City Darpan

April 10, 2021

मुख्य सचिव द्वारा मौत दर पर काबू पाने के लिए रोजमर्रा के 2लाख व्यक्तियों के टीकाकरण का लक्ष्य

वायरस से निपटने के लिए हर जिले के लिये एक-एक करोड़ रुपए के फंड का ऐलान

बड़े स्तर पर टीकाकरण के लिए मंगलवार और शुक्रवार के दिन किये निर्धारित; हर हफ्ते 16 लाख से अधिक व्यक्तियों के टीकाकरण का उद्देश्य; संपर्क ट्रेसिंग में लाई जायेगी तेजी; राज्य में टीके की कोई कमी नहीं

चंडीगढ़, 9 अप्रैल: पंजाब में मौत दर पर काबू पाने के लिए मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने आज यहाँ स्वास्थ्य विभाग को चल रही टीकाकरण मुहिम में तेजी लाने के निर्देश दिए जिससे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों के अनुसार रोजमर्रा के 2 लाख व्यक्तियों के टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

उन्होंने राज्य में कोविड के उचित प्रबंधन के लिए हरेक जिले के लिये एक -एक करोड़ रुपए के विशेष फंड का ऐलान किया। राज्य में कोविड की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये उन्होंने कहा कि महामारी के साथ लड़ाई में फंडों की कोई कमी नहीं है। 

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को यह भी हिदायत की कि वायरस को हराने के लिए हफ्ते में दो दिन (मंगलवार और शुक्रवार) को बड़े स्तर पर टीकाकरण किया जाये जिससे अधिक से अधिक लोगों को कवर किया जा सके। उन्होंने अप्रैल महीने के लिए राज्य का हफ्तावारी लक्ष्य 16 लाख से अधिक व्यक्तियों के टीकाकरण का निश्चित किया।

योग्य व्यक्तियों को जल्दी से जल्दी टीका लगवाने की अपील करते हुये उन्होंने कहा कि हफ्ते के सभी दिनों के दौरान टीकाकरण किया जा रहा है और स्वास्थ्य एवं फ्रंटलाईन कर्मचारियों के लिए टीकाकरण की कोई उम्र सीमा नहीं है। उन्होंने आगे कहा उच्च अधिकारी टीकाकरण रजिस्ट्रेशन के लिए कर्मचारियों को जरूरी कर्मचारियों की सूची में से अधिकारित कर सकते हैं।

प्रशासकीय सचिवों, डिप्टी कमीशनरों, पुलिस कमीशनरों/सीनियर सुपरडैंट आफ पुलिस और राज्य के अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ कोविड स्थिति की समीक्षा करते हुये मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हिदायत की कि नमूने लेने की संख्या बढ़ा कर प्रति दिन 50,000 की जाये और हरेक पॉजिटिव व्यक्ति के पीछे कम से कम 20 संपर्कों का पता लगा कर उनका प्रोटोकोल के अनुसार टैस्ट करवाया जाये जिससे वायरस के फैलाव को रोका जा सके। 

मीटिंग में बताया गया कि अब तक 16 लाख व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है और टीकाकरण और कोविड के नियमों की पालना ही वायरस के फैलाव को रोकने का एकमात्र रास्ता हैं।

उन्होंने सम्बन्धित विभागों को योजनाबद्ध मीडिया मुहिमें चला कर टीकाकरण के प्रति किसी तरह की हिचकिचाहट या झिझक के मुद्दों को हल करने के निर्देश दिए।

घरेलू एकांतवास के अधीन मरीजों की सख्त निगरानी के बारे बात करते हुये मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत की कि विभाग के पास स्टाफ की कमी होने की सूरत में अन्य विभागों के स्टाफ का प्रयोग किया जाये। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी घरेलू एकांतवास के अधीन मरीजों की सख्त निगरानी को यकीनी बनाऐंगे। वह हरेक घरेलू एकांतवास के अधीन मरीज तक दस दिनों में तीन बार पहुँच करेंगे। यदि किसी मरीज की स्थिति बिगड़ती है तो मौत दर को काबू में रखने के लिए मरीज को जितनी जल्दी हो सके अस्पताल भेजना यकीनी बनाया जायेगा।

 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री हुसन लाल ने मुख्य सचिव को बताया कि घरेलू एकांतवास के अधीन मरीजों के लिए और 50000 फतेह किटों की खरीद की जा रही है और राज्य में कोविड वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन को टीकाकरण की निर्विघ्न सप्लाई के लिए रोजमर्रा के इवीन पोर्टल अपडेट करने के लिए कहा। कोविड पॉजिटिव व्यक्तियों को दूसरों के साथ मिलने से रोकने के लिए कोवा एप के द्वारा घरेलू एकांतवास के अधीन मरीजों की जीओ-फेंसिंग की जा रही है।

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में पुलिस फोर्स की तरफ से हर संभव सहायता का भरोसा देते हुये   डी.जी.पी. श्री दिनकर गुप्ता ने कहा कि कुल 65611 पुलिस मुलाजिमों ने कोविड टीके की पहली खुराक ले ली है जोकि कुल पुलिस फोर्स का लगभग 79 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री पंजाब के निर्देशों पर पुलिस ने कोविड-19 सम्बन्धी नियमों के लागूकरण के लिए मुहिम भी आरंभ की है जिसके अंतर्गत मास्क न पहनने वालों के चालान करने के अलावा उनको टेस्टिंग सेंटरों में ले जाया जा रहा है।

मीटिंग में अन्यों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन और वन्य जीव रवनीत कौर, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृतिक मामले संजय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास अनिरुद्ध तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतें सीमा जैन, प्रमुख सचिव वित्त के.ए.पी. सिन्हा, प्रमुख सचिव मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान डी.के. तिवारी और अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।

अच्छी उद्योग नीति के कारण पंजाब में हुआ 78000 करोड़ का निवेश -सुंदर शाम अरोड़ा

चीन से प्रवास करके आने वाली इंडस्ट्री के लिए 4 औद्योगिक पार्क विकसित किये जा रहे हैं

अबोहर और फाजिल्का के मेयर और प्रधान का हुआ चुनाव

चंडीगढ़/फाजिल्का, 9 अप्रैल: पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री श्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया है कि पंजाब में पिछले चार साल में 78000 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। वह आज यहाँ अबोहर दौरे के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।

श्री सुंदर शाम अरोड़ा ने इस मौके पर बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से बनाई उद्योग और वाणिज्य नीति 2017 ने राज्य में उद्योग के लिए उत्साहजन वातावरण सृजित किया है जिससे बड़े स्तर पर निवेश संभव हुआ। उन्होंने कहा कि 78000 करोड़ का निवेश जमीनी स्तर पर हो चुका है और यह कोई खाली समझौतों की बात नहीं है।

उद्योग और वाणिज्य मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घट रही घटनाओं के मद्देनजर चीन से इंडस्ट्री प्रवास करके भारत की तरफ आ रही है और सबसे बेहतर माहौल और अच्छी सुविधाओं के कारण इसमें बड़ा हिस्सा पंजाब को मिलने की आशा है। उन्होंने कहा कि इसलिए राज्य सरकार आ रही इंडस्ट्री की जमीन की जरूरतें पूरी करने के लिए चार बड़े इंडस्ट्रियल पार्क बना रही है जिसमें मत्तेवाला, बठिंडा और राजपुरा के इंडस्ट्रियल पार्क शामिल हैं। उन्होंने कहा बठिंडा में फार्मास्यूटीकल पार्क बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। 

छोटे और लघु उद्योग की बात करते हुये श्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार छोटे उद्योगों की मजबूती के लिए भी विशेष तौर पर काम कर रही है और नये उद्योगों की स्थापना के लिए माँगी मंजूरियां ऑनलाइन जारी की जा रही हैं।

इससे पहले उन्होंने अबोहर के औद्योगिक फोकल प्वाइंट का दौरा किया और यहां उद्योगपतियों की मुश्किलें सुनी। उन्होंने इस औद्योगिक फोकल प्वाइंट के विकास का भरोसा देते हुये इंडस्ट्री विभाग को इसके विकास सम्बन्धी विस्तृत रिपोर्ट तुरंत भेजने के लिए कहा जिससे स्थानीय तौर पर उपलब्ध कच्चे माल के अनुकूल इंडस्ट्री को यहाँ लाया जा सके।

इस दौरान उन्होंने अबोहर और फाजिल्का के नये चुने कौंसलरों के साथ मुलाकात करके उनकी राय ली और सबकी राय अनुसार ही श्री विमल ठठयी को अबोहर नगर निगम का मेयर और श्री सुरिन्दर सचदेवा को नगर कौंसिल फाजिल्का का प्रधान चुना गया। 

इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्री सुंदर शाम अरोड़ा ने मातृ छाया बाल आश्रम का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने बच्चों को उपहार दिए। इस मौके पर डिप्टी कमिशनर श्री अरविन्द पाल सिंह संधू, एस.एस.पी. श्री हरजीत सिंह, श्री संदीप जाखड़ भी उपस्थित थे।

बाद में उन्होंने अबोहर की गऊशाला का भी दौरा किया और गऊशाला प्रबंधकों की मुश्किलें सुनने के साथ साथ उन्होंने अपने हाथों से गऊओं की सेवा की। गौशाला कमेटी की तरफ से उनका सम्मान भी किया गया। 

इसके बाद उद्योग और वाणिज्य मंत्री श्री सुंदर शाम अरोड़ा विशेष तौर पर शहीदों की समाधी पर भी गए और यहाँ 1971 की जंग में अपनी जानें कुर्बान करके देश की सरहदों की रक्षा करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि भेंट की। उन्होंने इस मौके पर बताया कि राज्य सरकार की तरफ से यहाँ शहीदों की यादगार के लिए 39 लाख रुपए की ग्रांट मंजूर की गई है जिससे यहाँ हिंद पाक जंग की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर 71 फुट ऊँची यादगार का निर्माण किया जायेगा। 

इस मौके पर फाजिल्का के विधायक स. दविन्दर सिंह घुबाया, डिप्टी कमिशनर श्री अरविन्द पाल सिंह संधू, एस.एस.पी स. हरजीत सिंह, श्री संदीप जाखड़, श्री संजीव चाहर, जिला कांग्रेस प्रधान श्री रंजम कामरा आदि भी उपस्थित थे।

अन्य राज्यों से गेहूँ लाकर बेचने की कोशिश कर रही तीन फर्मों के विरुद्ध पर्चे दर्ज: आशु

बोगस बिलिंग के विरुद्ध पंजाब सरकार ने ज़ीरो टोलरैंस नीति अपनाई: आशु

चंडीगढ़, 9 अप्रैल: अन्य राज्यों से गेहूँ लाकर पंजाब राज्य की मंडियों में बेचने की कोशिश कर रही तीन फर्मों के विरुद्ध पंजाब सरकार द्वारा पर्चे दर्ज करवा दिए गए हैं। उक्त जानकारी देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने बताया कि विभाग की टीम द्वारा बठिंडा की दाना मंडी में स्थित मैस: बाबू राम, अशोक कुमार और लक्षमी ऑयल मिल पर 8000 के करीब गेहूँ के बौरे पड़े हुए थे, जिस पर वहाँ मौजूद लेबर से पूछताछ की गई तो यह पता लगा कि यह गेहूँ उत्तर प्रदेश और राजस्थान से कम दाम पर खरीद कर लाई गई है और यहाँ एम.एस.पी. पर बेची जानी है। इसके अलावा इन दोनों फर्मों के गोदामों से 17000 गेहूँ के बौरे बरामद किए गए।

श्री आशु ने बताया कि इसके अलावा फिऱोज़पुर जि़ले की बुगा मंडी में स्थित कृष्ण ट्रेनिंग कंपनी के पास से भी 8000-9000 बौरे बरामद हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए तीनों फर्मों के विरुद्ध पर्चे दर्ज करवा दिए गए हैं।

श्री आशु ने कहा कि राज्य में किसी भी व्यापारी और कर्मचारी द्वारा गेहूँ की खरीद में की गई हेरा-फेरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा नकली बिलिंग के मामलों को सख़्ती से निपटने के लिए ज़ीरो टोलरैंस की नीति अपनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जि़ला कंट्रोलरों और जि़ला मंडी अफ़सरों को स्पष्ट हिदायतें दी गई हैं कि वह अन्य राज्यों से कम दाम पर गेहूँ खरीद कर राज्य में एमएसपी/अधिक दाम पर बेचने के लिए ला जा रहे ट्रक पर कड़ी नजऱ रखी जाए और तुरंत कारवाही की जाए। उन्होंने बताया कि इस मंतव्य के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अचानक चैकिंग करेंगे और यदि कोई व्यक्ति अन्य राज्यों से कम दाम पर खरीद कर लाई गई गेहूँ को राज्य में लाई लाती है तो उसे उतरने न दिया जाए और अन्य राज्यों से आने वाली सडक़ों पर पुलिस के विशेष नाके स्थापित किए जाएंगे, जिससे अन्य राज्यों से कम दाम पर गेहूँ खरीद कर लाने वाले ट्रकों को रोका जा सके।

पंजाब सरकार द्वारा कोविड-19 के चलते गेहूं की सुरक्षित खरीद और मंडीकरण संबंधी एडवाइजऱी जारी

चंडीगढ़, 9 अप्रैल: कोविड-19 के मद्देनजर, पंजाब सरकार की तरफ से आज गेहूं की सुरक्षित खरीद और मंडीकरण संबंधी एडवाइजरी जारी की गई।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि कोरोना वायरस अलग -अलग सतहों पर अलग-अलग समय के लिए जीवित रहता है। यह रसायनिक कीटनाशकों के साथ आसानी के साथ अक्रियाशील हो जाता है। इस तरह महामारी को नियंत्रित करने के लिए कोरोना वायरस संबंधी सही जानकारी और ज्ञान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद और मंडीकरण के दौरान कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए राज्य सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना को यकीनी बनाना जरूरी है।

स. सिद्धू ने बताया कि यह दिशा-निर्देश खरीद प्रक्रिया में शामिल अलग-अलग भाईवालों जैसे कि किसानों, कम्बाईन ओपरेटरों, कामगारों, आढ़तियों/दुकानदारों और ट्रांसपोर्टरों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए जारी किये गए हैं। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटियां/राज्य की खरीद एजेंसियों के स्टाफ, जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में यह दिशा-निर्देश लागू करने के लिए आदेश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जहाँ भी संभव हो किसान हाथों से काम करने की बजाय मशीनों के साथ काम करने को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि कटाई के लिए मशीन चलाने वाले व्यक्ति के साथ सिर्फ उपयुक्त संख्या में व्यक्ति ही होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि सभी मशीनों को दाखिले समय और नियमित अंतरालों पर सैनीटाईज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लाजिमी है कि कटाई के कामों में लगे सभी व्यक्तियों को हर समय मास्क पहन कर रखने के साथ साथ नियमित अंतरालों पर साबुन के साथ हाथ धोने यकीनी बनाने चाहिएं।

उन्होंने कहा कि सभी को सही समय पर और प्रमाणित जानकारी के लिए पंजाब सरकार की तरफ से तैयार की ‘कोवा’ एप डाउनलोड करने के लिए सलाह दी जाती है और कटाई के दौरान यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव केस के संपर्क में आता है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हैल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करना चाहिए और इस सम्बन्धी पूरी जानकारी देनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि कम्बाईन ओपरेटर और उसके साथ काम करने वाले कामगारों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि महामारी के दौरान उपयुक्त सामाजिक दूरी बना कर रखना और ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर और उसके कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वह एक दूसरे को मिलने/विदाई लेने के समय किसी के साथ हाथ ना मिलाएं या गले ना मिलें। 

उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटियां अपने दफ्तरी स्थानों की संभाल और सैनीटाईजेशन को यकीनी बनाऐंगी और कोविड -19 के फैलाव को रोकने सम्बन्धी जारी विस्तृत एस.ओ.पी. की सख्ती से पालना करेंगी।

पंजाब में कोविड से बचाव की सावधानियों के साथ गेहूं की खरीद आज से

किसानों, मजदूरों, मुलाजिमों और आढ़तियों के लिए राज्य की सभी 154 मार्केट कमेटियों में कोविड टीकाकरण कैंप स्थापित

मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह की तरफ से सभी पक्षों को कोविड के सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील

कोविड के मद्देनजर गेहूं की खरीद के चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए मंडी बोर्ड के मुलाजिमों के लिए 10000 एन-95 मास्क और 10000 बोतलें सैनीटाईजर की व्यवस्था

मंडियों में आने वाले किसानों के लिए भी एक लाख मास्क और 35000 लीटर सैनीटाईजर का बंदोबस्त किया

130 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने के लिए मंडियों की संख्या दोगुनी की

चंडीगढ़, 9 अप्रैल: कोविड महामारी के दरमियान कल 10 अप्रैल से शुरू हो रही गेहूं की खरीद को निर्विघ्न और सुचारू बनाने के लिए पंजाब सरकार ने राज्य भर में सभी 154 मार्केट कमेटियों में कोविड टीकाकरण कैंप स्थापित किये जिससे रबी मंडीकरण सीजन के दौरान अनाज मंडियों में आने वाले 45 साल या इससे अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों को कोविड से बचाव का टीका लगाया जा सके।

यह प्रगटावा करते हुये पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह ने बताया कि मंडी बोर्ड ने महामारी के कठिन समय के दौरान गेहूँ की खरीद के चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए पुख्ता तैयारियाँ की हैं।

कोरोना वायरस को मात देने के लिए खरीद कामों से जुड़े सभी पक्षों को कोविड के सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करते हुये चेयरमैन ने बताया कि पंजाब सरकार जहाँ मंडियों में से गेहूँ के एक-एक दाने को खरीदने के लिए वचनबद्ध है, वहीं किसानों, मजदूरों, आढ़तियों और खरीद एजेंसियों के मुलाजिमों की सुरक्षा भी यकीनी बनाऐगी।

चेयरमैन ने बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड ने कोविड सम्बन्धी सुरक्षा उपायों की सख्ती से पालना को यकीनी बनाने के लिए अपने 5600 आधिकारियों/कर्मचारियों को 10,000 मास्क (एन-95) और सैनीटाईजरों की 10,000 बोतलें मुहैया करवाई हैं जिससे कोविड महामारी के मद्देनजर गेहूँ की निर्विघ्न खरीद यकीनी बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के मुलाजिमों की तरफ से साल 2021-22 के रबी मंडीकरण सीजन के लिए खरीद कार्य सुचारू बनाने के लिए उचित बंदोबस्त करने के लिए दिन-रात काम किया जा रहा है। इसके इलावा मंडी बोर्ड ने खरीद केन्द्रों पर अपनी फसल लेकर पहुँचने वाले किसानों के लिये एक लाख मास्क और 35,000 लीटर सैनीटाईजर का भी इंतजाम किया है।

लाल सिंह ने आगे कहा कि मंडियों में भीड़-भाड़ को रोकने के लिए अनाज मंडियों की संख्या 1872 से बढ़ा कर 4000 की गई है और इस सीजन के दौरान 130 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीदने का लक्ष्य है। उन्होंने आगे बताया कि किसानों को अपनी उपज चरणबद्ध मंडियों में लाने के लिए कहा जा रहा है जिससे कोविड की रोकथाम के लिए सभी एहतियात इस्तेमाल किये जा सकें। उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड ने इस सीजन के दौरान पीने वाला साफ पानी और साफ-सफाई के इलावा पास जारी करने के लिए रूप-रेखा बनायी है। उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड की तरफ से किसानों को आढ़तियों के द्वारा पास जारी किये जाएंगे।

गौरतलब है कि पिछले रबी सीजन के दौरान राज्य सरकार कोविड की बन्दिशों के बावजूद 127.13 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की सफल खरीद की थी और किसानों को आढ़तियों के द्वारा 17.51 लाख पास किये गए थे।

लाल सिंह ने आगे बताया कि सबसे अधिक प्राथमिकता राज्य सरकार की तरफ से समय-समय पर  स्वास्थ्य सुरक्षा सम्बन्धी जारी किये दिशा-निर्देशों की पालना को यकीनी बनाना है। उन्होंने बताया कि खरीद कामों के दौरान किसानों, आढ़तियों, मजदूरों, मार्केट कमेटियों और खरीद एजेंसियों के दरमियान सामाजिक दूरी बनाई रखने के लिए विशेष यत्न किये जा रहे हैं।

मंडी बोर्ड और मार्केट कमेटियों की तरफ से निभाई जा रही सेवाओं की सराहना करते हुये चेयरमैन ने उनको अपनी ड्यूटी और भी समर्पण भावना, संजीदगी और वचनबद्धता के साथ निभाने की अपील की जिससे इस व्यापक कार्य को पूरा किया जा सके।

ई.डी. माइनिंग की तरफ से गैर-कानूनी रेत माफिया के खिलाफ बड़ी कार्यवाही

एक व्यक्ति नाजायज हथियारों और गोला-बारूद सहित काबू

चंडीगढ़/खन्ना, 9 अप्रैल: गैर-कानूनी खनन गतिविधियों से वातावरण और राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुँचा रहे रेत माफिया पर नकेल डालने के मद्देनजर इंफोरसमैंट डायरैक्टर (माइनिंग) आर.एन. ढोके के दिशा-निर्देशों पर खन्ना पुलिस ने सतलुज दरिया के आस-पास गैर कानूनी माइनिंग गतिविधियों में शामिल समराला निवासी को गिरफ्तार किया है।

मुलजिम की पहचान गुरिन्दर सिंह उर्फ गिंदा पुत्र बलविन्दर सिंह निवासी गाँव भौरला तहसील समराला जिला लुधियाना के तौर पर हुई है और पुलिस ने उससे 4 गैर-कानूनी देसी हथियारों और स्विफट डिजायर कार (डी.एल -1-जैड्ड.ए -0673) बरामद की।

इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये इंफोरसमैंट डायरैक्टर (माइनिंग) आर. एन. ढोके ने बताया कि उनको जिला एस.बी.एस. नगर के राहों क्षेत्र में गैर-कानूनी माइनिंग में कुछ गलत तत्वों के शामिल होने के बारे सूचना मिली जिसके बाद उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही करने हेतु यह जानकारी एसएसपी खन्ना श्री गुरशरनदीप सिंह ग्रेवाल के साथ साझा की गई।

उन्होंने बताया कि मिली सूचना पर मुस्तैदी के साथ कार्यवाही करते हुये एसएसपी ने इंस्पेक्टर राजेश ठाकुर एसएचओ, माछीवाड़ा साहिब के नेतृत्व में एक टीम बनाई जिसने पुलिस पार्टी के साथ मिल कर राहों नदी पुल, माछीवाड़ा साहिब के नजदीक पुलिस चैकिंग शुरू की और गुरिन्दर सिंह को नाजायज हथियारों और कार समेत काबू कर लिया। उन्होंने आगे बताया कि उसके पास से 02 पिस्तौल .32 बोर, 02 मैगजीन, 10 जिंदा कारतूस और 02 पिस्तौल .315 बोर, 02 जिंदा कारतूस बरामद किये गए।

उन्होंने आगे बताया कि गुरिन्दर अपने साथियों सहित राहों क्षेत्र में चल रहे गिरोह का मुख्य केंद्र है। गुरिन्दर सिंह एक नामवर और पेशेवर अपराधी है और पंजाब और गुजरात में कत्ल और लूटपाट के कई मामलों में अपेक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि गुरिन्दर के खिलाफ माछीवाड़ा साहिब थाने में आइपीसी की धारा 379 और आर्मज़ एक्ट के अधीन केस दर्ज किया गया है।

श्री ढोके ने बताया कि पूछताछ के उपरांत गुरिन्दर ने खुलासा किया कि वह राजू गुज्जर निवासी रतनाना, थाना राहों, एसबीएस नगर और करणवीर सिंह उर्फ कवी निवासी बालिओं थाना समराला और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सतलुज दरिया के किनारे राहों के एरिया में नाजायज माइनिंग का धंधा करता है। उन्होंने आगे बताया कि गुरिन्दर गुजरात के हाई-प्रोफाइल कत्ल केस में अपेक्षित है। इस मामले में उसने दो अन्यों के साथ मिल कर आशीष महाराज का कत्ल किया था जिसके साथ स्थानीय ढाबा मालिकों का जायदाद सम्बन्धी विवाद था।

इस सम्बन्धी उनके खिलाफ गुजरात के जिला कछ, थाना मंडवी में अपराधिक केस दर्ज है। गिंदा भी इस कत्ल केस में भगौड़ा है और उसके बाद अलग-अलग स्थानों पर छिप कर गिरफ्तारी से बचता रहा था। गुरिन्दर ने लाडोवाल टोल प्लाजा, लुधियाना के पास बंदूक की नोक पर एक अरटीगा कार छीनी थी। उसने अपने साथी गैंगस्टर गुरजिन्दर सिंह सोनू सहित गढ़शंकर के नजदीक आम लोगों में दहशत पैदा करने के लिए गोलियाँ भी चलाईं थी। यह भी पता लगा है कि उसने नकदी के लिए कम के एक एनआरआई परिवार को बंदूक की नोक पर लूटने की योजना बनाई थी।

गुरिन्दर गिंदा से इलाके के अन्य अपराधियों और मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के नाजायज हथियारों के सप्लायरों के साथ उसके संबंधों के लिए पूछताछ की जा रही है। 

साधू सिंह धर्मसोत की तरफ से कृष्ण कुमार बावा की स्वै-जीवनी ‘संघर्ष दे 45 साल’ का लोकार्पण

आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत होगा बावा का संघर्षमय जीवन – धर्मसोत

बावा की जिंदगी के संघर्ष के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक जीवन पर भी रौशनी डालती है पुस्तक

चंडीगढ़, 9 अप्रैल: पंजाब के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अल्पसंख्यक और वन मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत की तरफ से पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम के चेयरमैन श्री कृष्ण कुमार बावा की स्वै-जीवनी ‘संघर्ष दे 45 साल’ का लोकार्पण किया गया।

आज यहाँ पंजाब भवन में सादे परन्तु प्रभावशाली समागम के दौरान इस पुस्तक का लोकार्पण करते हुये स. धर्मसोत ने कहा कि उनकी श्री बावा के साथ 35 वर्षों की सांझ है जब वह यूथ कांग्रेस के दिनों से इकठ्ठा होते थे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के काले दिनों के खिलाफ लड़ाई लडऩे से लेकर लड़कियों की लोहड़ी मनाने और बाबा बन्दा सिंह बहादुर के जीवन और अमीर विरासत से समाज को अवगत करवाने का श्री बाबा की तरफ से उठाया अभ्यान खुली किताब की तरह है। उन्होंने कहा कि यह पाठकों के लिए पृथक तोहफा है जहाँ उनको श्री बावा के जीवन का हर पहलू उनकी ही लिखित के द्वारा पढऩे के लिए मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नौजवानों और आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगी जिसके द्वारा उनको संघर्षमय जीवन का पता लगेगा। उन्होंने कहा देश की एकता और अखंडता के लिए शरीर पर गोलियां खाने वाले बावा जी जिंदा शहीद हैं। 

श्री कृष्ण कुमार बावा ने कहा कि उन्होंने यह पुस्तक लिखते हुये कोई भी पहलू छिपाया नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस समय पर उन्होंने लड़कियों की लोहड़ी मनानी शुरू की तो लोगों ने बहुत हैरानी अभिव्यक्त की थी और आज उनको खुशी होती है कि जब कोई लड़कियों की लोहड़ी मनाता है तो उसे विशेष मेहमान के तौर पर बुलाया जाता है। उनको इस बात पर मान है कि बाबा बन्दा सिंह बहादुर अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन के जरिये महान सिख योद्धो की जीवन संबंधी लोगों को अवगत करवाने का संयोग मिला और पंडित श्रद्धा राम फिलौरी का दिन पहली बार मनाया।

प्रिंसिपल कुलदीप सिंह ने कहा कि लेखक जो राजनीतिज्ञ भी है और समाज सेवी भी, ने खुले दिल से अपनी जिन्दगी की घटनाएँ लिखी हैं। पूर्व विधायक हरजिन्दर सिंह ठेकेदार ने कहा कि इस पुस्तक के द्वारा श्री बावा की तरफ से अमीर विरासत पर प्रकाश भी डाला गया है। 

हरिन्दर सिंह हंस ने कहा कि यह पुस्तक न सिर्फ एक सखशियत की जीवनी है बल्कि पंजाब के पाँच दशकों का इतिहास भी संभाली बैठी है। बावा रवीन्द्र नंदी ने कहा कि कृष्ण कुमार बावा शांत स्वभाव के धरती से जुड़े हुए इंसान हैं। उमराव सिंह छीना ने कहा कि यह कृष्ण कुमार बावा ने लिखित रूप में इतिहास संभाल कर बड़ा प्रयास किया है। 

पुस्तक से अवगत करवाते हुये प्रसिद्ध रंगकर्मी डा. निर्मल जोढ़ा ने कहा कि कृष्ण कुमार बावा ने जिंदगी के हर पहलू को जिस बेबाकी से लिखा है, वह काबिले तारीफ है। 

इस मौके पर रवीन्द्र सिंह रंगूवाल ने बोलते हुये कहा कि यह पुस्तक जिंदगी के संघर्ष के साथ-साथ सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक जीवन पर भी रौशनी डालती है। इस समागम में हरिन्दर सिंह हंस, परमिन्दर जीत सिंह चीमा, अर्जुन बावा, मनोज स्वामी, संजीव भावरी, सुरिन्दर बैरागी, विक्रम सिंह, अनिल वर्मा, बूटा सिंह बैरागी और पवन गर्ग समेत बावा के दोस्त-मित्र शामिल थे। 

अंत में कृष्ण कुमार बावा ने प्रत्येक का धन्यवाद किया।