हरियाणा पुलिस ने राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में तैनात कर्मियों की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुदान राषि को बढाकर 50 लाख रुपये किया है

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हरियाणा पुलिस ने राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में तैनात कर्मियों की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुदान राषि को बढाकर 50 लाख रुपये किया है

चंडीगढ़, 1 अगस्त – हरियाणा पुलिस ने एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में तैनात कर्मियों की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुदान राषि को बढाकर 50 लाख रुपये किया है। इसके अतिरिक्त, दंगो या अन्य कार्य में जान गंवाने वाले प्रदेष के पुलिस जवानों के बच्चों को पढाई के लिए चार साल तक अधिकतम एक लाख रुपये सालाना राषि स्कूल शुल्क प्रतिपूर्ति के रुप में प्रदान की जाएगी जिसकी अधिकतम सीमा चार लाख रुपये होगी।

        महानिदेशक मुख्यालय श्री के.के. मिश्रा की उपस्थिति में आज पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में हरियाणा पुलिस और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत पुलिसकर्मियों के हित में यह और ऐसे अन्य कल्याणकारी निर्णय लिए गए।

        हरियाणा पुलिस की तरफ से महानिदेशक मुख्यालय श्री के.के. मिश्रा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जबकि एचडीएफसी के शाखा बैंकिंग प्रमुख, श्री विनीत अरोड़ा ने एचडीएफसी बैंक की तरफ से हस्ताक्षर किए।

        इस अवसर पर बोलते हुए, डीजी मुख्यालय श्री के.के. मिश्रा ने कहा कि बैंक के साथ हुए नए समझौते के तहत अब स्थायी विकलांगता होने पर पुलिस कर्मियों को 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और जो आंशिक विकलांगता की स्थिति में उन्हें पांच लाख रुपये की राषि बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी।  घायल पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए बैंक द्वारा पहली बार यह सुविधा षुरु की जा रही है।

        इसी प्रकार, प्राकृतिक मृत्यु होने पर पुलिसकर्मियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुदान राषि को 2 लाख रुपये से बढाकर 2 लाख 50 हजार रुपये किया  गया है। बैंक द्वारा दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु के मामले में दी जा रही 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राषि के लिए कार्ड स्वाइप की पात्रता को भी हटा दिया गया है। अब संशोधित एमओयू के मुताबिक, सभी पुलिसकर्मियों को दुर्घटनाग्रस्त मृत्यु के मामले में 30 लाख रुपये और प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में 2 लाख 50 हजार रुपये की राषि बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी। बैंक द्वारा शून्य बैलेंस बैंक खाता, मुफ्त एटीएम निकासी, बैलेंस पूछताछ और डिमांड ड्राफ्ट जारी करने जैसी विभिन्न निःशुल्क सेवाएं भी प्रदान की जा रही है।

        श्री मिश्रा ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों की कठिन डयूटी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा समय-समय पर पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। अब संशोधन के बाद समझौते के तहत प्रदान की जा रही सुविधाएं पुलिस कर्मियों में और अधिक सुरक्षा की भावना पैदा करेगी।

        उन्होंने कहा कि बैंक के माध्यम से कर्मचारियों को वेतन के भुगतान के लिए हरियाणा पुलिस और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के बीच अगस्त 2015 में एमओयू का आदान-प्रदान किया गया था।

        इस अवसर पर बैंक के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि बैंक द्वारा अब तक प्राकृतिक और दुर्घटना में मृत्यु होने पर प्राप्त हुए 301 दावों में से 254 का निपटान कर 21 करोड़ 20 लाख रुपये की राषि जारी की जा चुकी है। शेष मामलों का निपटान किया जा रहा है।

        इस अवसर पर एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के सर्किल हैड श्री ललित बतरा,  ज़ोनल हेड, श्री मनीष मंगलेश, क्लस्टर हैड श्री विवेक डोडा, पिं्रसिपल नोडल अधिकारी, श्री राजीव मेहरा और बैंक के नोडल अधिकारी श्री आलोक वधवा भी उपस्थित थे।

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Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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