आज वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता: मुख्यमंत्री
लखनऊ: 01 अगस्त, 2018:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। हम सभी जानते हैं कि ऊर्जा का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत सूर्य है। सौर ऊर्जा का प्रयोग करके ही पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री जी आज यहां रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के विवेकानन्द पाॅलीक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान में सौर ऊर्जा परियोजना व ट्रांसफाॅर्मर के साथ युक्त विद्युत उपगृह के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना सराहनीय है। निश्चित रूप से यह सौर ऊर्जा संयंत्र संस्थान की बिजली की आवश्यकता की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस संयंत्र द्वारा संस्थान को सुरक्षित एवं बाधा रहित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही, पर्यावरण की स्वच्छता एवं शुद्धता में भी यह सहायक होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मकान व घर की छतों तथा खाली स्थान पर संयंत्र लगाकर सौर ऊर्जा का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। यह ऊर्जा जहां पर्यावरण हितैषी है, वहीं दूसरी ओर इससे बिजली पर आने वाले व्यय की भी बचत होगी। आवश्यकता है इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की। उन्होंने कहा कि सरकार सोलर पैनल लगाने में सब्सिडी भी दे रही है। प्रदेश सरकार एल0ई0डी0 लाइट को बढ़ावा देेने का काम कर रही है, जिससे ग्रीन हाउस प्रभाव को कम करने में मदद मिल रही है। भावी पीढ़ियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पर्यावरण सुलभ हो, इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों द्वारा ऊर्जा का उत्पादन वर्तमान समय की जरूरत है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए समुचित कदम उठाये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की वास्तविक पहचान अध्यात्म से है। अध्यात्म को वैश्विक रूप प्रदान करने में स्वामी विवेकानन्द जी का महत्पूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी का प्रेरणादायी व्यक्तित्व हम सबको प्रेरित करता है। मानव जीवन का उपयोग लोक कल्याण के लिए होना चाहिए। रामकृष्ण मिशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समाज के विकास में सरकार, निजी व धर्मार्थ क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। धर्मार्थ क्षेत्र ने शिक्षा, स्वास्थ्य व सेवा क्षेत्र में काफी अच्छा काम किया है। रामकृष्ण मिशन की स्थापना, भारतीय संस्कृति एवं मेधा से पूरी दुनिया को परिचित कराने वाले महान संत एवं युवा शक्ति के असीम प्रेरक स्वामी विवेकानन्द जी द्वारा की गई थी। अपने अल्प जीवन में ही उन्होंने पूरे विश्व पर भारत और सनातन संस्कृति की गहरी छाप छोड़ी।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने 500 किलोवाॅट सौर ऊर्जा संयंत्र व 1000 के0वी0ए0 सबस्टेशन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सेक्रेटरी स्वामी मुक्तिनाथानन्द, मैनेजिंग कमेटी के प्रेसिडेण्ट डाॅ0 नित्य आनन्द, विवेकानन्द पाॅलीक्लीनिक एण्ड इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइन्सेज के निदेशक डाॅ0 (ब्रिगे0) टी0 प्रभाकर सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *