Special Article (March Month)-यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना होता है, पूछा चिड़िया से कैसे बना आशियाना, बोली-भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार, तिनका तिनका उठाना होता है।

यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना होता है, पूछा चिड़िया से कैसे बना आशियाना, बोली-भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार, तिनका तिनका उठाना होता है। भुपेंद्र शर्मा, चंडीगढ़: जीवन … Continue reading Special Article (March Month)-यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना होता है, पूछा चिड़िया से कैसे बना आशियाना, बोली-भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार, तिनका तिनका उठाना होता है।