Punjab

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पंजाब पुलिस द्वारा सरहद पार से नशा तस्करी करने वाले एक अन्य गिरोह का पर्दाफाश 
3 किलो हेरोइन बरामद, 24 घंटों में कुल 17.8 किलो नशीले पदार्थों की खेप को कब्ज़े में लिया
चंडीगढ़, 4 जुलाई: पंजाब पुलिस के ख़ुफिय़ा विंग को सरहद पार से चल रही नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले अमृतसर जिले के तस्करों का पर्दाफाश करने संबंधी एक और सफलता हाथ लगी है। इस तस्करी से संबंधित तीन व्यक्तियों के गिरोह को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस की तरफ से संदिग्धों से 3 किलो हेरोइन बरामद की गई, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 15 करोड़ रूपये बतायी जाती है।
इस गिरफ़्तारी से पंजाब पुलिस पिछले 24 घंटों में अमृतसर जिले से लगते सरहदी इलाकों से 17.8 किलो हेरोइन बरामद करने में सफल हुई है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 89 करोड़ रूपये के करीब है।
पुलिस के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दोषियों की पहचान धीर सिंह पुत्र जरनैल सिंह, हरजिन्दर सिंह पुत्र गुरमीत सिंह और गगनदीप सिंह पुत्र कुलविन्दरपाल सिंह सभी ही निवासी गाँव लोपोके, अमृतसर के तौर पर की गई है। इस संबंधी दोषियों पर धारा 21, 25, 29,61,85 एन.डी.पी.ऐस. एक्ट के अंतर्गत मुकद्मा भी दर्ज कर लिया गया है।
प्राथमिक जाँच के दौरान यह पता चला है कि धीर सिंह पाकिस्तानी नागरिक फैज़ल निवासी गाँव दौद भैनी के संपर्क में था। वह दोनों फेसबुकऔर कबूतरबाज़ी के साथ सम्बन्धित बातचीत करते थे और संदेश साझे करते थे। धीर सिंह ने कबूला की फैज़ल ने उसको बहका कर तस्करी को आसानी से अधिक पैसे बनाने का धंधा बताकर, इस गोरख-धंधे में ले आया और धीरे-धीरे हरजिन्दर सिंह और गगनदीप भी इस गिरोह का हिस्सा बन गए।
इस तिकड़ी ने यह भी कबूला कि वह पिछले कुछ महीनों से हेरोइन की तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे और बीती 2-3 जुलाई की मध्यरात्रि वह यह नशीले पदार्थ सरहद पार से इधर लाने में सफल हो गए थे। उन्होंने बताया कि इस रात भारी बारिश के कारण और गन्दले पानी वाला इलाका होने के कारण उन्होंने फ़ायदा लिया और खेप सरहद पार से इस तरफ़ पहुँचा दी।
उनकी गिरफ्तारी और उनके कार्य करने के तरीके के बारे में जानकारी बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा की गई है और साथ ही उन्हें सलाह दी गई है कि वे ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाएं।
प्रवक्ता ने कहा कि लगातार पिछले दो दिनों में नशीले पदार्थों का बड़ी मात्रा में बरामद होना यह सिद्ध करता है कि पाक -सरहद पर नशों की तस्करी अभी भी पूरी तरह चल रही है जो कि एक चिंता का विषय है।
बीते मंगलवार को पुलिस के इंटेलिजेंस विंग ने चार संदिग्ध जिनमें एक पूर्व सैनिक भी था से 14.8 किलो हेरोइन कब्ज़े में ली और जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में लगभग 74 करोड़ होने का अनुमान है। नशीले पदार्थों की इस तस्करी में बी.एस.एफ के एक सिपाही की मिली भुगत की बात भी सामने आई है।
मिशन तंदरुस्त पंजाब की टीम ने मिठाई विक्रेताओं के साथ की दोस्ताना मुलाकात
– नकली दूध व घटिया किस्म के दुध उत्पादों से परहेज करने की दी सलाह
– मिशन तंदरुस्त पंजाब की कामयाबी के लिए लोगों को किया गया प्रेरित
– फूड सेफ्टी एक्ट को  सख्ती से लागू करवाए जाने के लिए किया सावधान
– भोजन में तेल की गुणवत्ता को जांचने के लिए जल्द ही लगाई जाएंगी स्पैशल मशीनें
चंडीगढ़, 4 जुलाई – पंजाब के लोगों को शुद्ध दूध व अच्च्छे दर्जे का दूध मुहैया करवाने के सकारात्मक प्रयास की कोशिश करते हुए तंदरुस्त पंजाब मिशन के डायरेक्टर श्री के. एस पन्नू के नेतृत्व में एक विशेष बैठक मिठाई विक्रेताओं, डेयरी डेवलेपमेंट विभाग के अधिकारियों व प्रगतिशील किसानों के साथ हुई। यह अपनी किस्म की एक खास बैठक थी जिसमें फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन श्री वरुण रुजम भी विशेष तौर पर उपस्थित हुए।
शुरुआती दौर में दोस्ताना विचार विमर्श के अलावा प्रदेश में नकली व हल्के स्तर के दूध व दूध उत्पादों की समस्याओं से निपटने के लिए सुझाव मांगे गए  ताकि सही तरीके से उपाय अपनाकर पंजाब को नकली व खराब दूध से निजात मिल सके।
इस दौरान हलवाई एसोसिएशनों व मिठाई विक्रेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य विभाग को सख्त व दंडमयी माहौल बनाने के स्थान पर सही दिशा देने वाले प्रयास व जागरुकता प्रदान करने वाले तरीके अपनाने की जरुरत है ताकि फूड सेफ्टी एक्ट को प्रदेश में अच्छे तरीके से लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोई भी दुकानदार या हलवाई लंबे समय से बनाए अपने नाम को किसी कीमत पर गंवाना नहीं चाहता और सैंपलों का फेल हो जाना सिर्फ जागरुकता की कमी का परिणाम है।
उनके अनुरोध को तुरंत स्वीकार करने हुए श्री पन्नू ने आश्वासन दिया कि स्थानीय भाषा में प्रासंगिक साहित्य प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने तंदरुस्त पंजाब मिशन के समर्थन के लिए उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह से वे राज्य में दूध और दूध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और देखने में आया कि पड़ोसी क्षेत्रों से पंजाब में बहुत अधिक मात्रा में नकली खोया और पनीर आ रहा है। उन्होंने कहा कि नकली दूध उत्पादों के आपूर्तिक करने वालों के साथ-साथ राज्य में खरीदारों को भी बक्शा नहीं जाएगा। इसलिए इस बैठक का मुख्य उद्देश्य  हलवाईयों व मिठाई विक्रेताओं को जागरुक करना है कि वे ऐसी वस्तुओं की खरीद से दूर रहें।
उन्होंने बताया तंदरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत जल्द ही जिलों के विभिन्न स्थानों पर दूध टेस्ट करने वाली मशीने लगाई जाएंगी जहां उपभोक्ताओं दूध की गुणवत्ता व दूध के सैंपल को स्वंय चैक कर सकेगा। उन्होंने सभी मिठाई विक्रेताओं को सलाह दी की वे दुकान पर उनको दूध और खोया सप्लाई करने वाले का नाम और संपर्क विवरण दिखाएं ताकि वे खराब दर्जे के उत्पादों का उपयोग करने के आरोपों से बच सकें।
खाद्य एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन श्री वरुण रुजम ने यह स्पष्ट कर दिया कि निकट भविष्य में मिठाई और दूध उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए अधिक चेकिंग की जाएगी। उचित पंजीकरण और लाइसेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी उपस्थित लोगों का गाइड रकरते हुए उन्होंने कहा कि लगभग पचास प्रतिशत हलवाइयों और मिठाई विक्रेताओं ने ही पंजीकरण  करवाया है। पंजीकरण न करवाने वाले विभाग को खुद कार्रवाई करने के लिए आमंत्रित कर रहे है। उन्होंने सलाह दी की सभी अपनी दुकानों पर अपना पंजीकरण नंबर लगाएं।
उन्होंने सही खाद्य पद्धति को अपनाने पर साफ सुथरे ढंग से खाना बनाने व परोसने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर से सख्त निगरानी की जा रही है कि निरिक्षण टीम बेवजह किसी दुकानदार को परेशान न करे। सैंपल रिपोर्ट में भी हेरफेर की संभावना को कम करने के लिए निगरानी भी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा के तहत आने वाले अभ्यास के बारे में जानकारी देते हुए श्री रूजम ने कहा कि भोजन में उपयोग होने वाले तेल की गुणवत्ता को जांचने के लिए जल्द ही स्पैशल मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि देखने में आया है कि या तो अज्ञानता के कारण या जानबूझ कर स्नैकस तलने के लिए एक ही तेल का कई बार उपयोग किया जाता है, यह बेहद हानिकारक है । इसलिए मशीन के माध्यम से तेल की क्वालिटी चैक की जाएगी। ये मशीनें मिनटों में मौके पर रिपोर्ट तैयार कर देती है और खराब किस्म के तेल की जांच के लिए यह मशीन वरदान साबित होंगी।
नशों के मामले पर अदालत द्वारा मुख्यमंत्री को ताडऩा किए जाने की रिपोर्टें पंजाब सरकार के प्रवक्ता द्वारा फिज़़ूल करार
अदालती मामलों की रिपोर्टिंग करते हुए मीडिया को संयम और जि़म्मेदारी दिखाने की अपील
चंडीगढ़, 4 जुलाई: नशे के मुद्दे पर हाईकोर्ट की तरफ से कैप्टन अमरिन्दर सिंह को फटकार लगाने की रिपोर्टों को फिज़़ूल करार देते हुए पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि जज ने केवल मुख्यमंत्री की अपनी अदालत में अचानक मौजुदगी का फ़ायदा उठाते हुए उनको विनती की है कि वह अपराधिक मामलों में पैरवी के तौर-तरीके को मज़बूत बनाने के मामले पर $गौर करें ।
        प्रवक्ता ने कहा कि दुर्भाग्यवश मीडिया के एक हिस्से ने इस घटना के गलत अर्थ निकाले और समूचे घटनाक्रम को गलत ढंग से पेश किया । उन्होंने कहा कि अदालत से जुड़े मामलों की गलत प्रस्तुति से गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है ।
        प्रवक्ता ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि समूचे घटनाक्रम को नकारात्मक मोड़ दिया गया है । उन्होंने ख़ास तौर पर अदालदी मामलों की रिपोर्ट करते समय पर मीडिया को संयम और जि़म्मेदारी दिखाने की अपील की है ।
        कुछ पत्रकारों की तरफ से गलत तरीके से इस घटना को पेश किये जाने संबंधी घटनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री साल 2002 के विधानसभा चुनाव में पटियाला शहरी हलके से अपने चयन को चुनौती देने वाली लम्बित पड़ी चयन पिटीशन के मामले में अपनी गवाही देने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में स्वयं पेश हुए थे । यह चयन पिटीशन हाईकोर्ट के इकलौते जज जस्टिस दया चौधरी के सामने सूची दर्ज है ।
        जब मुख्यमंत्री अपनी गवाही के बयान पर हस्ताक्षर करने का इंतज़ार कर रहे थे तो अदालत एक अन्य मसले की सुनवाई कर रही थी जोकि नशे के मामले के मुकद्मे से सम्बन्धित था । इसमें पैरवी वाला पक्ष चार्जशीट के साथ सी एफ एस एल रिपोर्ट नत्थी करने में असफल रहा था ।
        इस मौके पर अदालत ने एडवोकेट जनरल अतुल नन्दा को बुलाया जो कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ थे । अदालत ने उनको इसमें तबदीलियाँ करने के लिए कहा जिससे ऐसे मामलों में योजनाबद्ध प्रक्रिया चल सके ।
        इससे आगे अदालत ने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री की यहाँ मौजुदगी का फ़ायदा लेना चाहते हैं । ’’ अदालत ने उनको इन पक्षों पर गौर करने की भी अपील की जिससे अपराधिक मामलों में न्याय बेहतर और प्रभावी ढंग से उपलब्ध करवाया जा सके ।
        अदालत का आगे मानना था कि पंजाब बहुत से सकारात्मक पक्षों से एक नंबर राज्य है । परन्तु दुर्भाग्य से आज यह नशों के मामलों पर नकारात्मक भावना में दयनीय स्थिति में है । अदालत ने आगे कहा कि सबको उम्मीद है कि पंजाब अपनी पुरानी शान प्राप्त कर लेगा ।
इस दौरान चयन पिटीशन जिसके लिए मुख्यमंत्री अदालत गए थे अब अगली कार्यवाही हेतु 2 हफ्ते के लिए मुलतवी कर दी गई है ।
पंजाब के मुख्य मंत्री द्वारा पुलिस मुलाजिमों सहित सभी सरकारी मुलाजिमों का डोप टैस्ट अनिवार्य करवाए जाने के हुक्म जारी
मुख्य सचिव को रूप-रेखा तैयार करने और ज़रूरी नोटिफिकेशन जारी करवाने के लिए कहा
चंडीगढ़, 4 जुलाई : नशों के सम्बन्ध में आगे और नकेल कसते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पुलिस मुलाजिमों सहित सभी सरकारी मुलाजिमों का डोप टैस्ट अनिवार्य करवाने के हुक्म जारी किये हैं। यह टैस्ट मुलाजिमों की भर्ती और उनकी सेवा के हरेक चरण पर हुआ करेगा।
मुख्यमंत्री ने इस संबंधी रूप-रेखा तैयार करने और ज़रूरी नोटिफिकेशन जारी करवाने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहाँ बताया कि मुख्यमंत्री ने भर्ती और पदोन्नती के सभी मामलों में ड्रग स्क्रीनिंग अनिवार्य बनाने के लिए हुक्म दिए हैं। उन्होंने ड्यूटी के प्रकार के अनुसार कुछ विशेष मामलों में होने वाले वर्षिक डाक्टरी जांच के दौरान भी यह टैस्ट करवाने के लिए कहा है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस आदेश से पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सभी प्रकार की भर्ती और पदोन्नती के अवसर पर डोप टैस्ट अनिवार्य होगा। इसी तरह पंजाब सरकार के सभी सिविल/ पुलिस मुलाजिमों के सालाना डाक्टरी जांच के दौरान भी यह टैस्ट ज़रूरी होगा।
पंजाब से नशे के ख़ात्मे के लिए पिछले तीन दिनों के दौरान मुख्यमंत्री की तरफ से श्रृंख्लाबद्ध पहलकदमियों का यह ओदश एक हिस्सा है।
एन डी पी एस एक्ट में संशोधन के द्वारा नशों के सम्बन्ध में पहली बार अपराध करने वाले को मौत की सज़ा दिए जाने की केंद्र को मंत्री मंडल की तरफ से गई सिफारिश के समय ही मुख्यमंत्री ने इस संबंधी भी फ़ैसला ले लिया था।
मुख्यमंत्री ने नशों के तस्करों को अपनी यह घिनौनी गतिविधि छोडऩे या सख़्त कार्यवाही का सामना करने की पहले ही चेतावनी दी हुई है।
मुख्यमंत्री द्वारा पहली बार नशे की तस्करी करते हुए पकड़े जाने वाले दोषियों के लिए सजा-ऐ-मौत तय करने के लिए राजनाथ सिंह को पत्र
चंडीगढ़, 4 जुलाई:  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज नशा तस्करी करते हुए पहली बार पकड़े जाने वाले दोषियों के लिए सज़ा -ऐ -मौत निर्धारित करने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन करने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को ज़ोरदार सिफ़ारिश की है।
   इस मुद्दे पर पंजाब मंत्री मंडल की तरफ से लिए फ़ैसले को आगे चलाते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे अर्ध सरकारी पत्र में नशा विरोधी कानून एन.डी.पी.एस. एक्ट में संशोधन की प्रक्रिया आरंभ करने के लिए तत्काल कदम उठाने की माँग की है ताकि नशों के अपराधियों को उदाहरणीय सज़ा दी जा सके।
   मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में नशे की रोकथाम के लिए मौजूदा कानून को पूरी तरह अमल में लाने और नशे से ग्रस्त लोगों को इस बीमारी से मुक्त करवाने और उनके पुर्नवास के लिए राज्य सरकार की तरफ से पहले ही उठाए गए विभिन्न कदमों का जि़क्र करते हुए कहा, ‘‘पिछले कुछ सालों के दौरान समस्या की गंभीरता को अनदेखा किया गया है और अब उनकी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के निष्कर्ष चाहे सामने आने लगे हैं परन्तु इसको अभी और मज़बूत किये जाने की ज़रूरत है। इस दिशा में नशे की रोकथाम और इस पर काबू पाने के लिए मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाना चाहिए जिससे अपराधियों को सख़्त से सख़्त सज़ा दी जा सके।
   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहने की ज़रूरत नहीं कि हमारी सरकार ने बीते साल नशे के विरुद्ध कार्य योजना तैयार करके इसको सख़्ती से लागू किया जिसके परिणामस्वरूप 18977 नशा तस्कर गिरफ़्तार किये गये और दो लाख से अधिक पीडि़तों का ईलाज करवाया गया। इस संबंधी और जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि राज्य की विभिन्न जेलों में एन.डी.पी.एस. एक्ट अधीन 3977 व्यक्ति सज़ा भुगत रहे हैं जबकि इसी एक्ट के अधीन 5610 अदालती कार्यवाही अधीन हैं। उन्होंने अपने पत्र में बताया कि राज्य सरकार ने डी.ए.पी.ओ. के नाम के अतंर्गत व्यापक स्तर पर लोक जागरूकता मुहिम आरंभ की है जिसका उद्देश्य राज्य में नशे की बीमारी से निपटने के लिए आम लोगों की हिस्सेदारी को यकीनी बनाना है।
   इस पत्र में मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मौजूदा एन.डी.पी.एस. एक्ट -1985 के अंतर्गत विभिन्न जुर्मों के लिए मौत की सज़ा निर्धारित तो है परन्तु यह सज़ा दूसरी बार अपराध किये जाने पर लागू होती है। उन्होंने दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि इसका अर्थ तो यह हुआ कि कोई व्यक्ति ऐसी बुरी गतिविधियों को अंजाम दे और कम से -कम एक बार बचकर निकल जाये जो नौजवानों और समाज के लिए बहुत घातक है।
   कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार यह महसूस करती है कि ऐसा नहीं होने देना चाहिए और यहाँ तक कि दोषियों को उन जुर्मों में पहली बार अपराध करने पर ही सज़ा -ऐ -मौत दी जानी चाहिए जिन अपराधों का एन.डी.पी.एस. एक्ट -1985 की धारा 31 -ए में विस्तृत उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा, ‘‘हम विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं और महसूस करते हैं कि एक्ट में मौत की सज़ा का उपबंध कर देने से न सिफऱ् पंजाब बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में सक्रिय नशा तस्करों और माफीओं का ख़ात्मा होगा।
   मुख्यमंत्री ने राजनाथ सिंह को पंजाब में नशे की समस्या की गंभीरता से अवगत करवाते हुए बताया कि नशे के कारोबार और तस्करी से राज्य के मानवीय और आर्थिक साधनों पर गहरा प्रभाव हुआ है जो राज्य के सामाजिक -आर्थिक विकास में रुकावट बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की बीमारी न सिफऱ् पंजाब बल्कि पड़ोसी राज्यों की नौजवान पीढ़ी पर बहुत बुरा प्रभाव डाल रही है। मुख्य मंत्री ने कहा कि उन की सरकार नशों की बीमारी को जड़ों खोद देने के लिए पूरी तरह दृढ़ है।
   मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को एन.डी.पी.एस. एक्ट में अपेक्षित संशोधन करने संबंधी राज्य सरकार के प्रस्ताव पर गौर करने के लिए गृह मंत्रालय के सम्बन्धित अधिकारियों को ज़रुरी निर्देश देने की अपील की है जिससे नौजवानों और समाज को नशे की मनहूस बीमारी से बचाया जा सके।
पंजाब ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा ब्रह्म महिंद्रा और राणा सोढी सम्मानित
– पंजाब को खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय नक्शे पर आगे लाने के लिए सरकार और एसोसिएशन मिलकर कार्य करेंगी: ब्रह्म महिंद्रा
-खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, नौकरी और न$कद राशि के साथ सम्मान संबंधी व्यापक खेल नीति जल्द लागू होगी: राणा सोढी
एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 4 जुलाई:  पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन द्वारा आज पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री श्री ब्रह्म महिंद्रा और खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी को सम्मानित किया गया। यहाँ फेज़ 9 स्थित पंजाब ओलम्पिक भवन में हुए सम्मान समारोह की शुरुआत में बोलते हुए एसोसिएशन के सचिव जनरल राजा के.एस.सिद्धू ने कहा कि यह पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन के लिए गौरव की बात है कि एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री ब्रह्म महिंद्रा और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ राणा गुरमीत सिंह सोढी को पंजाब के कैबिनेट मंत्री बनाया गया है जोकि खेल परिवार के लिए खुशी का मौका है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्रियों के होते हुए सरकार में खिलाडिय़ों के हित सुरक्षित रहेंगे और ये मंत्री खेल और खिलाडिय़ों के अधिकारों के लिए पंजाब कैबिनेट में अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
    इससे पहले बोलते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष और राज्यसभा मैंबर स. सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि पंजाब में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार आई हो पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन को हर सरकार का सहयोग रहा है और खेल में कभी भी राजनीति नहीं आई। उन्होंने कहा कि आज एसोसिएशन की तरफ से विशेष तौर पर खेल परिवार के मैंबर पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों का सम्मान किया गया है।
    स्वास्थ्य मंत्री श्री ब्रह्म महिंद्रा ने एसोसिएशन का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह उनका ही अंग हैं और आज अपने परिवार में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को खेल के राष्ट्रीय नक्शे में अग्रणी राज्य बनाने के लिए पंजाब सरकार और एसोसिएशन मिलकर प्रयास मारेंगे।
    इस अवसर पर अपने संबोधन में पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि जल्द ही राज्य में एक विस्तृत खेल नीति लागू की जायेगी जिसमें अति आधुनिक उपकरणों के साथ खिलाडिय़ों की प्रशिक्षण, न$कद इनाम, नौकरियाँ और खिलाडिय़ों का ए, बी और सी श्रेणियों में वर्गीकरण आदि अहम पक्ष होंगे। अन्य विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि ‘महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड’ जो काफ़ी समय से नहीं बाँटे गए, जल्द ही दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहाँ महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड की न$कद राशि में विस्तार किया जायेगा वहीं इनको सालाना फीचर बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों के लिए भी अवार्ड शुरू किये जाएंगे जिससे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढिय़ा प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षकों का भी मनोबल बढ़ाया जा सके।
    पंजाब की खेल ऐसोसीएशनों को फंड मुहैया करवाने के मुद्दे पर खेल मंत्री ने कहा कि यह एक बहुत ही अहम मुद्दा है जिसे ध्यानपूर्वक सभी पक्षों से पढ़े जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर वह सभी खेल एसोसिएशनों के साथ मीटिंग करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राज्य की जिन खेल एसोसिएशनों ने अभी तक अपने संगठनात्मक चुनाव नहीं करवाए हैं वे जल्द ही इस संबंधी कदम उठाएं क्योंकि उन ऐसोसीएशनों को ही फंड मुहैया करवाए जाएंगे जिनके पास अपना बाकायदा स्थापित संगठनात्मक ढांचा होगा और निरंतर चुनाव करवाए जाएंगे।
    एक अन्य अहम मुद्दे पर बात करते हुए राणा सोढी ने कहा कि राज्य सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि खिलाडिय़ों को हर तरह की सुविधा दी जाये चाहे यह उनके प्रशिक्षण से सम्बन्धित हो या उनको पौष्टिक खुराक मुहैया करवाने से। उन्होंने यह भी दोहराया की कि पंजाब सरकार राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल के क्षेत्र में चमकाने के लिए पूर्ण तौर पर वचनबद्ध है। इसके साथ ही राणा सोढी ने कहा कि खेल में निचले स्तर पर छोटे बच्चों पर ध्यान देते हुए खेल और शिक्षा विभाग मिलकर कार्य करेंगे और स्कूली खेल पर ध्यान केंद्रित करके पनीरी तैयार की जायेगी।
इस अवसर पर पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन के सीनियर उपाध्यक्ष श्री राजदीप सिंह गिल ने खेल मंत्री के समक्ष माँग रखी कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाले खिलाडिय़ों को नौकरी का ठोस प्रबंध किया जाये और खिलाडिय़ों की पोजि़शन के अनुसार ग्रुप ए, बी और सी में नौकरियाँ यकीनी बनाईं जाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस के अलावा अन्य विभागों और बोर्ड/निगम के लिए भी खिलाडिय़ों को भर्ती किया जाये जिस पर खेल मंत्री राणा सोढी ने कहा कि खेल नीति बनाते समय इन बातों को ध्यान में दिया जायेगा।
मीटिंग के दौरान खेल विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार का भी विशेष स्वागत किया गया। इस अवसर पर पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन के अधिकारी भी शामिल थे जिनमें श्री पी.एस.कुमेदान, स. सिकंदर सिंह मलूका, श्री तेजा सिंह धालीवाल, श्री एन.एस.कंग, श्री राजन गुप्ता, श्री जयपाल सिंह, श्री टी.पी.एस.सिद्धू, श्री जगदीश मित्तल, श्री राजिन्दर पाल सिंह कलसी और खेल विभाग के सहायक डायरैक्टर श्री करतार सिंह भी उपस्थित थे।
विजीलैंस ने 5,000 की रिश्वत लेते हुए हवलदार रंगे हाथों दबोचा
चंडीगढ़, 4 जुलाई:  पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज थाना दयालपुरा एट भगता भाईका, बठिंडा में तैनात हवलदार गुरपाल सिंह को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
इस संबंधी विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त हवलदार को शिकायतकर्ता हरप्रीत सिंह निवासी गाँव आकलिया जलाल, जि़ला बठिंडा की शिकायत पर पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उक्त हवलादर द्वारा उसके विरुद्ध चल रहे मुकदमे में मदद करने के बदले 10,000 रुपए की माँग की गई है और सौदा 5,000 रुपए में तय हुआ है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की जांच के उपरांत उक्त दोषी हवलदार को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि दोषी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार निरोधक  कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थाना बठिंडा में मुकद्मा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।
बछडिय़ोंं की जन्म दर बढ़ाने के लिए लिंग निर्धारित वीर्य के 50 हज़ार सैंपल विदेशों से मंगवाए जाएंगे: सिद्धू
दूध उत्पादन में विस्तार करके किसानों की आय में किया जायेगा इज़ाफा
ऐंबर्यो ट्रांसफर टैकनॉलॉजी प्रोग्राम के लिए केंद्र द्वारा 7.73 करोड़ का अनुदान मंज़ूर
सूअर और बकरी फार्मों को विकसित करने के लिए खर्च किए जाएंगे 5 करोड़ रुपए
लुधियाना जि़ले के गाँव मत्तेवाड़ा में लगाया जायेगा पिग्ग प्रोसेसिंग यूनिट
चंडीगढ़, 4 जुलाई:  किसानों की आय बढ़ाने वाली एक बहु उद्देश्यीय योजना अधीन पशु पालन विभाग द्वारा बछड़ों के जन्म को यकीनी बनाने के लिए लिंग निर्धारित किये जा चुके वीर्य के 50 हज़ार सैंपल विदेश से मंगवाए जाएंगे।
इस संबंधी जानकारी पंजाब के पशु पालन, डेयरी विकास एवं मछली पालन विभाग के मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने विभाग की उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अधीन पंजाब सरकार की तरफ से यह महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया गया है कि देसी गायों की नस्ल को उत्साहित करते हुए दूध उत्पादन में विस्तार किया जाये। इसी उद्देश्य के अंतर्गत बछडिय़ों की जन्म दर में विस्तार करने और निखट्टू बछड़ों की जन्म दर को घटाने के लिए लिंग निर्धारित किये हुए वीर्य के 50 हज़ार सैंपल विदेशों से मंगवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जहाँ इससे सडक़ोंं पर आवारा घूमते सांडों की समस्या से निजात मिलेगी वहीं इससे बछडिय़ों की संख्या बढऩे से सफ़ेद क्रांति का दूसरा दौर शुरू हो सकेगा।
स. सिद्धू ने बताया कि इसके साथ ही विभाग की तरफ से पटियाला में चलाए जा रहे भ्रूण बदलाव तकनीक प्रोग्राम (ऐंबर्यो ट्रांसफर टैकनॉलॉजी) की मज़बूती और विस्तार के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 7.73 करोड़ रुपए मंज़ूर किये गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम के अंतर्गत एक दुधारू जानवर का भ्रूण दूसरे जानवर में तबदील किया जाता है, जिसका उद्देश्य दूध का उत्पादन बढ़ाना है।
मीटिंग में शामिल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. जी. वज्रलिंगम ने बताया कि पशुधन मिशन के अधीन भी भारत सरकार ने 5 करोड़ रुपए की राशि मंज़ूर की है, जिसके अंतर्गत सूअर और बकरी पालन फार्मों का विस्तार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि नाभा में सूअर फार्म की क्षमता बढ़ाकर लोगों को बढिय़ा नस्ल के सूअरों के बच्चे दिए जाएंगे। इसी तरह पटियाला जि़ले के कुल्ले माजरा में बकरियों के फार्म का विस्तार भी इसी योजना के अधीन किया जायेगा। इस फार्म में बीटल नस्ल की बकरियों की जन्म दर को बढ़ाया जायेगा।
स. सिद्धू ने आगे बताया कि इसी दिशा में लुधियाना जि़ले के गाँव मत्तेवाड़ा में पिग्ग प्रोसेसिंग यूनिट लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से 1 करोड़ रुपए की राशि ख़र्च करके पशुओं का बीमा करने की योजना भी बनाई गई है।
इस अवसवर पर अन्यों के अलावा स. अमरजीत सिंह, डायरैक्टर पशुपालन, स. इन्द्रजीत सिंह, डायरैक्टर डेयरी विकास और श्री मदन मोहन, डायरैक्टर मछली पालन भी उपस्थित थे।
ई -पंजाब स्कूल, ई ऑफिस और अन्य मोबाईल एप्लीकेशन्ज़ शुरू
चंडीगढ़, 4 जुलाई:  पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा ढांचों का रूप बदलने और शिक्षा का स्तर समय के अनुसार बनाने के लिए अब सूचना प्रौद्यौगिकी का सहारा लिया है। इसके अंतर्गत स्कूली शिक्षा ढांचों में ई -गवर्नेंस के अधीन आती कई पहलकदमियां की गई हैं। ऑनलाईन स्कूल मैनेजमेंट के अंतर्गत ई -पंजाब स्कूल, ई -ऑफिस, ग्रीविऐंसिस रीड्रैसल सिस्टम (शिकायत निवारण प्रणाली), बायोमैट्रिक हाजिऱी प्रणाली, विद्यार्थी का आधार कार्ड मुहैया करना, स्कूल की जिआईएस मैपिंग, विभिन्न वैबसाईटों को एकीकृत करना, मोबाईल एप्लीकेशन्ज़ और विभिन्न सॉफ्टवेयर तैयार करवाए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री श्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में ऑनलाईन प्रणाली ‘ई-पंजाब स्कूल’ लागू की गई है, जिसके अंतर्गत स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और स्कूल के बुनियादी ढांचों संबंधी जानकारी ऑनलाईन मुहैया की जाती है और इसको बाकायदा स्कूलों द्वारा अपडेट किया जाता है। डायरी/डाक और फाइलों की गतिविधियों पर नजऱ रखने के लिए ई -आफिस नाम का ऑनलाईन प्रणाली अपनाई गई है, जिसके अधीन सभी मुख्य कार्यालयों और सभी फील्ड कार्यालयों को लिया गया है।
इसके अलावा ऑनलाईन शिकायत निवारण प्रणाली अपनाई गई है और इसको विभागीय वैबसाईट के साथ जोड़ा गया है। प्रत्येक स्टाफ मैंबर अपनी शिकायत ऑनलाईन कर सकता है, जो अगली कार्यवाही के लिए अपने आप सम्बन्धित ब्रांच को चली जाती है। स्कूलों में हाजिऱी यकीनी बनाने के लिए मोबाईल आधारित बायोमैट्रिक हाजिऱी प्रणाली विकसित की गई है। सरकारी स्कूलों के 99 प्रतिशत विद्यार्थियों के आधार कार्ड नंबर बनवाऐ गए हैं और इनको विभिन्न छात्रवृति और अन्य रियायती स्कीमों के साथ जोड़ा गया है।
श्री सोनी ने आगे बताया कि स्कूली संपत्तियों का सही रिकार्ड तैयार करने के उद्देश्य से सभी सरकारी स्कूलों की जीआईएस मैपिंग करवाई गई है। इससे एक स्कूल से दूसरे स्कूल के बीच की दूरी का पता ऑनलाईन चल जाता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कई मोबाइल ऐप्लीकेशनें भी तैयार करवाई हैं, जिनमें स्कूल लॉगइन, स्टाफ लॉगइन, माई ऑफिस और मिड-डे मील स्कीम की निगरानी के लिए एम.डी.एम. मोनिटरिंग व्यवस्था शुरू की गई है।
पंजाब की नहरों में पानी छोडऩे का प्रोग्राम जारी
चण्डीगढ़, 4 जुलाई:   पंजाब के सिंचाई विभाग ने सावन के मौसम की फ़सल के लिए नहरी प्रोग्राम का 4 से 11 जुलाई, 2018 तक पानी छोडऩे का विवरण जारी किया है।
एक प्रवक्ता ने बताया कि 4 जुलाई से 11 जुलाई, 2018 तक सरहिन्द कैनाल सिस्टम की नहरों जैसे कि बिसत दोआब केनाल, सिद्धवंा ब्रांच, बठिंडा ब्रांच, अबोहर ब्रांच और पटियाला फीडर क्रमवार पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी और पाँचवी प्राथमिकता के आधार पर चलेंगी।
उन्होंने बताया कि भाखड़ा मेन लाईन में से निकलती नहरों और ब्रांचों जो कि ग्रुप ‘ए ’ में हैं, को पहली प्राथमिकता के आधार पर पूरा पानी मिलेगा। घग्गर लिंक और इसमें से निकलती घग्गर ब्रांच और पटियाला माइनर जो ग्रुप ‘बी’ में हैं, को दूसरी प्राथमिकता के आधार पर बाकी बचता पानी मिलेगा।
जल स्रोत विभाग के प्रवक्त ा ने यह भी बताया कि सरहिन्द फीडर में से निकलते सभी रजबाहे जो कि ग्रुप ‘ए ’ में हैं, को पहली प्राथमिकता के आधार पर पूरा पानी मिलेगा। सरहिन्द फीडर में से निकलती अबोहर ब्रांच लोअर और इसके रजबाहे जो कि ग्रुप ‘बी’ में हैं, को दूसरी प्राथमिकता के आधार पर बाकी बचता पानी मिलेगा।
उन्होंने आगे बताया कि मेन ब्रांच लोअर और इसके रजबाहों को पहल के आधार पर पूरा पानी दिया जायेगा जबकि लाहौर ब्रांच, सभराओ ब्रांच, कसूर ब्रांच लोअर और इसके रजबाहों को क्रमवार बाकी बचता पानी मिलेगा।
पंजाबी यूनिवर्सिटी में शहीद भाई मनी सिंह चेयर स्थापित करने की माँग
चण्डीगढ़, 4 जुलाई:  पंजाब विधान सभा के स्पीकर राणा के.पी. सिंह के साथ आज विश्व सिख राजपूत भाईचारा धर्म प्रचार कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने माँग की कि पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में शहीद भाई मनी सिंह की चेयर स्थापित की जाये।
स्पीकर राणा के.पी. सिंह ने कहा कि वह इस माँग को पंजाब सरकार तक पहुँचाएंगे और निजी तौर पर भी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को शहीद भाई मनी सिंह की चेयर स्थापित करने के लिए कहेंगे। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि भाई मनी सिंह सच्चखंड श्री हरिमन्दर साहिब के हैड ग्रंथी और श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार के पद पर शुशोभित रहे और उनका समूचा जीवन मानवता की सेवा, भक्ति और अद्वितीय शहादत के कारण मानवता के लिए एक मिसाल है।
जि़ला रूपनगर के विकास कामों में दिए गए अहम योगदान के लिए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने राणा के.पी. सिंह का सम्मान भी किया। इस मौके पर दूसरों के अलावा पीपीसीसी के जनरल सचिव पवन दीवान, विश्व सिख राजपूत भाईचारा धर्म प्रचार कमेटी के प्रधान गुरमेल सिंह, सचिव जनरल रणजीत सिंह खन्ना, चेयरमैन ज्ञानी करनैल सिंह गरीब, जैमल सिंह चौहान, सुरजीत सिंह गढ़ी, दलीप सिंह बीकर, संतोख सिंह और कुलवंत सिंह समेत कमेटी के अन्य मैंबर उपस्थित थे।
राज्य के नागरिकों के भारी उत्साह सदका बनी नंबर-1 ट्रैंडिंग एैप
-गुगल प्ले स्टोर से किये गए 1 लाख 70 हज़ार डाऊनलोड
-आज तक 1लाख 40 हज़ार बुकिंग हुई
– एक महीने के समय के दौरान 8 लाख पौधे किये गए सप्लाई
चंडीगढ़, 4 जुलाई: पंजाब सरकार द्वारा राज्य में हरियाली बढ़ाने और राज्य निवासियों को साफ़-सुथरा वातावरण मुहैया करवाने के मकसद के साथ शुरू की गई ‘आई हरियाली’ एैप को राज्य के लोगों की तरफ से भरपुर स्वीकृति मिली है।
पंजाब के वन मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किये गए ‘मिशन तंदुरुस्त पंजाब’ की सफलता के लिए वन विभाग अपनी जि़म्मेदारी बाखूबी निभा रहा है।                                              उन्होंने कहा कि वातावरण को शुद्ध रखने के लिए ‘घर – घर हरियाली’ योजना के अंतर्गत राज्य भर में मुफ़्त पौधे मुहैया करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के  द्वारा राज्य के निवासियों को घर बैठे ही अपनी पसंद के पौधे ऑन लाईन ‘आई हरियाली’ एैप के द्वारा बुक्क करने की सुविधा प्रदान की गई है।
वन मंत्री ने राज्य के निवासियों द्वारा ‘आई हरियाली’ एैप को दिए गए भरपुर उत्साह  पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि राज्य के नागरिकों के उत्साह से यह एैप पिछले दिनों  के दौरान नंबर-1 ट्रैंडिंग एैप रही है। उन्होंने बताया कि इस एैप से सम्बन्धित गुगल प्ले स्टोर से अब तक 1 लाख 70 हज़ार डाउनलोड हो चुके हैं जबकि राज्य के निवासियों द्वारा अपनी पसंद के पौधे मुफ़्त हासिल करने के लिए 1 लाख 40 हज़ार बुकिंगें की गई हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा इस एैप से एक महीने के समय के दौरान राज्य भर में अलग-अलग किस्मों के 8 लाख पौधे सप्लाई किये जा चुके हैं।
स. धर्मसोत ने आगे बताया कि ‘आई हरियाली’ एैप देश की पहली ऐंडरायड आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसके द्वारा पंजाब के निवासियों को भौगोलिक तौर पर अपनी नज़दीकी सरकारी नर्सरी से अपनी पसंद के पौधे चुनने और हासिल करने की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस एैप को ‘घर -घर हरियाली’ स्कीम के एक हिस्से के तौर पर पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा 5 जून, 2018 को शुरू किया गया था जो कि राज्य सरकार के ‘मिशन तंदुरुस्त पंजाब’ का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि लोगों की पौधे हासिल करने की बढती माँग को देखते हुए और वन विभाग की नर्सरियों पर दबाव के कारण अब प्रति दिन प्रति व्यक्ति बुकिंग पर 15 पौद्ये तक सीमित किया गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में नशों से सम्बन्धित मौतों की जांच के आदेश
राजनैतिक संबंध का बिना लिहाज़ किये दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का भरोसा
नशे के विरुद्ध जागरूकता मुहिम को लोक लहर बनाने का आह्वान
चंडीगढ़, 3 जुलाई:  पंजाब मंत्रीमंडल द्वारा नशे के तस्करों को मौत की सजा दिए जाने संबंधी केंद्र सरकार को सिफ़ारिश किये जाने के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हाल ही में नशे से हुई मौतों की जांच के आदेश दिए हैं जिसके बाद दोषियों के विरुद्ध उनके राजनैतिक संबंध का बिना लिहाज़ किये कड़ी कार्यवाही की जायेगी ।
नशों के प्रयोग को एक बीमारी बताते हुए और इसके इलाज की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के पीडि़तों के पुर्नवास की ज़रूरत पर ज़ोर देने के साथ-साथ नशे के विरुद्ध लोक लहर शुरू किये जाने की मुहिम पर ज़ोर दिया है । जागरूकता पैदा किये जाने और कार्यवाही किये जाने में अंतर होने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता किसी एक एजेंसी द्वारा पैदा नहीं की जा सकती । इस संबंधी लोगों की सहभागिता से सामूहिक कोशिशों की ज़रूरत है ।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप के साथ विचार विमर्श के दौरान उपरोक्त विचार प्रकट किए। यह ग्रुप आज नशे की समस्या संबंधी विचार विमर्श करने के लिए उनके सरकारी आवास पर आया था । इन कार्यकर्ताओं में एक पूर्व पीडि़त भी शामिल था । इन्होंने हाल ही में इस समस्या संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए सोशल मीडिया में ‘‘नशों के विरुद्ध काला सप्ताह’’ मुहिम शुरू की है। इस ग्रुप में डॉक्टर भूपिंदर सिंह, हाकम सिंह, बलजीत पन्नू और बलजिन्दर सिंह (मिंटू) शामिल थे । मिंटू स्वयं किसी समय नशे से पीडि़त था। उन्हेंने कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सरकार द्वारा उठाए कड़े कदमों का स्वागत किया । उन्होंने कहा कि इससे लोगों के स्वभाव और इस मुद्दे संबंधी धारणा में स्पष्ट तबदीली आई है ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह नशे के विरुद्ध जंग की प्रगति का जायज़ा लेने के लिए हर सोमवार तीन बजे मीटिंग किया करेंगे।
इन कार्यकर्ताओं ने इस सम्बन्ध में अकालियों पर दोष लगाए जिन्होंने नौजवानों की ऊर्जा को सही तरफ़ लगाने के लिए कुछ भी नहीं किया । उन्होंने कहा कि पिछली अकाली सरकार ने खेल और अन्य गतिविधियों में फंडों को घटा दिया जिससे इन नौजवानों को व्यस्तता में रखा जा सकता था और उसने इन नौजवानों को नशों की ओर जाने के लिए खुला छोड़ दिया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नशों के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने के लिए इन कार्यकर्ताओं को हर सहयोग देने का वादा किया । उन्होंने सरकार की तरफ से पहले ही शुरू किये ऐंटी ड्रग अब्यूज़ प्रीवैंशन ऑफिसर्ज प्रोग्राम के साथ तालमेल के द्वारा गाँवों में रैलियाँ और मोमबत्ती मार्च करने का सुझाव दिया । उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिशनर और एस.एस.पीज़. इनमें भाग लेंगे।
उनको समय दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कार्यकर्ताओं ने हरेक गाँव में नशे के आदियों की पहचान करने के लिए 10-15 नौजवान आधारित कमेटीयां बनाने का सुझाव दिया । उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निजी अस्पतालों को नशे के आदियों को इलाज मुहैया करवाने के लिए कहा जाये । इसके सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिंद्रा को नशे के आदियों के लिए कुछ बैड आरक्षित रखने के लिए निजी अस्पतालों के साथ बातचीत करने के लिए कहा।
 उन्हेंने नशे के डीलरों और पुलिस मुलाजिमों खासकर एस.आई. और ए.एस.आई. स्तर के मुलाजिमों में ‘‘नज़दीकी गठजोड़’’ होने पर चिंता प्रकट की । उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिस मुलाजिमों की पहचान बताने से लोग डरते हैं । उन्होंने लोगों में ठोस विश्वास पैदा करने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए अपील की ।
कार्यकर्ताओंं ने भुक्की और अफ़ीम जैसे परंपरागत नशों में ढील दिए जाने के लिए कदम उठाने का सुझाव दिया । इसके साथ ही उन्होंने सभी नशे के आदियों की डॉक्टरी जांच का भी सुझाव दिया । उन्होंने कहा कि नशों के आदियों के लिए एक हेल्पलाइन तैयार की जाये । उन्होंने महिलाओं को नशों से दूर रखने में मदद मुहैया करवाने के लिए एस.टी.एफ. में एक महिला अफ़सर तैनात किये जाने का भी सुझाव दिया ।
नशों को त्यागने वाले मिंटू ने बताया कि उसने खुद नशे की आदत डाल ली थी और वह इनके एवज़ में अन्य चीजों की मदद से नशे से बाहर निकला।
इस अवसर पर उपस्थित अन्यों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रह्म महिंद्रा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह उपस्थित थे ।
बहुत हो चुका – कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा नशा तस्करों को चेतावनी
नशों की तस्करी छोडऩे के लिए कहा अन्यथा गंभीर नतीजों का सामना करने के लिए तैयार रहने को चेताया
चंडीगढ़, 3 जुलाई:  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य को लगातार तबाह करने के लिए नशों के तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो नशों की तस्करी छोड़ दो नहीं तो सख्त और गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहो ।
        मुख्यमंत्री ने एक वीडियो रिकार्डिंग के द्वारा टवीट करते हुए कहा कि उनकी सरकार द्वारा नशा तस्करों को मौत की सजा दिए जाने की केंद्र सरकार को सिफारश की गई है । इसके अलावा उनकी सरकार की तरफ से इस समस्या के साथ निपटने के लिए कानून में तबदीली लाई जायेगी ।
        मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नशा तस्करों ने पंजाब का बहुत ज़्यादा नुक्सान कर दिया है और मैं स्पष्ट करना चाहता हँू कि हम इसको निरंतर जारी रहने की आज्ञा नहीं देंगे ।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार तस्करों के विरुद्ध कड़ी संभावी कार्यवाही करेगी ।
        राज्य में नशों से सम्बन्धित मौतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से ज़्यादा नशा लेने के कारण कोहराम सामने आया है और उनकी सरकार ने नशा तस्करों से कड़े हाथों से निपटने का फ़ैसला किया है ।
        मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों के दौरान उनकी सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए गए हैं और जब तक वह यहाँ हैं वह इस समस्या के ख़ात्मे को यकीनी बनाऐंगे ।
        नशों से पीडि़त लोगों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिंद्रा को सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ तालमेल करने के लिए कहा है जिससे नशे के आदियों को उपयुक्त इलाज मुहैया करवाया जा सके ।
4 गिरफ़्तार, बी.एस.एफ को तस्करी में शामिल एक संदिग्ध सैनिक पर कार्यवाही करने हेतु भी किया सूचित
चंडीगढ़, 3 जुलाई:  पंजाब पुलिस के खुफिय़ा विंग को सरहद पार पाकिस्तान से चल रही नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी का पर्दाफाश करने में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इसने हेरोइन की तस्करी के साथ संबंधित 4 व्यक्तियों और एक पूर्व सैनिक को गिरफ़्तार किया है। पुलिस नेे संदिग्ध से 14.8 किलो हेरोइन, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में । 4 करोड़ बतायी गई है, और 0.30 बोर की एक पिस्तौल बरामद की है। इसी दौरान संदिग्ध व्यक्ति ने तस्करी के इस गोरख़धंधे में सरहद पर तैनात बी.एस.एफ. के एक सैनिक और दो अन्य सहयोगियों के नाम भी बताए हैं।
पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नशा तस्करी की साजिश में शामिल इस सैनिक की भूमिका संबंधी बी.एस.एफ. को सूचित कर दिया है और दोषियों के खि़लाफ़ बनती कार्यवाही करने की अपील भी की गई है। इस संबंधी धारा 21, 25, 29 एन.डी.पी.एस. एक्ट, 25 आर्मज़ एक्ट के अंतर्गत थाना एस.एस.ओ.सी. (स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल्ल) अमृतसर में मुकद्मा भी दर्ज कर लिया गया है। जि़क्रयोग्य है कि यह गिरफ़्तारी इसलिए संभव हो सकी क्योंकि एस.एस.ओ.सी. को यह सूचना मिली थी कि अमृतसर और तरन तारन इलाकों के कुछ नशा तस्कर पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में हैं और हिंद-पाक सरहद के रामदास सैक्टर के द्वारा हेरोइन की तस्करी करने में सक्रिय हैं।
इस गिरफ़्तारी में शामिल एक संदिग्ध तरविन्दर सिंह पूर्व सैनिक, जो भारतीय सेना की 13 सिख बटालियन में 16 साल बतौर सिपाही सेवा निभाकर 2016 में रिटायर हो चुका है और अमृतसर जि़ले के गाँव नवां जीवन, लोपोके के निवासी अजीत सिंह का पुत्र बताया जाता है। इसके अलावा अन्यों की पहचान सुखराज सिंह उर्फ राजा पुत्र बलकार निवासी चक्क पंडोरी लोपोके, अमृतसर, गुरलाल सिंह पुत्र मंगता सिंह निवासी गाँव बिधि चंद चिन्ना, सराए अमानत ख़ान, तरन तारन और सरबजीत सिंह पुत्र मलकीत सिंह निवासी गाँव बिधि चंद चिन्ना, सराए अमानत ख़ान, तरनतारन के तौर पर की गई है।
प्राथमिक जाँच के दौरान दोषियों ने यह कबूला कि वे बीती 29/30 जून की रात को सरहद पार से नशों की खेप रामदास सैक्टर के द्वारा लाने में सफल हो गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि बी.एस.एफ. का एक सिपाही चैंथिलराज कनागाराज (नंबर 041465015), जो कि उस रात ड्यूटी पर तैनात था, भी नशे की इस तस्करी में उनके साथ शामिल था। दोषियों ने बिक्रमजीत सिंह पुत्र सुभेग सिंह निवासी गाँव मंझ, लोपोके, अंमृतसर, गुरजंत सिंह पुत्र बलदेव सिंह वासी गाँव सारंगरा, लोपोके, अमृतसर के भी नशे के इस गोरख़धंधे में शामिल होने की बात कबूली है।
जाँच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि पिछले कुछ समय से तरविंदर, बिक्रमजीत सिंह और चैंथिलराज कनागाराज (सी.के राज) अलग -अलग सोशल मीडिया ऐप्ज़ के द्वारा पाकिस्तानी तस्करों के निरंतर संपर्क में थे और यह भी पता चला है कि बिक्रमजीत पहले भी हेरोइन से संबंधित 201।  के एक मुकद्मे में गिरफ्तार होने के बाद जेल जा चुका है और सितम्बर 201।  में ज़मानत पर बाहर आया था। इस संबंधी बी.एस.एफ को सूचना दी जा चुकी है और सिपाही चैंथिलराज कनागाराज (सी.के राज) के खि़लाफ़ बीएसएफ एक्ट के अंतर्गत अगली बनती कार्यवाही शुरू करने की आशा प्रकट की जा रही है। तस्करी में मिलीभुगत के आरोपों के कारण उसको बहुत जल्द पुलिस रिमांड के लिए एस.एस.ओ.सी. (स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल्ल) अमृतसर के हवाले कर दिया जायेगा।
‘अपनी जड़ों से जूड़ो’ स्कीम के तहत नौजवानों के पहले बैच का दौरा 6 से 17 अगस्त को
इंग्लैंड आधारति एन.आर.आई. वरिंदर सिंह खेड़ा कोर्डीनेटर नियुक्त
चंडीगड़, 3 जुलाई: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में विदेशों में बसे पंजाबियों के बच्चों को अपने पुरखों की जन्म भूमि से जोडऩे के लिए शुरू की गई ‘अपनी जड़ों से जुड़ो’ स्कीम के अंतर्गत 6 से 17 अगस्त तक ब्रिटेन से आने वाले नौजवानों के पहले बैच की मेज़बानी के लिए राज्य सरकार ने आज तैयारियों का जायज़ा लिया।
यह खुलासा करते हुए एन.आर.आई. मामलों के प्रमुख सचिव एस.आर. लद्धड़ ने बताया कि इस संबंधी आज यहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार की अध्यक्षता में मीटिंग हुई जिसमें एन.आर.आई. नौजवानों के स्वागत के लिए किये जाने वाले प्रबंधों पर विचार-विमर्श किया गया। मीटिंग के दौरान इन नौजवानों की तरफ से ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों पर जाने और उनके रहने के प्रबंधों पर भी विचार किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने एन.आर.आई. मामलों संबंधी विभाग को इन नौजवानों के पंजाब दौरे के दौरान किसी किस्म की कमी न रहने देने की हिदायत की है। यह बैच 16-22 साल तक की उम्र के 10 लडक़े-लड़कियों पर अधारित होगा।
प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अपनी जड़ों से जूड़ो’ प्रोग्राम के अंतर्गत ब्रिटेन आधारित एन.आर.आई. वरिंदर सिंह खेड़ा को स्थानीय कोर्डीनेटर नियुक्त किया है जो पंजाब आने वाले नौजवानों के ग्रुप और राज्य के एन.आर.आई. मामलों संबंधी विभाग के मध्य तालमेल बिठाएंगे। राज्य सरकार की ओर से आज प्रमुख सचिव ने श्री खेड़ा को स्थानीय कोर्डीनेटर के पद के लिए नियुक्त पत्र भी सौंपा।
श्री लद्धड़ ने बताया कि पंजाब आने वाले एन.आर.आई. नौजवान अमृतसर में श्री हरिमंदर साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके अलावा जलियांवाला बाग़, वाहघा बॉर्डर, युद्ध स्मारक, जंग-ऐ-आज़ादी करतारपुर (जालंधर), शहीद -ए -आजम भगत सिंह स्मारक बंगा, खालसा विरासत कंपलैक्स श्री आनंदपुर साहिब में भी जाएंगे। प्रमुख सचिव ने आगे बताया कि ये नौजवान एक या दो दिन अपने पुरखों के गाँव में बिताऐंगे और 15 अगस्त को सम्बन्धित जि़ला मुख्यालयों पर स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले समागमों में भी शिरकत करेंगे।
  मीटिंग के दौरान कोर्डीनेटर प्रवासी भारतीय श्री खेड़ा ने बताया कि इंग्लैंड में बसे पंजाबियों के बच्चों में अपने पुरखों की धरती देखने की तीव्र इच्छा और उत्सुकता है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रुप के टूर के बाद वह यूरोप के बाकी देशों से भी दूसरा टूर लगाने संबंधी राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे जिससे वहां बसे प्रवासी पंजाबियों के बच्चे भी अपने समृद्ध विरासत और गौरवमई विरासत से अवगत हो सकें।
जि़क्रयोग्य है कि इस स्कीम के अंतर्गत विदेशों में बसे नौजवानों को अपने पुरखों की मातृभूमि को देखने का सुनहरी मौका मुहैया करवाया गया है और इच्छुकनौजवानों का सारा खर्च भी राज्य सरकार की तरफ से वहन किया जाना है। यह विलक्ष्ण प्रयास विश्व भर में बसे पंजाबी नौजवानों को अपने पुरखों की मिट्टी से गहरी सांझ डालने और अपने समृद्ध सभ्याचार, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित होने में बहुत सहायक होगा।
यह जि़क्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सितम्बर, 2017 को लंदन (इंग्लैंड) से ‘अपनी जड़ों से जूड़ो’ नाम के अंतर्गत एक अलग प्रोग्राम की शुरुआत की थी जहाँ उन्होंने नौजवान लडक़े-लड़कियोँ को पंजाब आने का न्योता दिया था।
मीटिंग में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव गिरीश दयालन, एन.आर.आई मामलों के कमिश्नर इन्दु मल्होत्रा भी उपस्थित थे।
राजनैतिक संबंध का बिना लिहाज़ किये दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का भरोसा
नशे के विरुद्ध जागरूकता मुहिम को लोक लहर बनाने का आह्वान
चंडीगढ़, 3 जुलाई:  पंजाब मंत्रीमंडल द्वारा नशे के तस्करों को मौत की सजा दिए जाने संबंधी केंद्र सरकार को सिफ़ारिश किये जाने के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हाल ही में नशे से हुई मौतों की जांच के आदेश दिए हैं जिसके बाद दोषियों के विरुद्ध उनके राजनैतिक संबंध का बिना लिहाज़ किये कड़ी कार्यवाही की जायेगी ।
नशों के प्रयोग को एक बीमारी बताते हुए और इसके इलाज की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के पीडि़तों के पुर्नवास की ज़रूरत पर ज़ोर देने के साथ-साथ नशे के विरुद्ध लोक लहर शुरू किये जाने की मुहिम पर ज़ोर दिया है । जागरूकता पैदा किये जाने और कार्यवाही किये जाने में अंतर होने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता किसी एक एजेंसी द्वारा पैदा नहीं की जा सकती । इस संबंधी लोगों की सहभागिता से सामूहिक कोशिशों की ज़रूरत है ।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप के साथ विचार विमर्श के दौरान उपरोक्त विचार प्रकट किए। यह ग्रुप आज नशे की समस्या संबंधी विचार विमर्श करने के लिए उनके सरकारी आवास पर आया था । इन कार्यकर्ताओं में एक पूर्व पीडि़त भी शामिल था । इन्होंने हाल ही में इस समस्या संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए सोशल मीडिया में ‘‘नशों के विरुद्ध काला सप्ताह’’ मुहिम शुरू की है। इस ग्रुप में डॉक्टर भूपिंदर सिंह, हाकम सिंह, बलजीत पन्नू और बलजिन्दर सिंह (मिंटू) शामिल थे । मिंटू स्वयं किसी समय नशे से पीडि़त था। उन्हेंने कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सरकार द्वारा उठाए कड़े कदमों का स्वागत किया । उन्होंने कहा कि इससे लोगों के स्वभाव और इस मुद्दे संबंधी धारणा में स्पष्ट तबदीली आई है ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह नशे के विरुद्ध जंग की प्रगति का जायज़ा लेने के लिए हर सोमवार तीन बजे मीटिंग किया करेंगे।
इन कार्यकर्ताओं ने इस सम्बन्ध में अकालियों पर दोष लगाए जिन्होंने नौजवानों की ऊर्जा को सही तरफ़ लगाने के लिए कुछ भी नहीं किया । उन्होंने कहा कि पिछली अकाली सरकार ने खेल और अन्य गतिविधियों में फंडों को घटा दिया जिससे इन नौजवानों को व्यस्तता में रखा जा सकता था और उसने इन नौजवानों को नशों की ओर जाने के लिए खुला छोड़ दिया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नशों के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने के लिए इन कार्यकर्ताओं को हर सहयोग देने का वादा किया । उन्होंने सरकार की तरफ से पहले ही शुरू किये ऐंटी ड्रग अब्यूज़ प्रीवैंशन ऑफिसर्ज प्रोग्राम के साथ तालमेल के द्वारा गाँवों में रैलियाँ और मोमबत्ती मार्च करने का सुझाव दिया । उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिशनर और एस.एस.पीज़. इनमें भाग लेंगे।
उनको समय दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कार्यकर्ताओं ने हरेक गाँव में नशे के आदियों की पहचान करने के लिए 10-15 नौजवान आधारित कमेटीयां बनाने का सुझाव दिया । उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निजी अस्पतालों को नशे के आदियों को इलाज मुहैया करवाने के लिए कहा जाये । इसके सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिंद्रा को नशे के आदियों के लिए कुछ बैड आरक्षित रखने के लिए निजी अस्पतालों के साथ बातचीत करने के लिए कहा।
 उन्हेंने नशे के डीलरों और पुलिस मुलाजिमों खासकर एस.आई. और ए.एस.आई. स्तर के मुलाजिमों में ‘‘नज़दीकी गठजोड़’’ होने पर चिंता प्रकट की । उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिस मुलाजिमों की पहचान बताने से लोग डरते हैं । उन्होंने लोगों में ठोस विश्वास पैदा करने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए अपील की ।
कार्यकर्ताओंं ने भुक्की और अफ़ीम जैसे परंपरागत नशों में ढील दिए जाने के लिए कदम उठाने का सुझाव दिया । इसके साथ ही उन्होंने सभी नशे के आदियों की डॉक्टरी जांच का भी सुझाव दिया । उन्होंने कहा कि नशों के आदियों के लिए एक हेल्पलाइन तैयार की जाये । उन्होंने महिलाओं को नशों से दूर रखने में मदद मुहैया करवाने के लिए एस.टी.एफ. में एक महिला अफ़सर तैनात किये जाने का भी सुझाव दिया ।
नशों को त्यागने वाले मिंटू ने बताया कि उसने खुद नशे की आदत डाल ली थी और वह इनके एवज़ में अन्य चीजों की मदद से नशे से बाहर निकला।
इस अवसर पर उपस्थित अन्यों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रह्म महिंद्रा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह उपस्थित थे ।
बेरोजगार नौजवानों को दिया जाएगा डेयरी प्रशिक्षण
चंडीगढ़, 3 जुलाई: पंजाब में डेयरी विकास में और तेजी लाने के लिए हर जिले में 500 बेरोजगार नौजवानों को स्व रोजगार दिया जाएगा। यह विचार आज यहां पंजाब के पशु पालन, मछली पालन, डेयरी विकास  व श्रम विभाग मंत्री श्री, बलवीर सिंह सिद्धू ने देते हुए कहा कि डेयरी प्रशिक्षण व विस्तार केंद्रों पर डेयरी फार्म की नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी देने के लिए डेयरी उद्यम प्रशिक्षण 16 जून से शुरु किया जाएगा। जिसमें दूध के  उत्पादन के खर्चे कम करके उसके मंडीकरण संबंधी जानकारी दी जाएगी, जिससे डेयरी का धंधा लाभप्रद हो सकेगा। उन्होंने बताया कि दुधारु पशुओं की खरीद, दूध दुहाई मशीनों, बछडिय़ों, बछड़ों के पालन के लिए गांव स्तर पर दूध पदार्थ बनाने के लिए मशीनरी व 25 से 33 प्रतिशत तक की सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाएगी।
विभाग के डायरेक्टर श्री इंदरजीत सिंह की ओर से इस मौके पर बताया गया कि इस चार सप्ताह की डेयरी उद्यम प्रशिक्षण का अगला बैच डेयरी प्रशिक्षण व विस्तार केंद्र, बीजा(लुधियाना), चतामली(रोपड़), गिल( मोगा), अबुल खुराणा(श्री मुक्तसर साहिब) सरदूलगढ़(मानसा), फगवाड़ा(कपूरथला) व वेरका(अमृतसर) में शुरु होगा। शिक्षार्थियों के चुनाव के लिए 9 जुलाई 2018 को सुबह 10 बजे उक्त प्रशिक्षण केंद्रों पर काउंसलिंग की जाएगी। कम से कम 10 वीं पास नौजवान लडक़े लड़कियां जिनकी आयु 18 से 45 साल के बीच हो व जिनका अपना कम से कम 5 दुधारु पशुओं का डेयरी फार्म हो, यह प्रशिक्षण हासिल कर सकते हैं। प्रशिक्षण के लिए प्रास्पैक्टस जिसकी कीमत 100 रुपये है, संबंधित जिले के डिप्टीन डायरेक्टर, डेयरी विकास अधिकारी व सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर उपलब्ध है। प्रशिक्षण संबंधी अधिक जानकारी डेयरी विकास बोर्ड के मुख्य कार्यालय के टेलीफोन नंबर 0172-5027285 व 2217020 या विभाग की ई.मेल स्रद्बह्म्द्गष्ह्लशह्म्_स्रड्डद्बह्म्4ञ्चह्म्द्गस्रद्बद्घद्घद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व पर हासिल की जा सकती है।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मामलों की जाँच करके ऋण माफी के लिए केस मुख्यमंत्री के समक्ष विचारने का विश्वास दिलाया
चंडीगढ़, 3 जुलाई:  कृषि सभाओं के भूमि रहित सदस्यों की ऋण माफी की माँग को लेकर आज कांग्रेसी विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सहकारिता मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा से मूला$कात की। प्रतिनिधिमंडल ने माँग की कि सभाओं के भूमि रहित सदस्य जिन्होंने 25 हज़ार रुपए तक का ऋण लिया है, को भी राहत देते हुए यह ऋण माफ किया जाये। स. रंधावा ने कांग्रेसी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि इस संबंधी पूरी जाँच करके पूरा मामला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के समक्ष रखेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने सहकारिता मंत्री के साथ मुलाकात करते हुए पहले इस बात के लिए बधाई और धन्यवाद किया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा मध्यम और छोटे किसानों के 2 लाख रुपए तक के ऋण माफ किये गए जोकि ऐतिहासिक फ़ैसला था। उन्होंने सहकारिता मंत्री के समक्ष माँग रखी कि जो कृषि सभाओं के भूमि रहित/एस.सी./एस.टी./बी.सी. सदस्यों ने 25 हज़ार रुपए तक के ऋण लिए हैं, उनके ऋण माफ किये जाएँ। स.रंधावा ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और उनको विश्वास दिलाया कि वह सभी मामलों की जाँच करके इसके सकरात्मक हल के लिए यह मामला मुख्यमंत्री जी के पास लेकर जाएंगे।
कांग्रेसी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल में स.गुरकीरत सिंह कोटली, स. नवतेज सिंह चीमा, स.लखवीर सिंह लक्खा, स.गुरप्रीत सिंह जी.पी., स.हरप्रताप सिंह अजनाला, स.सुखपाल सिंह भुल्लर, स.दलवीर सिंह गोल्डी, स.हरमिंदर सिंह गिल, स.बरिंदरजीत सिंह पाहड़ा, श्री धर्मवीर अग्निहोत्री और पूर्व विधायक श्री जोगिन्द्र सिंह जिंदू, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहकारी सैल के चेयरमैन स. भुपिंदर सिंह और जि़ला कांग्रेस कमेटी अमृतसर (ग्रामीण) के प्रधान स. भगवंत पाल सिंह सच्चर भी शामिल थे।
सरकारिया द्वारा सभी डी.सीज़ और एस.एस.पीज़ को ग़ैर कानूनी माइनिंग रोकने की सख्त हिदायतें
 – नदियों से मशीनरी और अन्य सामान उठाने के निर्देश
 – उन खानों पर माइनिंग हो सकेगी जो नदियों से बाहर हैं
चण्डीगढ़, 3 जुलाई-  पंजाब के खनन मंत्री श्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों और एस.एस.पीज़ को मानसून के सीजन दौरान ग़ैर कानूनी माइनिंग रोकने की सख्त हिदायतें दी हैं।
यहाँ से जारी एक बयान में श्री सरकारिया ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी वातावरण क्लीयरेंस की शर्तों के मुताबिक मानसून सीजन के दौरान 1 जुलाई से 30 सितम्बर, 2018 तक नदियों (रिवर बैड) में माइनिंग पर मनाही है। इसलिए सभी डी.सीज़ और एस.एस.पीज़ को एक पत्र जारी करके सख्त हिदायतें दी गई हैं कि नदियों के बीच की खानों पर चौकसी रखी जाये और यह यकीनी बनाया जाये कि मानसून सीजन के दौरान इन खानों में से कोई निकासी न हो।
खनन मंत्री ने कहा कि यदि मनाही वाले खानों पर किसी प्रकार की निकासी की जाएगी तो निकासीकार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी और सम्बन्धित अधिकारी को भी बक्शा नहीं जायेगा। श्री सरकारिया ने सख्त शब्दों में कहा है कि मनाही वाली खानों पर माइनिंग से सम्बन्धित कोई भी मशीनरी या सम्बन्धित सामान मौजूद नहीं होना चाहिए और सम्बन्धित अधिकारी इन निर्देशों के पालन को यकीनी बनाऐंगे।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आम लोगों को रेत की कोई कमी न आए इसलिए विभिन्न जिलों की उन खानों पर माइनिंग हो सकेगी जो नदियों से बाहर हैं।
श्री सरकारिया ने बताया कि राज्य में बजरी की 47 खानों की असेसमेंट का काम भी जारी है और जल्द ही इनकी नीलामी करवाई जायेगी। इससे क्रेशर उद्योग को और ज़्यादा कच्चा माल उपलब्ध होगा और बजरी की किल्लत दूर की जा सकेगी, जिसका सीधा फ़ायदा राज्य के लोगों को पहुँचेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत पंजाब में अलग तौर पर माईन्ज़ और जियोलॉजी विभाग की स्थापना हो चुकी है। इस विभाग में 6 कार्यकारी इंजीनियर रैंक के अधिकारियों को बतौर जि़ला माइनिंग अफ़सर तैनात किया गया है जबकि सब -डिविजऩल रंैक के 28 अफसरों को बतौर सहायक माइनिंग अफ़सर तैनात किया जा चुका है। इसके अलावा जूनियर इंजीनियर सहित अन्य दफ़्तरी अमले को भी जल्द ही जिलों में लगा दिया जायेगा। उन्होंने पंजाब निवासियों को भरोसा दिया कि बहुत जल्द माइनिंग विभाग सुचारू ढंग से कार्य करना शुरू कर देगा और रेत -बजरी के लिए लोगों की होती लूट-मार और मुश्किलों को दूर कर दिया जायेगा।
बड़ी सब्सिडी पर किसानों को दी जाएगी पराली प्रबंधन मशीनरी
– फसल प्रबंधन के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि मशीनरी के प्रचार पर दो साल में 665 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च
– पराली प्रबंधन मशीनी को उत्साहित करने के लिए बड़े स्तर पर चलाई जाएगी जागरुकता मुहिम
चंडीगढ़, 3 जुलाई: पराली जलाने को रोकने की समस्या से निजात पाने के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी बड़ी सब्सिडी पर मुहैैया करवाई जाएगी। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास)श्री विश्वजीत खन्ना ने बताया कि फसल अवशेष के इन-सिटू प्रबंधन के लिए कृषि मशीनकरण को बढ़ावा देने के लिए इस नई योजना के अंतर्गत दो वर्षों में अलग-अलग हिस्से में 665 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत कृषि मशीनरी सहकारी सोसायटियों और अन्य समूहों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर मुहैया करवाई जाएगी जबकि किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मशीनरी मुहैया होगी।
श्री खन्ना ने कहा कि किसानों को पराली न फूंकने के लिए प्रेरित करने के लिए पिछले कई सालों से अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं परंतु बड़े स्तर पर पराली के निपटारे के लिए कोई उचित तकनीक उपलब्ध नहीं थी और धान की कटाई व गेहूं और सब्जियों जैसी फसलों की बिजाई में कम समय होने के कारण किसान आम तौर पर पराली जलाने को तरजीह देते थे। इस लिए मकैनिकल तरीकों पर काम किया गया व इस बारे में जल्द ही बड़े स्तर पर मुहिम चलाई जाएगी। इस मुहिम में मशीनीकरण के बुरे प्रभावों संबंधी शंकाओं को दूर किए जाने व किसानों को पराली प्रबंधन मशीनरी के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
श्री खन्ना ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म, व्हाट्स एप, डाक्यूमेंट्री, रेडियो जिंगलस व प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रगतिशील किसानों को साथ जोडऩे के लिए कृषि विभाग ने कई गतिविधियां चलाई जाएंगी, जिनमें खेतों का दौरा, प्रर्दशनियां, प्रशिक्षण, साहित्य वितरण व और प्रयास किए जाएंगे।
श्री खन्ना ने वालंटियरों, प्रसिद्ध किसानों, जन प्रतिनिधियों व मशीनरियों को साथ जोडऩे का सुझाव दिया व कहा कि पराली प्रबंधन मशीनी पर सब्सिडी हासिल करने वाले किसानों के लिए यह लाजमी बनाया जाए कि वह फसल अवशेष को नहीं जलाएंगे, नहीं तो उनको सब्सिडी राशि सरकार को वापिस करनी होगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की समस्या से निपटने के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए विभाग की तरफ से की गतिविधि के बारे में बताया और कहा कि इसके अंतर्गत 38 गांवों को अपनाया गया है।
इस मौके पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के वाइस चांसलर श्री बलदेव सिंह ढिल्लों ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने से बहुत बड़े स्तर पर प्रदूषण की समस्या खड़ी होती है, जिससे हवा व मिट्टी की सेहत खराब होती है। इस लिए कृषि विश्वविद्यालय फसल अवशेष मैनेजमेंट व किसानों को जागरुक करने  की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसके अंतर्गत हजारों किसानों को उन खेतों का दौरा करवाया गया जहां हैप्पी सीडर व मल्चर्स के माध्यम से सफलता पूर्वक पराली का प्रबंधन किया गया।
 इस मौके पर कृषि विभाग के सचिव श्री काहन सिंह पन्नू, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की निदेशक श्रीमति अनंदिता मित्रा, कृषि विभाग व किसान भलाई कार्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा बागवानी, भूमि संभाल, पशु पालन, ग्रामीण विकास व पंचायत, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना के वैज्ञानिक, कृषि खोज के बारे में भारतीय कौंसिल के जोनल सेंटर लुधियाना के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्थानीय निकाय और सभ्याचार व पर्यटन विभाग का सम्पूर्ण दफ़्तरी कार्य पंजाबी भाषा में करने के आदेश
दोनों विभागों से सम्बन्धित हर साईन बोर्ड परपंजाबी भाषा लिखनी जरूरी बनाने के लिए क हा, आदेशों का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित अधिकारी /कर्मचारी खि़लाफ़ होगी विभागीय कारवाई
चंडीगढ़, 3 जुलाई –  पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाबी मातृभाषा की प्रफुल्लता के लिए विशेष पहलकदमी करते अपने दोनों विभागों स्थानीय निकाय और सभ्याचार और पर्यटन का सम्पूर्ण दफ़्तरी कार्य पंजाबी भाषा में करना लाजि़मी करने के आदेश दिए हैं। स.सिद्धू ने बीते दिनों पंजाब कला भवन में पंजाबी हितैषी द्वारा बुलाई गई पंचायत दौरान इस सम्बन्धित ऐलान किया था और आज उन दोनों विभागों के प्रशासिनक सचिवों को पत्र लिख कर सम्पूर्ण कार्य पंजाबी भाषा में लाजि़मी करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
    सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि स.सिद्धू ने दोनों विभागों को पत्र लिख कर कहा है कि पंजाबी भाषा को उत्साहित और प्रफुल्लित करना उनका फज़ऱ् है और भविष्य में यह यकीनी बनाया जाए कि विभाग का सम्पूर्ण दफ़्तरी कार्य पंजाबी मातृभाषा में किया जाये। इसी तरह उनहोंने यह भी निर्देश दिए हैं कि दोनों विभाग से सम्बन्धित हर साईन बोर्ड पर पंजाबी भाषा में लिखना यकीनी बनाया जाये। स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव और सभ्याचार और पर्यटन विभाग के सचिव को लिखे पत्र में स. सिद्धू ने कहा कि यदि उक्त आदेशों की पालना नहीं होती तो सम्बन्धित अधिकारी /कर्मचारी खि़लाफ़ विभागीय कार्यवाही की जाये।
    कैबिनेट मंत्री स.सिद्धू ने पंजाबी मातृभाषा प्रति अपनी वचनबद्धता को दोहराते हुये कहा कि पंजाबी हमारी पहचान और अभिमान है और यदि इस को भुला बैठेंगे तो हमारा वजूद ही नहीं रहेगा, इस लिए मातृभाषा का रुतबा बहाल करना और इसको बनता मान सत्कार देना हम सभी का फज़ऱ् बनता है।

मुख्यमंत्री द्वारा लोगों को ईस्टर की बधाई पवित्र अवसर को सदभावना के साथ मनाने का आहवान
चंडीगढ़, 31 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोगों को ईस्टर के पवित्र मौके  की बधाई देते प्रभु यीशू ईसा मसीह द्वारा दया, प्यार, अमन -शान्ति और सदभावना के दिखाऐ मार्ग पर चलने का न्योता दिया है। एक संदेश में मुख्यमंत्री ने ईस्टर की शुभ कामनाएँ देते प्रभु यीशू ईसा मसीह द्वारा मानवता के कल्याण के लिए दी महान बलिदान को याद करने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने कामना की कि यह त्योहार एकता की जड़ों को मज़बूत करने के साथ विश्वास और खुशियाँ ले कर आए और लोगों को सदभावना की भावना के साथ ईस्टर का त्योहार मनाने का न्योता दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि प्रभु यीशू ईसा मसीह के पुर्न -उत्थान की शाश्वत महत्ता नफऱत पर प्यार और बुराई पर सच्चाई की जीत को दर्शाती है।
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पंजाब सभ्याचार आयोग की होगी स्थापना-नवजोत सिंह सिद्धू
पंजाबी गायकी में से लचरता के ख़ात्मे के लिए उत्साह से काम करेगा आयोग
चंडीगढ़, 31 मार्च: पंजाब सरकार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाबी गायकी में से लचरता के ख़ात्मे के लिए पूर्ण तौर पर संजीदगी से काम कर रही है। यह प्रगटावा पंजाब के संास्कृतिक मामले और पर्यटन मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू ने आज यहाँ पंजाब भवन में प्रसिद्ध पंजाब के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों और चिंतकों के साथ एक मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए प्रकट किये। उन्होंने इस अवसर पर  ऐलान किया कि पंजाब सभ्याचार  आयोग की स्थापना की जायेगी जिससे पंजाबी गायकी में से लचरता की बुराई को पूरी तरह ख़त्म किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि इस आयोग को पंजाब सरकार की तरफ से मान्यता हासिल होगी और यह आयोग कानून में दर्ज प्रावधानों अनुसार उन गायकों के खि़लाफ़ कानून अनुसार सख्त कार्यवाही की सिफारिशें करेगी जो कि अपने गीतों के द्वारा लचरता और हिंसात्मक रूझानों को बढ़ावा दे रहे हैं ओैर पंजाब के गौरवमयी सभ्याचार को ह्रास लगा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि ज़रूरत पडऩे पर आयोग को यह अधिकार भी हासिल होंगे कि लचर गीत गाने वाले और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किये जाएँ, फिर उनको बुला कर समझाया जाये और यदि वह फिर भी लचर गीतों से गुरेज़ न किया तो आयोग के पास उन खि़लाफ़ एफ.आई.आर. दर्ज करवाने का विकल्प भी खुला होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आई.पी.सी. की धारा 290, 294 और इन्फर्मेशन टैकनॉलॉजी एक्ट, 2000 की धाराओंं 67 और 67 ए में इस सम्बन्धित कार्यवाही के लिए योग्य प्रावधान मौजूद हैं।
स. सिद्धू ने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार एक चुनाव सिफऱ् दूसरा चुनाव लडऩे ख़ातिर ही नहीं लड़ती बल्कि उसे लचरता के चंगुल से पंजाब की आने वाली पीढ़ी को बचाने का मन से वचनबद्ध है और मौजूदा समय उठाये जा रहे उचित कदम यह यकीनी बनाऐंगे कि आम लोग साफ़ सुथरे गीत अपने परिवारिक सदस्यों के साथ बैठ कर सुन सकें।
   उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री इस आयोग के पैटर्न इन चीफ़ और वह ख़ुद पैटर्न होंगे। आयोग के बाकी सदस्यों के नाम प्रस्तावित करने के अधिकार पंजाब कला परिषद के चेयरमैन पद्म श्री डा. सुरजीत पातर को सौंपे गए हैं जो कि इस आयोग के चेयरमैन होंगे। स. सिद्धू ने यह भी जानकारी दी कि यह आयोग अपनी रिपोर्ट 2 सप्ताहों में देगा और यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास पेश की जायेगी।
 इस अवसर पर डा. सुरजीत पातर ने पंजाब कला परिषद द्वारो लचरता को नकेल डालने और पंजाबी सभ्याचार को ओैर प्रफुल्लित करने के लिए परिषद द्वारा किये जा रहे यत्नों पर प्रकाश डालते कहा कि जि़ला, तहसील और गाँव स्तर पर पंजाब के सभ्याचार, इतिहास और शानदार परंपराओं संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए परिषद द्वारा भरसक प्रयत्न किये जा रहे है जिससे राज्य का कोई भी कोना पंजाब के शानदार इतिहास की जानकारी से वंचित न रहे।
    इस मीटिंग दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा गीतों के वर्गीकरण, आर्थिक पक्ष से कमज़ोर परन्तु साफ़ सुथरा गाने वाले गायकों को हौसलें हफजायी देने और अच्छे और मानक गीत लिखने वाले गीतकारों को प्रोत्साहित करके आगे लाने संबंधी भी विचार पेश किये गए।
  इस अवसर पर पंजाबी संगीत जगत की मशहूर हस्ती जरनैल घुमाण, पंजाब कला परिषद के सचिव जनरल डा. लखविन्दर सिंह जौहल, पंजाब संगीत नाटक अकादमी के प्रधान केवल धालीवाल, सांस्कृतिक पार्लियामेंट के को -आरडीनेटर निंदर घुग्याणवी, प्रसिद्ध गायक पंमी बाई, गायिका सुखी बराड़, पंजाबी भाषा के लिए काम करने वाले पंडित राव धरेनावार, पंजाब यूनिवर्सिटी चण्डीगढ़ के पंजाबी विभाग के प्रमुख डा. योगराज, गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पंजाबी विभाग से डा. दरिया, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में पंजाबी के प्रोफ़ैसर डा. राजिन्दरपाल सिंह, जस्टिस खुशदिल, और चरनजीत कौर बरनाला ने भी अपने विचार ठोस रूप में रखे।
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Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.