भारत सरकार गांव को विकास का केन्द्र बिन्दु बनाकर कार्य कर रही है 
 
केन्द्र तथा उ0प्र0 की वर्तमान सरकारों के लिए देश ही सर्वाेपरि
 
पूर्वान्चल की लाइफ-लाइन बनेगा पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे: मुख्यमंत्री
 
यह एक्सप्रेस-वे पूर्वान्चल के विकास का एक्सप्रेस-वे सिद्ध होगा
 
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में विकास के नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं
लखनऊ: 14 जुलाई, 2018:  भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनपद आजमगढ़ के ग्राम मन्दुरी में पूर्वान्चल एक्सपे्रस-वे के निर्माण कार्य का शिलान्यास करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश के विकास के एक नये अध्याय की शुरुआत हो रही है। यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश विशेष रूप से पूर्वान्चल क्षेत्र की आशाओं और आकांक्षाओं को नई बुलन्दियों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे जिन गांवों, कस्बों और नगरों से गुजरेगा वहां की तस्वीर बदल जाएगी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली से गाजीपुर की यात्रा अवधि में कई घण्टों की कमी आएगी, जनता को टैªफिक जाम से निजात मिलेगी। ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण प्रदूषण भी नियंत्रित होगा। क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों, बुनकरों तथा मिट्टी के बर्तन का काम करने वालों को यह एक्सप्रेस-वे नई दिशा और गति देगा। इसके माध्यम से किसान अपना अनाज, फल, सब्जी और दूध को दिल्ली की मण्डी तक कम से कम समय में पहुंचा सकेगा। इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश में विकास की नई गंगा बहेगी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे के समीप उद्योग-कारखाने स्थापित होंगे। इसके अलावा, इण्डस्ट्रियल टेªनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा मेडिकल संस्थानों के विकास की भी इस परियोजना के माध्यम से सम्भावना दिख रही है। इस एक्सप्रेस-वे से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, भगवान श्रीराम तथा ऋषि-मुनियों से जुड़े महत्वपूर्ण पौराणिक स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होगा। युवाओं को पारम्परिक काम-काज के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोरखपुर को पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के साथ ही बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण का भी निर्णय लिया है। यह सभी प्रयास उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा 21वीं सदी में विकास की पहली शर्त है। इसके माध्यम से सम्पूर्ण ईको सिस्टम बदल जाता है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यद्यपि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे के रूप में प्रारम्भ की जा रही इस परियोजना को निर्धारित समय में पूर्ण किया जाना एक चुनौती है, परन्तु यदि इच्छा शक्ति दृढ़ हो तो यह कार्य समय से पहले ही पूरा किया जा सकता है। जब नीयत काम करने की हो और लक्ष्य विकास हो तो ऐसे में कार्य की गति स्वतः बढ़ जाती है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि पिछले चार साल के दौरान उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गाें की लम्बाई की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। इस प्रकार आजादी के बाद इस क्षेत्र में जितना कार्य हुआ, लगभग उतना कार्य केन्द्र की वर्तमान सरकार ने पिछले चार साल के दौरान किया है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ वाॅटरवेज़ तथा एयरवेज़ भी विकसित किये जा रहे हैं।
गंगा जी पर वाराणसी से हल्दिया के बीच जल मार्ग के विकास से इस पूरे इलाके को लाभ मिलेगा। उन्हांेने कहा कि हमारा सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा कर सके। इसे ध्यान में रखकर केन्द्र सरकार ने ‘उड़ान’ योजना संचालित की है, जिसके माध्यम से छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के तहत एक घण्टे तक के हवाई सफर का किराया 2500 रुपये रखा गया है। पिछले एक साल के दौरान ट्रेन की ए0सी0 श्रेणी में यात्रा करने वालों से अधिक संख्या हवाई यात्रियों की रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 12 हवाई अड्डे विकसित किये जा रहे हैं। इसके अलावा, कुशीनगर तथा जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के निर्माण कार्य को गति दी गई है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि पूर्वान्चल के नौजवान अन्य राज्यों में अपनी प्रतिभा और क्षमता सिद्ध कर चुके हैं। ऐसे में यदि उन्हें स्थानीय तौर पर अवसर उपलब्ध कराये जाएं तो वे क्षेत्र का कायाकल्प कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर वर्तमान केन्द्र सरकार पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित सम्पूर्ण पूर्वी भारत के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नये भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकास आवश्यक है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि भारत सरकार गांव को विकास का केन्द्र बिन्दु बनाकर कार्य कर रही है। देश में 01 लाख गांवों को आॅप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है। ग्रामीणों के सशक्तिकरण एवं सुविधा के लिए 03 लाख काॅमन सर्विस सेन्टर बनाये जा रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत डेढ़ लाख से अधिक वेलनेस सेन्टर भी स्थापित किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना आदि के माध्यम से 01 करोड़ से अधिक आवास निर्मित कराये गये हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत देश के सभी गांवों को जोड़ने का कार्य अंतिम चरण में है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी, बाबा साहब डाॅ0 आंबेडकर, पं0 दीन दयाल उपाध्याय तथा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया ने स्वराज्य का सपना देखा था। केन्द्र तथा उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकारों के लिए देश ही सर्वाेपरि है। सवा सौ करोड़ देशवासी ही हमारा परिवार है। उत्तर प्रदेश में जनधन योजना के अन्तर्गत 05 करोड़ से अधिक गरीबों के बैंक खाते खुलवाये गये हैं तथा लगभग 80 लाख से अधिक गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के माध्यम से निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है। 01 करोड़ 60 लाख से अधिक गरीबों को बीमा सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया गया है। आयुष्मान भारत योजना के द्वारा गरीबों को 05 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। केन्द्र सरकार ने खरीफ की 14 फसलों के समर्थन मूल्य में 200 रुपये से लेकर 1800 रुपये तक की वृद्धि की है। कई फसलों के समर्थन मूल्य में दोगुनी वृद्धि की गई है। बनारसी साड़ी बुनकरों के लिए आधुनिक मशीनों की व्यवस्था करते हुए उन्हें कम ब्याज पर कर्ज की सुविधा दी जा रही है। बनारसी साड़ी और भदोही के कालीन निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए वाराणसी में ट्रेड फेसिलिटेशन सेन्टर स्थापित किया गया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वस्त्र उद्योग सेक्टर के लिए नई नीति लायी है। इसके अलावा, ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना भी राज्य सरकार द्वारा लागू की गई है। जनपद आजमगढ़ की मिट्टी की कला अनूठी है। इसके दृष्टिगत उन्होंने राज्य सरकार के माटी कला बोर्ड के गठन के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे लाखों नये रोजगार सृजित होंगे और पारम्परिक कला भी जीवित बनी रहेगी।
अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे पूर्वान्चल की लाइफ-लाइन बनेगा। यह एक्सप्रेस-वे पूर्वान्चल के विकास का एक्सप्रेस-वे सिद्ध होगा।यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ से प्रारम्भ होकर बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़ तथा मऊ होते हुए जनपद गाजीपुर तक जाएगा। राज्य सरकार गोरखपुर, अयोध्या तथा प्रयागराज इलाहाबाद को भी इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हमेशा पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास पर बल दिया है। इसके तहत उन्होंने गोरखपुर में एम्स की आधारशिला रखी तथा वर्षाेें से बंद गोरखपुर के खाद संयंत्र का पुनरोद्धार करने का निर्णय लेते हुए इसका शिलान्यास भी किया था। काशी को अपने संसदीय क्षेत्र के रूप में अपनाकर प्रधानमंत्री जी ने इसके विकास को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में विकास के नये-नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। भारत हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में गुण्डाराज, भ्रष्टाचार और अराजकता के कारण प्रदेश विकास की दौड़ में काफी पीछे चला गया था। अब प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। गांव, गरीब और किसान को विकास का केन्द्र बिन्दु बनाया गया है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को जनपद में तैयार किये गए अंगवस्त्र एवं ब्लैक पाॅटरी में निर्मित गणेश जी प्रतिमा भेंट की। प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री जी का स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री राम नाईक जी, वन मंत्री श्री दारा सिंह चैहान, सांसद डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, सुश्री नीलम सोनकर, विधायक श्री अरुण कुमार यादव, मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय भी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि 06-लेन चैड़े (एक्सपेन्डेबल टू 08 लेन) प्रवेश नियंत्रित पूर्वांचल एक्सपे्रस-वे की लम्बाई लगभग 341 कि0मी0 होगी। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एन0एच0-56) पर स्थित जनपद लखनऊ के ग्राम चाँद सराय से प्रारम्भ होकर जनपद गाजीपुर में यू0पी0-बिहार सीमा से 18 कि0मी0 पहले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पर हैदरिया ग्राम पर समाप्त होगा। इस परियोजना की निर्माण अवधि 3 वर्ष अर्थात् 36 माह रखी गयी है। इस प्रकार ‘पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे‘ को वर्ष 2021 तक पूर्ण कराए जाने का लक्ष्य है।
पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे का निर्माण उ0प्र0 एक्सप्रेसवेज़ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा कराया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे न केवल प्रदेश के अवध और पूर्वांचल क्षेत्रों को जोड़ेगा, बल्कि इसके निर्माण से पूर्वी क्षेत्र प्रदेश की राजधानी के साथ-साथ, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तथा यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से, राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से भी जुड़ जाएगा। आने वाले समय में यह एक्सप्रेस-वे हैण्डलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयांे, कोल्ड स्टोरेज, भण्डारण गृह, मण्डी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।
इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे के निकट इण्डस्ट्रियल टेªनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना के लिए भी अवसर सुलभ होंगे। इसके परिणामस्वरूप, नौजवानों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा एवं रोजगार के साधन सुगमता से मिल सकेंगे। क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज के लिए बड़े बाजार सुलभ हो जाएंगे तथा इस सम्पूर्ण क्षेत्र में व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को उल्लेखनीय गति भी मिलेगी। एक्सप्रेस-वे के निर्माण से परियोजना आच्छादित क्षेत्रों में पर्यटन के विकास को बल मिलेगा।
परियोजना की सम्पूर्ण लागत 23349 करोड़ रुपए तथा अनुमानित निर्माण लागत 11,836.02 करोड़ रुपए है। इसके सापेक्ष कुल 11,216.10 करोड़ रुपए की न्यूनतम बिड्स प्राप्त हुई, जो अनुमानित लागत से लगभग 5.24 प्रतिशत कम है। परियोजना हेतु लगभग 93 प्रतिशत भूमि का क्रय कर कब्जा प्राप्त किया जा चुका है। इस परियोजना को निर्धारित अवधि में पूरा किया जा सके, इसके लिए प्रदेश सरकार ने इसका निर्माण 08 पैकेजों के माध्यम से कराने का फैसला लिया है। एक्सप्रेस-वे पर 07 रेलवे ओवर ब्रिज, 07 दीर्घ सेतु, 110 लघु सेतु, 11 इन्टरचेन्ज, 02 टोल प्लाजा, 05 रैम्प प्लाजा, 20 टोल बूथ, 220 अन्डरपास तथा 492 पुलियों का निर्माण किया जायेगा। आपातकालीन स्थिति में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों की लैण्डिंग/टेक आॅफ के लिए जनपद सुल्तानपुर में 4.70 किमी0 लम्बी हवाई पट्टी का निर्माण भी कराया जाएगा। इस परियोजना के आस-पास के गांवों की जनता को सुगम आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सर्विस रोड भी बनायी जाएगी।
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cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

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