हरियाणा में अब विधवाओं को सहयोग सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम अर्थात विधवा सैल का गठन किया जाएगा

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हरियाणा में अब विधवाओं को सहयोग सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम अर्थात विधवा सैल का गठन किया जाएगा

चंडीगढ़, 22 जुलाई – हरियाणा में अब विधवाओं को सहयोग सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम अर्थात विधवा सैल का गठन किया जाएगा, जिसमें विधवाओं के पंजीकरण, विधवाओं तक पहुंच, दस्तावेज, समस्याओं का निवारण, हैल्प लाइन और हैल्प डैस्क पर प्रतिक्रिया, शैल्टर होम के लिए तंत्र, स्वास्थ्य चिकित्सा, विधिक परामर्श, काउंसलिंग, आवास योजनाओं व जीवनयापन के साथ जुड़ाव, व्यक्ति के संरक्षण को सुनिश्चित करना, विधवाओं की सम्पति और उनके बच्चों के लिए उनके अधिकार क्षेत्र में नैटवर्किंग तथा राज्य व अन्य राष्ट्रीय प्रणालियों को स्थापित करने के साथ-साथ विधवाओं के कल्याण के लिए कार्य करना शामिल है।   

        इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कविता जैन ने कहा कि सम्बन्धित जिला के जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव  इस सैल के चेयरपर्सन होंगे, जबकि उप-मण्डल मैजिस्टे्रट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप-मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी इस सैल के सदस्य होंगे।

        उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक और एक सहायक विधवा सैल के लिए बने हैल्प डैस्क हेतु मनोनीत होंगे। सैल द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले दिशानिर्देशों पर कार्यवाही करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी होंगे।

        मंत्री ने बताया कि विधवाआें के रिकार्ड को भी रखा जाएगा और उसके लिए एक निर्धारित प्रोफोर्मा बनाया गया है, जिसमें विधवाओं के पंजीकरण, मोबाइल हैल्थकेयर यूनिट कार्यक्रम, जागरूकता रजिस्टर, प्रतिदिन दवाई खपत का रिकार्ड, स्वास्थ्य शिविर चिकित्सा स्टॉक तथा अन्य स्वास्थ्य जानकारियां भी होंगी।

        उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय निगरानी कमेटी में एसएलएसए सदस्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव, सामाजिक कल्याण विभाग के सचिव, राज्य सामाजिक कल्याण बोर्ड के चेयरपर्सन और राज्य महिला आयोग के चेयरपर्सन होंगे। राज्य स्तरीय निगरानी कमेटी का कार्य जिला निगरानी कमेटी और उसके द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा करना होगा। वहीं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के साथ-साथ शैल्टर होम का वार्षिक निरीक्षण आयोजित करवाना है।

        मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय निगरानी कमेटी में डीएलएसए का चेयरपर्सन, जिला मैजिस्टे्रट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्थानीय नागरिक समूह से दो सदस्य शामिल होंगे। यह समिति त्रैमासिक आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ योजनाओं का निरीक्षण करेगी।

        उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में एक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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