सरकार ने अभिज्ञात अपराध योजना (आइडटिंफाइड क्राइम स्कीम) शुरू करने का निर्णय किया है 

चंडीगढ़, 19 जुलाई – हरियाणा सरकार ने अभिज्ञात अपराध योजना (आइडटिंफाइड क्राइम स्कीम) शुरू करने का निर्णय किया है जिसके तहत जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों की पहचान करने के लिए राज्य और जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा और उचित उपाय किए जाएंगे ताकि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान किया जा सके।

          एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इस योजना को शुरू करने की मंजूरी दे दी है।

संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियां हर महीने के पहले मंगलवार को बैठक करेंगी तथा महीने के दौरान हुए जघन्य और सनसनीखेज अपराधों, यदि कोई है, की पहचान करेंगी और राज्य स्तरीय समिति को सिफारिशें भेजेंगी, जो ऐसे मामलों को अभिज्ञात अपराधों में शामिल करने बारे निर्णय लेगी।

उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति विभिन्न मामलों में हुई प्रगति की समीक्षा करेगी और सुधारात्मक उपायों के लिए जांच या परीक्षण में आने वाली बाधाओं की पहचान करेगी।

यह विभिन्न जिलों से रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या की भी समीक्षा करेगी और यदि इस योजना के तहत जिले द्वारा रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या अपर्याप्त है या समिति का मानना ??है कि ऐसा अपराध है, जिसे इस योजना के तहत कवर किया जा सकता है, लेकिन संबंधित जिला उसे पहचानने और उसकी रिपोर्ट करने में असफल रहा है तो ऐसे मामलों को जिलों के साथ उठाएगी।

राज्य स्तरीय समिति की हर महीने तीसरे मंगलवार को बैठक होगी और समिति समीक्षा के लिए पहचाने गए मामलों और नवीनतम कार्रवाई पर अंतिम प्रगति रिपोर्ट देगी।

प्रवक्ता ने बताया कि जघन्य और सनसनीखेज अपराध समाज की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डालते हैं और इसलिए न्याय के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता होती है। अपराध नियंत्रण सुशासन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है और यह नागरिकों में सुरक्षा की भावना जागृत करता है।

हरियाणा सरकार डकैती, हत्या, आतंकवादी गतिविधियों, बलात्कार, सामुहिक बलात्कार, छोटी लड़कियों के बलात्कार, अपहरण आदि जैसे जघन्य और सनसनीखेज अपराधों में सुधार करने के लिए कड़े प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए सभी स्तरों, विशेषकर उच्चतम स्तर पर प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों के सदस्यों में संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त, जिला अटॉर्नी, जेल अधीक्षक या उप-अधीक्षक शामिल होंगे। इसीप्रकार, अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति के सदस्यों में पुलिस महानिदेशक (सीआईडी), निदेशक एफएसएल, जिला अटॉर्नी और विधि परामर्शी शामिल होंगे।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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