सरकार ने उत्तरदायी शासन सुनिष्चित करने के लिए प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत किया
तत्काल सेवा नितरण, सक्रिय जन पहुंच के लिए प्रषासन मजबूत
श्रीनगर, 22 जुलाई 2018-राज्य में राज्यपाल के षासन की घोशणा के एक महीने के भीतर जम्मू कष्मीर ने सरकारी कार्यकर्ताओं द्वारा तत्काल सेवा वितरण और सक्रिय जन पहुंच के माध्यम से षासन में एक स्पश्ट बदलाव देखा है।
इस अवधि के दौरान राज्यपाल एन.एन. वोहरा का ध्यान प्रषासन में समयबद्धता, जबावदेही, पारदर्षिता और सत्यता सुनिष्चित करने हेतु प्रषासनिक अनुषासन को मजबूत करने पर रहा है। सार्वजनिक महत्व और विकास सम्बंधी मुददों पर उचित तथा ठोस कार्रवाई सुनिष्चित करने के लिए प्रषासन के विभिन्न स्तरों पर एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है।
वरिश्ठ अधिकारियोें के अनुसार राज्यपाल, उनकी सलाहकारों की टीम तथा मुख्य सचिव का ध्यान प्रषासन में एक नया बदलाव लाने पर केन्द्रित है। उनका लक्ष्य सार्वजनिक महत्व के मुददों पर समयबद्ध और उचित प्रक्रिया सुनिष्चित करने पर ध्यान दे रही है।
पिछले महीने कार्यालय संभालने के तुरंत बाद राज्यपाल के नेतृत्व में पुनर्निर्मित राज्य प्रषासन ने ‘सुषासन मिषन’ तथा ‘विकास मिषन’ की 2 तरफा नीति षुरू की है। राज्य के प्रषासनिक तंत्र पर लगातार ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है तथा इसके साथ ही इन 2 महत्वपूर्ण गणनाओं के वितरण हेतु निर्देषित किया जा रहा है। राज्यपाल सचिवालय में एक वरिश्ठ अधिकारी ने कहा कि वर्तमान सरकार इस तथ्य से अवगत है कि नागरिक किसी भी अन्य मार्ग की तुलना में सार्वजनिक सेवाओं के माध्यम से सरकार के सम्पर्क में आते हैं और सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति लोगों के विष्वास और सरकार की अपेक्षाओं को आकार देती है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल स्वंय के नेतृत्व में, सलाहकार, मुख्य सचिव तथा अन्य सरकारी कार्यकर्ता नियमित रूप से राज्य के हर एक कोने का दौरा कर सम्बंधित क्षेत्रों में विकास तथा अन्य सार्वजनिक मुददों की जानकारी ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल के निर्देषों पर मुख्य सचिव ने सभी प्रषासनिक सचिवों को अपने सम्बंधित विभागों में 6 समर्पित कक्ष स्थापित करने के लिए कहा है, जिनमें महत्वपूर्ण लोक षिकायत निवारण कक्ष तथा चिन्हित बड़ी परियोजनाओं, प्रमुख कार्यक्रमों, प्रमुख योजनाओं, पीएमडीपी, अन्य प्रमुख सरकारी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी तथा उचित व्यय प्रबंधन सुनिष्चित करने के लिए कक्ष षामिल हैं।
भर्ती नियम, पद्धोनति, पैंषन/लाभ, त्वरित भर्ती, वरिश्टता सूचियों को अंतिम रुप देने, एपीआर जमा करने, कर्मियों की षिकायतों, नियमितिकरण, विभागीय पूछताछ में तेजी तथा सेवाओं तक पहुंचने हेतु लोगों के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण सहित अन्य मामलों जैसे विभिन्न व्यक्तिगत प्रषासनिक मामलों को सुव्यवस्थित करने पर भी नया ध्यान केन्द्रित किया गया।
उन्होंने कहा कि मिडिया तथा अन्य माध्यमों द्वारा उजागर किये गये सार्वजनिक महत्व के मुददों पर समय पर प्रतिक्रिया सुनिष्चित करने हेतु विभिन्न स्तरों पर षिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि मिडिया में उजागर की गई सार्वजनिक षिकायत की निगरानी दैनिक आधार पर की जा रही है और सम्बंधित विभागों को आवष्यक निर्देषों के साथ समयबद्ध कार्रवाई के लिए वर्गीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति की निगरानी उच्चतम स्तर पर की जा रही है। परिणाम स्वरुप कार्यालयों में उपस्थिति में एक बड़ा उछाल आया है तथा केन्द्रीय कार्मिक सूचना प्रणाली (सीपीआईएस) डाटाबेस के अनुसार, आधार सक्षम बायोमिट्रिक उपस्थिति प्रणाली पंजीकरण में 22 जून 2018 से 50 प्रतिषत वृद्धि देखी गई है। इस प्रणाली का विस्तार सभी जिलों, तहसीलों और ब्लाॅकों तक किया जा रहा है।
तय समयसीमा के भीतर कार्यक्रमों, परियोजनाओं तथा सेवाओं को वितरित करने हेतु प्रषासन को उत्साहित और प्रेरित करने के लिए उन्होंने कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्षन में मुख्य सचिव के कार्यालय से निर्देष तथा डीओ पत्र नियमित रुप से जारी किये जा रहे हैं। प्रषासनिक सचिवों को अगले 10,20 तथा 30 दिनों के लिए डिलिवरेबल की एक सूची तैयार करने और जमा करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इसमें न केवल विभागों की कार्यप्रणाली में स्पश्टता लाई है बल्कि उपलब्धी के लिए लक्ष्य निर्धारित करने में भी मदद की है।
उन्होंने कहा कि प्रषासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को सार्वजनिक सेवाओं के वितरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की सम्भावनाओं वाले किसी भी मामले को राज्यपाल के सचिवालय, सलाहकारों और मुख्य सचिव के विचार में लाने के लिए व्यक्तिगत रूप से उŸारदायी बनाया गया है। उन्हें सप्ताहांत के दौरान भी मुख्यालयों में अपनी उपस्थिति सुनिष्चित करने के लिए निर्देषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हर सोमवार सुबह 9.45 बजे मुख्य सचिव प्रषासनिक सचिवों के साथ आम हित के महत्वपूर्ण मुददों पर एक संक्षिप्त बैठक करते हैं।
अधिकारी ने कहा कि सभी प्रषासनिक सचिवों, दोनों मंडलायुक्तों तथा सभी उपायुक्तों/जिला एसपी के सम्पर्क में रहने के लिए अलग से व्हाटसएप ग्रुप बनाये गये हैं जिसमें सूचना और निर्देष वास्तवित समय के आधार पर सलाहकारों, मुख्य सचिवों तथा सम्बंधित अधिकारियों के बीच साझा किये जाते हैें।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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