर्मा, रतिया में कालूराम में चाय तथा भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुल्लां के आवास पर लंच का कार्यक्रम तय किया गया है, यही नहीं अहरवा में नरसी सरपंच, दरियापुर में इंद्र गावरी, सिरसा के पतली दरबार मे सतनाम चांद, मोरीवाला में जोगिंदर सिंह बाजीगर के आवास पर चाय पर चर्चा करेंगे।
स्कूलों में केवल ग्रुप-डी की बहुउद्देशीय वर्कर्स की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई हैः धीरा खंडेलवाल
चंडीगढ़, 5 जुलाई- स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल ने मीडिया में चल रही आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्कूलों में अध्यापकों की भर्ती करने की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि स्कूलों में केवल ग्रुप-डी की बहुउद्देशीय वर्कर्स की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई है। स्कूलों में अध्यापकों व क्लर्कों की भर्ती नहीं की गई है और न ही आगे कभी अध्यापकों की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी।
            श्रीमती धीरा खंडेलवाल आज यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।
            उन्होंने कहा कि स्कूलों में ग्रुप-डी की लगभग 750 बहुउद्देशीय वर्कर्स की भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई थी, लेकिन मीडिया में ऐसी खबरें चलाई गई कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से अध्यापकों की भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही यह भी मीडिया में आया कि पैसे लेकर भर्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि जेबीटी की जीरो वैकेंसी है, तो अध्यापकों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती करने का कोई औचित्य ही नहीं है। इन खबरों के बाद विभाग द्वारा बहुउद्देशीय वर्कर्स की भर्ती को भी रोक दिया गया है और पैसे लेकर भर्तियां हुई है या नहीं, इसकी भी जांच करवाई जा रही है।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए  अहम कदम उठाए
चंडीगढ़, 5 जुलाई- हरियाणा सरकार ने प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं, जिनमें इस वर्ष बच्चों को हिन्दी और अंग्रेजी भाषा का संपूर्ण ज्ञान देने के लिए रिडिंग गारंटी प्रोग्राम, 238 स्कूलों को बैग फ्री अंग्रेजी मीडियम बनाना, 6 इंगलिश लैंगवेज लैब बनाना,  9वीं कक्षा से ही इंगलिश मीडियम में गणित व साईंस विषय पढ़ाना शुरू करना, अटल टिंकरिंग  लेबोरटरी की स्थापना करना, स्टूडैंट असैसमैंट टैस्ट हर 2 महीने  में करना और इसके अतिरिक्त अध्यापकों को विशिष्ठ विषयों में और विशेष रूप से विकलांगों बच्चों को शिक्षा देने के लिए भी ट्रेनिंग देने पर जोर दिया जा रहा है।
            यह जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्रीमती धीरा खंडेलवाल ने आज यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी।
            उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का पूरा फोकस शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बच्चों के समग्र विकास पर है। इसके दृष्टिगत स्कूल शिक्षा विभाग ने कई सुधार किये हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 से राज्य के 180 स्कूलों में पहली व दूसरी कक्षा को बैग फ्री अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है। इस वर्ष 238 और स्कूलों को बैग फ्री बनाया जा रहा है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चे भी अंग्रेजी भाषा में पारंगत बन सकेंगे।
उन्होंने कहा कि कुछ मॉडल संस्कृति स्कूलों में 6 इंगलिश लैंगवेज लैब स्थापित की गई हैं। विद्यार्थियों को डिजीटल लर्निंग सीखने में सहायता करने व उनकी सुनने व बोलने की स्किल को सुधारने में इन लैब से सहायता मिलेगी। जल्द ही अन्य स्कूलों में भी इस प्रकार की लैब स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि करीब हर कक्षा के लिए अंगेजी के करीब 200 वाक्य तैयार किये गए हैं, ताकि 5वीं कक्षा तक बच्चे लगभग 1 हजार वाक्य अंग्रेजी के सीख चुके होंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चों का समग्र विकास केवल शिक्षा प्राप्त करने से नहीं होता बल्कि उनके मन में संवेदना और समभाव की भावना होने से होता है। इसके लिए बच्चों को प्रकृति से जोडऩे और उन्हें उसके प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा एक नया कदम उठाया गया है जिसके तहत छठी कक्षा से 12 वीं कक्षा तक के विद्यार्थी अपने घर, घर के आस-पास या किसी सार्वजनिक स्थान पर एक पौधा लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष से सुपर-100 प्रोग्राम के तहत सरकारी स्कूलों के साईंस स्ट्रीम के 11वीं  तथा 12वीं कक्षा के प्रतिभावान विद्यार्थियों, जिन्होंने 10वीं कक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं,  उन्हें विकल्प फाऊंडेशन दो साल कोचिंग देगा, जिससे आईआईटी, जेईई, नीट जैसी प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए बच्चे पूर्ण रूप से तैयार होंगे। इसका खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। विभाग द्वारा 225 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।  एलन, लक्ष्य, एसीई आदि संस्थानों ने भी स्कूल शिक्षा विभाग को सहयोगी बनने के संपर्क किया है। बच्चों में साईंस के प्रति और अधिक रूचि पैदा करने के लिए राज्य के 310 सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा से ही इंगलिश मीडियम में गणित व साईंस विषय पढ़ाना शुरू किया है। एलन संस्थान ने इसमें अध्यापकों को ओरियंटेशन उपलब्ध करवाने में रूचि दिखाई है। साईंस प्रोग्राम को प्रोत्साहन देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी सैकेंडरी व सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में पिछले दो सालों में 2300 साईंस किट वितरित की हैं। इसके साथ ही 8000 किट मिडल स्कूलों में भेजी गई हैं। गणित विषय को प्रोत्साहन देने के लिए प्राथमिक स्कूलों में मैथेमैटिक्स किट भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही स्कूलों में मैथ-लैब, मैथ कॉर्नर व गणित-ज्ञान क्लब स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया  कि स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2017-18 से क्वीज-क्लब बनाए हैं। पाठ्य-पुस्तकों के आधार पर कक्षा व विषय के अनुसार प्रश्न-बैंक तैयार किए गए हैं। यह विभाग की वैबसाईट पर भी उपलब्ध है। स्कूल लेवल से लेकर स्टेट लेवल तक क्वीज-कंपीटिशन  करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में जॉयफुल सैटरडे प्रेग्राम भी चलाया जा रहा है, जिसमें बच्चों में समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी समझाने के लिए उनमें सांस्कृतिक मूल्य, लोक कला,विरासत एवं परंपराओं के बारे में जानकारी दी जाती है। शनिवार के दिन को जॉयफुल बनाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसके साथ ही लाईफ स्कील प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है। यह प्रोग्राम बच्चों में सकारात्मक व्यवहार का विकास करने, प्रतिदिन आने वाली चुनौतियों को हल करने जैसे मुद्दों पर केंद्रित होता है।
उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में 20 कलरफुल झुले स्कूलों में लगाए जाएंगे, ताकि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेल का भी आनंद लें। इससे स्कूलों में खुशनुमा माहौल बनेगा। इसके साथ ही ओपन ऐयर जिम के उपकरण भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बड़े विद्यालयों में हैरिटेज कॉरनर स्थापित किये जाएंगे, ताकि बच्चे प्रगति के साथ-साथ अपने इतिहास से जुड़े रहें।
उन्होंने कहा कि लर्निंग आउटकम के दृष्टिगत स्टूडैंट असैसमैंट टैस्ट अब हर 2 महीने में लिया जाएगा। प्रथम कक्षा से लेकर 12 वीं कक्षा तक यह टैस्ट लिया जाता है। बोर्ड कक्षाओं के लिए परि-बोर्ड परीक्षा भी ली जाती है। रिपोर्ट कार्ड अच्छे डिजाइन किए हुए स्कूलों में दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में राज्य के 8 जिलों के 40 स्कूलों एन.एस.क्यू.एफ का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया जिसमें रिटेल, सिक्योरिटी, आटोमोबाइल व आई.टी स्किल सिखाई गई। अब राज्य के 1001 स्कूलों में 14 स्किल सिखाई जा रही हैं जिससे 1,07,182 विद्यार्थियों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि विकलांग बच्चे जो स्कूलों में नहीं आ सकते, उनके लिए होम बेस शिक्षा भी शुरू की गई है। अध्यापक ऐसे बच्चों के घर जाकर उन्हें शिक्षित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष से जिलों में करियर काउंसलिंग एवं कन्फलिक्ट मैनेजमेंट सैल स्थापित किया जाएगा। इसमें बच्चों को करियर से संबंधित सलाह दी जाएगी और बच्चों के अंतरमन में ईष्या, क्रोध जैसी भावनाएं पैदा न हो, इसके लिए बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सैल में अध्यापक, बच्चों के अभिभाव और बच्चे कभी भी जाकर किसी भी विषय पर बात कर सकेंगे।
स्कूल में मीड-डे-मील बनाने वाले कुक के मानदेय राशि 1000 रुपये से बढ़ कर होगी 3500 रुपये
 
चंडीगढ़, 5 जुलाई-हरियाणा सरकार ने स्कूल में मीड-डे-मील बनाने वाले कुक के मानदेय में 1000 रुपये की वृद्धि करके इस वर्ष से  3500 रुपये देने का निर्णय लिया है। यह फैसला करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल ने आज यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 30 हजार कुक हैं, जिन्हें इस वर्ष से 2900 रुपये राज्य और 600 रुपये केंद्र की ओर से दिये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्कूल-यूनिफॉर्म की ग्रांट लगभग दो गुनी कर दी गई है। इससे 14 लाख 61 हजार  बच्चों को लाभ हुआ है। पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रथम कक्षा से 8वीं कक्षा तक 400 रूपए प्रति विद्यार्थी यूनिफॉर्म के लिए दिया जाता था परंतु अब प्रथम कक्षा से लेकर 5वीं कक्षा तक 800 रूपए तथा 6वीं कक्षा से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 1,000 रूपए ग्रांट के शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग को भारत सरकार ने ‘बैस्ट स्टेट एजूकेशन डिपार्टमैंट’के अवार्ड से नवाजा था।
राज्य में 32 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय होंगी 8वीं से 12वीं तक अपग्रेड
 
 चंडीगढ़, 5 जुलाई- हरियाणा सरकार ने राज्य में 32 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 8वीं से 12वीं तक अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल ने आज यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में हॉस्टल की सुविधा है। वहां रहने, खाने-पीने सभी सुविधाओं का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इसलिए हरियाणा सरकार का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 8वीं से 12वीं तक अपग्रेड करने का फैसला लड़कियों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला है।
उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओं’अभियान के तहत राज्य के 10 जिलों की 70,000 स्कूली लड़कियों को लोकल हैरिटेज, पुरातात्विक व संग्रहालयों का टूर करवाया गया है औरे ये टूर आगे भी जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए हरियाणा सरकार की नई पहल के अनुसार इस साल से कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक की करीब 6.38 लाख लड़कियों को हर माह सैनेटरी नेपकीन स्कूलों में दिए जाएंगे ताकि उनका मैनस्ट्रवल हैल्थ सही रह सके।
उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान के लिए एक पहल के तहत वर्ष 2015-16 में स्कूलों में बेटी का सलाम-राष्ट्र के नाम एक अभियान चलाया गया जिसमें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उस गांव या क्षेत्र की सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी बेटी द्वारा राष्ट्र-ध्वज फहराया गया। यह आगे भी जारी रहेगा।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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