हिमाचल प्रदेश समाचार (सितंबर माह की रिपोर्ट)
प्रदेश सरकार पर्यटकों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत: मुख्यमंत्री
शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को पर्याप्त सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री गत शाम विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित शिमला होटल एसोसिएशन के सदस्यों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रदेश को प्रकृति ने भरपूर प्राकृतिक वैभव से नवाजा है और यहां विविध पर्यटक संभावनाएं विद्यमान हैं, जिनका दोहन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में निरन्तर प्रयासरत है और प्रदेश को पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य बनाने के उद्देश्य से अनेक कारगर कदम उठा रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बजट में पहली बार 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया तथा नई राहें-नई मंजिलें नामक नई योजना आरम्भ की। उन्होंने निजी होटलियर्स को प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया ताकि यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका निभा सके। इससे पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिल सकेगा। उन्होंने होटल और आऊटडोर केटरिंग सेवाओं में कापोर्रेट टैक्स की दरें घटाने के लिए केन्द्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने एक हजार रुपये तक के होटल के कमरों में कोई भी जीएसटी न लगाने का निर्णय लिया है और एक हजार से ज्यादा तथा 7500 रुपये तक के होटल के कमरों में 12 प्रतिशत तक ही जीएसटी लगेगा। इसी प्रकार सरकार ने 7501 रुपये से ऊपर वाले होटल के कमरों की जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आऊटडोर केटरिंग में जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सभी प्रोत्साहन पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने और पर्यटन उद्योग को व्यापक बढ़ावा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि निवेशकों को प्रदेश में निवेश करने के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकार ने धर्मशाला में 7 व 8 नवम्बर, 2019 को ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक केवल पर्यटन क्षेत्र में 12368 करोड़ रुपये के 195 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हो चुके हैं जोकि अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और ऊर्जा क्षेत्र के बाद पर्यटन दूसरा बड़ा क्षेत्र है, जिसमें सबसे अधिक एमओयू साइन हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब यह समझौता ज्ञापन वास्तव में निवेश में परिवर्तित होंगे, इससे न केवल प्रदेश की आर्थिकी में भारी परिवर्तन आएगा अपितु प्रदेश में हजारों युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। शिमला होटल ऐसासिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्यों का स्वागत करते हुए केन्द्र सरकार को होटलों के लिए जीएसटी की दरें घटाने के लिए धन्यवाद किया। शिमला के प्रसिद्ध होटलियर मुकेश मल्होत्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, ओंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सचिव सी.पाल. रासू और अमिताभ अवस्थी, निदेशक पर्यटन युनूस व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री द्वारा वायुसेना फ्लाइंग कमांडर रजनीश परमार के निधन पर शोक व्यक्त
शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वायुसेना के पायलट प्लाइंग कमांडर रजनीश कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। रजनीश कुमार का निधन गत दिवस भूटान में विमान दुर्घटना में हुआ। वह जिला कांगड़ा के सुलह क्षेत्र के ननाओ गांव के निवासी थे। जब हादसा उस समय हुआ वह वह अपनी सामान्य प्रशिक्षण उड़ान पर थे। मुख्यमंत्री ने परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवार को इस शोक की घड़ी में इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में हिमाचल राज्य दिवस का आयोजन
शिमला: समृद्ध हिमाचली संस्कृति को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में पहली बार हिमाचल राज्य दिवस का आयोजन किया गया।
इस समारोह का आयोजन, नई दिल्ली स्थित हिमाचल प्रदेश के आवासीय आयुक्त कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर जिला सिरमौर और कुल्लू जिलों के 40 कलाकारों के समूह ने विभिन्न हिमाचली लोक नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें नाटी, माला नृत्य, हॉरन नृत्य, पडुंआ शामिल थे। इन प्रस्तुतियों से दर्शक मंत्रमुग्ध हुए और उन्होंने हिमाचली प्रदेश की समृद्ध संस्कृति की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर पारम्परिक पत्तलों व डूनो में पारम्परिक हिमाचली व्यंजन जैसे सिड्डू, सैपू बड़ी, कद्दू का खट्टा, तेलिया माह, चिकन अनारदाना, छाह मीट सहित, मूंह में पानी ला देने वाले मिष्ठान जैसे बाथू की खीर और बदाने का मिट्ठा आदि भी परोसे गए। इस समारोह में हिमाचली हस्तशिल्प प्रदर्शनी और हिमाचली पर्यटन को बढ़ावा देने वाली फिल्म का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण थी। दिल्ली में हिमाचल सरकार के उप आवासीय आयुक्त विवेक महाजन ने कहा कि हिमाचल सरकार के प्रधान आवासीय आयुक्त संजय कुंडू के कुशल नेतृत्व में आवासीय आयुक्त कार्यालय ने मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी व प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों ने इस समारोह को सफल बनाया है। इस अवसर पर प्रदेश की हस्तशिल्प प्रदर्शनी के अतिरिक्त पर्यटन, उद्योग तथा पर्यटन विभाग की फिल्मों से प्रचार सामग्री भी प्रदर्शित की गई थी, जिसमें सभी ने रूचि दिखाई। अकादमी के निदेशक डॉ. संजीव चैपड़ा, कर्मचारी और प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि संबंधित राज्यों द्वारा इस प्रकार के आयोजन एलबीएसएनएए के अधीन प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों में देश के विभिन्न राज्यों की समृद्ध संस्कृति से अवगत करवाने में सहायक सिद्ध होंगे।
मुख्य सचिव ने ग्लोबल इन्वेस्टर मीट की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने आज यहां 7 व 8 नवम्बर, 2019 को धर्मशाला में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए गठित आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह व मनोज कुमार और प्रधान सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग संजय कुुुंडू उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने इस ग्लोबल इन्वेस्टर मीट की सफलता के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान 1500 से 2000 लोगों के आने की संभावना है, जिनके ठहरने तथा परिवहन के उचित प्रबन्ध सुनिश्चित बनाए जाएं। उन्होंने निवेशकों व अन्य अतिथियों की परिवहन व्यवस्था के लिए किसी पार्टनर को जिमा सौंपने के भी निर्देश दिए। इस समारोह के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें ठहरने, परिवहन तथा समारोह से संबंधित अन्य जानकारी के लिए सम्पर्क किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मिट के लिए 1600 से अधिक आमंत्रण पत्र भेजे गए हैं और विभिन्न देशों के 20 से 25 राजदूतों के आने की संभावना है। इसके अलावा, केन्द्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अतिथि गृहों के अतिरिक्त अति विशिष्ठ तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के लिए धर्मशाला, पालमपुर तथा कांगड़ा में कमरे आरक्षित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि आयोजक समिति की अगली बैठक 16 अक्तूबर, 2019 को धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि सम्मिट के सफल आयोजन के लिए 9 समितियां गठित की गई हैं। सम्मिट में आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्री, सचिव तथा अन्य व्यक्ति अपने अनुभव सांझा करेंगे। सम्मिट के प्रथम दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पवित्र पालकी साहिब को कंधा दिया
शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने श्री गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर रिज पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पवित्र पालकी साहिब को कंधा दिया। इस दौरान श्री गुरूद्वारा सिंह सभा प्रबन्धक समिति, शिमला ने शबद-कीर्तन का आयोजन किया। जय राम ठाकुर ने श्रद्धालुओं के साथ शोभा यात्रा में सम्मिलित होते हुए पवित्र पालकी साहिब को उठाते हुए फूल व पंखुड़ियां बरसाते हुए पंच प्यारे का अनुकरण किया। श्री गुरूद्वारा सिंह सभा प्रबन्धक समिति, शिमला के अध्यक्ष जसविन्दर सिंह ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त, महापौर कुसुम सदरेट, उप महापौर राकेश शर्मा और श्री गुरूद्वारा सिंह सभा प्रबन्धक समिति, शिमला के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने शिमला में निमार्णाधीन हैलीपोर्ट तथा परिधि गृह के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया
शिमला: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने संजौली के समीप निमार्णाधीन हैलीपोर्ट के निर्माण कार्य की प्रगति कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हैलीपोर्ट 10.85 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित किया जा रहा है और इसके तैयार होने के बाद उड़ान योजना के अंतर्गत हैलीकॉप्टर सेवाएं सुदृढ़ हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह हैलीपोर्ट न केवल पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करेगा बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने अधिकारियों से हैलीकॉप्टर के लिए हैं । गर सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं का भी पता लगाने के निर्देश दिए ताकि हैलीकॉप्टर इस्तेमाल में न होने की स्थिति में उसे वहां रखा जा सके। जय राम ठाकुर ने अधिकारियों से निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा यहां पर्याप्त पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए ताकि यहां आने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री ने शिमला के पीटरहॉफ के निकट विली पार्क में निमार्णाधीन परिधि गृह के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया और इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 45 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस परिधि गृह में 89 कमरें होंगे और इससे न केवल राज्य अतिथियों को रहने की सुविधा उपलब्ध होगी बल्कि शिमला आने वाले पर्यटक भी इसकी सेवाएं ले सकेंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि इस परिधि गृह को अक्तूबर, 2019 में पूर्ण करने का लक्ष्य का रखा गया है और संबंधित अधिकारियों को इसे निर्धारित समय में तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्मित होने वाले इस परिधि गृह में सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे आधुनिक कमरे, लिफ्ट तथा पर्यटकों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। मुख्य सचिव डॉ0 श्रीकांत बाल्दी, प्रधान संिचव लोक निर्माण विभाग जे.सी.शर्मा, निदेशक पर्यटन विभाग यूनुस, प्रमुख अभियन्ता राज कुमार वर्मा, मुख्य अभियंता शिमला क्षेत्र ललित भूषण, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कुमुद सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने शिमला के रिज का कुछ भाग धंसने की आ रही समस्या के समाधान बारे आई.आई.टी. रूड़की के विशेषज्ञों के साथ पीटरहॉफ में चर्चा की। उन्होंने कहा कि रिज को ह्यस्टेबलह्ण करने के लिए प्रौद्योगिकी का सहारा लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस स्थल का सौंदर्यकरण किया जा सके और इससे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रतन अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पर्याप्त स्थान भी मिल सकेगा।
प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाया जाएगा विशेष अभियान: मुख्य सचिव
शिमला: प्रदेश में नशे के खिलाफ 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर, 2019 तक एक माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को इस अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकान्त बाल्दी ने यहां इस अभियान के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों विशेषकर स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, युवा सेवाएं एवं खेल, गृह, पुलिस विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य रेड क्रॉस सोसायटी तथा नेहरू युवा केन्द्र संगठन के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निदेर्शों के अनुसार राज्य सरकार प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। विभिन्न विभागों द्वारा इस सम्बन्ध में पहले से ही कई कार्यक्रम व गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नशा समाज को विशेषकर युवाओं को विशेष रूप से प्रभावित करता है तथा सभी लोगों को मिलजुल कर नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा ताकि इस बुराई को समाज से जड़ से उखाड़ा जा सके। बैठक में उपस्थित सभी विभागों के प्रतिनिधियों को इस अभियान की समय पर तैयारी करने तथा विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियां निर्धारित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नशे के व्यापार पर रोक लगाने की दिशा में और भी कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा युवा सेवाएं एवं खेल विभाग को समाज में नशे की आदत से छुटकारा पाने और विकासात्मक गतिविधियों में शामिल होने में लोगों में जागरूकता लाने के भी प्रयास किए जाने चाहिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, विशेष सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एस.डी. नेगी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, युवा सेवाएं एवं खेल, गृह, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश राज्य रेड क्रॉस सोसायटी और नेहरू युवा केन्द्र संगठन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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