पंजाब पुलिस ने तेज़ी से कार्यवाही करके सिमरनजीत की तस्करी में शामिल एक को गिरफ़्तार किया

मुख्य ट्रैवल एजेंट का दुबई में होने का शक, लुकआउट नोटिस जल्दी जारी होगा

पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके सुषमा को जानकारी दी, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही का भरोसा दिलाया

अमृतसर /चंडीगढ़, 29 जुलाई: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों पर तेज़ी से कार्यवाही करते हुए पंजाब पुलिस ने तरन तारन से दुबई भेजी गई सिमरनजीत कौर की तस्करी से सम्बन्धित संदिग्धों पर हमला बोल दिया है।

डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा ने आज शाम मुख्यमंत्री को बताया कि इस सम्बन्ध में गुरजीत कौर नाम की महिला को गिरफ़्तार कर लिया गया है जिसने सिमरनजीत को कथित तौर पर एजेंटों के जाल में फसाया है। डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि केरला के निवासी इबराहम पालन यूसफ नाम के ट्रैवल एजेंट की शिनाख़्त हुई है जिसको गिरफ़्तार करने के लिए मुहिम शुरू कर दी है। उसके इस समय दुबई आने की शक है। डी.जी.पी अनुसार यूसफ के लिए लुकआऊट नोटिस जारी किया गया है।

पंजाब परवैंशन ऑफ ह्यूमन समगलिंग एक्ट -2012 के तहत इस सम्बन्ध में एफ.आई.आर. नं:207, तारीख़ 29 /07 /2018 दफ़ा 354 आई.पी.सी., धारा 13 के तहत एक केस पुलिस थाना तरन तारन में यूसफ और गुरजीत पत्नी कुलविन्दर सिंह निवासी गाँव पंडोरी गोला, तरन तारन दर्ज किया गया है।

विदेश मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार रात को ट्वीट करके मुख्यमंत्री को इस घटना के लिए जि़म्मेदार एजेंट के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के लिए अपील की थी क्योंकि सिमरनजीत कौर को भारी सदमे में से गुजऱना पड़ा। मंत्री की विनती पर कार्यवाही करते हुए मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में तुरंत कार्यवाही करने के लिए डी.जी.पी. को निर्देश दिए थे।

    रविवार की कार्यवाही के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके सुषमा को बताया है कि उन्होंने सिमरनजीत कौर के मामले में पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों को उसके अमृतसर पहुँचने पर उसे मिलने के लिए कहा है। अधिकारियों ने उससे सारी विस्तृत जानकारी प्राप्त की है और इस सम्बन्ध में गुरजीत कौर नाम की महिला के विरुद्ध केस दर्ज करके उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है जबकि इबराहम पालम यूसफ इस समय पर दुबई में है।

    अमृतसर जोन के आई.जी.एस.पी.एस. परमार ने बताया कि सिमरनजीत पत्नी मेजर सिंह निवासी पंडोरी गोला, पुलिस थाना सदर तरन तारन के आने के अमृतसर हवाई अड्डे पर पुलिस कमिशनर अमृतसर और पुलिस के सिवल के दूसरे अधिकारी मौजूद थे जिनमें पासपोर्ट दफ़्तर का सीनियर सुपरडंट पवन कुमार भी उपस्थित था। सिमरनजीत ने पुलिस को बताया कि वह अनपढ़ है और वह अपने जद्दी गाँव पंडोरी गोला में जाती रहती थी जहाँ उसे गुरजीत मिली।

    सिमरनजीत कौर ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि एक महीना पहले गुरजीत उसके घर आई थी और उसने उसकी माता को दुबई भेजने के लिए सुझाव दिया था। इसके बाद उसने उस की चार खंबा चौंक तरन तारन में एजेंट के साथ मुलाकात करवाई। एजेंट ने उसे बताया कि दुबई में उसे बच्चा संभालने का काम करना पड़ेगा और यह भी बताया कि सभी खर्च किए दुबई में उस की तनख़्वाह में से एडजस्ट कर लिए जाएंगे।

    कुछ दिनों बाद माँ और बेटी दोनों ही अमृतसर में एजेंट को मिली।  उसने अपना नाम केरला के इबराहम यूसफ के तौर पर बताया और उसने अपना मोबाइल नंबर 94975 -15999 हमें दिया। उसने जल्दी ही वीज़ा भेज दिया और हवाई टिकट भी 26 जुलाई की भेज दी। सिमरनजीत दुबई एयरपोर्ट पर एजेंट को मिली और उसे दुबई स्थित एक शेख के पास लिजाया गया।

    सिमरनजीत के अनुसार शेख ने उसे कोई भी काम न दिया और उसका पासपोर्ट और मोबाइल फ़ोन ले लिया जिस कारण उसे शक पैदा हो गया। उसने अपनी माँ को फ़ोन किया जिसने सरवन सिंह रंधावा निवासी झबाल, तरन तारन से संपर्क किया जिसने रूप सिद्धू के साथ संपर्क बनाया जो कि दुबई में एन.जी.ओ. चलाता है। सिमरनजीत को सिद्धू ने शनिवार बचा लिया।

    सिमरनजीत ने अपने बयान में दावा किया है कि एजेंट ने उसका शरीरक शोषण किया।

    प्राथमिक पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई है कि फ़ोन नंबर 94975-15999 केरला के अब्दुल साथर नाम के व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड है। यूसफ यू.ए.ई. आधारित दो रिकरूटमैंट एजेंसियों के साथ काम करता था। जिनकी शिनाख़्त अल मुतामैद और अल वसित लेबर रिकरूटमैंट के तौर पर हुई है।

    आई.जी. के अनुसार यूसफ दुबई के नीचे लिखे मोबाइल फोनों और ई.मेलज़ का प्रयोग करता था –

Categories: Uncategorized

cdadmin

Editor in Chief of City Darpan, national hindi news magazine.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *