राज्य के विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाले वेस्ट पानी को पुन: प्रयोग करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संभावनाएं तलाशी जाएंगी: डा. बनवारी लाल
चण्डीगढ़, 18 जुलाई- हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि राज्य के विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाले वेस्ट पानी को पुन: प्रयोग करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संभावनाएं तलाशी जाएंगी। विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाले वेस्ट पानी को कृषि, बागवानी, थर्मल बिजली संयंत्रों और संस्थाओं इत्यादि में प्रयोग किया जा सकता है, जिसके लिए राज्य सरकार भविष्य में आवश्यक कदम उठाएगी।
डा. बनवारी लाल ने आज यहां यह जानकारी हाल ही में सिंगापुर दौरे से संबंधित अनुभवों को सांझा करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए लोगों में पानी सरंक्षण को लेकर जागरूकता, पानी की रिसाइकिलिंग और रेनवाटर हारवेस्टिंग करके पानी को बचाया जा सकता है और इस बारे में राज्य सरकार संभावनाएं तलाश रही है। उन्होंने कहा कि पानी का उत्पादन नहीं किया जा सकता है बल्कि उसका प्रबंधन कर सरंक्षण किया जा सकता है ताकि आने वाली भावी पीढी को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि सीवरेज से जो स्लज अर्थात कीचड़ या मल निकलता है, उससे बायो-गैस और खाद बनाई जा सकती है लेकिन हरियाणा में बायो-गैस के उत्पादन पर कार्य चल रहा है।
सिंगापुर दौरे से संबंधित अनुभवों को सांझा करते हुए उन्होंने कहा कि सिंगापुर शहर पानी के लिए मलेशिया पर निर्भर था, लेकिन कभी-कभी सिंगापुर को मलेशिया से मिलने वाले पानी के लिए दिक्कत का सामना भी करना पड़ता था। इसलिए सिंगापुर सरकार ने अपने यहां के पानी के प्रयोग के बारे में सोचा और इसके लिए सिंगापुर सरकार ने बारिश के पानी को इकठा किया और उसे एक जलाशय में इकटठा किया ताकि उसको ट्रीट किया जा सके और पानी का पुन: प्रयोग किया जा सके। इसी प्रकार, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाले वेस्ट वाटर को भी पुन: प्रयोग करने के लिए सिंगापुर सरकार ने न्यू वाटर का नाम दिया और इस पानी को वे घरों, बागवानी इत्यादि में प्रयोग करते हैं। इस रॉ वाटर को वे वाहनों की धुलाई में भी प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि इस न्यू वाटर को वे जलाशय में डाल देते है और उसे ट्रीट करके पीने के लायक भी बनाते हैं। उन्होंने बताया कि सिंगापुर दौरे के दौरान उनके साथ गए प्रनिनिधिमंडल ने सिंगापुर में लगाए गए चंागी जल पुर्नवास संयंत्र और जूरोंग जल पुनर्ववास संयंत्र का भी दौरा किया।
उन्होंने कहा कि हमें पानी को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा और उनकी पानी के बचत को लेकर सोच बदलनी होगी, कि पानी हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है। इसी कड़ी में सरकार ने 31 दिसंबर, 2018 तक हर खुले नल पर टूटी लगाने का निर्णय लिया है और इसे टूटी लगाओ- जल बचाओं का स्लोगन दिया गया है। इसी प्रकार, लिकेज को रोकने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है ताकि पानी व्यर्थ में न बहें। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए सक्षम युवाओं को लगाया गया है और वे पानी के कनैक्शनों को नियमित करने, पानी के बिल भरने, टूटी लगवाने के साथ-साथ पानी की महत्ता के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
मंत्री ने लोगों से पानी के सरंक्षण के लिए अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों में पानी की बचत करने के उपाय अपनाएं और अन्य लोगों को भी पानी के संरक्षण के संबंध में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्राय: यह देखा जाता है कि पानी की कमी नहीं होती परंतु पानी व्यर्थ ज्यादा होता है। इसी प्रकार, जहां कहीं भी सिवरेज में ब्लाकेज होती है तो उसमें भी लोगों को जागरूक करें कि सीवरेज की लाईनों में जूता, प्लास्टिक की बोतलें व चीजें इत्यादि न डाले, जिससे कि सीवेरज की लाईनों में किसी भी प्रकार की ब्लाकेज न हो।
इस मौके पर उन्होंने आज अपने कार्यालय में आने वाले लोगों की समस्याओं का निपटान भी किया और आईटीआई कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा।
Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *